प्रतीक चिन्ह 0%
गृह प्रवेश पूजा ऑनलाइन बुक करें गृह प्रवेश पूजा ऑनलाइन बुक करें अभी बुक करें
दिवाली 2025
इस लेख का सारांश इस प्रकार है - ChatGPT विकलता मिथुन राशि क्लाउड Grok

Diwali 2025: जाने दीपावली की शुभ तिथि, मुहूर्त और पूजा का महत्व

99Pandit Ji
अंतिम अद्यतन:अक्टूबर 15

दिवाली 2025 तिथि: हमारे इस भारत में कई संप्रदाय के लोग रहते हैं| आज हम हिंदू धर्म के त्योहार के बारे में बात करेंगे| ऐसे तो हिंदू धर्म में सभी त्यौहार आते हैं|

दीपावली 2025 का त्यौहार हिन्दू धर्म के साथ साथ सम्पूर्ण भारत देश में बहुत ही हर्षोल्लास व खुशहाली के साथ मनाया जाता है| दीपावली को कई लोग दीवाली के नाम से भी जानते होंगे|

दिवाली का त्यौहार हिन्दुओं में नए साल के समान ही मनाया जाता है| दीपावली 2025 का त्यौहार धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो भी हिन्दू धर्म के लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है| इस दिन सभी अपने घरों में दीपक जलाते है|

दीपावली 2024

दीपावली 2025 (दिवाली 2025) का त्यौहार बड़े – बड़े शहरों से लेकर छोटे – छोटे गाँवों में भी मनाया जाता है| इस दिन गाँवों में अपने घर के लिए भी कई सारी साड़ी मिलती है|

जब गांव के हर घर में दीपक जलता है| तो उन सारे दीपकों की रोशनी से पूरा गाँव ही जगमगा जाता है|

दीपावली के दिन भगवान श्री राम ने अपना वनवास समाप्त कर रावण का वध करके अपनी अयोध्या नगरी में वापस चले गए थे|

इसलिए इस दिन संपूर्ण भारत और सनातन धर्म में दीपावली (दीवाली) के रूप में मनाया जाता है| प्रकाश व प्रकाश का त्यौहार भी कहा जाता है|

इस दिन को बुराई के रूप में भी मनाया जाता है दिवाली 2025 का त्यौहार धनतेरस के दिन से प्रारम्भ होता है और भाई दूज का दिन ख़त्म हो जाता है|

हिंदू धर्म के पंचांग के अनुसार दीपावली का यह त्योहार हर साल कार्तिक मास के 15वें दिन में मनाया जाता है| इस वर्ष दीपावली का यह पवित्र त्यौहार 20 अक्टूबर 2025 को मनाया जायेगा|

शुभ तिथि व त्योहार - दिवाली 2025 शुभ तिथि और समय

तारीख  समय
दिवाली 2025 तिथि 20 सेकंड 2025
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 07:18 PM से लेकर 08:25 PM तक
प्रदोष काल 05:54 PM से लेकर 08:25 PM तक
वृषभ काल 07:18 PM से लेकर 09:15 PM तक
अमावस्या तिथि का आरंभ 20 अक्टूबर 2025, शाम – 03:44 से
अमावस्या तिथि समाप्त 21 अक्टूबर 2025, शाम – 05:54 बजे तक

दीपावली के साथ अन्य भी कई सारे त्यौहार भी आते है जैसे – दीपदान, धनतेरस, गोवर्धन पूजा, तथा भाई दूज| यह त्यौहार पुरे सप्ताह चलने वाला सुप्रसिद्ध त्यौहार है|

दीपावली का त्यौहार क्यों मनाया जाता है – Why is the Festival of Diwali Celebrated ?

यह त्यौहार कार्तिक मास के 15वें दिन दुर्भाग्यशाली को मनाया जाता है| अगर हम बात करें कि इस दीपावली का त्योहार क्यों मनाया जाता है तो उसके लिए कई कहानियां प्रचलित हैं| लेकिन जिस कथा के बारे में लोग भगवान श्री राम के बारे में जानते हैं १२ साल के वनवास के लौटने की कथा है|

🕉️ दिवाली ऑनलाइन सामूहिक पूजा (ई-पूजा)

जल्दी करें!! कुछ ही स्लॉट बचे हैं

इस दिवाली देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश का आह्वान करें और उनसे अपने जीवन को समृद्ध, खुशहाल और धन से परिपूर्ण बनाने का आशीर्वाद मांगें।

अब भाग लें

ऑनलाइन दिवाली समूह पूजा

इसके अलावा भी और कथाए है| जिनके बारे में आपको पता नहीं है और हम आज इस लेख के माध्यम से आपको उन सभी कथाओं से अवगत करवाएँगे| जिनके बारे में आपको पता नहीं है –

राम जी का पुन: आगमन

वाल्मीकि जी के द्वारा लिखी गई रामायण ने बताया है कि जब भगवान श्री राम रावण का वध करने व अपनी पत्नी सीता को बचाकर अपने भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे| उस दिन पुरे नगर के सभी घरों में दीपक जल रहे थे|

ऐसा माना जाता है कि उस दिन अयोध्या नगरी के दीयों से जगमगा निकला था| भगवान श्री राम के वनवास पूर्ण होने पर ही मनाया जाता है यह त्यौहार|

इस दिन हर गांव में दीपक जलाए गए थे| तब से ही ब्लैकआउट पर विजय का पर्व भी माना जाता है| 

भगवान श्री कृष्ण के द्वारा नरकासुर का अंत  

माना जाता है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा की सहायता से राक्षस हेलासुर का अंत किया था| इस असुर को किसी महिला के हाथ ही देर का श्राप मिला था|

उस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि थी| हेलासुर के आतंक से मुक्ति की खुशी में वहां के लोगों ने दीपोत्सव मनाया था| अगले दिन दीपावली का त्यौहार मनाया गया|

पांडवों की घर वापसी  

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भगवान श्री राम के ही पांडवो को भी अज्ञातवास के कारण अपना राज्य सौंपा गया था|

उनकी पुनः वापसी घर पुरी हस्तिनापुर में दीपो द्वारा की गई थी| तब से ही दीवाली की शुरुआत हुई|

माँ लक्ष्मी का अवतार

इस त्यौहार से जुड़ी एक कथा यह भी है कि समुद्र तट के समय माता लक्ष्मी ने पृथ्वी पर अवतार लिया था|

माता लक्ष्मी जी को धन और ऐश्वर्य प्रदान करने वाली देवी के रूप में भी जाना जाता है| इसी वजह से हर घर में दीपक जलने के साथ-साथ माता लक्ष्मी पूजा की जाती है|

माँ काली का रौद्र रूप

एक कथा के अनुसार माता पार्वती ने किसी असुर का वध करने के लिए जब महाकाली को रूप धारण किया तो उनके वध के बाद भी माता पार्वती का क्रोध शांत नहीं हो रहा था|

तब माता पार्वती के क्रोध को शांत करने के लिए भगवान शिव माता पार्वती के चरण में आ गए थे| उस समय भगवान शिव के स्पर्श से ही पार्वती माँ का क्रोध शांत हो गया था|

इसी कारण से दीपावली के दिन उनके शांत रूप माता लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है| इसके अलावा इस दिन रात को माता काली की पूजा का भी विधान माना गया है|

दिवाली पूजन की सामग्री सूची – Diwali Pujan Samagri List

वस्तु मात्रा
रोली 1 पैकेट
कलावा (मौली)  2 नग
सिंदूर 1 पैकेट
लोंग 1 पैकेट
प्रतीक 1 पैकेट
सुपारी  4 नग
जनेऊ 4 नग
एक 1 शीशी
इत्र 1 शीशी
गंगाजल 1 शीशी
पानी वाला नारियल 1 नग
पीला कपड़ा 2 मिनट
धूपबत्ती 1 पैकेट
रुई बत्ती लंबी वाली 1 पैकेट
रुई बत्ती गोल बत्ती 1 पैकेट
चोट 500 मिनट
सरसो का तेल 500 मिनट
दियाली 1 नग
सकोरा 10 नग
कमल बीज 11 नग
पंचमेवा 200 मिनट
धान की खील 200 मिनट
धान का चूरा 200 मिनट
खील खिलोने 200 मिनट
लक्ष्मी गणेश प्रतिमा -
लक्ष्मी यंत्र 1 नग
भगवान के वस्त्र एवं आसान -
पंचामृत की व्यवस्था पहले से निर्माण करे -
माचिस 1 नग
कूपर 1 पैकेट
फल (अनार सरीफा विशेष एवं अन्य फल) -
मिष्ठान आवश्यकतानुसार
फूल माला -
फूल खुले 20 रु
पान पते 5 नग
कमलो आवश्यकतानुसार जो वर्षभर  प्रयोग कर सके
नौवीं (कॉपी एवं किताब आवश्यकतानुसार) -

 

कुबेर की पोटली के लिए सामग्री

वस्तु मात्रा
माचिस 1 पैकेट
गोमती चक्र 5 नग
कोढ़ी 11 नग
खड़ी धनिया 50 मिनट
सुपाड़ी 11 नग
कमल बीज 11 नग
सांझ का 11 नग
चांदी अथवा स्वर्ण सिक्का 3 नग
पोटली 1 नग

 

दीपावली पूजन का मंत्र – Deepawali Pujan Mantra

माता लक्ष्मी जी का आह्वान करें| माँ लक्ष्मी को धन देवी भी कहा जाता है| जो भी दीपावली के दिन माता लक्ष्मी की सच्ची श्रद्धा से प्रार्थना करता है|

उन्हें उनकी कृपा अवश्य प्राप्त होती है| उनका कोटेशन अनुरोध प्राप्त करने के लिए आप इस निम्न मंत्र का जाप कर सकते हैं -

|| ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः॥ ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये मुझ पर दया करें दया करें ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मी 

इस मंत्र का दीपावली के दिन 108 बार जप करने से माता लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है| 

दीपावली 2025 की पूजन विधि – Deepawali Pujan Vidhi

  • इस दिन भगवान गणेश जी और माता लक्ष्मी जी का पूजन किया जाता है| इसके लिए आपको सबसे पहले जिस भी जगह आप पूजा कर रहे हो, उस स्थान को अच्छे से साफ़ कर ले| इसके पश्चात एक चौकी ले और उसपर लाल या पीले रंग का कपडा बिछा दीजिये|
  • इसके पश्चात भगवान गणेश जी और माता लक्ष्मी जी की मूर्तियों को चौकी पर स्थापित किया जाता है| अगर आप मूर्ति लाने में असमर्थ है| याद रखे कि माता लक्ष्मी जी मूर्ति को गणेश जी मूर्ति के दाहिनी ओर ही रखें|

दीपावली 2024

  • पूजा के समय इनके साथ भगवान कुबेर, सरस्वती माता और कलश की भी स्थापना अवश्य करें| 
  • दीपावली की पूजा करने से पहले चौकी पर और पूजा के स्थान पर गंगाजल अवश्य छिडके| इसके पश्चात अपने हाथ में पीले या लाल रंग के फूल रखे|
  • अब पूजा की शुरुआत करते हुए सबसे पहले भगवान गणेश जी का पूजन कीजिए| और उन्हें प्रसन्न करने के लिए मंत्रों का जाप करें| 
  • भगवान गणेश जी का पूजन करते समय निम्न मंत्र का जाप लगातार करते रहे – 'गजानन की सेवा भूतों, पृथ्वी यजमानों और अन्य लोगों द्वारा की जाती है, और वह कपित्थ और जम्बू जैसे सुंदर फल खाते हैं। मैं दु:ख के विनाशक, उमा के पुत्र विघ्नेश्वर के चरण कमलों को प्रणाम करता हूँ।
  • इसके पश्चात गणेश जी को तिलक लगाएं और उन्हें दूर्वा और मोदक का प्रसाद चढ़ाइए| 
  • भगवान गणेश जी के साथ ही माता लक्ष्मी जी का पूजन करें| सबसे पहले लक्ष्मी माता को लाल सिंदूर का तिलक लगाए और माता लक्ष्मी से सम्बंधित श्री सूक्त मंत्र का निश्चित रूप से जाप करें|
  • दिवाली के दिन भगवान गणेश जी और माता लक्ष्मी जी का पूजन करने के पश्चात मध्य रात्रि में काली माता की पूजा यानी काली पूजा करने का विधान माना गया है| 
  • इसके पश्चात गणेश जी और माता लक्ष्मी जी आरती करे और उन्हें भोग चढ़ाए| तथा आरती होने के बाद भोग को प्रसाद के रूप में सभी लोगों में बाँट दीजिये| 

दीपावली पूजन के लाभ – Benefits of Deepawali Pujan

  • इस त्यौहार के दिन छोटे और बड़े दोनों व्यापारियों के लिए ख़ास कमाई के लिए होता है|
  • दीपावली का यह पावन त्यौहार आपसी रिश्तों में मिठास लाता है|
  • इस दिन सभी प्रकार के व्यापार में बहुत ज्यादा फायदा होता है| क्योंकि इस दिन सभी अपने – अपने घरों के लिए नये – नये सम्मान लेते है| जैसे – कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सम्मान, मिठाइयाँ आदि|
  • दिवाली के दिन सफाई का बहुत ही बड़ा महत्व है| इस दिन घर के आस – पास का परिवेश और वातावरण बहुत ही शुद्ध रहता है क्योंकि सभी अपने घर की साफ़- सफाई का आचे से ध्यान रखते है| इससे हमारे स्वास्थ्य में भी बहुत ही बड़ा लाभ मिलता है| इस दिन सभी अपने – अपने घर को नये रंग रंगते है|
  • इसके अलावा भी कुटीर उद्योगों को भी इस दिन व्यापार में बहुत फायदा होता है|

दिन के समय ध्यान देने योग्य बातें   

दिवाली 2025 की पूजा के दौरान हमें निम्न बातो का पता होना चाहिए जैसे की –

  • दीपावली पूजन के समय अपना ध्यान केवल भगवान की सच्चे मन की गयी पूजा उपासना में होना चाहिए तथा जब आप पूजा कर रहे हो तब हल्की से मुस्कान अपने मुख पर रखे|
  • दीपावली पूजन के दौरान लक्ष्मी पूजन के बाद एकाक्षी नारियल का पूजन करना आपके लिए शुभ होता है, पूजन के बाद इस नारियल को पीले वस्त्र में लपेटकर पूजा स्थल पर रख दें|
  • दीपावली पूजन के बाद हर कमरे में  शंख बजाना चाहिए जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह घर की चारो दिशाओ में होता है|
  • अगर पूजन के दौरान किसी प्रकार की पूजन सम्बन्धित कोई त्रुटि हो जाये तो क्रोधित बिलकुल न होये| ऐसा न करके आप त्रुटि होने पर भगवान से क्षमा – याचना कर सकते है| इससे भगवान आपको क्षमा कर देते है|

दीपावली पूजा का महत्व – Importance of Deepawali Puja

नए साल का त्योहार भी इसी तरह मनाया जाता है| दीपावली का त्योहार धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो इसे भी हिंदू धर्म के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है

इस दिन सभी अपने घरों में दीपक जलाते है| दीपावली का त्यौहार बड़े – बड़े शहरों से लेकर छोटे – छोटे गाँवों में भी मनाया जाता है| इस दिन गाँवों में अपने पालतू जानवरों के लिए भी कई सारी वस्तुएं खरीदी जाती है|

दीपावली 2024

दिवाली के दिन जब गाँव के प्रत्येक घरों में दीपक जलते है| तो उस सारे दीपों की रोशनी से पूरा गांव ही जगमगा जाता है| दिवाली का त्यौहार धनतेरस के दिन प्रारम्भ होता है और भाई दूज के दिन समाप्त हो जाता है|

हिन्दू धर्म के पंचांग के अनुसार दीपावली 2025 का यह पावन त्यौहार प्रत्येक वर्ष में कार्तिक मास के 15वें दिन दुर्भाग्यशाली को मनाया जाता है|

प्रकाश व प्रकाश का त्यौहार भी कहा जाता है| इस दिन को बुराई के रूप में भी मनाया जाता है

अनुमान 

आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से दीपावली 2025 के बारें में काफी बाते जानी है| आज हमने दीपावली 2025 (Deepawali 2025) पूजन के फ़ायदों के बारे में भी जाना| हम उम्मीद करते है कि हमारे द्वारा बताई गयी जानकारी से आपको कोई ना कोई मदद मिली होगी|

इसके अलावा भी अगर आप किसी और पूजा के बारे में जानकारी लेना चाहते है। तो आप हमारी वेबसाइट 99पंडित पर जाकर सभी तरह की पूजा या त्योहारों के बारे में सम्पूर्ण जानकारी ले सकते है|

यदि आप दीपावली पूजन हेतु  पंडित जी की तलाश कर रहे है तो आपको बता दे की 99पंडित पंडित बुकिंग की सर्वश्रेष्ठ सेवा है जहाँ आप घर बैठे मुहूर्त के हिसाब से अपना पंडित ऑनलाइन आसानी से बुक कर सकते हो|

यहाँ  बुकिंग प्रक्रिया बहुत ही आसान है| बस आपको “पंडित बुक करें” विकल्प का चुनाव करना होगा और अपनी सामान्य जानकारी जैसे कि अपना नाम, मेल, पूजन स्थान , समय,और पूजा का चयन के माध्यम से आप आपना पंडित बुक कर सकेंगे|

99पंडित

तिथि (मुहूर्त) तय करने के लिए 100% निःशुल्क कॉल

99पंडित
पूछताछ करें
..
फ़िल्टर