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Ganesh Chaturthi 2026: यहाँ जाने गणेश चतुर्थी का मुहूर्त, पूजा की विधि एवं विसर्जन के बारे में

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Bhumika Geschrieben von: Bhumika
Zuletzt aktualisiert am:28. Januar 2026
September 2026
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September 2026 (Ganesh Chaturthi 2026). सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। गणेश चतुर्थी को विनायक चतुर्थी व गणेश उत्सव के नाम से भी जाना जाता है।

हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पावन उत्सव मनाया जाता है। इस वर्ष गणेश चतुर्थी 14. September 2026 की है। इस दिन सोमवार है।

September 2026

Hindu Panchang व Drik Panchang के अनुसार गणेश चतुर्थी की शुभ तिथि Nein 14. September 2026 को 07.06.06 से शुरू हो जाएगी और 15. September 2026 को सुबह 07 Min. 44 Min तक समाप्त हो जाएगी।

गणेश जी को ज्ञान, बुद्धि और सौभाग्य का देवता कहा जाता है। गणेश चतुर्थी का यह त्योहार पूरे 11 दिनों तक चलता है।

10 Tage vor dem Ende der Woche जाता है। और उनकी अच्छे से सेवा – पूजा की जाती है और 11 वे दिन गणेश जी को जुलूस के साथ ले जाकर विसर्जन Ja जाता है।

शास्त्रों में भगवान गणेश को प्रथम देवता बताया गया है। हिन्दू शास्त्रों में बताया गया है कि किसी कार्य की शुरुआत करने से पहले गणेश जी की पूजा करने से भक्त को विशेष लाभ होता है।

यदि आपको को किसी भी पूजा के लिए पंडित की तलाश Ich habe es nicht geschafft, es zu tun Ja तलाश को यही ख़त्म कर रहे है।

99Pandit एक ऐसा सर्वश्रेष्ठ प्लेटफार्म है जो आपको हर तरह की पूजा के लिए तथा अलग – अलग भाषा में अनुभवी पंडित प्रदान करेंगा।

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Das Jahr 2026 ist noch nicht abgeschlossen 

गणेश चतुर्थी की तिथि कभी एक समान नहीं होती है। हर वर्ष गणेश चतुर्थी की तिथि अलग – अलग होती है। 14. September 2026 की है। इस दिन सोमवार है।

हिन्दू धर्म के पंचांग के अनुसार गणेश September 2026, die letzte Woche 14. September 2026, 07. September 06 Minuten से शुरू हो जाएगी और 15. September 2026, 07. September 44 Minuten तक समाप्त हो जाएगी।

इसके अलावा यदि हम बात करें कि इस वर्ष में Das Jahr 2026 ist noch nicht abgeschlossen September 2026 में गणेश जी के पूजन के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 11 Min. 20 Min से Mai 01, 48 Minuten तक रहेगा।

  • Mai 2026 – Mittwoch, 25. September 2026
  • वर्जित चन्द्रदर्शन का समय – 09:06 Uhr bis 08:41 Uhr

अगर आप बताये हुए मुहूर्त में ही गणेश जी की स्थापना करके गणेश जी का पूजन इत्यादि करते है तो गणेश जी आपकी सभी दुःख व तकलीफों को दूर करेंगे व गणेश जी की कृपा हमेशा आप पर बनी रहेगी।

अन्य शहरों में गणेश चतुर्थी मुहूर्त –

Pune – 11:16 und 01:44 Uhr Chandigarh – 11:04 und 01:33 Uhr
Neu-Delhi – 11:02 Uhr bis 01:31 Uhr Kalkutta – 10:18 und 12:46 Uhr
Chennai – 10:51 und 01:18 Uhr Mumbai – 11:20 und 01:48 Uhr
Jaipur – 11:08 und 01:36 Uhr Bangalore – 11:02 Uhr bis 01:28 Uhr
Hyderabad – 10:58 Uhr bis 01:25 Uhr Ahmedabad – 11:21 und 01:49 Uhr
Gurugram – 11:03 und 01:31 Uhr Noida – 11:02 und 01:30 Uhr

 

Was ist das Jahr 2026?

Ganesh Chaturthi हिन्दुओ का प्रमुख त्यौहार है। यह दिवसीय त्यौहार है जो गणेश जी जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है| गणेश जी को बुद्धि के दाता के रूप में भी जाना जाता है।

beliebig समारोह, अनुष्ठान या पूजा की शुरुआत करने से पूर्व गणेश जी की पूजा की जाती है क्योंकि शास्त्रों में गणेश जी को प्रथम देवता बताया गया है।

Gott गणेश जी को 108 भिन्न – भिन्न नामों से जाना जाता है किन्तु उनका सबसे प्रिय नाम गणपति और विनायक है।

गणेश चतुर्थी पूजन की शुरुआत एक महीने पहले से ही शुरू कर दी जाती है। यह उत्सव लगभग दस दिनों तक चलता है। जिसमे एक मिट्टी की गणेश जी की मूर्ति को घर लाया जाता है।

घर को फूलों से सजाया जाता है। भक्त बड़ी संख्या में मंदिरों में दर्शन किये जाते है। जिन घरों में मूर्ति स्थापित की है वहां पर पंडाल तैयार किया जाता है और भगवान गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए भजन व कीर्तन किये जातें है।

गणेश चतुर्थी के समारोह के अंतिम दिन गणेश को जब विसर्जन के लिए लेकर जाया जाता है। तब सभी लोग उन्ही के साथ नाचते – गाते हुए चलते Ich habe es nicht geschafft है|

पुरे भारत देश में इस दिन हर जगहों पर भक्तों की भारी संख्या के साथ युवाओं के द्वारा जुलुस निकाला जाता है। अंत में भगवान गणेश को नदी या समुंद्र में विसर्जित कर दिया जाता है।

लोग बहुत खुशी व उत्साह के साथ जुलुस में शामिल होते है और भगवान से अपने सभी कष्टों को दूर करने के लिए प्रार्थना करते है। इस दिन भक्त बड़ी संख्या में अपनी खुशी और भगवान के प्रति अपनी आस्था को प्रकट करते हैं।

2026. September 2025

  • गणेश चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके भगवान गणेश जी का ध्यान करना चाहिए और व्रत का संकल्प कीजिए।
  • इसके पश्चात गणेश जी की मूर्ति को किसी लाल रंग के कपड़े पर रखिये।
  • फिर गंगाजल का छिडकाव करते समय गणेश जी से प्रार्थना करें।
  • एक पान के पत्ते पर सिंदूर में थोडा – सा घी मिलाकर स्वास्तिक का चिन्ह बनाए तथा इनके बीच में कलावा से पूर्ण रूप से लिपटी सुपारी चढ़ाए।
  • भगवान गणेशजी महाराज को फुल, सिंदूर और जनेऊ चढ़ाए।
  • इसके पश्चात गणेश जी को प्रसाद चढ़ाएँ। गणेश जी को उनके प्रिय मोदक का भोग लगाए।
  • मंत्रों का उच्चारण करके गणेश जी की पूजा करें।
  • गणेश जी की व्रत कथा सुनें और गणेश चालीसा का पाठ करें।
  • रात को चंद्रमा को देखने से पूर्व ही गणेशजी की पूजा करले।
  • पूजा सम्पूर्ण होने के बाद सभी को प्रसाद बांटे।
  • उसके पश्चात चंद्रमा को देखकर ही अपना व्रत खोलें और भोजन ग्रहण करें।

गणपति जी स्थापना के समय ध्यान देने योग्य Ja

  • गणेश चतुर्थी के दिन गणेश जी का पूजन करने हेतु गणेश जी की मूर्ति का होना आवश्यक है तो इस दिन गणेश जी की नयी मूर्ति खरीद कर लाये। इस बात का मुख्य रूप से ध्यान रखें कि आप जो भी मूर्ति ला रहे हैं, उनकी सूंड दाईं ओर हो।
  • इस दिन गणेश पूजन गणेश जी की मूर्ति से ही होता Ich habe es nicht geschafft Ja लाने में सक्षम नहीं है तो सुपारी को गणेश जी के स्थान पर विराजमान कर सकते है। Es ist nicht einfach रूप माना गया है इसलिए गणेश जी की पूजा में Ja निश्चित रूप से चढाई जाती है।

September 2026

  • जब आप गणेश जी को घर लेकर आये तो शंख बजाकर उनका घर में आगमन करे व पुरे घर में गंगाजल का छिडकाव करेंगे जिससे घर की शुद्धि हो जाएं। इसके पश्चात गणेश जी को विराजमान करने के लिए एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएँ। फिर दूर्वा और पान के पत्ते को गंगाजल में डालकर गणेशजी को स्नान करवाएं।
  • गणेश जी को स्नान करवाने के पश्चात उन्हें पीले रंग के कपड़े पहनाए और कुमकुम व अक्षत से Ja लगाए। यह सब कार्य पूर्ण कर लेने पश्चात गणेश जी का ध्यान करके ॐ गं गणपतये नमः 21. Dezember 2019
  • पूजा करते समय गणेश जी की मूर्ति के पास एक तांबे के कलश में जल भरके रखे। कलश के नीचे थोड़े चावल भी रखिये। तांबे के कलश पर लाल रंग की मौली बांधें। इससे घर में सुख-समृद्धि का हमेशा विकास होगा।

इस तरह से गणेश जी की पूजा को विधिवत रूप से पूर्ण करने पर उनका आशीर्वाद मिलता है और गणेश Ja जिन्हें विघ्नहर्ता भी कहा जाता है, आपके सभी कष्टों को हर लेते है।

September 2026

Das Jahr 2026 ist noch nicht abgeschlossen मनाया जाता है और सभी जगहों पर अलग – अलग तरीके Ja जाता है लेकिन सबका सार एक ही होता है जो है लोगों को अपने त्योहारों के बारे उत्साहित और Nein करना।

गणेश चतुर्थी के दिन गणेश जी की मूर्ति को घरों में या अलग से पंडाल बनाकर विराजमान किया जाता है। यह पूरा त्यौहार 10 Tage तक होता है।

इन दस दिनों में गणेश जी की पूजा की जाती है व भजन, कीर्तन किये जाते है। इन सब से पश्चात 11 वे दिन Es ist nicht einfach प्रक्रिया को गणेश विसर्जन भी कहते है।

जिस दिन भक्तों के द्वारा गणेश जी का विसर्जन किया जाता है। उस दिन को अनंत चतुर्दशी कहते है। इन दस दिनों तक गणेश जी की अच्छे से सेवा पूजा की जाती है और गणेश जी को उनके पसंदीदा भोजन Nicht wahr बेसन के लड्डुओं का भोग लगाया जाता है। उसके पश्चात प्रसाद को भक्तों में बाँट दिया जाता है।

गणेश चतुर्थी का महत्व

भगवान गणेश जी को बुद्धि का देवता माना जाता है। जो भी इनकी कृपा दृष्टि में होता है उसकी बुद्धि हमेशा उच्च रहती है तथा हर क्षेत्र में वह उन्नति करता है।

गणेश जी महाराज मनुष्य की बुद्धि को स्थिर रखने का कार्य करते है। इसलिए जो भी गणेश चतुर्थी के समय गणेश जी की पूजा करते है तो गणेश जी हमें सद्बुद्धि प्रदान करते है।

भगवान गणेश जी ही वे शख्स हैं जिन्होंने महाभारत लिखी। महर्षि वेद व्यास ने लगातार बोलकर गणेश जी के द्वारा यह कथा लिखवाई थी।

गणेश जी ने यह कथा लिखने के लिए एक शर्त रखी थी वो यह थी कि जब तक वे लगातार बोलते रहेंगे तब ही गणेश जी लिखेंगे।

यदि किसी कारणवश महर्षि बीच में रुक जाते हैं तो गणेश जी भी उसी क्षण लिखना बंद कर देंगे। यह एक तरह से महर्षि वेद व्यास जी की भी परीक्षा थी कि वे जो लिखवा रहे है वो उनके अस्तित्व से जुड़ा हुआ या वे अपनी बुद्धि से ही कोई रचना कर रहे है।

लेकिन वेद व्यास जी बीच में बिलकुल भी नहीं रुके और ना ही गणेश जी बीच में रुके। इस तरह से कई महीनों तक वेद व्यास जो बोलते रहे और गणेश जी भी लिखते रहे। गणेश जी मनुष्य बुद्धि के ही प्रतीक है|

आपकी बुद्धिमानी का यही स्वभाव है कि आप अपनी बुद्धिमानी का उपयोग जागरूकता पूर्वक कल्पनाए करने में सही तरीके से करते है।

उनको विसर्जन करना इसी बात का प्रतीक है कि अगर आप अपनी बुद्धि का सही तरीके से इस्तेमाल करे तो हम अपने ज्ञान से इस संसार को विसर्जित कर सकते है।

और जब आप अपनी कल्पना के माध्यम से संसार को जीत लोगे तो अपनी कल्पना शक्ति को काबू कर लेना Nein बड़ी समस्या नहीं होगी।

गणेश चतुर्थी का इतिहास

यह गणेश चतुर्थी का त्योहार गणेश जी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। गणेश जी के जन्म के बारे में काफी अलग – अलग कहानियां और तथ्य है लेकिन हम आज सबसे ज्यादा प्रचलित तथ्य के बारे में बात करेंगे।

गणेश जी भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र है लेकिन गणेश जी की निर्माता माँ पार्वती है। माना यह जाता है कि माता पार्वती ने अपने मेल से गणेश जी का निर्माण किया था।

September 2026

एक दिन जब वे स्नान करने गयी तो गणेश जी से बोलकर गई कि किसी को भी अंदर नहीं आने दे। उसी समय वहां महादेव आ गए।

गणेश जी ने उन्हें अंदर जाने से रोका। सभी लोगों के समझाने पर भी गणेश जी नहीं माने तो महादेव ने क्रोध में आकर अपने त्रिशूल से उनका शीश काट दिया।

जैसे ही यह समाचार माँ पार्वती को ज्ञात हुआ तो माता पार्वती भी काफी ज्यादा क्रोधित हो गयी और माँ काली का रूप धारण कर लिया उनके इस क्रोध को देख कर सभी भयभीत हो गये।

तब महादेव ने गणेश जी को पुनः जीवित करने का वचन दिया और एक हाथी के सिर के साथ उनका धड़ जोड़ दिया। तभी से गणेश जी का नाम गजानन भी रखा गया। इसी वजह से इस दिन गणेश चतुर्थी का पावन त्यौहार मनाया जाता है।

Fazit

जैसा की आप सभी जानते है कि September 2026 आने वाली है तो गणेश जी की पूजा के लिए अनुभवी पंडित चाहिए ही सही जो अपने पूजा के तरीके से Nein भक्ति का सर्वोत्तम अनुभव प्रदान कर सकें।

इसके अलावा अगर आप किसी और पूजा के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं। तो आप हमारी वेबसाइट पर जाकर सभी तरह की पूजा या त्योहारों के बारे में सम्पूर्ण ज्ञान ले Ja है।

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आप हमे कॉल करके भी पंडित जी को किसी की कार्य के बुक कर सकते है जो कि वेबसाइट पर दिए गए है Ja चाहे आप किसी भी राज्य से हो। Ich habe es nicht geschafft जोड़ेंगे।

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