कनाडा में वास्तु शांति समारोह के लिए पंडित: लागत, लाभ और विवरण
हिंदू संस्कृति को अपनाते हुए, कनाडा में वास्तु शांति समारोह नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर करने के लिए एक प्रमुख धार्मिक आधारशिला के रूप में कार्य करता है...
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नवरात्रि हिन्दू समुदाय में बहुत धूमधाम से मनाया जाने वाला प्रमुख धार्मिक उत्सव है। यह उत्सव दुर्गा माता के नौ रूपों की पूजा के लिए चार या छह दिनों तक चलता है। नवरात्रि के दौरान, भगत लोग धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और संस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। नवरात्रि में होने वाली इस कलश स्थापना उत्सव में कलश स्थापना पूजन सामग्री की महत्वपूर्ण भूमिका होती है |
कलश स्थापना के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, ध्यान और आराधना की जाती है जिससे उत्सव को शुभ बनाया जाता है। इसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्व की शुरुआत के रूप में महत्वपूर्ण माना जाता है और यह संस्कृति की अमूल्य धरोहर है।

यदि कलश स्थापना पूजन को पूर्ण श्रद्धा व समर्पित भाव से मंत्र शुद्ध मंत्रो के उच्चारण के साथ सम्पन्न करवाया जाये तो यह फलदायी होता है |
वान – विधि व शुद्ध पूजन सामग्री के प्रयोग से इस पूजन का महत्व और अधिक हो जाता है |
99पंडित जो की विश्व की सर्वश्रेष्ठ पंडित सेवा है ,इस धार्मिक समागम हेतु ऑनलाइन पंडित बुकिंग की सेवा प्रदान करता है | साथ ही कलश स्थापना पूजन सामग्री का सही प्रयोग कैसे किया जा सकता है इसके लिए सही मार्ग भी दिखता है |
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आगे हम अपने भगतों को नवरात्रि कलश स्थापना उत्सव में “नवरात्रि कलश स्थापना सामग्री" हेतु आवश्यक पूजन सामग्री का विवरण दे रहे है ताकि पूजन के समय कोई व्यवधान न आये |
नवरात्रि कलश स्थापना पूजन के लिए हमें निम्न सामग्री की आवश्यकता रहेगी :-
| सामग्री | मात्रा |
| रोली | 1 पैकेट |
| कलावा (मौली) | 4 पैकेट |
| सिंदूर | 1 पैकेट |
| लोंग | 25 मिनट |
| प्रतीक | 1 पैकेट |
| सुपारी | 25 नग |
| एक | 1 शीशी |
| इत्र | 1 शीशी |
| गंगाजल | 1 शीशी |
| अबीर | 1 शीशी |
| गुलाल | 1 शीशी |
| लहसुन | 500 मिनट |
| गारीगोला | 1 नग |
| पानी नारियल | 1 पैकेट |
| जौ | 100 मिनट |
| लाल कपड़ा | 1 मिनट |
| पीला कपड़ा | 1 मिनट |
| पिली सरसो | 50 मिनट |
| लाल चंदन | 1 पैकेट |
| कलश | 1 नग |
| सकोरा | 5 नग |
| दियाली | 25 नग |
| चुनरी माता के चित्रानुसार | - |
| केवल पाँचवाँ | 250 नग |
| जनेऊ | 7 नग |
| माचिस | 1 नग |
| दोना | 1 गड्डी |
| नवग्रह चावल | 2 पैकेट |
| सप्तमूर्तिका | 1 पैकेट |
| सप्तमूर्तिका | 1 पैकेट |
| सात अनाज | 1 पैकेट |
| सर्वोषधि | 1 पैकेट |
| पंचरतन | 1 पैकेट |
| धूपबत्ती | 5 पैकेट |
| कूपर | 100 मिनट |
| रूईबत्ती गोल वाली | 1 पैकेट |
| अखण्ड दीपक की बत्ती | 1 पैकेट |
| देशी घी | 1 वाँ |
| जौ बोने वाला मिटटी वाला प्याला | 1 सेट |
| बालू जौ बोने के लिए | 5 वाँ |
| आम का पल्लव | 1 नग |
विशेष :-पंचामृत की व्यवस्था पहले से ही कर ले |
इसके अलावा हमें निम्न सामग्री की आवशयकता रहेगी |
| सामग्री | मात्रा |
| हरी दूर्वा | आवश्यकतानुसार |
| फूल एवं फूलमाला | लड़ी 3 या 5 मीटर |
| फल एवं मिठाई | आवश्यकतानुसार |
| पान का पत्ता | 7 नग |
विशेष:- फल मिठाई , फूल एवं माला की व्यवस्था आवश्यकतानुसार प्रति दिन व्यवस्था करें |
| सामग्री | मात्रा |
| काला तिल | 100 मिनट |
| जौ | 50 मिनट |
| रास | 7 वाँ |
| धूपलकड़ी | 100 मिनट |
| कमलबीज | 100 मिनट |
| केवल पाँचवाँ | 100 मिनट |
| हवन सामग्री | 500 मिनट |
| चोट | 500 मिनट |
| गुग्गुल | 50 मिनट |
| शक्कर | 200 मिनट |
| गरिगोला पूर्णाहुति हेतु | 1 नग |
| पान पते | 10 नग |
| बलिदान हेतु पापड़ | 1 पैकेट |
| उड़द काला | 50 मिनट |
| दही बलिदान हेतु | 50 मिनट |
| ब्रम्हापूर्ण पात्र | (भगोना अथवा दक्कन सहित डिब्बा सात या पांच किलो का) |
यहाँ ध्यान देने योग्य यह बात है की जो “कलश स्थापना पूजन सामग्री” आप बाजार से मँगवा रहे हो वह पूर्ण शुद्ध व पवित्र हो यह बहुत जरुरी होता है |
|| ॐ भूरसि भूमिरस्यादितिरसि विश्वधाय विश्वस्य भुवनस्य धारत्रिम, पृथ्वीं यच्च पृथ्वीं दृगवंग ह पृथ्वीं मा हि ग्वांग सिः'|
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देवी नमः
|| ॐ मुझे एक सुंदर पत्नी दीजिए, एक उद्धारकर्ता जो मेरे मन की बात माने, एक उद्धारकर्ता, एक किला, दुनिया का एक स्रोत, समुद्र का एक परिवार, ॐ|| मंत्र का जाप करें
|| हे कात्यायनी, महान माया, महान योगिनियों के स्वामी, हे देवी, ग्वालों के पुत्र नंद को मेरा पति बनाओ, मैं तुम्हें प्रणाम करती हूं
मन्त्र का उच्चारण आप कर सकते है |
पूजन के दौरान कोई व्यवधान ना हो इसलिए “नवरात्रि कलश स्थापना सामग्री” की व्यवस्था पहले से ही सुनिश्चित कर ले |
Q.कलश स्थापना में कलश के अंदर क्या क्या डालना चाहिए?
A.कलश पर सबसे पहले स्वस्तिक बनाये, बाद में कलश के ब्रिम पर कलावा ( मौली ) बांधे, व उसे जल से भर दे ,अब कलश में साबुत सुपारी, इत्र, फूल , अक्षत, पंचरतन और सिक्का रख दे |
Q.कलश को घर में कहां रखते हैं?
A.घर में कलश रखने के लिए सबसे उत्तम जगह उत्तर-पूर्व दिशा की होती है |
Q.कलश के ऊपर नारियल कैसे रखें?
A.कलश पर नारियल रखे तो यह महत्वपूर्ण होता है की इसका मुख रखने वाले व्यक्ति की तरफ होना चाहिए | कलश में नारियल रखने से पूर्व उसमे अशोक या आम के पते रखे यह शुभ होता है |
Q.लाल कपड़े में नारियल बांधने से क्या होता है?
A.ऐसी मान्यता है की लाल कपडे में नारियल बांधने से माँ लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहती है |
Q.महिला नारियल क्यों नहीं फोड़ती?
A.इस कथन के पीछे कई पौराणिक मान्यताये है जिसमे से एक यह है की नारियल एक बीज है, और और एक बीज से ही महिलाओ में संतान की उत्पत्ति होती है | अत: इसका महिलाओ के द्वारा फोड़ा जाना अशुभ समझा जाता है |
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