अन्नप्राशन मुहूर्त 2026: जाने कब है 2026 में अन्नप्राशन संस्कार के लिए शुभ मुहूर्त
तुम्हाला काय माहिती आहे? तुमचा मुलगा का निवाला बहुत खास है। यह मी पेट भरता नाही. यह बच्चे का…
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जेव्हा जीवनाच्या मार्गावर कोणतीही साथ नसते आणि डोळ्यांसमोर घूम रहाते, तेव्हा त्याच नाव आहे जो आमच्या मनाला सहारा देतो – “जय बजरंगबली”|
हम भारतवासियां/भारत के वासींसाठी हनुमान जी एक देवता नाही, तो भक्ति का रूप, शक्ति का संकल्प आणि सेवा का प्रतीक है|
एक हर एक नाम, एक कथा के जैसा है - जो अंधेरे में रौशनी बनत आहे | बचपन से सुना है – “राम के भक्त” “पवनपुत्र” “संकटमोचन” “अंजनि सुत” आदि|
पर क्या कभी आपको सोचा है कि 108 नाव का? हरनामाचा अर्थ काय आहे, कोणती कथा या रहस्याची छुपा आहे? प्रमुख से हनुमान जी के १२ नाम आहे जो अत्यंत सुंदर आहे |
हनुमान जी आपल्या भक्तांची भक्ती से प्रसन्न होकर सुखासुखी करतात त्यांच्या संकटात हरले आहे कारण ते “संकटमोचन”ही सांगतात
आये आज आम्ही तुम्हाला सांगतो हनुमान जी के 108 नाम, end meaning and Endine गहरा भाव |
सनातन धर्मात 108 एक पवित्र आणि शक्तिशाली लोकसंख्या मानी जाती आहेत;
हनुमान जी के 108 नाम भी एक आध्यात्मिक यात्रा जसे हर नाम एक दिशा देते - भक्ति का, शक्ति का, ज्ञान का, आणि विवेक का|
| नाव | मंत्र | याचा अर्थ |
|---|---|---|
| आंजनेय | ॐ आन्जनेय नमः (ओम अंजनेय नमः) | जो देवी अंजना के पुत्र है, तिला माझा नमस्कार |
| महावीर | ॐ महावीराय नमः (ओम महावीराय नमः) | जो अति बलशाली आणि पराक्रमी है, तिला माझा नमस्कार |
| हनुमान | ॐ हनुमते नमः (ओम हनुमते नमः) | जो फुले वाले गालो वाले है, तिला माझा नमस्कार |
| रामदूत | ॐ रामदूताय नमः (ओम रामदूताय नमः) | जो भगवान श्री राम के दूत आहे, त्यांना माझा नमस्कार |
| मारुत्मज | ॐ मारुतात्मजाय नमः (ओम मारुतात्मजाये नमः) | जो पवन देव के पुत्र है, उनका नमस्कार |
| संजीवन्गा हर्ता | ॐ संजीवन्गाहर्ता नमः (ओम संजीवन हर्ता नमः) | जो संजीवनी पर्वत कोले येणार आहे, त्यांचे माझे नाम नमस्कार |
| लक्ष्मणप्राणदाता | ॐ लक्ष्मणप्राणदात्रे नमः (ओम लक्ष्मणप्रणदात्रे नमः) | जो लक्ष्मण जी के प्राणों की रक्षा करने वाले हैं, त्यांना माझे नमस्कार |
| सीतान्वेष्णपण्डित | ॐ सीतावेषणपण्डिताय नमः (ओम सीतावेषणपंडिताय नमः) | जो माता सीता को ज्ञानपूर्वक साथ वाला है, उसे मेरा नमस्कार |
| सीताशोकनिवारक | ॐ सीताशोक्निवारकाय नमः (ओम सीताशोकनिवारकाय नमः) | जो सीता माता के दुःख दूर करते है, तिला माझे नमस्कार |
| रामभक्त | ॐ रामभक्ताय नमः (ओम रामभक्ताय नमः) | जो भगवान श्री राम के परम भक्त आहे, त्यांना माझा नमस्कार |
| दश्ग्रीव्कुलान्तक | ॐ दश्ग्रीवकुलान्तकाय नमः (ओम दशग्रीवकुलान्तकाय नमः) | जो रावण के कुल का अंत करने वाला है, तिला माझा नमस्कार |
| वज्रकाय | ॐ वज्रकाय नमः (ओम वज्रकाय नमः) | जिनका शरीर वज्र के सामान कठोर आहे, तिला माझे नमस्कार |
| महातपस | ॐ महाताप्स्वेय नमः (ओम महातपस्वेय नमः) | जो महान तपस्वीं आहे, तिला माझा नमस्कार |
| पञ्चवक्त्र | ॐ पंचवक्त्राय नमः (ओम पंचवक्त्र नमः) | जिनके पांच मुखी है, जो पञ्चमुखी है, उसे मेरा नमस्कार |
| चिरंजीवी | ॐ चिरंजीविने नमः (ओम चिरंजीविने नमः) | जो अजर-अमर है, जो चिरंजीवी है, तिला मेरा नमस्कार |
| बलसिद्धिकार | ॐ बल्सिद्धिकराय नमः (ओम बलसिद्धिकराय नमः) | जो बल प्रदान करणार आहे, तिला माझा नमस्कार |
| शूर | ॐ शूराय नमः (ओम शूराय नमः) | जो अत्यंत वीर आहे, तिला माझा नमस्कार |
| प्रभु | ॐ प्रभवे नमः (ओम प्रभुवे नमः) | जो सर्वश्रुष्टिमध्ये पूजेला जातो, तिला माझा नमस्कार |
| सर्वरोगर | ॐ सर्वरोग हराय नमः (ओम सर्वरोगाय नमः) | जो सर्व रोगों का नाश करते, तिला माझा नमस्कार |
| सर्वबंधाविमोक्ता | ॐ सर्वबंधविमोक्त्रे नमः (ओम सर्वबंधविमोक्त्रे नमः) | जो समस्त बंदोबस्तातून मुक्त होतो, तिला माझा नमस्कार |
| सर्व्गविनाशी | ॐ सर्वग्हविनाशिने नमः (ओम सर्वगृहविनाशिने नमः) | जो सर्व ग्रहदोषों को हरते है, उन्हें मेरा नमस्कार |
| रामचुडामणिप्रद | ॐ रामचुडामणिप्रदायकाय नमः (ओम रामचुडामणिप्रदायकाय नमः) | जो श्री राम को माता सीता की चूडामणी प्रदान करते, त्यांना माझे नमस्कार |
| सुग्रीव सचिव | ॐ सुग्रीव सचिवाय नमः (ओम सुग्रीवसचिवाय नमः) | जो महाराज सुग्रीव के सचीव है, जो महाराज सुग्रीव के मंत्री है, त्यांना माझे नमस्कार |
| विभीषणप्रियकर | ॐ विभीषणप्रियकराय नमः (ओम विभीषणप्रियकराय नमः) | जो विभीषण के प्रिय है, तिला माझा नमस्कार |
| अक्षय्यता | ॐ अक्षंत्रे नमः (ओम अक्ष-हंत्रे नमः) | जो रावण के पुत्र अक्षय का वद्ध करणार आहे, तिला माझा नमस्कार |
| लंकपुरविदाहक | ॐ लंकपुरविदाहकाय नमः (ओम लंकपुरविदाहक नमः) | जो लंका को जला देने वाले है, उनका मेरा नमस्कार |
| कालनेमीप्रथन | ॐ कालनेमीप्रमथन नमः (ओम कालनेमिप्रमथन नमः) | जो कालनेमि शब्द को नष्ट करने वाला है, उनको मेरा नमस्कार |
| भीमसेनसहायकृत | ॐ भीमसेनसहायकृते नमः (ओम भीमसेनसहायकृते नमः) | जो महाभारत में भीम की सहायता करते, तिला माझा नमस्कार |
| वानर | ॐ वानराय नमः (ओम वानराय नमः) | जो वानर रुपी आहे, जो वानर रूपी प्रकट झाला आहे, तिला माझा नमस्कार |
| केसरीसूत | ॐ केसरीसुताय नमः (ओम केसरीसुताय नमः) | जो केसरी नंदन है, जो राजा केसरी का पुत्र आहे, त्यांना माझा नमस्कार |
| तत्त्वज्ञानप्रद | ॐ तत्वज्ञानप्रदाय नमः (ओम तत्वज्ञानप्रदाय नमः) | जो तत्वांचा ज्ञान प्रदान करतो, तिला माझा नमस्कार |
| अशोकवनिकाछेता | ॐ अशोकवनिकाछेत्रे नमः (ओम अशोकवनिकाछेत्रे नमः) | जो अशोक वाटिका को उजाड़ने वाले है, तिला माझा नमस्कार |
| सर्वमायाविभिजन | ॐ सर्वमायाविभिजनाय नमः (ओम सर्वमायाभिन्नजनाय नमः) | जो समस्त माया का विनाश करता है, उसे मेरा नमस्कार |
| परर्शौर्यविनाशन | ॐ परशौर्यविनाश्नाय नमः (ओम परशौर्यविनाशन नमः) | जो शत्रुओं के शौर्य का अंत आहे, तिला माझा नमस्कार |
| परमन्त्रनिराकर्ता | ॐ परमन्त्रनिराक्रतें नमः (ओम परमन्त्रनिर्कृत नमः) | जो शत्रुओं के मंत्रो को व्यर्थ/निष्फल करते, तिला माझे नमस्कार |
| परयंत्रणप्रभेदक | ॐ परयंत्रप्रभेदकाय नमः (ओम पर्यन्प्रभेदकाय नमः) | जो शत्रुओं की योजनांना असफल करते, तिला माझा नमस्कार |
| कपिशवर | ॐ कपीश्वराय नमः (ओम कपीश्वराय नमः) | जो वानर्स के स्वामी आहे, त्यांना माझा नमस्कार |
| परविद्या परिहार | ॐ पर्वविद्यापरिहाराय नमः (ओम पर्व-विद्यापरिहाराय नमः) | जो शत्रुओ के ज्ञान को निष्फल करते, तिला नमस्ते |
| मनोज | ॐ मनोजवाय नमः (ओम मनोजवाय नमः) | जो वायु के सामान गति वाली आहे, तिला नमस्कार |
| गंधमादनशेलसथय | ॐ गंधमादनशेलस्थाय नमः (ओम गंधमादनशेलस्थाय नमः) | जो गंधमादन पर्वतावर राहतो, तिला माझा नमस्कार |
| भविष्यचतुरानन | ॐ भाविश्यचतुरानाय नमः (ओम भविष्यचतुरान नमः) | जो भविष्य को जाननेवाला है, मेरा नमस्कार |
| कुमारब्रह्मचारी | ॐ कुमारब्रह्मचारीणे नमः (ओम कुमारब्रह्मचारिणी नमः) | जो ब्रह्मचार्य धर्माचे पालन करतो, तिला माझा नमस्कार |
| रत्नकुण्डलदीप्तिमान | ॐ रत्नकुण्डलदीप्तिमते नमः (ओम रत्नकुंडलदीपिमते नमः) | जो रत्नजड़ित कुण्डल पहनते है, उसे मेरा नमस्कार |
| संचल द्वल सन्नद्ध लांब मान शिखोज्ज्व्ल | ॐ चंचल द्वल सन्नद्ध लांब मन शिक्खोज्ज्वाल्य नमः (ओम चाचल द्वाल सन्नाध लांब मान शिक्खोज्ज्वल नमः) | जिनकी पूछ उनकी सर से भी लम्बी है, उनका मेरा नमस्कार |
| गंधर्व-विद्यतत्वग्य | ॐ गन्धर्व-विद्यातत्वग्याय नमः (ओम गंधर्व-विद्यतत्वज्ञानमः) | जो संगीत आदि कलाओं की ओळख आहे, तिला माझा नमस्कार |
| महाबलपराक्रम | ॐ महाबलपराक्रमाय नमः (ओम महाबलपराक्रमाय नमः) | जिनमे महान बल आणि सामर्थ्य है, तिला माझा नमस्कार |
| कारग्रहविमोक्ता | ॐ कराग्रहविमोक्ता नमः (ओम कारगृहविमोक्ता नमः) | जो करा/कारगार से मुक्त स्वतन्त्र वाले है, उसे मेरा नमस्कार |
| श्रंखलाबन्धमोचक | ॐ श्रंखलाबंधनोचकाय नमः (ओम शरणखलाबंधमोचकाय नमः) | जो बेड़िया तोड़ने वाले है या जो परेशानी तोड़ने वाले है, उसे मेरा नमस्कार |
| सागरोत्तारक | ॐ सागरोत्तारकाय नमः (ओम सागरोत्तरकाय नमः) | जो समुन्द्र को पार करने वाला है, उनको मेरा नमस्कार |
| प्राज्ञ | ॐ प्राज्ञाय नमः (ओम प्राज्ञाय नमः) | जो महान विद्वान आहे, तिला माझा नमस्कार |
| प्रतापवान | ॐ प्रतापवते नमः (ओम प्रतापवते नमः) | जो तुमचा पराक्रम प्रसिद्ध आहे, तिला माझा नमस्कार |
| महाकाय | ॐ महाकाय नमः (ओम महाकाय नमः) | जिनका शरीर विशाल आहे, महाका अर्थ विशाल आहे, काय का अर्थ शरीर आहे, तिला माझे नमस्कार |
| परिजातद्रुमूलस्थ | ॐ परिजातद्रुमूलस्थाय नमः (ओम पारिजातद्रुमुलस्थाय नमः) | जो पारिजात वृक्ष के खाली विराजते है, तिला माझा नमस्कार |
| कपिसेनानायक | ॐ कपिसेनानायकाय नमः (ओम कपिसेनानायकाय नमः) | जो वानर सेना के नायक है, सेनापति है, तिला माझा नमस्कार |
| सर्वविद्या-संपत्तीकारक | ॐ सर्वविद्यात्प्रदायकाय नमः (ओम सर्व विद्या संपत्प्रदायकाय नमः) | जो ज्ञान आणि समृद्धी/संपत्ति प्रदान करते, त्यांना माझे नमस्कार |
| सर्वमंत्रस्वरूप | ॐ सर्वमंत्र-स्वरूपवते नमः (ओम सर्वस्वरूपवते नमः) | जो समस्त मंत्रो का है, जो सर्व मंत्र विद्या में निपुण है, तिला माझे नमस्कार |
| सर्वतंत्रस्वरूपी | ॐ सर्वतंत्रस्वरूपिणे नमः (ओम सर्वतंत्रस्वरूपिने नमः) | जो सर्व तंत्रों का आहे, जो सर्व तंत्र विद्या में निपुण आहे, त्यांना माझा नमस्कार |
| सर्वयंत्रात्मक | ॐ सर्व यंत्रात्मकाय नमः (ओम सर्वयंत्रात्मकाय नमः) | जो सर्व यन्त्र विद्या में निपुण आहे, त्यांना माझा नमस्कार |
| रामसुग्रीवसंधाता | ॐ रामसुग्रीवसंधात्रे नमः (ओम राम सुग्रीव संधात्रे नमः) | मला राम आणि सुग्रीव की मित्र करवाई, तिला माझा नमस्कार |
| अहिरावणमर्दन | ॐ अहिरावणमर्दनाय नमः (ओम अहिरावनमर्दनाय नमः) | जो अहिरावण का वद्ध करने वाला है, उसे मेरा नमस्कार |
| स्फटिक | ॐ स्फटिकभाय नमः (ओम स्फटिकभाय नमः) | जो स्फटिक दगड या रत्न की आभा आहे, तिला माझा नमस्कार |
| वागधीश/वागीश | ॐ वाधीशाय/वागीश नमः (ओम वाग्दीशाय/वागीश नमः) | जो वाणी के स्वामी आहे, त्याला माझा नमस्कार |
| कुटीलकृतिपण्डित | ॐ कृतिपण्डिताय नमः (ओम नवकृतिपण्डिताय नमः) | जो व्याकरण में आत्यंत कुशल आणि निपुण आहे, तिला माझे नमस्कार |
| चतुर्बाहू | ॐ चतुर्बाहू नमः (ओम चतुर्बाहू नमः) | जिनके चार भुजाएं है, तिला मेरा नमस्कार |
| दीनबंधू | ॐ दीनबंधवे नमः (ओम दीनबंधवे नमः) | जो दीन-बंधुओ के मित्र है, जो असहाय लोगो के मित्र है, उनका मेरा नमस्कार |
| महात्मा | हनुमान जी के 108 नाम केवल किसी शास्त्र या किताब की पर्ची नाही, उलट यह नाम हर इंसान की आवाज़ है जो कभी टूटता है, ठका है, डर है या अकेला आपको महसूस होता है। | |
| भक्तप्रेमळ | ॐ भक्तवत्सलाय नमः (ओम भक्तवत्सलाय नमः) | जो तुमचे भक्तांचे प्रति स्नेही/भक्तो से प्रेम करते, त्यांना माझे नमस्कार |
| शुची | ॐ शुचये नमः (ओम शुचये नमः) | जो परम पवित्र आहे, जो अंतर्मन से भी शुद्ध आहे, त्याला माझा नमस्कार |
| वाग्मी | ॐ वाग्मिने नमः (ओम वाघ्मिने नमः) | जो कुशल वक्ता, उपदेश आणि कथाकार आहे, तिला माझा नमस्कार |
| द्रढ़व्रत | ॐ द्रढ़व्रताय नमः (ओम द्रणव्रताय नमः) | जिनकी अदिगता अटू द्रढ़ संकल्प की शक्ति को प्रदर्शित करते, तिला माझा नमस्कार |
| हरिमर्कटमर्कट | ॐ हरिमर्कटमरकटाय नमः (ओम हरि मार्कट मर्कटाय नमः) | जो वानर स्त्रीमध्ये श्री हरी के प्रिय आहे, तिला माझा नमस्कार |
| दांते | ॐ दानताय नमः (ओम दानताय नमः) | जो संयम रखने वाला है, उसका नमस्कार |
| प्रसन्नात्मा | ॐ प्रसन्नात्मने नमः (ओम प्रसन्नात्मने नमः) | जिनका मन सदैव प्रसन्न आहे, आनंदित आहे, तिला माझे नमस्कार |
| शांत | ॐ शान्ताय नमः (ओम शांताय नमः) | जो शांत स्वभाव वाला आहे, तिला नमस्कार |
| शत्कंठम्दाप्रह्त | ॐ शत्कंठमदाप्रह्ते नमः (ओम शत्कंठमदाप्रहते नमः) | जो अहंकारी का अहंकारी दूर करता है, उसका माझा |
| योगी | ॐ योगिने नमः (ओम योगिने नमः) | जो महान योगी है, तिला माझा नमस्कार |
| रामकथालोल | ॐ रामकथालोलाय नमः (ओम रामकथालोलाय नमः) | जो रामकथा खा को उत्सुक है, उसे मेरा नमस्कार |
| वज्रदंत्र | ॐ वज्रदंष्ट्राय नमः (ओम वज्रदंत्राय नमः) | जिनके दांत वज्र के समान कठोर आहेत, तिला माझे नमस्कार |
| वज्रनख | ॐ वज्रनखाय नमः (ओम वज्रनख नमः) | जिनके नाखून वज्र के समान कठोर आहेत, तिला माझे नमस्कार |
| रुद्रवीर्यसमुद्रव | ॐ रुद्रवीर्यसमुद्रव नमः (ओम रुद्रवीर्यसमुद्रव नमः) | जो भगवान शिव के तेजसे उत्पन्न आहेत, जो शिवजी के ११ वे रुद्रावतार आहेत, त्यांना माझे नमस्कार |
| इंद्रजित प्रहिता मोघ ब्रह्मास्त्र विवारक | इंद्रजित प्रहिता मोघ ब्रह्मास्त्र विनिवारकाय नमः (ओम इंद्रजित प्रहिता मोघ ब्रह्मास्त्र विनिवारक नमः) | भूत इंजीत के ब्रह्मास्त्र को की क्रिया की थी, तिला माझा नमस्कार |
| पार्थ-ध्वजाग्रसंवासी | ॐ पार्थ-ध्वजाग्रसंवासिने नमः (ओम पार्थ-ध्वजाग्रसंवासी नमः) | जो महाभारत में अर्जुन के रथ स्थित आहेत, त्यांना माझे नमस्कार |
| शर्पणजरभेदक | ॐ शर्पणजरभेदकाय नमः (ओम शर्पंजरभेदकाय नमः) | जो बाणों की बाण को भेद करू शकतो, तिला माझा नमस्कार |
| दशबाहु | ॐ दशबाहवे नमः (ओम दशबाहवे नमः) | जिनके दस भुजाएं आहेत, तिला माझा नमस्कार |
| लोकपूज्य | ॐ लोकपूज्याय नमः (ओम लोकपूज्यये नमः) | जो सर्व लोकांमध्ये पूजे जाते, त्यांना माझा नमस्कार |
| जाम्बवतप्रीतिवर्धन | ॐ जम्बवत्प्रीतिवर्धन नमः (ओम जम्बवत्प्रीतिवर्धनाय नमः) | जो जाम्बवंत जी के प्रिय आहेत, त्यांना माझा नमस्कार |
| सीता प्लेट श्रीराम पद सेवा धुरंधर | ॐ सीता समाप्त श्रीराम पद सेवा धुरंधराय नमः (ओम सीता समेत् श्रीराम पादसेवधुरंधराय नमः) | जो सीता समाहित श्री राम जी के चरण आहेत की सेवा मध्ये निपुण, तिला माझे नमस्कार |
| सिंघिकाप्राणभजन | ॐ सिन्घिकप्राणभंजन नमः (ओम सिमिकप्राणभंजनाय नमः) | जो सिंघिका आहे, ती मला नमस्कार करते |
| लंकिभंजन | ॐ लंकिनिभंजनाय नमः (ओम लंकिनिभंजनाय नमः) | जो लंका की द्वार रक्षिका लंकिनी को परास्त करने वाले हैं, उन्हें मेरा नमस्कार |
| कामरूपी | ॐ कामरूपिने नमः (ओम कामपुरिने नमः) | जो इच्छेनुसार बदलू शकतो, तिला माझा नमस्कार |
| पिन्गलाक्ष | ॐ पिन्ग्लाक्ष्याय नमः (ओम पिंगलाक्षाय नमः) | जिनकी आँखें लाल-भूरी आहेत, त्यांना माझा नमस्कार |
| वर्धिमानपुजित | ॐ वर्धिमानकपुजिताय नमः (ओम वर्धिमानकपूजिताय नमः) | जो समुद्र व मौनाक द्वारे पूजित आहेत, त्यांना माझे नमस्कार |
| कवलिकृत मार्तंडामंडल | ॐ कवलिकृत मार्तंडामंडलाय नमः (ओम कविलिकृत मार्तिन मंडलाय नमः) | जो सूर्य को निगलने वाले थे, तिला मेरा नमस्कार |
| महाकाय | ॐ महाकाय नमः (ओम महाकाय नमः) | जो विशालकाय आहे, तिला माझा नमस्कार |
| तेजस्वी | ॐ महाद्युताये नमः (ओम महाद्युताये नमः) | जो अत्यंत तेजस्वी आहे, तिला माझा नमस्कार |
| सिन्घनाद्स्वनप्रदाय | ॐ सिन्घनादास्वन्प्रदाय नमः (ओम सिंहनादस्वप्रदाय नमः) | जिनकी गर्जना शेर के समान आहे, तिला माझा नमस्कार |
| सुरचित | ॐ सुरचिताय नमः (ओम सुरचिताय नमः) | जो देवांद्वारे पूजित आहेत, त्यांना माझे नमस्कार |
| दैत्यकुलान्तक | ॐ दैत्यकुलान्तकाय नमः (ओम दैत्यकुलान्तकाय नमः) | जो राक्षस का नाश करतो, तिला माझा नमस्कार |
| त्या दैत्यकार्यविद्यात्क | दैत्याकार्यविद्यात्काय नमः (ओम दैत्यकार्यविद्याटक नमः) | जो दैत्यांच्या योजनांना अपयशी ठरते, तिला माझे नमस्कार |
| श्रीमान | ॐ श्रीमते नमः (ओम श्रीमते नमः) | जो आदरणीय आणि पूजनीय आहे, तिला माझा नमस्कार |
| रामकथाप्रिय | ॐ रामकथप्रियाय नमः (ओम रामकथाप्रियाय नमः) | जो रामकथा खा को नेहमी उत्सुक असतात, तिला माझा नमस्कार |
| श्रीरामभक्तिरसिक | ॐ श्रीरामभक्तिरसिक नमः (ओम रामभक्तिरसिक नमः) | जो श्री राम की भक्ती में लीन आहेत, त्यांना माझा नमस्कार |
| योगनिष्ठ | ॐ योगनिष्ठाय नमः (ओम योगनिष्ठाय नमः) | जो योग साधना मध्ये लीन आहेत, तिला माझा नमस्कार |
| शहा | ॐ बुधिमानाय नमः (ओम बुद्धिमानाय नमः) | जो अत्यंत बुद्धिमान आहे, तिला माझा नमस्कार |
| वीरहनुमान | ॐ वीरहनुमते नमः (ओम वीर हनुमते नमः) | जो पराक्रमी वीर आहेत, तिला माझा नमस्कार |
| रामसखा | ॐ रामसखाय नमः (ओम रामसखाय नमः) | जो श्री राम के सखा आहेत, त्यांना माझा नमस्कार |
| भक्तप्रेमळ | ॐ भक्तवत्सलाय नमः (ओम भक्तवत्सलाय नमः) | जो तुमचे भक्त परम कृपा करतात, त्यांना माझे नमस्कार |
| श्री हनुमते | ॐ हनु हनुमतये नमः (ओम हनु हनुमतये नमः) | जो सर्व शक्ती, भक्ति आणि सेवा के प्रतीक आहेत, त्यांना माझे नमस्कार |

हनुमान जी के 108 नाम केवल किसी शास्त्र या किताब की संकाय नहीं – यह नाम हर इंसान की आवाज़ है जो कभी टूटा है, थका है, डर है या अकेलापन आपको महसूस करता है|
इन्ही नामो में हनुमान की अनेक रूप है जेसे – कभी वो माता अंजनी के पुत्र आहेत, कभी वो श्री राम के परम भक्त है, कभी वो लंका को जलाने वाले वानर है आदि|
यह 108 नाम केवल नाम नाही हे आमच्या जीवनाचे मार्गदर्शन आहे, इन नामों का जापिंग से हमारे अंतर-आत्मा को शांती मिलती है, हम अन्दर से सकारात्मक विचार करतात, हनुमान जी आम्ही ज्ञानी आहोत, बल, सेवा इन तीन महत्त्वपूर्ण कारणों से जाणून आहे|
हनुमान जी तेज़ बुद्धिमत्ता वाले भगवान है त्यांची सेवा-भाव को हम बोलहत बहुत पुराना समय से सुनते आ है | हनुमान भक्ती का सच्चा जी चेहरा आहे, श्रीरामाचे सर्व काम त्यांना पुरे किये आहे |
म्हणून हनुमान चालिसा त्यातही सांगितले होते “रामचंद्र के काज सवारे” हनुमान जी की भक्ती जो करते , ते आपले भक्त वरती कृपा करतात आणि त्यांची सारी चिंता करतात, इतर परशानी हरले असतात, आणि त्यांना सुख समृद्धी प्रदान करतात|
हनुमान जी के 108 नाम मात्र नाही, ते आमचे अन्दर एक नयी आशा लाते आहेत| हमे निरंतर जाप करना आवश्यक आहे, हमारे लिए एक नया दरवाज़ा खोलती है, हम सकारात्मक विचार आणि शुद्ध मनाने पुढे जीवन वाढवते|
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