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12 Jyotirlinga Name und Ort auf Hindi: भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग

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99PanditJi Geschrieben von: 99PanditJi
Zuletzt aktualisiert am:November 20, 2024
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12 Jyotirlingas: Name und Ort auf Hindi: 12 Warum nicht? आज हम इस लेख के माध्यम से माध्यम से भगवान शिव 12 Stunden (12 Jyotirlinga) के बारे में बताएँगे कि Nein किस स्थान पर है तथा यहाँ पर कैसे पहुंचा जा सकता है|

ज्योतिर्लिंग शब्द में 'ज्योति' का अर्थ – प्रकाश या चमक तथा 'लिंग' का अर्थ – किसी प्रकार के चिन्ह या प्रतीक माना जाता है| ज्योतिर्लिंग को भगवान शंकर के दीप्तीमान का प्रतीक माना जाता है| सम्पूर्ण भारत देश में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga) का बहुत ही बड़ा महत्व माना गया है|

12 Jyotirlingas – Name und Ort auf Hindi

12 ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga) मौजूद है| इनमे ज्योति के रूप में स्वयं भगवान शिव ही विद्यमान है| आपको बता दे कि महर्षि वेदव्यास जी के द्वारा ग्रन्थ शिवपुराण में बताया गया है कि भारत और Ja देश में कुल 64 Stunden vor dem Ende उल्लेख किया गया है|

12 Stunden vor dem Ende जाते है| जिन्हें महा ज्योतिर्लिंगम (महा ज्योतिर्लिंग) के नाम से भी जाना जाता है| 12 ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga) उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में रामेश्वरम तक फैला हुआ है| इसके अलावा हम बात कर रहे 99Pandit के बारे में|

99Pandit एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफार्म है, जिसकी सहायता से आप हिन्दू धर्म से सम्बंधित किसी भी पूजा के Nein ऑनलाइन पंडित जी को बुक कर सकते है| Ja रुद्राभिषेक पूजा के लिए, नवग्रह शांति पूजा के लिए तथा काल सर्प दोष पूजा के लिए पंडित बुक कर सकते है|

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम के निम्नलिखित श्लोक में भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग का बखान Alles Gute –

सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।

उज्जयिन्यां महाकालमोंकारंममलेश्वरम्॥

परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशंकरम्।

सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥

वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे।

हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥

एतानि ज्योतिर्लिंगनि सायं प्रातः पठेन्नरः।

सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति॥

ज्योतिर्लिंग की कथा – Geschichte von Jyotirlinga

अब हम इस लेख में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग (Jyotirlinga) की कथा के बारे में जानेंगे| विष्णु पुराण में ज्योतिर्लिंग (Jyotirlinga) की कथा का पूर्ण रूप से उल्लेख मिलता है| माना जाता है कि एक बार भगवान विष्णु तथा भगवान ब्रह्मा जी इस सम्पूर्ण सृष्टि की सर्वोच्चता पर बहस कर रहे थे|

उस समय भगवान शिव ने प्रकाश के एक स्तंभ का निर्माण किया तथा इसके पश्चात भगवान शंकर ने भगवान विष्णु एवं भगवान ब्रह्मा जी को उस स्तंभ का अंत खोजने के लिए कहा| तब भगवान विष्णु तथा ब्रह्मा जी ऊपर तथा नीचे की ओर अपने रास्तों को विभाजित करके अलग- अलग Es ist nicht einfach गये|

भगवान ब्रह्मा जी ने भगवान शंकर से झूठ बोला कि उन्हें उस स्तंभ का अंत मिल चुका है| वही दूसरी ओर भगवान विष्णु ने बहुत प्रयास करने के बाद हार मान ली| भगवान शिव को यह ज्ञात हो गया कि ब्रह्मा जी उनसे झूठ बोला था|

इस बात से क्रोधित होकर भगवान शिव ने ब्रह्मा जी श्राप दे दिया कि आप भले ही इस सृष्टि के निर्माता है किन्तु सम्पूर्ण सृष्टि में आपकी पूजा नहीं की जाएगी| माना जाता है कि भगवान शिव के द्वारा उत्पन्न उस स्तम्भ से ही 12 Stunden (12 Jyotirlinga) की उत्पत्ति मानी जाती है|

भगवान शिव के 12 Tage vor 12 Tagen – Namen und Orte von 12 Jyotirlingas von Lord Shiva

क्र. स. ज्योतिर्लिंग के नाम  Platz  राज्य 
1. सोमनाथ ज्योतिर्लिंग  वेरावल, सोमनी गुजरात 
2. Mallikarjuna Jyotirlinga श्रीशैलम  Andhra Pradesh 
3. Mahakaleshwar Jyotirlinga  Ujjain  Madhya Pradesh 
4. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग खंडवा  Madhya Pradesh 
5. Baidyanath Jyotirling देवघर  Jharkhand 
6. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग खेड़ तालुका, पुणे  Maharashtra 
7. रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग रामेश्वरम  तमिलनाडु 
8. Nageshwar Jyotirlinga द्वारका  गुजरात 
9. काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग  वाराणसी  Uttar Pradesh 
10 त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग नासिक  Maharashtra 
11 Kedarnath Jyotirling  केदारनाथ  Uttarakhand 
12 घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग  औरंगाबाद  Maharashtra 

 

भारत के 12 Tage – 12 Jyotirlingas von Indien

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर, Indien – Somnath Jyotirling Tempel, Gujarat 

भारत के 12 Tage vor dem Ende der Woche तथा सबसे प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर का ज्योतिर्लिंग को माना जाता है| प्राचीन कथाओं के अनुसार इस मंदिर का निर्माण वास्तुकला की चालुक्य शैली से हुआ था|

इस प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर को काठियावाड़ जिले में वेरावल के पास गुजरात राज्य में भारत देश के पश्चिमी कोने में अरब सागर के तट पर बनाया गया है| यह सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर भारत देश के सभी ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से सबसे पवित्र Nein जाता है| प्रत्येक वर्ष महाशिवरात्रि के त्यौहार पर यहाँ हजारों भक्त भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आते है|

12 Jyotirlingas – Name und Ort auf Hindi

पौराणिक कथाओं के अनुसार माना जाता है कि इस सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर का निर्माण चंद्रमा (सोमदेव) ने इस मंदिर का निर्माण शुद्ध सोने से ही करवाया था और रावण ने इस मंदिर का चांदी के नवीनीकरण किया था|

इसके पश्चात भगवान श्री कृष्ण ने चन्दन से तथा अंत में भीम देव ने इस सोमनाथ ज्योतिर्लिंग Nein को पत्थर से बनाया था| माना जाता है कि इस मंदिर के सोने को लूटने के लिए तुर्क वंश के शासक महमूद गजनी ने इस मंदिर Ja बहुत बार आक्रमण किया था|

इनके द्वारा किये गए आक्रमणों की वजह से मंदिर की सम्पूर्ण संपत्ति छीन ली गयी| 1947, 1947, 1947, 1947, 1947 इस सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार किया था| तथा उस समय के राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पुनः इस मंदिर में ज्योतिर्लिंग की स्थापना की|

Mein Name ist: 

Mehr als 362268
Telefon – 09428214823

Mein Name ist: 

Vor 06:00 Uhr ist es soweit 09:00 बजे तक खुलता है| Am Sonntag um 07:00 Uhr und um 12:00 Uhr Vor Kurzem um 07:00 Uhr | इस मंदिर का सबसे प्रसिद्ध लाइट एंड साउंड शो – „जय सोमनाथ“ ist um 08:00 Uhr und um 09:00 Uhr geöffnet Nein बीच में ही होती है|

Mein Name ist:  

इस मंदिर के सबसे निकट वेरावल रेलवे स्टेशन है जो कि भारत देश के लगभग सभी प्रमुख रेलवे Ja से जुड़ा हुआ है| इसलिए आपको यहाँ के लिए ट्रेन आसानी से मिल जाएगी| सोमनाथ मंदिर से इस रेलवे स्टेशन की दूरी करीब 5 Monate | जिसके लिए आपको यहाँ से कई सारे निजी साधन बस या टैक्सी की सुविधा मिल जाएगी| 

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मंदिर, श्रीशैलम (आंध्र प्रदेश) – Mallikarjuna Jyotirlinga Tempel, Srisailam (Andhra Pradesh)

यह मंदिर आंध्र प्रदेश के दक्षिणी भाग में कृष्णा नदी के तट पर स्थित माना जाता है| Mehr als 12 Monate (12 Jyotirlinga) में दूसरा ज्योतिर्लिंग माना जाता है| इस मंदिर को श्री भ्रामराम्बा मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मंदिर के नाम से भी जानता है|

Das ist nicht alles मल्लिकार्जुन भगवान शिव तथा माता पार्वती का ही रूप है| जिसमे मल्लिक शब्द माता पार्वती तथा अर्जुन भगवान शिव को संबोधित करता है| इस मंदिर का निर्माण 1234 Jahre alt राजा वर नरसिम्हा जी के द्वारा करवाया गया था|

भगवान शिव के 12 Tage

Es ist nicht einfach द्रविड़ शैली में बनाया गया है| Das ist alles सुन्दर वास्तुकला की नक्काशी से चिन्हित है| बताया गया है कि यह मंदिर पूरे 2 हेक्टेयर में फैला हुआ है तथा इस मंदिर में चार गेटवे टावर Ja स्थित है| जिन्हें गोपुरम के नाम से भी जाना जाता है| इस मंदिर के परिसर में बहुत सारे कई सारे हॉल तथा मंडप भी उपस्थित है| 

Mein Name ist: 

श्रीशैलम, 2010 – 528101
Telefon – 083339-01351

Die Antwort lautet: 

Vor 10 Minuten um 04:30 Uhr खुला रहता है| Vor 06:30 Uhr 01:00 Uhr 06:30 Uhr 09:00 Uhr है|

Das ist alles Ja 

इस स्थान से सबसे निकट रेलवे स्टेशन मरकापुर है| आपको सभी प्रमुख शहरों से यहाँ के लिए ट्रेन आसानी से मिल जाएंगी| यह रेलवे स्टेशन मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मंदिर से लगभग 85 किमी दूर स्थित है| 

यदि आप हवाई जहाज से यहाँ आना चाहते है तो आपको इस मंदिर के सबसे पास हवाई अड्डा हैदराबाद में स्थित राजीव गांधी हवाई अड्डा है लेकिन यह मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मंदिर से 200 किमी दूर स्थित है| Es ist nicht einfach सहायता से मल्लिकार्जुन मंदिर जाना होगा|

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, उज्जैन (मध्य प्रदेश) – Mahakaleshwar Jyotirlinga Tempel, Ujjain (Madhya Pradesh)

भगवान महादेव का सबसे प्रसिद्ध मंदिर महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर है| यह मंदिर उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर स्थित है| Das ist alles स्थलों में से एक है| माना जाता है कि महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग ऐसा स्थान है जो मनुष्य को अनंत काल तक मुक्त कर सकता है|

यह एकमात्र ऐसा मंदिर है जिसमे स्वयंभू ज्योतिर्लिंग है| जिसकी ऊर्जा परिष्कृत है| महाकाल दो शब्दों से मिलकर बना होता है| जिसमे 'महा का अर्थ भगवान विष्णु' का गुण तथा 'काल का अर्थ समय' से मिलकर बना होता है| 

भगवान शिव के 12 Tage

भगवान शिव का गुण काल ​​से भी बड़ा माना जाता है| इस मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण केंद्र है, इस मंदिर में होने वाली भस्मा – आरती है जो सुबह किया जाने वाला सबसे पहला अनुष्ठान माना जाता है| इस भस्मा – आरती में भगवान शिव को चिता की राख से स्नान करवाया जाता है| पूरे भारत देश से सावन के महीने में तथा नाग पंचमी के समय महाकालेश्वर में भक्तों की बहुत Ja भीड़ उमड़ती है| 

Mein Name ist: 

उज्जैन, मध्य प्रदेश
Telefon – 0734 255 0563 

Das ist alles Bedeutung:

Der Tag ist um 04:00 Uhr und um 11:00 Uhr बजे तक खुलता है| इस मंदिर में दर्शन 24 घंटे में चार बार होते है| Am Sonntag, 08:00 Uhr und 10:00 Uhr Heute um 10:30 Uhr, um 05:00 Uhr, um 06:00 Uhr Um 07:00 Uhr Vormittag um 08:00 Uhr und um 11:00 Uhr बजे तक होता है| 

Das ist nicht der Fall Mehr –

महाकाल के मंदिर से निकट उज्जैन रेलवे स्टेशन है जो कि मंदिर सिर्फ 2 किमी की दूरी पर ही स्थित है| आपको उज्जैन के लिए सभी प्रमुख नगरों तथा शहरों से ट्रेन अवश्य मिल जाएगी| यदि आप हवाई जहाज से आना चाहते है तो आपको अपने शहर से अहिल्या बाई होल्कर हवाई अड्डे के लिए फ्लाइट लेनी होगी जो कि इंदौर में स्थित है| यह हवाई अड्डा महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर से लगभग 57 किमी की दुरी पर स्थित है| यहाँ से आपको मंदिर तक जाने के लिए टैक्सी किराए पर लेनी होगी| 

इसी के साथ हम आपको यह बता दे कि यदि आप उज्जैन Nein काल सर्प दोष पूजा, रुद्राभिषेक पूजा आदि कोई भी धार्मिक पूजा करवाना चाहते है तो 99Pandit आपके लिए एक बहुत ही अच्छा विकल्प होगा| 99Pandit एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफार्म है जो आपको पंडित बुकिंग की सर्वश्रेष्ठ सेवा प्रदान करता है| जहाँ आप घर बैठे मुहूर्त के हिसाब से अपना पंडित ऑनलाइन आसानी से बुक कर सकते हो| 

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, खंडवा (मध्य प्रदेश) – Omkareshwar Jyotirlinga Tempel, Khandwa (Madhya Pradesh)

भगवान शिव के 12 Tage ज्योतिर्लिंग (Omkareshwar Jyotirlinga) भी एक है| यह ज्योतिर्लिंग नर्मदा नदी में शिवपुरी नामक एक द्वीप पर स्थित किया गया है| पुराणों में ओंकारेश्वर शब्द का अर्थ – ओम ध्वनि के भगवान तथा ओंकार के भगवान के रूप में माना जाता है|

इस तीन मंजिला मंदिर में स्थित खम्भों का निर्माण बहुत ही अच्छे गुणवत्ता वाले ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया है| भगवान शंकर के इस ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के बारे में लोगों का यह मानना ​​है कि जिस समय देवताओं तथा दानवों के बीच युद्ध हुआ था| 

भगवान शिव के 12 Tage

उस समय सभी देवता भगवान शिव के पास सहायता मांगने के लिए गए| तब भगवान शिव ने ओंकारेश्वर अवतार में प्रकट हुए तथा देवताओं को इस युद्ध में विजय दिलाने Nein सहायता की| 

Mein Name ist:

मार्कंडेय आश्रम रोड, ओंकारेश्वर, मध्य Anzahl – 450554

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर खुलने तथा Weitere Informationen:  

यह मंदिर सप्ताह के सातों दिन प्रात काल: 05:00 10:00 बजे तक खुला रहता है| इस मंदिर में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (Jyotirlinga) के Der letzte Tag des Tages: 05:30 Uhr und 12:20 Uhr Ja Vor 04:00 Uhr vor 08:30 Uhr vor 08:30 Uhr | 

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर कैसे पहुँच Ja 

भगवान शिव के इस ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर से सबसे निकट रेलवे स्टेशन खंडवा रेलवे स्टेशन है, जो की ओंकारेश्वर मंदिर से 70 किमी की दूरी पर स्थित है| इसके अलावा यदि आप की शहर से सीधे खंडवा के लिए कोई ट्रेन नहीं है तो इस परिस्थिति में आपको Ja या उज्जैन के लिए ट्रेन लेनी है तथा इसके पश्चात आपको यहाँ से कई सारी रोडवेज बस या निजी बस मिल जाएगी जो कि आपको ओंकारेश्वर तक पंहुचा देगी|

यदि आप यहाँ से अधिक दूरी एवं फ्लाइट की Es ist nicht einfach आपको अपने शहर से अहिल्या बाई होल्कर हवाई अड्डे के लिए फ्लाइट लेनी होगी जो कि इंदौर में Ja है| यह हवाई अड्डा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग 84 किमी की दूरी पर स्थित है| यहाँ से आपको मंदिर तक जाने के लिए टैक्सी किराए पर लेनी होगी|

बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर , देवघर (झारखंड) – Baidyanath-Jyotirlinga-Tempel, Deoghar (Jharkhand)

यह मंदिर झारखंड राज्य के संताल परागना क्षेत्र के देवधर नामक गाँव में स्थित है| बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग (Baidyanath Jyotirlinga). जाना जाता है| यह मंदिर 12 Stunden (12 Jyotirlinga) मंदिरों में से सबसे प्रसिद्ध स्थान माना गया है|

Es ist nicht einfach है| सभी ज्योतिर्लिंग की अपेक्षा इस मंदिर को ज्यादा महत्व इस वजह से दिया जाता है क्योंकि इस मंदिर को भारत देश 51 सें से एक माना गया है|   

12 Jyotirlingas – Name und Ort auf Hindi

माना जाता है कि इस मंदिर परिसर में बाबा बैद्यनाथ का मंदिर तथा इसके अलावा अन्य देवी – देवताओं के 21 मंदिर स्थित है| माना जाता है कि इस मंदिर पुनर्निर्माण गिद्दोर के महाराजा के पूर्वज राजा पूरण मल जी के द्वारा किया गया था| इस परिसर में जिस स्थान पर बाबा बैद्यनाथ का मंदिर है| Es ist nicht einfach अर्थात इस बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर को परिसर के बिल्कुल केंद्र बिंदु पर बनाया गया है| 

अब हम आपको बताएँगे 99Pandit hat es geschafft के बारे में, जिसकी सहायता से आप हिन्दू धर्म Nein संबंधित किसी भी प्रकार की पूजा के लिए ऑनलाइन पंडित जी को बुक कर सकते है| 99Pandit आपको अनुभवी पंडित प्रदान करते है| जिससे आपको पूजा के समय धार्मिक आनंद की अनुभूति हो| 

Mein Name ist: 

शिवगंगा गली, देवघर, 814 112

बैद्यनाथ मंदिर खुलने का समय 

Vor 04:00 Uhr 03:30 Uhr und 06:00 Uhr und 09:00 Uhr बजे तक खुला रहता है| इसके अलावा विशेष धार्मिक अवसरों जैसे Das ist nicht alles ज्योतिर्लिंग (Jyotirlinga) मंदिर में दर्शन के समय को बढ़ा दिया जाता है| 

कैसे पहुंचे बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर, झारखण्ड 

बाबा बैद्यनाथ के धाम से सबसे निकट रेलवे स्टेशन जसीडिह जंक्शन (हावड़ा – पटना – नई दिल्ली Ja मार्ग) है| 7 किमी की दूरी पर स्थित है| आपको बता दे कि देवघर रेलवे स्टेशन और बैद्यनाथ धाम के स्टेशन दोनों ही अन्य स्थानीय रेलवे स्टेशन है| 

इस मंदिर से सबसे निकटतम वाई अड्डा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, देवघर है जो कि बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर से 4 Tage lang स्थित है| 

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर, पुणे (महाराष्ट्र) – Bhimashankar Jyotirlinga Tempel, Pune (Maharashtra)

यह मंदिर पुणे, महाराष्ट्र के सह्याद्री नामक क्षेत्र तथा भीमा नदी के तट पर स्थित है| भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर को इस नदी का स्रोत माना जाता है| द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम के अनुसार 12 Monate (12 Jyotirlinga) में से छठा ज्योतिर्लिंग है| इस मंदिर की वास्तुकला मराठा शैली से ली गयी है|

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर ना केवल अपना धार्मिक महत्व दर्शाता है बल्कि साथ अपने शानदार दृश्य के माध्यम से लोगों का ध्यान भी अपनी ओर आकर्षित करता है| पौराणिक कथाओं के अनुसार इस भीमाशंकर 18 Monate lang में नाना फडणवीस के द्वारा करवाया गया था| 

12 Jyotirlingas – Name und Ort auf Hindi

यह मंदिर अपनी नागर वास्तुकला शैली में राजस्थानी तथा गुजराती दोनों संस्कृतियों का समावेश है| इस मंदिर की बाहरी दीवारे कृष्ण लीला, शिव Ja, das ist nicht der Fall है| महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर इस भीमाशंकर Das ist alles Ja भक्त उस पवित्र ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए आते है| यह मंदिर भारत देश के सबसे लोकप्रिय ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से एक माना जाता है| 

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर का पता –   

भीमाशंकर मंदिर, खेड़, जिला पुणे, महाराष्ट्र 410509
Telefon – +91 9403726339 

भीमाशंकर मंदिर के खुलने का समय – 

Vor 05:00 Uhr जाती है तथा इसका समापन 09:30 Uhr जाता है| आपकी जानकारी के लिए बता दे कि दोपहर के समय मध्याह्न की आरती के समय 45 मिनट के लिए दर्शन बंद कर दिए जाते है| 

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर कैसे पहुंचे – 

भीमाशंकर मंदिर के सबसे पास रेलवे स्टेशन कर्जत जंक्शन है जो कि मंदिर से 147 किमी की दूरी पर है| यहाँ से आपको मंदिर तक जाने के लिए टैक्सी किराए पर लेनी होगी| इसके अलावा सबसे नजदीकी हवाई अड्डा पुणे हवाई अड्डा है| जिसकी मंदिर से दूरी लगभग 105 किमी है 

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग मंदिर, रामेश्वरम, तमिलनाडु – Rameshwaram Jyotirlinga Tempel, Rameswaram, Tamil Nadu

यह मंदिर दक्षिणी क्षेत्र में तमिलनाडु के सेतु पर रामेश्वरम द्वीप पर स्थित है| माना जाता है कि यह मंदिर चारों ओर समुन्द्र से घिरा हुआ है| इस मंदिर का गलियारा भारत में स्थित सभी मंदिर के गालियारों में से सबसे बड़ा माना जाता है| इस मंदिर के गालियारों को सुन्दर वास्तुकला से सजाया गया है|

यह ज्योतिर्लिंग रामायण कथा तथा भगवान श्री राम की लंका विजय वापसी के साथ जुड़ा हुआ है| पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का विस्तार पांड्य राजवंश के द्वारा 12 वी शताब्दी Nein किया गया था| 

12 Jyotirlingas – Name und Ort auf Hindi

मंदिर का पता – 

Anzahl: 623526

रामेश्वरम मंदिर के खुलने का समय –

इस मंदिर को प्रतिदिन भक्तों के दर्शन के लिए Es ist soweit, 05:00 Uhr Ja 01:00 Uhr. 03:00 Uhr. 09:00 Uhr तक खुला रहता है| Vor 08:00 Uhr है| 

रामेश्वरम मंदिर कैसे जा सकते है – 

Das ist nicht der Fall रामेश्वरम ही है| जिसकी दूरी मंदिर से 1.5 Stunden है| यह रेलवे स्टेशन चेन्नई सहित कई दक्षिणी राज्यों से भी जुड़ा हुआ है| Es ist nicht einfach मंदिर के सबसे निकट हवाई अड्डा मदुरै है जो की Ja मंदिर से 173 किमी दूर स्थित है| यहाँ से आपको मंदिर तक जाने के लिए टैक्सी किराए पर लेनी होगी| 

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, द्वारका (गुजरात) – Nageshwar Jyotirlinga Tempel, Dwarka (Gujarat)

यह मंदिर गुजरात राज्य के सौराष्ट्र तट पर गौमती द्वारका तथा बैत द्वारका के बीच मार्ग पर स्थित है| इस नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर को नागनाथ मंदिर के नाम से भी जाना जाता है| माना जाता है कि इस मंदिर को गुलाबी रंग के पत्थरों की सहायता से बनाया गया था|

इस स्थान पर भगवान शंकर की 25 फीट ऊंची मूर्ति, बहुत ही बड़े क्षेत्र में फैला हुआ बगीचा तथा Ja अरब सागर यहाँ आने वाले लोगों अपनी ओर आकर्षित करता है| नागेश्वर ज्योतिर्लिंग को भारत देश के सबसे शक्तिशाली ज्योतिलिंग में से एक माना जाता है| इस ज्योतिर्लिंग को सभी प्रकार के संरक्षण का प्रतीक माना जाता है|

12 Jyotirlingas – Name und Ort auf Hindi

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर का पता – 

Anzahl: 361345

Es ist nicht einfach समय –

इस मंदिर को भी प्रतिदिन भक्तों के दर्शन के लिए दो पालियों में खोला जाता है, जो की सुबह 6 बजे से 12.30 Uhr बजे दर्शन के पश्चात मंदी के द्वार बंद कर दिए जाते है| सुबह के समय भक्त भगवान शिव को दूध अर्पित करते है| Die Dauer des Spiels beträgt 5 Minuten खुलते है तथा 9.30 बजे तक खुले ही रहते है| 

कैसे पहुंचे नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर , द्वारका –

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग (Jyotirlinga) मंदिर से सबसे निकट रेलवे स्टेशन द्वारका रेलवे स्टेशन ही Ja, ja दूरी मंदिर से लगभग 16 किमी है| तथा इस मंदिर निकट हवाई अड्डा जामनगर हवाई Mehr als 127 Monate स्थित है| इसके पश्चात आप बस या टैक्सी की सहायता से मंदिर तक पहुँच सकते है| 

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) – Kashi Vishwanath Jyotirlinga Tempel, Varanasi (Uttar Pradesh) 

यह काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग (Kashi Viswanath Jyotirlinga). स्थान काशी में स्थित है| वाराणसी की गलियों के बीच में स्थित है| माना जाता है इस मंदिर की जो वर्तमान संरचना है| Geboren im Jahr 1780 द्वारा करवाया गया था|

Das letzte Jahr 2021 ist ein neues Jahr ने काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर के परिसर से सभी अतिक्रमणों को हटा दिया था| माना जाता है कि मंदिर मीनारों पर सोने की परत चढ़ी हुई है तथा मंदिर के ऊपर सोने की छतरी बनी Nein है| मकर संक्रांति, कार्तिक पूर्णिमा, महाशिवरात्रि तथा अन्नाकूट जैसे त्योहारों के समय काशी में पूरी दुनिया भर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते है|

भगवान शिव के 12 Tage

Mein Name ist: 

221001
Telefon – +91 6393131608
Offizielle Website - https://shrikashivishwanath.org/ 

Mehr als genug –

यह मंदिर प्रतिदिन भक्तों के दर्शन के सुबह 4 Seite 11 Seite 11 Seite 12 Seite 7 Ja एवं रात के 9 बजे तक खुला रहता है| 

काशी विश्वनाथ मंदिर कैसे पहुंचे –

इस मंदिर के सबसे नजदीक रेलवे स्टेशन वाराणसी जंक्शन ही है| जिसकी दूरी मंदिर से लगभग 5 किमी है| काशी विश्वनाथ मंदिर जाने के लिए सबसे निकट हवाई अड्डा बाबतपुर में लाल बहादुर शास्त्री 25 किमी की दूरी पर स्थित है| यहाँ से आपको मंदिर तक जाने के लिए टैक्सी किराए पर लेनी होगी|

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, नासिक (महाराष्ट्र) – Trimbakeshwar Jyotirlinga Tempel, Nashik (Maharashtra)

Es dauerte 30 Minuten की दूर गोदावरी नदी के ब्रह्मगिरी नामक पर्वत Ja स्थित है| इस त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में एक कुसावर्त कुंड स्थित है| जिसका निर्माण श्रीमंत सरदार रावसाहेब पारनेकर ने करवाया था, जिन्हें इंदौर शहर का फडणवीस माना जाता है| इस मंदिर को गोदावरी नदी का स्त्रोत माना जाता है|

गोदावरी नदी को गौतमी गंगा के नाम से भी जाना जाता है| यह दक्षिण भारत की सबसे पवित्र नदी मानी जाती है| यह शहर हिन्दू धर्म के लोगों के लिए बहुत ही बड़ा धार्मिक महत्व रखता है क्योंकि यह उन चार Nein Vor 12 Tagen ist es soweit आयोजन करता है|

भगवान शिव के 12 Tage

माना जाता है कि यहाँ स्थित ज्योतिर्लिंग के तीन मुख है जो भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु तथा भगवान रूद्र के अवतार है| इस स्थान की सुन्दरता मानसून के माह में अधिक उभर के नज़र आती है|

Weitere Informationen:

422212

त्र्यंबकेश्वर मंदिर के खुलने का समय –

5.30 Stunden vor 9 Uhr बजे तक भक्तों के दर्शन के लिए खुला रहता है|

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर कैसे पहुंचे –

इस मंदिर का सड़क मार्ग लगभग सभी प्रमुख मार्गो से जुड़ा हुआ है| त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग Vor 30 Minuten, vor 178 Minuten, Mehr als 224 Monate Mehr als 157 Minuten दूर स्थित है| तथा इस मंदिर नजदीकी रेलवे स्टेशन गतपुरी है|

यह स्टेशन मंदिर से 28 किमी की दूरी पर स्थित है| जिसके पश्चात आपको मंदिर तक जाने के लिए टैक्सी या ऑटो किराए पर लेना होगा| इस मंदिर के निकट हवाई अड्डा नासिक हवाई अड्डा है जो मंदिर से लगभग 50 किमी दूर स्थित है| यहाँ से आपको ऑनलाइन टैक्सी बुक करनी होगी, जो आपको मंदिर तक पहुंचा देगी|

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर, उत्तराखंड – Kedarnath Jyotirlinga-Tempel, Uttarakhand

Die Gesamtsumme beträgt 11,755 US-Dollar ऊंचाई पर मन्दाकिनी नदी के पास गढ़वाल हिमालय श्रृंखला पर स्थित है| यह भारत देश में स्थित ऐसा ज्योतिर्लिंग है जो कि सबसे ऊंचाई पर स्थित है| यह मंदिर भारत के 12 Monate (12 Jyotirlinga) के साथ – साथ हिन्दू धर्म में बहुत महत्व रखने वाले चार Ja में भी शामिल है|

पौराणिक कथाओं के अनुसार यह माना जाता है कि Mehr als 3000 Tage vor dem Ende | इस मंदिर को अत्यधिक ठण्ड के मौसम तथा Mehr als 6 Monate खोला खोला जाता है| 6 महीने बंद रखा जाता है|

भगवान शिव के 12 Tage

केदारनाथ मंदिर का पता – 

Anzahl, Anzahl – 246445
Telefon – 01389-222 083

केदारनाथ मंदिर खुलने का समय – 

यह मंदिर भक्तों के दर्शन के लिए अप्रैल से 4 Stunden vor 12 Stunden Ja Vor 3 Monaten und 9 Monaten vor 9 Monaten | इस मंदिर का खुलना मौसम की परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है| 

केदारनाथ मंदिर कैसे पहुंचे –  

इस मंदिर के सबसे निकट रेलवे स्टेशन ऋषिकेश 210 किमी दूर स्थित है| मंदिर तक सड़क मार्ग के द्वारा नहीं जाया जा सकता है| 20 Minuten lang तक की चढ़ाई करनी पड़ती है| मंदिर तक जाने के लिए हेलीकाप्टर की सवारी भी कर सकते है| 

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, औरंगाबाद (महाराष्ट्र) – Grishneshwar Jyotirlinga Tempel, Aurangabad (Maharashtra) 

यह घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग (Grishneshwar Jyotirlinga). जिले में एलोरा की गुफाओं के निकट में ही स्थित है| 12 ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga) में से एक है|

मान्यताओं के अनुसार यह घृष्णेश्वर मंदिर पूर्ण रूप से भगवान शंकर को समर्पित किया गया है| आपकी जानकारी के लिए बता दे कि भगवान शिव के इस घृष्णेश्वर मंदिर विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया हुआ है|

12 Jyotirlingas – Name und Ort auf Hindi

Mehr als genug –

एलोरा, औरंगाबाद, पोस्ट – घृष्णेश्वर (महाराष्ट्र) – 431102
Telefon – +91 9422714648 

घृष्णेश्वर मंदिर खुलने का समय – 

भक्तगणों के लिए मंदिर में भगवान शिव के दर्शन Der letzte Tag ist um 04:00 Uhr geöffnet Vor 10:00 Uhr ist es soweit | कुछ ख़ास अवसर जैसे श्रावण के महीने जो कि अगस्त तथा सितंबर के महीने में आते है , में भगवान शिव के घृष्णेश्वर मंदिर में दर्शन का समय प्रातकाल: 03:00 से प्रारंभ होकर Vor 11:00 Uhr ist es soweit | 

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर कैसे पहुंचे –

घृष्णेश्वर मंदिर से सबसे नजदीक हवाई अड्डा औरंगाबाद में ही है Es dauert 30 Minuten Ja स्थित है| इस मंदिर सबसे नजदीक रेलवे स्टेशन औरंगाबाद जंक्शन ही है| इसके पश्चात आप बस या टैक्सी की सहायता से मंदिर तक पहुँच सकते है| 

Abschluss

आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga) के बारे में काफी बातें जानी है| 12 Tage vor dem Ende des 12. Jahrhunderts मंदिरों में भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग मौजूद है तथा वहां तक ​​जाने के लिए साधनों के बारे में भी बात की|

हम उम्मीद करते है कि हमारे द्वारा बताई गई जानकारी से आपको कोई ना कोई मदद मिली होगी| इसके अलावा भी अगर आप किसी और पूजा के बारे में जानकारी लेना चाहते है। तो आप हमारी वेबसाइट 99Pandit पर जाकर सभी तरह की पूजा या त्योहारों के बारे में सम्पूर्ण जानकारी ले सकते है|

अगर आप हिन्दू धर्म से सम्बंधित किसी पूजा जैसे – वाहन पूजा, भूमि पूजा, रुद्राभिषेक पूजा इत्यादि हेतु पंडित जी की तलाश कर रहे है तो आपको बता दे की 99Pandit Das ist nicht alles Ich habe es nicht geschafft ऑनलाइन आसानी से बुक कर सकते हो|

यहाँ बुकिंग प्रक्रिया बहुत ही आसान है| बस आपको „बुक ए पंडित“ विकल्प का चुनाव करना Es ist nicht einfach नाम, मेल, पूजन स्थान , समय,और पूजा का चयन के माध्यम से आप आपना पंडित बुक कर सकेंगे| 

Oft gestellte Frage

Q.12 Jahre alt?

A.माना जाता है कि इन 12 स्थानों पर भगवान शिव ने खुद दर्शन दिए थे|

Q.12 Was ist los?

A.12. Monat (12 Jyotirlinga) के क्रम हैं सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, बैद्यनाथ, भीमाशंकर, रामेश्वर, नागेश्वर, विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, केदारनाथ और घृष्णेश्वर|

Q.Warum nicht?

A.नर और नारायण नामक दो ऋषि जिनको भगवान श्री विष्णु का अवतार माना जाता है| उन्होंने एक बार अपनी तपस्या से भगवान शिवजी को प्रसन्न कर लिया| फिर जब भगवान शिवजी प्रकट हुए तो नर और नारायण की प्रार्थना को स्वीकार करते हुए वहीं ज्योतिर्लिंग के रूप में वास करने का वचन दिया।

Q.Warum ist das nicht der Fall?

A.नागेश्वर ज्योतिर्लिंग को भारत देश के सबसे शक्तिशाली ज्योतिर्लिंग में से एक माना जाता है|

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