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108 Namen von Lord Hanuman: हनुमान जी के 108 नाम व उनके अर्थ

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99PanditJi Geschrieben von: 99PanditJi
Zuletzt aktualisiert am:Juli 13, 2025
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जब जीवन के रास्ते पर कोई साथ ना हो और डर आँखों Das ist nicht alles, was ich meine Nein सहारा देता है – „जय बजरंगबली|

हम भारतवासियों/भारत के वासियों के लिए हनुमान जी सिर्फ एक देवता नहीं है, वह भक्ति का Ja, ja का संकल्प और सेवा का प्रतीक है|

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उनका हर एक नाम, एक कहानी के जैसा है – जो अँधेरे में रौशनी बन जाता है| बचपन से हमने सुना है – „राम के भक्त“ „पवनपुत्र“ „संकटमोचन“ „अंजनि सुत“ आदि|

पर क्या कभी आपने सोचा है की इनके 108 नाम क्यों Ja? क्या हर नाम का कोई मतलब है कोई कहानी या रहस्य Was ist los?

प्रमुख रूप से हनुमान जी के 12 नाम है जो की अत्यंत सुन्दर एक भावपूर्ण है| हनुमान जी अपने भक्तों की भक्ति से प्रसन्न होकर उनका उद्धार करते हैं उनके संकट हर लेते Ja कारण उन्हें „Problembehebung” भी कहा जाता हैं|

आइये आज हम आपको बताते हैं Mehr als 108 Minuten, उनका अर्थ और उनका गहरा भाव|

Was ist 108 Jahre alt? 109 या 50 क्यों नहीं ?

सनातन धर्म में 108 एक पवित्र और शक्तिशाली संख्या मानी जाती हैं;

  • 12 Pfund x 9 Pfund = 108
  • Mehr als 108 Minuten
  • योग में 108 Stunden
  • सूर्य और चन्द्र – 108 Stunden
  • 108 Sekunden – जीवन की अलग – अलग स्थितियां

हनुमान जी के नाम भी एक आध्यात्मिक यात्रा हैं जैसे हर नाम एक दिशा देता है – भक्ति का, शक्ति का , ज्ञान का, और विवेक का|

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Name Mantra Bedeutung
आंजनेय ॐ आन्ज्नेयाय नमः (om anjaneyaya namaha) जो देवी अंजना के पुत्र है, उनको मेरा नमस्कार
महावीर ॐ महावीराय नमः (om mahaviraya namah) Es ist nicht einfach, das zu tun नमस्कार
Hanuman ॐ हनुमते नमः (om hanumate namah) जो फुले हुए गालो वाले है, उनको मेरा नमस्कार
रामदूत रामदूताय नमः (om ramdutay namah) जो भगवान श्री राम के दूत है, उनको मेरा नमस्कार
मारुतात्मज ॐ मारुतात्मजाय नमः (om marutatmjaaye namah) जो पवन देव के पुत्र है, उनको मेरा नमस्कार
संजीवान्नगाहर्ता ॐ संजीवान्न्गाहर्ता नमः (om sanjeevanngaharta namah) जो संजीवनी पर्वत को लेके आने वालें है, उनको मेरा नाम नमस्कार
लक्ष्मणप्राणदाता ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः (om lakshmanpraandaatre namah) जो लक्ष्मण जी के प्राणों की रक्षा करने वालें Ja, das ist nicht der Fall
सीतान्वेष्णपण्डित ॐ सीतावेषणपण्डिताय नमः (om seetaveshanpanditaay namah) जो माता सीता को ज्ञानपूर्वक खोजने वाले है, उनको मेरा नमस्कार
सीताशोकनिवारक ॐ सीताशोक्निवाराकाय नमः (om seetashoknivaarkaay namah) जो सीता माता के दुःख दूर करने वाले है, उनको मेरा नमस्कार
रामभक्त ॐ रामभक्ताय नमः (om rambhaktaay namah) Es ist nicht einfach, es zu tun नमस्कार
दश्ग्रीव्कुलान्तक ॐ दश्ग्रीव्कुलान्तकाय नमः (om dashgreevkulantkaay namah) Es ist nicht einfach, es zu tun नमस्कार
वज्र्काय ॐ वज्रकायाय नमः (om vajrakayaay namah) जिनका शरीर वज्र के सामान कठोर है, उनको मेरा नमस्कार
महातपस ॐ महाताप्स्वेयाय नमः (om mahatapasveyaay namah) जो महान तपस्वीं है, उनको मेरा नमस्कार
पञ्चवक्त्र ॐ पंचवक्त्राय नमः (om panchavaktra namah) जिनके पांच मुख है, जो पञ्चमुखी है, उनको मेरा नमस्कार
चिरंजीवी ॐ चिरंजीविने नमः (om chiranjeevine namah) जो अजर-अमर है, जो चिरंजीवी है, उनको मेरा नमस्कार
बल्सिद्धिकार ॐ बल्सिद्धिकराय नमः (om balsiddhikaraay namah) जो बल प्रदान करने वाले है, उनको मेरा नमस्कार
शूर ॐ शूराय नमः (om shuraay namah) जो अत्यंत वीर है, उनको मेरा नमस्कार
प्रभु ॐ प्रभवे नमः (om prabhve namah) जो सम्पूर्ण श्रृष्टि में पूजे जाते है, उनको मेरा नमस्कार
सर्वरोगहर ॐ सर्वरोगहराय नमः (om sarvrogharaay namah) Ich habe es nicht geschafft, es zu tun नमस्कार
सर्वबन्धाविमोक्ता ॐ सर्वबन्धविमोक्त्रे नमः (om sarvbandhvimoktre namah) जो समस्त बन्धनों से मुक्त करते है, उनको मेरा नमस्कार
सर्व्गहविनाशी ॐ सर्व्गहविनाशिने नमः (om sarvgrehvinaashine namah) Das ist nicht alles, was ich meine नमस्कार
रामचुडामणिप्रद ॐ रामचुडामणिप्रदायकाय नमः (om raamchudahmanipradaaykaay namah) जो श्री राम को माता सीता की चूडामणि प्रदान Nein, das ist nicht der Fall
सुग्रीवसचिव ॐ सुग्रीवसचिवाय नमः (om sugreevsachivaay namah) Das ist nicht alles, was ich meine सुग्रीव के मंत्री है, उनको मेरा नमस्कार
विभीषणप्रियकर ॐ विभीषणप्रियकराय नमः (om vibhishanpriyakraay namah) जो विभीषण के प्रिय है, उनको मेरा नमस्कार
अक्षहन्ता ॐ अक्षहंत्रे नमः (om aksh-hantre namah) जो रावण के पुत्र अक्षय का वद्ध करने वाले है, उनको मेरा नमस्कार
लंकपुरविदाहक ॐ लंकपुरविदाहकाय नमः (om lankpurvidaahak namah) Das ist nicht alles, was ich meine नमस्कार
कालनेमीप्रमथन ॐ कालनेमीप्रमथन नमः (om kaalnemipramthan namah) जो कालनेमि राक्षस को नष्ट करने वाले है, उनको मेरा नमस्कार
भीमसेनसहायकृत ॐ भीमसेनसहायकृते नमः (om bheemsensahaaykrte namah) जो महाभारत में भीम की सहायता करते है, उनको मेरा नमस्कार
वानर ॐ वानराय नमः (om vanaraaye namah) जो वानर रुपी है, जो वानर रूप में प्रकट हुए है, उनको मेरा नमस्कार
केसरीसूत ॐ केसरीसुताय नमः (om kesrisutaay namah) जो केसरी नंदन है, जो राजा केसरी के पुत्र है, उनको मेरा नमस्कार
तत्त्वज्ञानप्रद ॐ तत्वज्ञानप्रदाय नमः (om tatvgyannpradaay namah) जो तत्वों का ज्ञान प्रदान करते है, उनको मेरा नमस्कार
अशोकवानिकाछेत्ता ॐ अशोकवानिकाछेत्रे नमः (om ashokvaanikachhetre namah) Das ist nicht alles, was ich meine नमस्कार
सर्व्मायाविभिणजन ॐ सर्व्मायाविभिणजनाय नमः (om sarvmaayabhinnjanaay namah) Es ist nicht einfach, das zu tun नमस्कार
परर्शौर्यविनाशन ॐ परर्शौर्यविनाश्नाय नमः (om parshauryavinaashan namah) Ich habe es nicht geschafft, es zu tun नमस्कार
परमन्त्रनिराकर्ता ॐ परमन्त्रनिराक्रतें नमः (om paramantrnirakrta namah) जो शत्रुओं के मंत्रो को व्यर्थ/निष्फल करते Ja, das ist nicht der Fall
परयंत्रप्रभेदक ॐ परयंत्रप्रभेदकाय नमः (om paryanprabhedkaay namah) जो शत्रुओं की योजनाओं को असफल करते है, उनको मेरा नमस्कार
कपीश्वर ॐ कपीश्वराय नमः (om kapeeshvaraay namah) जो वानरों के स्वामी है, उनको मेरा नमस्कार
परविद्यापरिहार ॐ पर्वविद्यापरिहाराय नमः (om parv-vidyaparihaaray namah) जो शत्रुओ के ज्ञान को निष्फल करते है, उनको मेरा नमस्कार
मनोजव ॐ मनोजवाय नमः (om manojvaay namah) Das ist nicht alles, was ich meine नमस्कार
गंधमादनशेलसथय ॐ गंध्मादनशेलस्थाय नमः (om gandhmaadanshelasthaay namah) जो गंधमादन पर्वत पर निवास करते है, उनको मेरा नमस्कार
भविष्यचतुरानन ॐ भाविश्यचतुराननाय नमः (om bhavishyachaturanan namah) Das ist nicht alles, was ich meine नमस्कार
कुमारब्रह्मचारी ॐ कुमारब्रह्मचारीणे नमः (om kumarbrahmacharine namah) जो ब्रह्मचार्य धर्म का पालन करते है, उनको मेरा नमस्कार
रत्नकुण्डलदीप्तिमान ॐ रत्नकुण्डलदीप्तिमते नमः (om ratnkundaldeeptimate namah) जो रत्नजड़ित कुण्डल पहनते है, उनको मेरा नमस्कार
संचल द्वाल सन्नद्ध लांब मान शिखोज्ज्व्ल ॐ चंचल द्वाल सन्नद्ध लांब मन शिक्खोज्ज्वाल्य नमः (om chachal dwaal sannadh laamb maan shikkhojjwal namah) Das ist nicht alles, was ich meine नमस्कार
गन्धर्व-विद्यातत्वग्य ॐ गन्धर्व-विद्यातत्वग्याय नमः (om gandharv-vidyatatvgyaaynamah) जो संगीत आदि कलाओं के ज्ञाता है, उनको मेरा नमस्कार
महाबलपराक्रम ॐ महाबलपराक्रमाय नमः (om mahabalpraakramaay namah) Das ist nicht alles, was ich meine नमस्कार
काराग्रहविमोक्ता ॐ कराग्र्ह्विमोक्ता नमः (om karagrhvimokta namah) जो कराग्रह/कारागार से मुक्त कराने वाले है, उनको मेरा नमस्कार
श्रंखलाबन्धमोचक ॐ श्रंखलाबंध्नोच्काय नमः (om sharankhlabandhhmochkaay namah) Ich habe es nicht geschafft तोड़ने वाले है, उनको मेरा नमस्कार
सागरोत्तारक ॐ सागरोत्तारकाय नमः (om saagarottarakaay namah) Das ist nicht alles, was ich meine नमस्कार
प्राज्ञ ॐ प्राज्ञाय नमः (om praagyaay namah) जो महान विद्वान है, उनको मेरा नमस्कार
प्रतापवान ॐ प्रतापवते नमः (om prataapvate namah) जो अपने पराक्रम से प्रसिद्ध है, उनको मेरा नमस्कार
महाकाय ॐ महाकायाय नमः (om mahaakaayay namah) जिनका शरीर विशाल है, महा का अर्थ है विशाल, काय का अर्थ है शरीर, उनको मेरा नमस्कार
परिजातद्रुमूलस्थ ॐ परिजातद्रुमूलस्थाय नमः (om parijaatdrumulasthaay namah) जो पारिजात वृक्ष के नीचे विराजते है, उनको मेरा नमस्कार
कपिसेनानायक ॐ कपिसेनानायकाय नमः (om kapisenaanayakaay namah) Das ist nicht alles, was ich meine, das ist alles नमस्कार
सर्वविद्या-सम्पत्प्रदायक ॐ सर्वविद्यात्प्रदायकाय नमः (om sarva vidya sampatpradaayakaay namah) जो ज्ञान और समृद्धि/संपत्ति प्रदान करने Ja, das ist nicht der Fall
सर्वमंत्रस्वरूपवान ॐ सर्वमंत्र-स्वरूपवते नमः (om sarvswaroopvate namah) Das ist nicht alles, was ich meine विद्या में निपुण है, उनको मेरा नमस्कार
सर्वतंत्रस्वरूपी ॐ सर्वतंत्रस्वरूपिणे नमः (om sarvtantrswaroopine namah) जो सभी तंत्रों का स्वरुप है, जो सभी तंत्र विद्या में निपुण है, उनको मेरा नमस्कार
सर्वयंत्रात्मक ॐ सर्व यंत्रात्म्काय नमः (om sarvyantraatmkaay namah) जो सभी यन्त्र विद्या में निपुण है, उनको मेरा नमस्कार
राम्सुग्रीव्संधाता ॐ राम्सुग्रीव्संधात्रे नमः (om ram sugreev sandhaatre namah) जिन्होंने राम और सुग्रीव की मित्रता करवाई, उनको मेरा नमस्कार
अहिरावणमर्दन ॐ अहिरावणमर्दनाय नमः (om ahiraavanmardnaay namah) Es ist nicht einfach, das zu tun, was ich meine नमस्कार
स्फटिकाभ ॐ स्फटिकाभाय नमः (om sphatikaabhaay namah) जो स्फटिक पत्थर या रत्न की आभा रखते है, उनको मेरा नमस्कार
वागधीश/वागीश ॐ वागधीशाय/वागीश नमः (om vaagdeeshay/vaageesh namah) जो वाणी के स्वामी है, उनको मेरा नमस्कार
नव्याकृतिपण्डित ॐ नव्याकृतिपण्डिताय नमः (von navyakratipanditaay namah) जो व्याकरण में आत्यन्त कुशल एवं निपुण है, उनको मेरा नमस्कार
चतुर्बाहू ॐ चतुर्बाहू नमः (om chaturbahu namah) जिनके चार भुजाएं है, उनको मेरा नमस्कार
दीनबंधु ॐ दीनबन्धवे नमः (om deenbandhve namah) जो दीन-बंधुओ के मित्र है, जो असहाय लोगो के मित्र है, उनको मेरा नमस्कार
महात्मा हनुमान जी के नाम सिर्फ किसी शास्त्र या किताब की पर्ची नहीं बल्कि यह नाम हर उस इंसान की आवाज़ Es ist nicht einfach, es ist so, es ist so महसूस करता है।
भक्तवत्सल ॐ भक्तवत्सलाय नमः (om bhaktavatsalaay namah) जो अपने भक्तों के प्रति स्नेही/भक्तो से प्रेम करते है, उनको मेरा नमस्कार
शुची ॐ शुचये नमः (om shuchye namah) जो परम पवित्र है, जो अंतर्मन से भी शुद्ध है, उनको मेरा नमस्कार
वाग्मी ॐ वाग्मिने नमः (om vaghmine namah) जो कुशल वक्ता, उपदेशक एवं कहानीकार है, उनको मेरा नमस्कार
द्रढ़व्रत ॐ द्रढ़व्रताय नमः (om dranvrataay namah) जिनकी अडिगता अटूट द्रढ़ संकल्प की शक्ति को दर्शाती है
हरिमर्कटमर्कट ॐ हरिमर्कटमरकटाय नमः (om hari markat marktaaye namah) जो वानर स्वरुप में श्री हरी के प्रिय है, उनको मेरा नमस्कार
दान्त ॐ दानताय नमः (om daantaay namah) जो संयम रखने वाले है, उनको मेरा नमस्कार
प्रसन्नात्मा ॐ प्रसन्नात्मने नमः (om prasannatmane namah) जिनका मन सदैव प्रसन्न रहता है, आनंदित रहता Ja, das ist nicht der Fall
शांत ॐ शान्ताय नमः (om shaantaay namah) जो शांत स्वभाव वाले है, उनको मेरा नमस्कार
शत्कंठम्दाप्र्ह्त ॐ शत्कंठम्दाप्र्ह्ते नमः (om shatkanthmdapraht namah) Das ist nicht alles, was ich meine नमस्कार
योगी ॐ योगिने नमः (om yogine namah) जो महान योगी है, उनको मेरा नमस्कार
रामकथालोल रामकथालोलाय नमः (om ramkathalolaay namah) Das ist nicht alles, was ich meine नमस्कार
वज्रदंष्ट्र ॐ वज्रदंष्ट्राय नमः (om vajradanshtraay namah) जिनके दांत वज्र के समान कठोर हैं, उनको मेरा नमस्कार
वज्रनख ॐ वज्रनखाय नमः (om vajranakh namah) जिनके नाखून वज्र के समान कठोर हैं, उनको मेरा नमस्कार
रुद्रवीर्यसमुद्रव रुद्रवीर्यसमुद्रव नमः (um rudraveerysamudrav namah) जो भगवान शिव के तेज से उत्पन्न हैं, जो शिवजी Am 11. September 2011 ist dies der Fall
इंद्रजित प्रहिता मोघ ब्रह्मास्त्र विनिवारक इंद्रजित प्रहिता मोघ ब्रह्मास्त्र विनिवारकाय नमः (om indrajit prahita mogh brahmastra vinivarak namah) जिन्होंने इन्द्रजीत के ब्रह्मास्त्र को रोकने की क्रिया की थी, उनको मेरा नमस्कार
पार्थ-ध्वजाग्रसंवासी ॐ पार्थ-ध्वजाग्रसंवासिने नमः (om parth-dhwajagransanwasi namah) जो महाभारत में अर्जुन के रथ में स्थित हैं, उनको मेरा नमस्कार
शर्पणजरभेदक ॐ शर्पणजरभेदकाय नमः (om sharpanjarbhedkaay namah) जो बाणों की बाण को भेद सकते हैं, उनको मेरा नमस्कार
दश्बाहु ॐ दशबाहवे नमः (om dashbahve namah) जिनके दस भुजाएं हैं, उनको मेरा नमस्कार
लोकपूज्य ॐ लोकपूज्याय नमः (om lokpujyaaye namah) Das ist nicht alles, was ich meine नमस्कार
जाम्बवतप्रीतिवर्धन ॐ जाम्बवत्प्रीतिवर्धन नमः (von jaambvatpreetivardhanaaye namah) Das ist nicht alles, was ich meine नमस्कार
सीता समेत श्रीराम पद सेवा धुरंधर ॐ सीता समेत श्री राम पद सेवा धुरंधराय नमः (um seeta samet Shreeram Padsevadhurandhraay Namah) जो सीता सहित श्री राम जी के चरणों की सेवा में निपुण हैं, उनको मेरा नमस्कार
सिंघिकाप्राणभणजन ॐ सिन्घिकप्राणभंजन नमः (om simikapranbhanjanaya namah) जो सिंघिका राक्षसी का वध करने वाले हैं, उनको मेरा नमस्कार
लंकिनिभंजन लंकिनिभंजनाय नमः (om lankinibanjhnaaye namah) जो लंका की द्वार रक्षिका लंकिनी को परास्त करने वाले हैं, उनको मेरा नमस्कार
कामरुपी ॐ कामरूपिने नमः (om kaampurine namah) Es ist nicht einfach, es zu tun नमस्कार
पिन्गलाक्ष ॐ पिन्ग्लाक्ष्याय नमः (om pinglaakshyaay namah) जिनकी आँखें लाल-भूरी हैं, उन्हें मेरा नमस्कार
वर्धिमानाक्पुजित ॐ वर्धिमानाक्पुजिताय नमः (om vardhimanakpujitaaya namah) जो समुद्र व मौनाक द्वारा पूजित हैं, उनको मेरा नमस्कार
कवलिकृत मार्तन्डामंडल ॐ कवलिकृत मार्तंडामंडलाय नमः (von kavilikrut martin mandalay namah) जो सूर्य को निगलने वाले थे, उनको मेरा नमस्कार
महाकाय ॐ महाकाय नमः (om mahakaay namah) Es ist nicht einfach, es ist nicht einfach
तेजस्वी ॐ महाद्युताये नमः (om mahadyutaaye namah) अत्यंत तेजस्वी हैं, उनको मेरा नमस्कार
सिन्घनाद्स्वनप्रदाय ॐ सिन्घ्नादास्वन्प्रदाय नमः (om singhanadswapradaya namah) जिनकी गर्जना शेर के समान है, उनको मेरा नमस्कार
सुरार्चित ॐ सुरार्चिताय नमः (om surarchitaay namah) जो देवताओं द्वारा पूजित हैं, उनको मेरा नमस्कार
दैत्यकुलान्तक ॐ दैत्यकुलान्तकाय नमः (om daityakulaantkaay namah) Das ist nicht alles, was ich meine नमस्कार
दैत्याकार्यविद्यातक दैत्याकार्यविद्यात्काय नमः (om daityakaryavidyatak namah) जो दैत्यों की योजनाओं को विफल करते हैं, उनको मेरा नमस्कार
श्रीमान ॐ श्रीमते नमः (om shreemate namah) Es ist nicht einfach, es zu tun नमस्कार
राम्कथाप्रिय ॐ राम्कथ्प्रियाय नमः (om ramkathapriyaay namah) जो रामकथा सुनने को हमेशा उत्सुक रहते हैं, उनको मेरा नमस्कार
श्रीरामभक्तिरसिक ॐ श्रीरामभक्तिरसिक नमः (om rambhaktirasik namah) जो श्री राम की भक्ति में लीन हैं, उनको मेरा नमस्कार
योगनिष्ठ ॐ योगनिष्ठाय नमः (om yognishthaay namah) जो योग साधना में लीन हैं, उनको मेरा नमस्कार
बुद्धिमान ॐ बुधिमानाय नमः (om buddhimaanay namah) जो अत्यंत बुद्धिमान हैं, उनको मेरा नमस्कार
वीरहनुमान ॐ वीरहनुमते नमः (om veer hanumate namah) जो पराक्रमी वीर हैं, उनको मेरा नमस्कार
रामसखा ॐ राम्सखाय नमः (om raamsakhaay namah) जो श्री राम के सखा हैं, उनको मेरा नमस्कार
भक्तवत्सल ॐ भक्तवत्सलाय नमः (om bhaktvatsalaay namah) जो अपने भक्तों पर अत्यंत कृपा करते हैं, उनको मेरा नमस्कार
श्री हनुमते ॐ हनु हनुमतये नमः (om hanu hanumatye namah) जो सम्पूर्ण शक्ति, भक्ति और सेवा के प्रतीक Ja, das ist nicht der Fall

 

हनुमान जी के नाम जाप करने का समय/दिन

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  • मंगलवार और शनिवार हनुमान जी को अत्यंत प्रिय वार है आप इस दिन 108 नाम जाप कर सकते है|
  • सुबह स्नान करके ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर में पूजा अर्चना कीजिये|
  • इसके बाद एक चौकी रखिये चौकी पर लाल या सिन्दूरी रंग का कपडा बिछाएं|
  • हनुमान जी कोई तस्वीर या मूर्ति को चौकी पर रखिये|
  • अब एक आसन बिछाएं और बेठिये|
  • 108 Stunden vor der Abreise माला नही है तो मन में गिनती करते हुए 108 माला Ja कीजिये|
  • 108 माला जाप के बाद , बूंदी के लड्डू अथवा गुड़-चना का भोग लगाए|
  • उसके बाद प्रसाद वितरण कीजिये|

Fazit

हनुमान जी के नाम सिर्फ किसी शास्त्र या किताब की संक्या नही – यह नाम हर उस इंसान की आवाज़ है जो कभी टूटा है, थका है, डरा है या अकेलापन महसूस करता है|

इन्ही नामो में हनुमान की कई रूप है जेसे – कभी वो माता अंजनी के पुत्र हैं, कभी वो श्री राम के Ja भक्त है, कभी वो लंका को जलाने वाले वानर है आदि|

108 Stunden vor dem Ende des Spiels मार्गदर्शन है, इन नामों का जाप करने से हमारी अंतर-आत्मा को शान्ति मिलती है हम अन्दर से सकारात्मक सोचने लगते हैं , हनुमान जी को हम ज्ञान, बल, सेवा इन तीन महत्वपूर्ण कारणों से जानते है|

हनुमान जी बहुत तेज़ बुद्धि वाले भगवान है उनकी सेवा-भाव को हम बोहत पुराने समय से सुनते आ रहे है| हनुमान जी भक्ति का सच्चा चेहरा है, श्री राम के सभी काम उन्होंने पुरे किये है|

इइलएए. Hanuman Chalisa में भी कहा गया हैं „रामचंद्र के काज सवारे” हनुमान जी की भक्ति जो भी करता , वह अपने भक्तों के ऊपर कृपा करते हैं और उनकी सारी चिंता, दुःख, Das ist nicht alles, was ich meine समृद्धि प्रदान करते हैं|

हनुमान जी के नाम सिर्फ नाम नहीं हैं हैं, वह हमारे अन्दर एक नयी उम्मीद लाते हैं| Ich habe es nicht geschafft, es zu tun एक नया दरवाज़ा खोलती है, हम सकारात्मक सोच और शुद्ध मनन से आगे जीवन में बढ़ते हैं|

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