मुंबई में भूमि पूजा के लिए पंडित: लागत, विधि और लाभ
मुंबई में नई जमीन पर किसी भी नए निर्माण परियोजना की शुरुआत करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है जिसे मनाना चाहिए। महीनों की संपत्ति संबंधी खोजबीन के बाद...
0%
गणेश पूजन सामग्री:कहते हैं कि श्रद्धा व समर्पण भाव से किया गया कोई भी कार्य कभी भी निष्फल नहीं होता है, लेकिन उसके द्वारा किए गए कार्य की दिशा सही हो जाती है।
अगर आप गणेश उत्सव के उत्सव में शामिल हो गए हैं तो आपके लिए गणेश उत्सव में होने वाली पूजा सामग्री में का ज्ञान होना जरूरी है, आपके लिए किसी राहगीर को मार्ग का ज्ञान होना जरूरी है।

गणेश पूजन सामग्री पूर्ण शुद्ध रखें,व मूर्ति खंडित हुई न हो, यह भी ध्यान देने योग्य है, क्योंकि कोई भी कार्य किसी निश्चित फल की प्राप्ति के लिए किया जाता है।
श्री गणेश जी की विधि यदि भगवान को सात्विक मन और निस्वार्थ भाव और पूर्ण-विधान के साथ दिया जाए तो इसका सदैव फल मिलता है।
पूर्ण वैदिक मंत्रो का उच्चारण करते हुए व समर्पित भाव से यदि हम गणेश जी को बुलाएं तो वे हमारे घर अवश्य आएं।
गणेश उत्सव, हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास की चतुर्थी से चतुर्दशी (चार तारीख से शुरू होता है व चौदह तारीख तक) लगभग दस दिनों तक चलता है। इसका आयोजन महाराष्ट्र के पुणे में बड़ी धूम-धाम से किया जाता है।
अगर आप गणेश उत्सव का आयोजन अपने घर में कर रहे हो तो आपको पंडित की आवश्यता होगी। वह पंडित जो सभी वैदिक रीती-रिवाज को भली-भांति जानने वाला हो साथ ही विशेषकर वह जो संस्कृत और हिन्दू विधि, धर्म, संगीत या दर्शनशास्त्र में सक्षम हो।
हम 99 पंडित विशेषज्ञ और विशेषज्ञों की एक ऐसी टीम हैं जो आपको गणेश चतुर्थी जैसे धार्मिक- अनुष्ठान और किसी भी प्रकार के शुभ गायन को एक ही छत के नीचे पूरा करने के लिए आधिकारिक लेबल पेश करते हैं।
आप गणेश उत्सव उत्सव 99पंडित के माध्यम से अपना पंडित आसानी से यहां बुक कर सकते हैं।
हमारी बुकिंग प्रणाली इतनी आसान है की यदि आप घर बैठे हमारी वेबसाइट पर पंजीकरण करते हैं तो उन्हें अपनी इच्छित पूजा या गणेश उत्सव जैसे धार्मिक समागम कराने के लिए अनुभवी और पेशेवर पंडित मिल जाते हैं।
99पंडित द्वारा दी गई सेवा आपको डॉक्टरों और सभी धार्मिक समुदायों को मानसिक शांति प्रदान करती है। हम इसके लिए हमेशा प्रयासरत रहते हैं। आपका विश्वास ही हमें ऊर्जावान बनाने वाला है।
| सामग्री | मात्रा |
| रोली | 1 पैकेट |
| कलावा (मौली) | 2 पैकेट |
| सिंदूर | 1 पैकेट |
| लोंग | 1 पैकेट |
| प्रतीक | 1 पैकेट |
| सुपारी | 11 नग |
| एक | 1 शीशी |
| इत्र | 1 शीशी |
| गंगाजल | 1 शीशी |
| गुलाब जल | 1 बड़ी बोतल |
| अबीर | 1 पैकेट |
| गुलाल | 1 पैकेट |
| लहसुन | 50 मिनट |
| गारीगोला | 1 नग |
| पानी नारियल | 1 पैकेट |
| लाल कपड़ा | आधा मीटर |
| पिली सरसों | 50 मिनट |
| कलश | 1 (अगर कोई धातु का कलश घर पर हो तो ना खरीदे ) |
| सकोरा | 04 नग |
| दियाली | 15 नग |
| जनेऊ | 4 नग |
| माचिस | 1 नग |
| नवग्रह चावल | 1 पैकेट |
| धूपबत्ती | 1 पैकेट |
| कूपर | 50 मिनट |
| रूईबत्ती गोल वाली | 1 पैकेट |
| देशी घी | 500 मिनट |
| आम का लकड़ी | 2 किलो |
| पानी का नारियल | 2 नग |
| पिली सरसो | 50 मिनट |
| रास | 09 या 11 किलो |
| नवग्रह समिधा | 1 पैकेट |
| हवन सामग्री | 500 मिनट |
| फूल, फूलमाला,दूर्वा, दूर्वा की माता, फल , मिठाई , | - |
| पान के पते | 5 नग |
| पञ्चामृत, मोदक, विशेष व्यंजन का भोग नित्य | - |
विशेष :- जिन सज्जनों को हवन नहीं करवाना है ,उन्हें नवग्रह समिधा हवन सामग्री व आम की लकड़ी लेने की आवश्यकता नहीं होती है।
इसके अलावा इस बात का भी विशेष ध्यान रखें की गणेश जी की प्रतिमा जो आप खरीद रहे हो वो सूंदर हो, खंडित न हो ,मूषक साथ हो तथा पानी में विसर्जन के बाद पानी में आसनी घुलनशील हो।
पूजा की शुरुआत से पहले गणेश उत्सव का आयोजन शुरू हो गया है। इसके लिए एक मंदिर या पूजा स्थल तैयार करें जहां गणेश जी की मूर्ति स्थापित की जाएगी।
बिक्री के लिए गणेश जी की मूर्ति को पूजा स्थल पर स्थापित करें। मूर्ति को स्वच्छ और सुंदर बनाया जाए। इसमें पुष्प, दीपक, रोली, अक्षत, धूप, लाल वस्त्र, देवी-देवताओं के पुष्प, नागदेवता की मूर्ति, नागदेवता के पुष्पों आदि को शामिल किया जाता है।
श्री गणेश जी की पूजा के लिए विधि के अनुसार घी दिया, पुष्प,अक्षत, रोली, लाल वस्त्र, मिठाई, फल, आदि का आयोजन करें। गणेश चालीसा, आरती और मंत्रों का जाप करें।
भक्तों को भगवान गणेश का प्रसाद भंडारा कराएं। गणेश उत्सव को परिवार के साथ मनाएं। व्रत का पालन करें और गणेश जी के भजन गाएं।
सामूहिक अनुष्ठान करने से उत्सव का महत्व और आनंद बढ़ गया है। गणेश उत्सव में दोस्तों, परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों से संपर्क करें। आप सभी का आपके घर में स्वागत है और उन्हें गणेश जी के पूजन दर्शन का आनंद दें।
इसके बाद आप गणेश उत्सव का अवसान करते समय मूर्ति को नदी, झील या समुद्र में विसर्जित करें। गणेश विसर्जन में सभी लोग मिलकर गणेश जी के देवताओं को पानी में ले जाते हैं और विदा करते हैं।
भगवान गणेश की प्रथम पूजा देव के रूप में मानी जाती है। भगवान श्री गणेश के नाम स्मरण से सभी कार्य आपके लिए ही आवश्यक हैं।
कहते हैं कि भगवान श्री गणेश के 12 मंदिरों में यदि कोई व्यक्ति सुबह-शाम उच्चारण करता है तो उसके सूचीबद्ध कार्य में आने वाली बाधा आपके हल होने में बाधा बनती है। तथा वैयक्तिक अभिलक्षण एवं प्रोटोटाइप से मुक्त होना प्रतीत होता है।

विवाह के समय, यात्रा, रोजगार के शुभारम्भ में या अन्य किसी भी शुभ कार्य को करते समय गणेश के ये 12 नाम मात्र लेने से कार्यो में आने वाली सब अड़चने दूर हो जाती है।
भगवान गणेश के इन बारह नामों को संकटनाशक स्त्रोत भी कहा जाता है क्योंकि ये 12 नाम विपरीत परिस्थितियों में हमारे लिए रक्षा सूत्र की भांति कार्य करते है। ये 12 नाम निम्न है –
सुमुख – सुन्दर मुख वाले।
लम्बोदर -अंग्रेज़ी पेट वाले।
विघ्नहर्ता – विघ्न को हरने वाले।
एक दाँत वाले को – एक दन्त वाले।
विनायक - न्याय करने वाले।
कपिल-कपिल वर्ण वाले।
गंभीर – विपत्ति का नाशक।
गजानन – हाथी के सामान मुख वाले।
धूम्रकेतु -धुये के रंग वाली पताका वाले।
भालचन्द्राय – चन्द्रमा के सामान मस्तक वाले।
गणाध्यक्ष – गुणों के अध्यक्ष।
विघ्ननाशक - बच्चों को दूर करने वाले।
गणेश चतुर्थी की इस पावन अवसर पर अगर आप अपने घर- परिवार मे गणेश उत्सव की सम्पूर्ण तैयारी पूरी रीती-रिवाजों के साथ संपन्न करवाना चाहते हो तो 99पंडित आपको इस हेतु महत्वपूर्ण पंडित सेवा प्रदान करवाता है साथ ही साथ आपके घर- परिवार में सुख- समृद्धि बने रहने की कामना करता है।
विशेष:- अब आप 99पंडित ऑनलाइन प्लेटफार्म से किसी भी धार्मिक-अनुष्ठान जैसे रामकथा पाठ, अखंड रामायण पाठ, श्रीमद् महापुराण की कथा को संपन्न करवाने में प्रयूक्त होने वाली सामग्री की सूचि भी प्राप्त कर सकेंगे।
99पंडित ऑनलाइन सेवा के माध्यम से अपना पंडित बुक या सामग्री किट खरीदने पर आपको इस गणेश महोत्सव पर भारी छूट मिल सकती है।
इसके अतिरिक्त अगर आपको पंडित बुकिंग में किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें आप हमें WhatsApp या ईमेल के द्वारा भी अपने सुझाव भेज सकते है, आपके सुझाव आमंत्रित है।
विषयसूची