ऑस्ट्रेलिया में हनुमान चालीसा पाठ के लिए पंडित: लागत, लाभ और विवरण
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Kali Puja 2025: भारत देश में सभी धर्म और सम्प्रदाय के लोग निवास करते हैं| पीडीएफ से सर्वाधिक हिंदू धर्म के लोग हैं| हिन्दू धर्म में इस प्रकृति में प्रत्येक वस्तु को पूजनीय माना गया है|
इसके अलावा हिंदू धर्म में संपूर्ण 33 श्रेणियाँ देवी - देवताओं को पूजने की सिद्धांत है| सनातन धर्म कई सारे देवता और देवियाँ हैं| वास्तु पूजन के अनुसार किया जाता है|

आज हम जिस देवी की पूजा के बारे में बात करेंगे| उनके और उनके गुस्से के सभी लोग भली – अज्ञात हैं| आज हम काली पूजा 2025 के बारे में बात करेंगे|
काली पूजा का यह त्योहार हिन्दू धर्म में काली माता के सम्मान में मनाया जाता है| इस दिन मां भगवती से अंश काली माता की पूजा की जाती है|
दीपावली के त्योहार के दौरान कोलकाता, पश्चिम बंगाल, असम, झारखंड और उड़ीसा में दिवाली के दिन सभी लोग काली माता की पूजा करते हैं| काली पूजा का यह त्यौहार हर साल नवंबर के महीने में ही आता है|
इस साल काली पूजा 2025 का त्यौहार 20 सेकंड 2025 के दिन मनाया जाएगा| काली पूजा का त्यौहार हिन्दू धर्म की सुप्रसिद्ध देवी माँ दुर्गा के रूप काली माता को समर्पित किया गया है|
माँ काली को काल भोई नाशिनी ये भी कहा जाता है| इसका अर्थ क्या होता है – बुराई का नाश करने वाली| कार्तिक मास के निशीथ काल में काली माता की पूजा करके उन्हें बहुत पसंद किया जाता है|
माँ काली का यह काली पूजा का त्यौहार अधिकतर देशों के पूर्वी राज्यों में मनाया जाता है| आज हम इस लेख के माध्यम से काली माता के बारे में और काली पूजा के बारे में बता रहे हैं शुभ मुहूर्त के बारे में जानेंगे|
काली पूजा तिथि – 20 अक्टूबर 2025
निशिता समय – 11:45 अपराह्न से 12:36 पूर्वाह्न, 21 अक्टूबर 2025
समय: – 00 घंटे 50 मिनट
अमावस्या तिथि आरंभ - 20 अक्टूबर 2025, 03:44 अपराह्न
अमावस्या तिथि समाप्त - 21 अक्टूबर 2025, 05:54 अपराह्न
काली माता माँ दुर्गा का ही विकराल रूप है| जैसा कि आप सभी को पता है कि माँ दुर्गा ने असुरों का संहार करने के लिए ही काली माता का अवतार लिया था|
माता दुर्गा के इस अवतार को धारण करने के पीछे भी कई कथाएँ प्रचलित हैं| एक विषय में आज हम इस लेख में बात करेंगे| एक समय की बात है|
जब दारुक नाम के एक असुर ने ब्रह्मा जी की घोर तपस्या की और उन्हें प्रसन्न कर लिया| ब्रह्मा जी से आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद उस असुर ने पूरी धरती पर आतंक मचा दिया था|
उन्होंने ब्राह्मणों के द्वारा धार्मिक अनुष्ठानों पर रोक लगा दी थी| इसके बाद उन्होंने स्वर्ग लोक पर भी अपना अधिपति कर लिया था|
उसके आतंक के परेशान होकर सभी देवता ब्रह्मा जी और विष्णु भगवान के पास क्षेत्र| उस समय ब्रह्मा जी ने बताया था कि इस राक्षस का अंत केवल एक स्त्री ही कर सकती है|
ब्रह्मा जी के यह कहने के बाद सभी देवता स्त्री रूप में धारण करके उस राक्षस से युद्ध करने के लिए चले गए| लेकिन इसके बाद वह सभी मिलकर भी उस असुर को नुकसान में डाल दिया क्योंकि वह बहुत शक्तिशाली था|
भगवान शिव ने माता पार्वती से कहा कि हे कल्याणी! इस जगत कल्याण और असुर दारुक का नाश करने के लिए मैं मोक्ष प्रार्थना करता हूं|
इस बात पर माँ पार्वती और उनके अंशों को भगवान शिव के प्रवेश द्वार के बारे में बताया गया है जिससे काली माता की उत्पत्ति हुई|
काली माता की पूजा दो प्रकार से की जाती है| एक तो काली माता की पूजा सामान्य प्रकार से होती है और इसके अलावा काली माता की एक पूजा सामान्य प्रकार से भी होती है|

अभी हम आपको माता काली की सामान्य पूजा में प्रयुक्त सामग्री के बारे में बताएंगे| काली माता के पूजन में काम आने वाली सामग्री नीचे दी गई है -
माँ काली की पूजा करने से भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं| जो भी भक्त सच्चे श्रद्धा के साथ काली माता की पूजा करता है तो काली माता उसे हर प्रकार की परेशानी से बचाती है|
आइए जानते हैं काली माता की पूजा करने से भक्तों को क्या लाभ होता है -
सनातन धर्म में अनेक देवता और देवियाँ हैं| वास्तु पूजन के अनुसार किया जाता है| हिन्दू धर्म में इस प्रकृति में प्रत्येक वस्तु को पूजनीय माना गया है|
इसके अलावा हिंदू धर्म में संपूर्ण 33 कोटि देवी - देवताओं को पूजने की सिद्धांत है| जो लोग पूर्ण ईमानदारी के साथ काली माता की पूजा करते हैं|

उन्हें काली माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है| जीवन से नकारात्मक भाव दूर होता है| काली माता की पूजा करने से हमें अंधेरे और सुपरमार्केट से मिलता है|
यदि आप काली पूजा के अनुष्ठान करवाने के लिए किसी पंडित जी की तलाश कर रहे है तो 99Pandit आपकी इस तलाश को हमेशा के लिए ख़त्म कर देगा क्योंकि हमारी इस वेबसाइट पर आपको काली पूजा व काली पूजा के अनुष्ठान तथा अन्य सभी प्रकार की पूजा के लिए पंडित बहुत ही आसानी से मिल जाएगा|
इस संपूर्ण ब्रह्माण्ड में हर एक चीज़ का प्रमाण है| अगर अच्छा है तो नकारात्मक भी है, सकारात्मकता है तो नकारात्मक भी है| काला शब्द का अर्थ - अंधकार, समय और मृत्यु माना जाता है|
देवी काली माता की प्रतिमा यदि आपने देखी है तो साक्षात दिखाई गई है कि काली माता का पूरा शरीर रक्त से रंगा हुआ है और वह एक कटा हुआ सिर ले जा रही है|
इसके अलावा काली माता को अपने भक्तों को आशीर्वाद देना और गरीबों को खाना खिलाते हुए दिखाया जाता है|
काली माता की पूजा करके सभी भक्त माता से अपने अंदर की सभी बुराइयों को मिटाने के लिए प्रार्थना करते है| काली माता को स्त्री शक्ति का एक बेहतरीन उदाहरण माना गया है|
आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से काली पूजा के बारें में काफी बाते जानी है| आज हमने काली पूजा के फ़ायदों के बारे में भी जाना| इसके अलावा हमने आपको काली पूजा से जुडी काफी बातों के बारे में बताया है|
हम आशा करते हैं कि हमारी द्वारा दी गई दी गई जानकारी से आपको कोई ना कोई मदद मिलेगी| इसके अलावा अगर आप किसी और पूजा के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं।
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