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108 Lord Krishna ၏အမည်များ: भगवान श्री कृष्ण के 108 नाम अर्थ सहित

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Last Updated:သြဂုတ်လ 12, 2025
भगवान श्री कृष्ण के 108 नाम
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ကရစ်ရှနာ သခင်ဘုရား၏ အမည် ၁၀၈ ပါး: भगवान श्री कृष्ण को इस जगत के पालनकर्ता भगवान विष्णु का ही अवतार माना जाता है| आपको बता दे कि विष्णु जी के अवतार भगवान श्री कृष्ण के 108 नण के 108 नाम (108 သခင်ခရစ်ရှနအမည်များ) है एवं प्र अलग अर्थ है|

आज इस लेख हम आपको भगवान श्री कृष्ण के 108 नाम (108 သခင်ခရစ်ရှနအမည်များ) के साथ – साथ उनके अर्भ मे बारे में बताएँगे|

भगवान श्री कृष्ण के 108 नाम

भगवान श्री कृष्ण का जन्म द्वापरयुग में हुआ| बताया जाता है कि श्री कृष्ण का जन्म मथुरा के कारावास में हुआ था किन्तु उनका पालन पोषनण जी के द्वारा किया गया था| भगवान श्री कृष्ण ने अपने जीवन में जो भी लीलाएँ की|

उन्ही के अनुसार भगवान श्री कृष्ण के 108 नाम (သခင်ခရစ်ရှ်နာ၏ နာမတော် 108 ခု) रखे गए तो आइये हरानतीक्या कृष्ण के 108 नाम (108 Lord Krishna Names) तथा उनका हिंदी अर्थ|

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भगवान श्री कृष्ण के 108 नाम – ဟိန္ဒီအဓိပ္ပါယ်ရှိသော Lord Krishna ၏အမည် 108 ခု

၏ 

အမေရိက 

अच्युत 

जिसने कभी भूल न की हो
आदिदेव 

समस्त देवताओं के स्वामी

အာ့ချ်လ်အာ

သခင်
अजन्मा 

जिसकी शक्ति अनंत हो

अद्भुतह 

अद्भुत देव
आदित्या

अदिति देवी के पुत्र

အက်မृत 

अमृत ​​के समान रूप वाले
अजया 

जीवन तथा मृत्यु के विजेता

आनंद सागर

कृपा करने वाले
अनादिह

जो सर्वप्रथम है

अनंता

अंतहीन देव
ဩဘာဒရာ

अविनाशी प्रभु

अनिरुद्धा

जिनका कोई विरोध न कर सके
अनया

जिसका कोई भी स्वामी न हो

अनंतजीत

सदा विजयी होने वाला
गोपालप्रिया

ग्वालों के प्रिय

ဂုပါလ် 

ग्वालों के साथ क्रीडाएं करने वाले
धर्माध्यक्ष

धर्म के स्वामी

द्वारकाधीश

द्वारका के अधिपति
देवकीनंदन

माता देवकी के पुत्र

देवेश

देवताओं के भी देवता
देवाधिदेव

देवों के देव

दयानिधि

सब पर दया करने वाले
दानवेंद्रों

वरदान देने वाले

दयालु

करुणा के भण्डार
चतुर्भुज 

चार भुजाओं वाले 

बाल गोपाल 

भगवान श्री कृष्ण का बाल्य रूप
ဘူလီ 

सर्वशक्तिमान

अपराजित 

जिन्हें कभी हराया न जा सके
अव्युक्ता

माणभ की भांति ही स्पष्ट

लोकाध्यक्ष 

तीनों लोकों के स्वामी
မွန်ဒန် 

प्रेम के प्रतीक

ခရစ်ရှနား 

सांवले रंग वाले 
लक्ष्मीकांत

देवी लक्ष्मी के देवता

कंजलोचन

जिनके कमल के समान नेत्र है
कामसांतक

कंस का वध करने वाले

कमलनाथ 

देवी लक्ष्मी के प्रभु
कमलनयन 

कमल के समान नेत्र

ज्योतिरादित्या

सूर्य के समान चमक वाले
जनार्धना 

सभी को वरदान देने वाले

जयंतह

समस्त दुश्मनों को पराजित करने वाले
जगदीशा 

सभी के रक्षक

ဂျာနယ် 

सम्पूर्ण ब्रह्मांड के ईश्वर
जगद्गुरु 

ब्रह्मांड के गुरु

गोविंदा

गाय, प्रकृति तथा भूमि को चाहने वाले
ဟင်

प्रकृति के देवता

ज्ञानेश्वर

ज्ञान के देवता 
Rishikesh

सभी इन्द्रियों के दाता

हिरण्यगर्भा

सर्व शक्तिशाली प्रजापति
सहस्राकाश

जिनके हजारों नेत्र हों

पुरुषोत्तम

सबसे उत्तम पुरुष 
रविलोचन 

सूर्य के समान जिनके नेत्र हो

प्रजापति

सभी प्राणियों के नाथ
पुण्य

निर्मल व्यक्तित्व वाले

परम पुरुष 

श्रेष्ठ व्यक्तित्व वाले 
पार्थसारथी

अर्जुन के सारथी

परब्रह्मन

परम सत्य 
परमात्मा

सभी जीवों के प्रभु 

पद्महस्ता 

जिनके हाथ कमल के समान है
पद्मनाभ

कमल के आकार की नाभि वाले

निरंजन 

सबसे उत्तम 
निर्गुण

जिनमे कोई भी अवगुण न हो 

नारायन

सबको अपनी शरण में लेने वाले 
मुरली मनोहर 

मुरली बजाकर मोहने वाले 

नंदगोपाल 

नंद बाबा के पुत्र 
मुरलीधर

मुरली धारण करने वाले 

မော်ဟန 

सभी को आकर्षित करने वाले
मुरली 

बांसुरी बजाने वाले प्रभु

မွန်နိုဟတ် 

बहुत ही सुन्दर रूप रंग वाले
मनमोहन

सबका मन मोह लेने वाले 

मयूर 

मुकुट पर मोर पंख धारण करने वाले 
माधव 

ज्ञान के भण्डार

महेन्द्र

इंद्र के स्वामी
मधुसूदन

मधु – दानवों का वध करने वाले

योगिनाम्पति 

योगियों के स्वामी 
वृषपर्व 

धर्म के भगवान 

यदवेंद्रा

यादव वंश के मुखिया
योगी 

प्रमुख गुरु

विश्वरूपा

ब्रह्मांड के हित में रूप धारण करने वाले
विश्वात्मा

ब्रह्मांड की आत्मा

विश्वकर्मा

ब्रह्मांड के निर्माता 
विश्वमूर्ति 

पूर्ण ब्रह्मांड का रूप

विष्णु 

भगवान विष्णु के स्वरूप
ဝူဆွန်းဒဲဗ 

हर जगह पर विद्यमान रहने वाले 

विश्वदक्शिनह 

निपुण एवं कुशल 
वैकुंठनाथ

स्वर्ग में निवास करने वाले 

वर्धमानह

जिनका कोई आकार न हो
त्रिविक्रमा

तीनों लोकों के विजेता

स्वर्गपति 

स्वर्ग के राजा 
उपेन्द्र

इंद्र के भाई 

सुमेध 

सर्व ज्ञानी 
सुदर्शन 

रूपवान 

सुरेशम

सभी जीव जंतुओं के देव
श्रीकांत 

अद्भुत सौंदर्य के स्वामी 

श्यामसुंदर

सांवले रंग में भी सुंदर दिखने वाले 
श्याम 

जिनका रंग सांवला हो 

शंतह 

शांत भाव वाले 
श्रेष्ठ

ကျွန်ုပ် 

सर्वेश्वर

सभी देवताओं से ऊंचे
सत्यव्त 

श्रेष्ठ व्यक्तित्व वाले देवता 

सत्य वचन 

सत्य कहने वाले 
सनातन

जिसका कभी अंत न हो 

सर्वपालक 

सभी का पालन करने वाले 
सर्वजन 

सब कुछ जानने वाले 

सहस्रजीत 

हजारों को जीतने वाले 
सहस्रपात

जिनके हजारों पैर हो

ကွန်တီ 

समस्त देवों के गवाह 
केशव

लंबे एवं काले उलझा ताले 

 

भगवान श्री कृष्ण के 108 नाम मंत्र – Lord Krishna 108 အမည်များ မန္တန်

  1.  ॐ श्रीकृष्णाय नम:
  2. ॐ कमलनाथाय नम:
  3.  ॐ वासुदेवाय नम:
  4. ॐ सनातनाय नम:
  5. ॐ वसुदेवात्मजाय नम:
  6.  ॐ पुण्याय नम:
  7. ॐ लीलामानुषविग्रहाय नम:
  8. ॐ यशोदावत्सलाय नम:
  9. ॐ हरये नम:
  10. ॐ चतुर्भुजात्तचक्रासिगदाशंखाम्बुजायुधाय नम:
  11. ॐ देवकीनंदनाय नम: 
  12. ॐ श्रीशाय नम:
  13. ॐ नंदगोपप्रियात्मजाय नम:
  14. ॐ यमुनावेगसंहारिणे नम:
  15. ॐ बलभद्रप्रियानुजाय नम:
  16. ॐ पूतनाजीवितहराय नम:
  17. ॐ शकटासुरभंजनाय नम: 
  18. ॐ नंदव्रजजनानंदिने नम:
  19. ॐ सच्चिदानंदविग्रहाय नम:
  20.  ॐ नवनीतविलिप्तांगाय नम:
  21. ॐ नवनीतनटाय नम:
  22. ॐ अनघाय नम: 
  23. ॐ नवनीतनवहाराय नम: 
  24. ॐ मुचुकुंदप्रसादकाय नम:
  25. ॐ षोडशस्त्रीसहस्रेशाय नम: 
  26. ॐ शुकवागमृताब्धीन्दवे नम:
  27. ॐ त्रिभंगीमधुराकृतये नम: 
  28. ॐ गोविंदाय नम:
  29. ॐ योगिनांपतये नम: 
  30. ॐ वत्सवाटचराय नम:
  31. ॐ अनंताय नम:
  32. ॐ धेनुकासुरमर्दनाय नम: 
  33. ॐ तृणीकृततृणावर्ताय नम:
  34. ॐ यमलार्जुनभंजनाय नम:
  35. ॐ उत्तालतालभेत्रे नम: 
  36. ॐ तमालश्यामलाकृतये नम:
  37.  ॐ गोपगोपीश्वराय नम:
  38. ॐ योगिने नम: 
  39. ॐ श्रीवत्सकौस्तुभधराय नम:
  40. ॐ कोटिसूर्यसमप्रभाय नम: 
  41. ॐ इलापतये नम:
  42. ॐ परस्मै ज्योतिषे नम:
  43. ॐ यादवेंद्राय नम: 
  44. ॐ वनमालिने नम: 
  45. ॐ यदुद्वहाय नम:
  46. ॐ पीतवाससे नम:
  47. ॐ पारिजातापहारकाय नम: 
  48. ॐ गोवर्धनाचलोद्धत्रै नम: 
  49. ॐ सर्वपालकाय नम:
  50. ॐ गोपालाय नम:
  51. ॐ अजाय नम: 
  52. ॐ निरंजनाय नम: 
  53. ॐ कंजलोचनाय नम: 
  54. ॐ कामजनकाय नम:
  55. ॐ मधुघ्ने नम:
  56. ॐ द्वारकानायकाय नम: 
  57. ॐ मथुरानाथाय नम: 
  58. ॐ बलिने नम: 
  59. ॐ वृंदावनांतसंचारिणे नम: 
  60. ॐ तुलसीदामभूषणाय नम:
  61. ॐ नरनारायणात्मकाय नम: 
  62. ॐ स्यमंतकमणिहत्रै नम: 
  63. ॐ कुब्जाकृष्णांबरधराय नम:
  64. ॐ मायिने नम:
  65. ॐ परमपुरुषाय नम: 
  66. ॐ मुष्टिकासुरचाणूरमल्लयुद्धविशारदाय नम:
  67. ॐ कंसारये नम: 
  68. ॐ संसारवैरिणे नम:
  69. ॐ नरकांतकाय नम: 
  70. ॐ मुरारये नम:
  71. ॐ अनादिब्रम्हचारिणे नम: 
  72. ॐ कृष्णाव्यसनकर्शकाय नम: 
  73.  ॐ शिशुपालशिरच्छेत्रे नम:
  74. ॐ दुर्योधनकुलांतकाय नम: 
  75.  ॐ विदुराक्रूरवरदाय नम:
  76. ॐ विश्वरूपप्रदर्शकाय नम: 
  77. ॐ सत्यवाचे नम: 
  78. ॐ सत्यसंकल्पाय नम:
  79. ॐ सत्यभामारताय नम: 
  80. ॐ जयिने नम:
  81. ॐ जिष्णवे नम:
  82. ॐ सुभद्रापूर्वजाय नम: 
  83. ॐ भीष्ममुक्तिप्रदायकाय नम:
  84. ॐ जगदगुरवे नम:
  85. ॐ जगन्नाथाय नम: 
  86. ॐ वेणुनादविशारदाय नम:
  87. ॐ वृषभासुरविध्वंसिने नम: 
  88. ॐ बाणासुरकरांतकाय नम:
  89. ॐ बर्हिबर्हावतंसकाय नम:
  90. ॐ युधिष्ठिरप्रतिष्ठात्रे नम:
  91. ॐ पार्थसारथये नम: 
  92. ॐ गीतामृतमहोदधये नम: 
  93. ॐ अव्यक्ताय नम:
  94. ॐ कालीयफणिमाणिक्यरंजितश्रीपदांबुजाय नम: 
  95. ॐ दामोदराय नम: 
  96. ॐ यज्ञभोक्त्रे नम: 
  97. ॐ दानवेंद्रविनाशकाय नम: 
  98. ॐ परब्रम्हणे नम:
  99. ॐ नारायणाय नम: 
  100. ॐ पन्नगाशनवाहनाय नम:
  101. ॐ जलक्रीडासमासक्तगोपीवस्त्रापहारकाय नम:
  102. ॐ पुण्यश्लोकाय नम: 
  103. ॐ तीर्थकृते नम: 
  104.  ॐ वेदवेद्याय नम: 
  105. ॐ दयानिधये नम:
  106. ॐ सर्वतीर्थात्मकाय नम:
  107. ॐ सर्वग्रहरुपिणे नम:
  108. ॐ बालकृष्णाय नम:

भगवान श्री कृष्ण के 108 नाम जाप के लाभ – ရွတ်ဆိုခြင်း၏ အကျိုးကျေးဇူးများ 108 ခရစ်ရှ်နာ၏ အမည်များ

आज इस लेख के माध्यम में हमने आपको भगवान श्री कृष्ण के 108 मकाम (108 Names of Lord Krishna) एवें 108 मांंडे एवे। बताया|

माना जाता है कि जो भक्त भगवान श्री कृष्ण की पूजा करने के बाद उनके 108 नामो का पूर्৤ ण जाप करता है तो उस भक्त को भगवान श्री कृष्ण की कृपा प्राप्त होती है|

श्री कृष्ण के 108 नामों का जाप करने भक्तों के सभी संकट दूर होतवे है एवं श्री श्री ृष्ण में सही मार्ग दर्शाते है|

भगवान श्री कृष्ण के 108 नाम

भगवान श्री कृष्ण के 108 नाम (108 Lord Krishna အမည်များ) के साथ – साथ ही इस लेख बताए गए 108 मंत्रिं मि न करना, 108 नामों का जाप करने के समान ही है| इन 108 नामों के मंत्रों का जाप करने से भगवान श्री कृष्ण अपने भक्तों के बहुत ही प्रसेन्न हो|

भगवान श्री कृष्ण की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है| जन्माष्टमी के समय श्री कृष्ण के 108 नाम एवं मंत्रों का जाप करना जातक के लिए बहक्री ला है|

နိဂုံး - နိဂုံး

भगवान श्री कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि के दिन हुआ था| इस इस कारण से भगवान श्री कृष्ण की जन्मतिथि को कृष्ण जन्माष्टमी के नाम से भहै जाना |

ϟ करते है|

कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा तथा श्रकके कृष्ण के 108 नााम (108 जनाम) အရှင် ခရစ်၊ से भक्तों के जीवन से सभी कठिनाइयां दूर होती है|

इसी के साथ यदि आप शिव तांडव स्तोत्रम [Shiv Tandav Stotram], सरस्वती जी की आरती [Saraswati Aarti], [Saraswati Aarti], योत कनकधाराကနက္ခဒရ စတိုတြာ] आदि भिन्न-भिन्न प्रकार की आरतियाँ, चालीसा व व्रत कथा पढना चाहते है तो आप हमारी वेबसाइट ၉၉ ပန်ဒစ် Facebook विजिट कर सकते है|

इसके अलावा आप हमारे एप အသုံးပြုသူများအတွက် 99Pandit पर भी आरतियाँ व अन्य कथाओं को पढ़ सकते है| इस एप में भगवद गीता के सभी अध्यायों को हिंदी अर्थ समझाया गया है|

အကြောင်းအရာ၏ဇယား

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