Logo 0%
Buchen Sie Griha Pravesh Puja online Buchen Sie Griha Pravesh Puja online Jetzt buchen

Wer ist Surya Dev | सूर्य देव: सूर्य देव के 12 नाम, पूजा विधि व पूजा Ja

20,000
Pandits beigetreten
Über 1 Lakh
Puja durchgeführt
4.9/5
Kundenbewertung
50,000
Glückliche Familien
99PanditJi Geschrieben von: 99PanditJi
Zuletzt aktualisiert am:August 30, 2024
Sonnengott
Fassen Sie diesen Artikel mit KI zusammen - ChatGPT Verwirrung Gemini Claude Grok

हमारे भारत देश अनेकों सम्प्रदाय के लोग निवास करते है| इन सभी धर्मों में सबसे सुन्दर धर्म हिन्दू धर्म को माना गया है| ऐसा इसलिए कहा गया है क्योंकि हिंदू धर्म में इस दुनिया में उपस्थित लगभग हर एक वस्तु की पूजा की जाती है| फिर चाहे हो प्रकृति में उपस्थित पेड़ हो, पशु हो, जल, वायु, आकाश, पहाड़, अग्नि इत्यादि अनेकों चीजों की पूजा की जाती है|

हिन्दू धर्म में नवग्रहों की पूजा को बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि इससे मनुष्य की कुंडली में हो रहे दुष्प्रभाव को दूर किया Ja सकता है| आज हम नवग्रहों में सबसे शक्तिशाली ग्रह व Ja Sonnengott के बारे में बात करेंगे|

Sonnengott को हिन्दू धर्म के ग्रंथों में जगत की आत्मा के रूप में जाना जाता है| माना जाता है कि सूर्य के कारण ही इस धरती पर जीवन संभव है| पौराणिक काल में आर्य समाज के लोग सूर्य देव को ही एक जगत का कर्ता – धर्ता मानते थे| सभी ऋग्वेद देवताओं में सूर्य देव का स्थान काफी उच्च माना गया है|

Sonnengott

मान्यता है कि सूर्य देव की पूजा पूर्ण निष्ठा से करने पर पुत्र प्राप्ति के लिए भी भी आशीर्वाद प्राप्त होता है| जैसा कि आप सभी लोग जानते ही है कि हिन्दू धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी भगवान Ja समर्पित किया गया है| जिसमे से रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित किया गया|

इस दिन के स्वामी सूर्य देव ही है| रविवार के दिन सूर्य देव की पूजा करने काफी शुभ माना जाता है| सूर्यदेव केवल इस ब्रह्माण्ड के कर्ता-धर्ता ही नहीं नवग्रहों के राजा भी है| इसलिए खासकर सूर्य देव की पूजा करने से जीवन में खुशियाँ ही खुशियाँ आती है| 

सूर्य देव कौन है – Wer ist Surya Dev?

सूर्य देव को नवग्रहों के राजा के रूप में जाना जाता है| सभी ग्रहों में सूर्य देव ही सबसे शक्तिशाली और इस धरती के कर्ता – धर्ता है| सूर्य देव के जन्म के बारे काफी सारी अलग – अलग कथाएँ प्रचलित है| सूर्य देव को अनेकों नाम से जाना जाता है| जैसे – रवि, दिनकर, दिवाकर, भानु, आदित्य ऐसे कई नामों से जाना जाता है|

आज हम सूर्य देव के आदित्य नाम की जन्म कहानी के बारे में प्रचलित कथा बताएँगे| पौराणिक कथाओं के अनुसार ब्रह्मा जी के दो पुत्र थे महर्षि मरिचि और महर्षि कश्यप| जिनका विवाह प्रजापति दक्ष की कन्याएं दीति और अदिति के साथ हुआ| दीति ने एक असुर को जन्म दिया और अदिति ने देवता को जन्म दिया, जो हमेशा एक – दुसरे से लड़ते रहते थे| 

इनको इस प्रकार लड़ते हुए देखकर माता अदिति को बहुत ही दुख होता था| इसलिए उन्होंने सूर्य भगवान की प्रार्थना की| उनकी प्रार्थना से प्रसन्न होकर सूर्य देव ने Es ist nicht einfach वरदान दिया| इसके कुछ ही समय के पश्चात अदिति को गर्भ धारण हुआ लेकिन इसके पश्चात भी अदिति ने कठोर व्रत Ja पालन ​​किया|

99pandit

100% KOSTENLOSES ANRUF ZUR TERMINVEREINBARUNG (MUHURAT)

99pandit

जिसकी वजह से उनके स्वास्थ्य पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता नज़र आ रहा था| इसके कारण महर्षि कश्यप को भी काफी चिंता होने लगी थी| Es ist nicht einfach अवस्था में इतना कठोर उपवास रखने से गर्भ में पल रहे बच्चे पर काफी बुरा असर पड़ेगा| 

Es ist nicht einfach है वो कोई साधारण बालक नहीं है| यह बालक स्वयं सूर्य का अंश है| इसलिए इसे कुछ भी नहीं होने वाला है| कुछ ही समय के पश्चात उनकी गर्भ से एक बड़े ही तेजस्वी बच्चे ने जन्म लिया, जो सभी देवताओं के Nein नायक बना और असुरों का संहार किया| माता अदिति के गर्भ से जन्म लेने के कारण इनका नाम भी आदित्य रखा गया| 

सूर्य देव के 12 नाम – 12 Namen von Surya Dev

पौराणिक समय से यही मान्यता रही है कि भगवान सूर्य देव को खुश करने किसी चढ़ावे या किसी बड़ी पूजा की आवश्यकता नहीं होती है| यही एकमात्र ऐसा देव है जो केवल उन्हें प्रणाम करने और जल अर्घ्य करने से ही प्रसन्न हो जाते है| कई सारी कथाओं में सूर्य देव को इस धरती को ऊर्जा प्रदान करने वाला माना गया है|

Sonnengott

यदि आपको आपके जीवन धन, सुख, समृद्धि और सम्पदा प्राप्त करनी है| तो प्रत्येक रविवार को सूर्य देव को जल चढाते Ja Mehr als 12 Monate का जप करने से आपको इन सब चीजों की प्राप्ति हो जाएगी| Mehr als 12 Monate Ich habe es nicht geschafft, es zu tun भक्तों की इच्छा को पूर्ण करते है| साथ जातक की कुंडली में भी सूर्य ग्रह की स्थिति भी शक्तिशाली होती है| 

सूर्य देव के 12 नाम निम्न है| जिनका प्रत्येक रविवार को जप करना चाहिए| 

  1. सूर्याय नमः |
  2. मित्राय नमः |
  3. ॐ रवये नमः |
  4. भानवे नमः |
  5. ॐ खगाय नमः |
  6. पूष्णे नमः |
  7. हिरण्यगर्भाय नमः |
  8. मारीचाय नमः |
  9. आदित्याय नमः |
  10. सावित्रे नमः |
  11. अर्काय नमः |
  12. भास्कराय नमः |

सूर्य ग्रह शांति पूजन में काम आने वाली संपूर्ण सामग्री 

Material माम्ता
रोली 10 Minuten
पीला सिंदूर 10 Minuten
पीला अष्टगंध चंदन 10 Minuten
लाल चन्दन 10 Minuten
सफ़ेद चन्दन 10 Minuten
लाल सिंदूर 10 Minuten
हल्दी (पिसी) 50 Minuten
हल्दी (समूची) 50 Minuten
सुपाड़ी (समूची बड़ी) 100 Minuten
Nelken 10 Minuten
Kardamom 10 Minuten
सर्वौषधि 1 डिब्बी
सप्तमृत्तिका 1 डिब्बी
सप्तधान्य 100 Minuten
पीली सरसों 50 Minuten
heiliger Faden 21 Stunde
इत्र बड़ी 1 शीशी
गरी का गोला (सूखा) 11 Stunde
पानी वाला नारियल 1 Stunde
जटादार सूखा नारियल 2 Stunde
अक्षत (चावल) 11 Sekunden
धूपबत्ती 2 पैकेट
रुई की बत्ती (गोल / लंबी) 1-1 पैकेट
देशी घी 1 Sekunden
Senföl 1 Sekunden
Kapoor 50 Minuten
कलावा 7 Stunde
चुनरी (लाल / पीली) 1/1 पीस
बताशा 500 Minuten
Die Farbe Rot 5 Minuten
पीला रंग 5 Minuten
काला रंग 5 Minuten
नारंगी रंग 5 Minuten
हरा रंग 5 Minuten
बैंगनी रंग 5 Minuten
अबीर गुलाल (लाल, पीला, हरा, गुलाबी) अलग-अलग 10-10 Gramm
बुक्का (अभ्रक) 10 Minuten
गंगाजल 1 शीशी
Rosenwasser 1 शीशी
rote Kleidung 5 Retweets und Antworten
पीला वस्त्र 5 Retweets und Antworten
सफेद वस्त्र 5 Retweets und Antworten
हरा वस्त्र 2 Retweets und Antworten
काला वस्त्र 2 Retweets und Antworten
नीला वस्त्र 2 Retweets und Antworten
बंदनवार (शुभ, लाभ) 2 Stunde
स्वास्तिक (स्टीकर वाला) 5 Stunde
धागा (सफ़ेद, लाल, काला) त्रिसूक्ति के लिए 1-1 पीस
झंडा हनुमान जी का 1 Stunde
चांदी का सिक्का 2 Stunde
कुश (पवित्री) 4 Stunde
लकड़ी की चौकी 7 Stunde
पाटा 8 Stunde
रुद्राक्ष की माला 1 Stunde
तुलसी की माला 1 Stunde
चन्दन की माला (सफ़ेद/लाल) 1 Stunde
स्फटिक की माला 1 Stunde
दोना (छोटा – बड़ा) 1-1 पीस
मिट्टी का कलश (बड़ा) 11 Stunde
मिट्टी का प्याला 21 Stunde
मिट्टी की दियाली 21 Stunde
ब्रह्मपूर्ण पात्र (अनाज से भरा पात्र आचार्य को देने हेतु) 1 Stunde
हवन कुण्ड 1 Stunde
माचिस 2 Stunde
आम की लकड़ी 5 Sekunden
नवग्रह समिधा 1 पैकेट
हवन सामग्री 2 Sekunden
Ja 500 Minuten
Gerste 500 Minuten
गुड़ 500 Minuten
Kamalgatta 100 Minuten
गुग्गुल 100 Minuten
धूप लकड़ी 100 Minuten
सुगंध बाला 50 Minuten
सुगंध कोकिला 50 Minuten
नागरमोथा 50 Minuten
जटामांसी 50 Minuten
अगर-तगर 100 Minuten
Indra Barley 50 Minuten
बेलगुदा 100 Minuten
सतावर 50 Minuten
गुर्च 50 Minuten
जावित्री 25 Minuten
भोजपत्र 1 पैकेट
कस्तूरी 1 डिब्बी
केसर 1 डिब्बी
खैर की लकड़ी 4 Stunde
काला उड़द 250 Minuten
मूंग दाल का पापड़ 1 पैकेट
Schatz 50 Minuten
पंचमेवा 200 Minuten
पंचरत्न व पंचधातु 1 डिब्बी
धोती (पीली/लाल) 1 Stunde
अगोंछा (पीला/लाल) 1 Stunde

सुहाग सामग्री – . पायल, इत्यादि ।

काली मटकी (नजर वाली हाँड़ी)

1 Monat

 

सूर्य देव की पूजा विधि

हमने आपको सूर्य ग्रह शांति की पूजा सामग्री के बारे में आपको सारी जानकारी बता दी गई है| अब हम इस आर्टिकल के माध्यम से सूर्य देव को प्रसन्न करने व उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने Ja उनकी पूजा के सही विधि के बारे में जानेंगे| Es ist nicht einfach प्रसन्न करने के लिए अधिक पूजा – पाठ की भी आवश्यकता नहीं है|

यदि आप अपने जीवन ग्रहों के प्रकोप से परेशान Ja, das ist es नवग्रह शांति की पूजा अवश्य करवानी चाहिए| इससे आपके जीवन में चल रही सभी प्रकार की समस्याएं दूर होंगी| नवग्रह शांति पूजा के लिए आप ऑनलाइन पंडित जी को 99Pandit की वेबसाइट बुक कर सकते है|

99pandit

100% KOSTENLOSES ANRUF ZUR TERMINVEREINBARUNG (MUHURAT)

99pandit

तो आइये जानते है सूर्य देव की पूजा विधि –

  • सूर्यदेव की पूजा करने के लिए सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि करें| इसके बाद भगवान सूर्य देव के दर्शन करते हुए घृणि सूर्याय नमः, इस मंत्र का जप करते – करते भगवान सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए| एक बात का ध्यान रखे कि जो जल सूर्य देव को चढ़ाना है| उसमे पहले ही लाल फूल व लाल रौली डाल दे|
  • भगवान सूर्य देव का पूजन करने के लिए तांबे की थाली और तांबे के ही लोटे का प्रबंध करके रखना चाहिए| पूजा में लाल चन्दन और लाल फूलों का भी उपयोग होगा और एक दीपक भी लेवें| 
  • पूजा की तैयारी के लिए तांबे के लोटे में जल भरकर थोडा – सा लाल लाल चन्दन का पाउडर और साथ ही Ja फूल लाए थे उन्हें भी डाले| इसके पश्चात दीपक के साथ ही लोटे को भी उसी तांबे की थाली में रख ले| 
  • इसके बाद सर्वप्रथम भगवान सूर्य देव के दर्शन करे| Es ist nicht einfach „ॐ सूर्याय नमः“ जप तब तक करते रहे जब तक की लोटे का जल समाप्त ना हो जाए| 
  • सूर्य देव को जल चढाते समय एक बात का ध्यान रखे कि जब आप सूर्य देव को जल चढा रहे हो तब आपकी Ja लोटे से निकलने वाली जल की धारा पर ही होनी चाहिए| इससे आपको जल की धारा में सूर्य का प्रतिबिम्ब एक छोटे बिंदु के रूप में दिखाई देगा| 
  • सूर्य देव को जल चढाते समय अपने हाथों को इतना ऊपर रखे कि जब आप जल चढ़ाए तो जल की धारा में Ja सूर्य देव का प्रतिबिम्ब दिखना चाहिए| तथा उसके पश्चात सूर्य देव को हाथ जोड़कर प्रणाम करें| 
  • प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर सूर्य देव के दर्शन करके उन्हें नमन करना चाहिए| ऐसा करने आपका पूरा दिन शुभ रहेगा और आपके सभी कारोबारों में वृद्धि होती है| इसके अलावा आपको सभी रोगों से मुक्ति मिलती है| उगते हुए सूरज को नमन करने से हमारे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है| 

सूर्य देव की पूजा से होने वाले लाभ 

भगवान सूर्य देव की पूजा करने के अनेकों लाभ है| आज हम इस आर्टिकल की मदद से आपको चार ऐसे Das ist nicht alles, was ich meine से मिलता है| यह लाभ अपने जीवन में सभी व्यक्तियों को चाहिए| तो आइये जानते है, वो कौन से लाभ है जो सूर्य देव की पूजा करने से मिलते है| 

आत्मविश्वास बढ़ता है – 

जब व्यक्ति भगवान सूर्य देव की पूजा करना प्रारंभ करता है तो उसके व्यक्तित्व में पूर्ण रूप से अलग ही बदलाव आ जाता है| हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार सूर्य देव की पूजा करने और उन्हें नियमित जल चढाने से वे प्रसन्न होते है|

Sonnengott

इससे व्यक्ति के आत्मविश्वास में अत्यधिक वृद्धि होती है| ऐसा माना जाता है कि सूर्य ग्रह आत्मा का कारक है| इसलिए व्यक्ति की कुंडली में इसका प्रभाव उच्च होने पर व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है|

पैतृक संपत्ति में मिलता है लाभ 

ऐसा कहा जाता है कि सूर्य देव को नौग्रहों में पिता के रूप में जाना जाता है| इसलिए सूर्य देव की पूजा करने से पैतृक संपति में लाभ और पिता का सुख भी प्राप्त होता है| इसका लाभ पाने के लिए आपको प्रत्येक रविवार के दिन आपको सूर्य देव को जल चढ़कर आशीर्वाद लेना Nein और इसके बाद आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ नियमित रूप से पूर्ण विधि से करना होगा|

सरकारी नौकरी में सफलता 

बहुत सारे विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी करते है| Es ist nicht einfach इसके लिए आपको भगवान सूर्य देव की पूजा करके Nein प्रसन्न करना होगा| किसी परीक्षा, नौकरी या अपने कारोबार में सफलता पाने के लिए आपको सूर्य देव की विधिवत पूजा करनी होगी| Ich habe es nicht geschafft बलवान होगी| तब ही आप किसी भी क्षेत्र में सफल हो पाएंगे| 

स्वास्थ्य बेहतर रहेगा 

सुबह जल्दी ब्रह्म मुहूर्त में जागने पर हमारा स्वास्थ्य अच्छा रहता है| उगते हुए सूरज को नमस्कार करना चाहिए| जब उगते हुए सूरज की किरणे हमारे शरीर पर पड़ती है| तो यह हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छी रहती है|

जिससे व्यक्ति के जीवन में सुख – समृद्धि का संचार होता है| जिन व्यक्तियों के ऊपर सूर्य ग्रह की महादशा चल रही है| उन्हें प्रतिदिन ही सूर्योदय से पहले उठकर सूर्य देव को प्रणाम करके उनका आशीर्वाद लेना चाहिए| 

Fazit

आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से सूर्य देव की पूजा के बारें में काफी बाते जानी है| आज हमने सूर्य देव की के फ़ायदों के बारे में भी जाना| इसके अलावा हमने आपको सूर्य देव की पूजा से जुडी काफी बातों के बारे में बताया है|

हम उम्मीद करते है कि हमारे द्वारा बताई गयी जानकारी से आपको कोई ना कोई मदद मिली होगी| इसके अलावा भी अगर आप किसी और पूजा के बारे में जानकारी लेना चाहते है। तो आप हमारी वेबसाइट 99Pandit पर जाकर सभी तरह की पूजा या त्योहारों के बारे में सम्पूर्ण जानकारी ले सकते है।

इसके अलावा भी अगर आपको सूर्य ग्रह शांति पूजा या नवग्रह शांति हवन या अनुष्ठान या तीनो ही चीज़े करवानी है| वो भी आपकी अपनी भाषा है| तो परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है| Ja 99Pandit लाया है, आपके लिए ऑनलाइन पंडित जी को बुक करने की सेवा| जो आपको किसी भी शहर में आपके लिए उचित पंडित तलाश करने का काम आसान कर देंगे|

Oft gestellte Frage

Q.Was hast du getan?

A.इनकी कृपा आपके जीवन में सुख – समृद्धि, यश और वैभव की प्राप्ति होगी|

Q.Was hast du getan?

A.सूर्य देव को जल चढाने से भक्त के जीवन के सभी दुःख व तकलीफे दूर होती है|

Q.Was hast du getan?

A.हिन्दू धर्म के अनुसार सूर्य देव को तीन बार जल चढाने की परंपरा है| 

Q.Was hast du getan?

A.सूर्य देव को गुडहल का फूल अधिक प्रिय है|

Inhaltsverzeichnis

Jetzt anfragen

Puja-Dienste

..
Filter