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Vivah Pujan Samagri List: विवाह पूजन सामग्री लिस्ट

विवाह पूजन सामग्री की पूरी सूची जो आपकी शादी के दिन की पूजा को खास बनाएगी। जानें कौन-कौन से आवश्यक और महत्वपूर्ण सामग्री चाहिए।
99 पंडित जी ने लिखा: 99 पंडित जी
अंतिम अद्यतन:नवम्बर 8/2024
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इस लेख का सारांश एआई की सहायता से तैयार करें - ChatGPT विकलता मिथुन राशि क्लाउड Grok

विवाह एक पवित्र और महत्वपूर्ण संस्कार है जो हमारे समाज का मूल आधार है। हिन्दू धर्म में विवाह को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और इसे विभिन्न रस्मों और पूजाओं के साथ सम्पन्न किया जाता है। इसके अंतर्गत, कन्या पक्ष विवाह पूजन महत्वपूर्ण अवसर है जिसमें परिवार के लोग कन्या के विवाह की पूजा करते हैं और उसे आशीर्वाद देते हैं। पूजन हेतु विवाह पूजन सामग्री की व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है

विवाह पूजन (विवाह पूजा) संस्कार हिन्दू धर्म में अपनाया जाने वाला महत्वपूर्ण संस्कार है | इस पूजन में, विवाह वाले दिन के पहले वाले  दिन, वर का पूजन किया जाता है| वर  पूजन में विवाहीत मंत्रों के साथ, सामग्री का महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

विवाह पूजन सामग्री

विवाह पूजन सामग्री का चयन पूजा के सफलतापूर्वक पूरा होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह सामग्री भक्ति और पूजन के दौरान उपयोग की जाती है और विवाह में भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने का संकेत है।

यह भी ज्ञात रहे की विवाह पूजन सामग्री को पंडित जी के माध्यम से तैयार करना आवश्यक होता है। पूजा के पहले ध्यान से सभी सामग्री को सजाएं और विवाह के दिन आवश्यकतानुसार उपयोग करें । पूजा के बाद, इन सामग्रियों को एक सुरक्षित स्थान पर संग्रहीत करें या उन्हें धर्मिक उपयोग के लिए बचाएं।

हम 99पंडित विवाह पूजन सामग्री की व्यवस्था के इस महत्व को भली- भांति समझते है| साथ में विवाह या शादी के बारे में सटीक जानकारी रखते है जिससे की विवाह जैसे महात्याग (वर व वधु के लिए) में उचित सामग्री प्रबंधन हो सके जिससे विवाह को वैदिक- विधि से सम्पन्न कराये तो उसमे कोई वैवधान ना आये|

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हम 99 पंडित पेशेवर और अनुभवी पंडितो की ऐसी टीम है जो कन्या पक्ष विवाह पूजन के लिए आपको पंडित सेवा का मौका देते  है , साथ ही इस पूजन में पूजन का वास्तविक अनुभव प्रदान करता है|

99पंडित प्लेटफार्म के माध्यम से आप आसानी से अपना पंडित घर बैठे बुक कर सकते है इसके लिए आपको “बुक ए पंडित” विकल्प का चयन करना होगा | अपनी सामान्य  जानकारी का विवरण , जैसे नाम, मेल, फ़ोन नंबर , तिथि , तथा पूजा का चयन कर आप अपना पंडित आसानी से बुक कर सकते है|

आप हमें व्हाट्सप्प के माध्यम से भी पंडित बुकिंग सम्बंधित समस्त जानकारी ले सकते है इसके लिए हमारा संपर्क नंबर 8005663275 रहेगा | इस ब्लॉग का हमारा यानी 99 पंडित का उद्देश्य आपको  विवाह पूजन सामग्री हेतु आपको सही व सटीक जानकारी देना है |

वर पक्ष हेतु विवाह पूजन सामग्री

सामग्री  मात्रा
रोली  50 मिनट 
कलावा (मौली)  4 पैकेट 
सिंदूर  1 पैकेट 
लोंग  1 पैकेट 
प्रतीक  1 पैकेट 
सुपारी   20 नग 
हल्दी खड़ी  11 नग 
हल्दी पीसी  150 मिनट 
गंगाजल  1 बोतल 
एक  1 शीशी 
इत्र  1 शीशी 
गारीगोला  1 शीशी 
लाल कपडा  1 मिनट 
पीला कपडा  1 मिनट 
सरसो का तेल  1 लीटर 
गाय  का घी  500 मिनट 
धूपबत्ती  1 पैकेट 
कूपर  100 मिनट 
रूईबत्ती गोल वाली  1 पैकेट 
रुई बत्ती लम्बी  1 पैकेट 
जनेऊ  5 नग 
केवल पाँचवाँ  200 मिनट 
हवन सामग्री  500 मिनट 
नवग्रह चावल  1 पैकेट  
नवग्रह समिधा  1 पैकेट 
बताशा  200 मिनट 
कोहबर चार्ट  1 नग 
कंकन  1 नग 
आम की सविधा  2 वाँ 
दोना  1 गड्डी 
पीला, या गुलाबी दुप्पटा,(गठबंदन हेतु )   1 नग 
जौ (कलश गोठने के लिए )  100 मिनट 
कलश सजा हुआ बड़े साइज का  1 नग 
कलशी देव पितृ निमंत्रण हेतु  4 नग 
सकोरा  5 नग 
दियाली  20 नग 
खम्भ सजा हुआ  1 नग 
डीवट एवं माईमोरी (कुशा बण्डल )   1 नग 
सजा हुआ कनस्तर (खम्भ गाड़ने वाला ) 1 नग 
बांस की छड़ी  1 नग 
धान का लावा (खिल ) 250 मिनट 
लोहे  के छल्ले 
उड़द की दाल  500 मिनट 
डाल सजी हुई 
सिंधौरा-सिंधौरी और मांग भरने के लिए  -
सिन्दूर लाल रंग या पिले रंग का  (जो आपके यहाँ चलता हो )   -
चौकी या पीढा वर के लिए  1 नग 
तांग -पाट (चाँदी या श्वर्ण या फिर साधारण ) -
मोरि वधु के लिए  1 नग 
घुंघरू वाला रक्षा सूत्र (सील पोहं के समय महिलाओ को बांधने हेतु ) -
बालू खम्भ गाड़ने के लिए  -
मिटटी के चूल्हे  2 नग 
आम का पल्लव  1 नग 
पान का पत्ता  11 नग 
फूल पत्ते  4 नग 
फूल माला  500 मिनट 
फूल  500 मिनट 
फल एवं मिष्ठान आवश्यकतानुसार  -
दूध व् दही (सत्यनारायण भगवन की कथा सुन्न्नी हो तो )  -
हरी दुब घास  -
तेल (चढ़ाने हेतु )  -

विशेष :- शेष दाल दलना , धान कूटना ,उभटन लगाना, व लोकाचार हेतु आपके लिए पंडित जी से राय लेना भी उचित रहेगा|

Vivah Pujan Samagri

कन्या पक्ष हेतु विवाह सामग्री

सामग्री  मात्रा
रोली  1 पैकेट
कलावा  3 पैकेट 
सिंदूर  1 पैकेट
लोंग 1 पैकेट
प्रतीक  1 पैकेट
सुपारी  11 नग 
गारीगोला  3  नग
एक  1 शीशी 
इत्र  1 शीशी 
गंगाजल  1 शीशी 
पीला कपड़ा  सवा मीटर 
लाल कपडा  आधा मीटर 
धूपबत्ती  1 पैकेट 
कूपर  50  ग्राम 
देशी घृत  500 मिनट 
नवग्रह चावल  1 पैकेट 
हल्दी खड़ी  7 नग 
हल्दी पीसी  100 मिनट 
जनेऊ  7 नग 
सकोरा  5 नग 
मिट्टी के दिये  20 नग 
पीली सरसों  50  ग्राम 
हवन सामग्री  500 मिनट  
आम की लकड़ी  2 वाँ 
पंचमेवा  200  ग्राम  
जौ 50 मिनट 
सरसो का तेल  500 मिनट 
बताशा 250 मिनट 
कोहबर चार्ट  1 नग 
कंकन 1 नग 
गुड़  200 मिनट 
हवन कुण्ड  1 नग 
कलश सजा हुआ बड़े साइज का  1 नग 
कलशी देव पितृ निमंत्रण हेतु  4 नग 
खम्भ सजाया हुआ  1 नग 
डीवट एवं माई मोरी (कुशा बंडल ) 1 नग 
कनस्तर सजा हुआ (खम्भ गाड़ने वाला ) 1 नग 
धान का लावा (खिल ) 200 मिनट 
लोहे  के छल्ले 7 नग 
चौकी सजी हुई वर एवं वधु के लिए  2 नग 
लोटा एवं थाली धातू की पैर पूजने के समय  1 नग 
आम का पल्लव  5 नग 
फूल एवं फूल माला  5 नग 
पान के लिए  11 के पते 
हरी-हरी दूर्वा (घास)  -
बालू खम्भ गाड़ने के लिए  15 वाँ 
कथा अगर हो तो पंचामृत और पंजीरी की व्यवस्था  -
सिल पोहन हेतु धूलि उड़द  500 मिनट 
फल एवं मिठाई आवश्यकतानुसार  -

कन्या पक्ष हेतु तिलक समारोह में आवश्यक विवाह पूजन सामग्री 

लगन पत्रिका , जटावाला सूखा नारियल , बड़ा थाल, बड़ी वाली सुपाड़ी , खड़ी हल्दी ,पीला कलर किया हुआ चावल ,चन्दन लकड़ी , सात मीटर श्वेत कपडा थाल लगाने वाला |

विशेष:- कन्या पक्ष विवाह पूजन सामग्री को ध्यान में रखते हुए इसे संगठित और सुन्दर रूप में तैयार किया जाना चाहिए। यह पूजन सामग्री किसी पंडित जी की सलाह लेकर तैयार की जाती है। 

विवाह पूजन व  विवाह पूजन सामाग्री का महत्व

विवाह पूजन हिन्दू धर्म में एक महत्वपूर्ण परंपरा है। इसमें विवाहित जोड़े भगवान के आशीर्वाद की प्रार्थना करते हैं और उनके विवाहित जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की कामना करते हैं। यह पूजन उन्हें धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाने का अवसर प्रदान करता है।

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परिवारिक महत्व

विवाह पूजन एक परिवारिक आयोजन है जो परिवार के सभी सदस्यों को एकता और सम्बंधों की आपस में जोड़ता है। इस आयोजन से  परिवार के लोगों को भाग लेने का अवसर मिलता है और वे एकजुट होकर विवाहित जोड़े के भविष्य की मंगलकामनाएं करते हैं। 

सामाजिक महत्व

विवाह पूजन सामाजिक महत्वपूर्णता रखता है क्योंकि इसमें परिवार के सदस्यों, दोस्तों और समुदाय के लोगों को एकत्रित करने का अवसर मिलता है। विवाह समारोह के दौरान वर पक्ष विवाह पूजन आयोजित किया जाता है और इसका महत्वपूर्ण अंग होता है। इससे सामाजिक बंधन बनते हैं और समुदाय में एकता और सद्भाव का संदेश दिया जाता है।

आध्यात्मिक महत्व

विवाह पूजन आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसमें विवाहित जोड़े भगवान की कृपा और आशीर्वाद का आह्वान करते हैं। यह पूजा उन्हें धार्मिक आदर्शों को स्वीकार करने, धार्मिक साधनाओं को अपनाने और ध्यान को स्थिर करने की प्रेरणा देती है। विवाह पूजन सामग्री का महत्व और भी अधिक हो जाता  है जब आप पूजन जैसी क्रिया को पूर्ण अध्यत्मिता व श्रद्धा के साथ करवाते हो| 

पंडित बुक कैसे करे 

99पंडित की ऑनलाइन पंडित सेवा के माध्यम से आप अपना पंडित घर बैठे बुक कर सकते है | जिसके लिए आपको वेबसाइट के “बुक ए पंडित” बटन (विकल्प) का चयन करना होगा जहाँ पर आपको अपनी पूजा के चयन से सबन्धित सामान्य जानकारी का विवरण  जैसे आपका नाम, आपकी जीमेल, आपका फ़ोन नंबर, तिथि, आपका निवास स्थान जहाँ  पूजा को संपन्न करवाना है का चयन करके अपना पंडित ऑनलाइन बुक कर सकते है| 

99पंडित अनुभवी व् पेशेवर पंडितो की एक ऐसी टीम है जो आपको किसी भी धार्मिक- अनुष्ठान को संपन्न करवाने का वास्तविक अनुभव प्रदान करवाते है| अतः आप विवाह पूजन सामग्री की व्यवस्था 99पंडित पर मौजूद पंडित के साथ विचार- विमर्श करके भी कर सकते है|  

केसरी जाने जाने प्रश्न

Q.विवाह क्या है ?

A.शास्त्रों के अनुसार विवाह अथवा शादी दो लोगो के बीच का परिवारीक , सामजिक, व अध्यात्मीक मिलन है|

Q.विवाह का मुख्य उद्देश्य क्या हैं?

A.वैदिक शास्त्रों के अनुसार विवाह के मुख्यत ३ उद्देश्य है विवाह का पहला उद्देश्य पति व पत्नी का साहचर्य के साथ रहना , दूसरा उद्देश्य संतानोत्पति व अंतिम उद्देश्य पति – पत्नी ईश्वर की योजना के प्रति प्रतिबद्ध  होते है व ईश्वर को साथी मानते हुए, एक दूसरे के प्रति पाप- पुर्ण्य का लेखा – जोखा रखते हुए, मोक्ष को प्राप्त  करना है|

Q.विवाह का मंत्र क्या है?

A.विवाह की प्रारंभिक पूजा 'ओम सृष्टिकर्ता मम विवाह कुरु कुरु स्वाहा' मंत्र द्वारा की जाती है।

Q.विवाह कितने प्रकार का होता है ?

A.शास्त्रों में 8 प्रकार के विवाह बताए गए हैं - ब्रह्मा, दैव, आर्य, प्रजापत्य, असुर, गंधर्व, राक्षस और पिशाच।

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