Shiv Mahapuran အတွက် Pandit- ကုန်ကျစရိတ်၊ Vidhi၊ နှင့် အကျိုးကျေးဇူးများ
ခင်ဗျားတို့ Shiv Mahapuran ကို မှန်မှန်ဖတ်ပြီး ဒီအကြောင်း သိကြလား။ မသိရင် လေ့လာဖို့ လမ်းညွှန်ပေးပါမယ်…
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ကရစ်ရှနာ သခင်ဘုရား၏ အမည် ၁၀၈ ပါး: भगवान श्री कृष्ण को इस जगत के पालनकर्ता भगवान विष्णु का ही अवतार माना जाता है| आपको बता दे कि विष्णु जी के अवतार भगवान श्री कृष्ण के 108 नण के 108 नाम (108 သခင်ခရစ်ရှနအမည်များ) है एवं प्र अलग अर्थ है|
आज इस लेख हम आपको भगवान श्री कृष्ण के 108 नाम (108 သခင်ခရစ်ရှနအမည်များ) के साथ – साथ उनके अर्भ मे बारे में बताएँगे|

भगवान श्री कृष्ण का जन्म द्वापरयुग में हुआ| बताया जाता है कि श्री कृष्ण का जन्म मथुरा के कारावास में हुआ था किन्तु उनका पालन पोषनण जी के द्वारा किया गया था| भगवान श्री कृष्ण ने अपने जीवन में जो भी लीलाएँ की|
उन्ही के अनुसार भगवान श्री कृष्ण के 108 नाम (သခင်ခရစ်ရှ်နာ၏ နာမတော် 108 ခု) रखे गए तो आइये हरानतीक्या कृष्ण के 108 नाम (108 Lord Krishna Names) तथा उनका हिंदी अर्थ|
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၏ |
အမေရိက |
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अच्युत |
जिसने कभी भूल न की हो |
| आदिदेव |
समस्त देवताओं के स्वामी |
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အာ့ချ်လ်အာ |
သခင် |
| अजन्मा |
जिसकी शक्ति अनंत हो |
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अद्भुतह |
अद्भुत देव |
| आदित्या |
अदिति देवी के पुत्र |
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အက်မृत |
अमृत के समान रूप वाले |
| अजया |
जीवन तथा मृत्यु के विजेता |
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आनंद सागर |
कृपा करने वाले |
| अनादिह |
जो सर्वप्रथम है |
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अनंता |
अंतहीन देव |
| ဩဘာဒရာ |
अविनाशी प्रभु |
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अनिरुद्धा |
जिनका कोई विरोध न कर सके |
| अनया |
जिसका कोई भी स्वामी न हो |
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अनंतजीत |
सदा विजयी होने वाला |
| गोपालप्रिया |
ग्वालों के प्रिय |
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ဂုပါလ် |
ग्वालों के साथ क्रीडाएं करने वाले |
| धर्माध्यक्ष |
धर्म के स्वामी |
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द्वारकाधीश |
द्वारका के अधिपति |
| देवकीनंदन |
माता देवकी के पुत्र |
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देवेश |
देवताओं के भी देवता |
| देवाधिदेव |
देवों के देव |
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दयानिधि |
सब पर दया करने वाले |
| दानवेंद्रों |
वरदान देने वाले |
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दयालु |
करुणा के भण्डार |
| चतुर्भुज |
चार भुजाओं वाले |
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बाल गोपाल |
भगवान श्री कृष्ण का बाल्य रूप |
| ဘူလီ |
सर्वशक्तिमान |
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अपराजित |
जिन्हें कभी हराया न जा सके |
| अव्युक्ता |
माणभ की भांति ही स्पष्ट |
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लोकाध्यक्ष |
तीनों लोकों के स्वामी |
| မွန်ဒန် |
प्रेम के प्रतीक |
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ခရစ်ရှနား |
सांवले रंग वाले |
| लक्ष्मीकांत |
देवी लक्ष्मी के देवता |
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कंजलोचन |
जिनके कमल के समान नेत्र है |
| कामसांतक |
कंस का वध करने वाले |
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कमलनाथ |
देवी लक्ष्मी के प्रभु |
| कमलनयन |
कमल के समान नेत्र |
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ज्योतिरादित्या |
सूर्य के समान चमक वाले |
| जनार्धना |
सभी को वरदान देने वाले |
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जयंतह |
समस्त दुश्मनों को पराजित करने वाले |
| जगदीशा |
सभी के रक्षक |
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ဂျာနယ် |
सम्पूर्ण ब्रह्मांड के ईश्वर |
| जगद्गुरु |
ब्रह्मांड के गुरु |
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गोविंदा |
गाय, प्रकृति तथा भूमि को चाहने वाले |
| ဟင် |
प्रकृति के देवता |
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ज्ञानेश्वर |
ज्ञान के देवता |
| Rishikesh |
सभी इन्द्रियों के दाता |
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हिरण्यगर्भा |
सर्व शक्तिशाली प्रजापति |
| सहस्राकाश |
जिनके हजारों नेत्र हों |
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पुरुषोत्तम |
सबसे उत्तम पुरुष |
| रविलोचन |
सूर्य के समान जिनके नेत्र हो |
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प्रजापति |
सभी प्राणियों के नाथ |
| पुण्य |
निर्मल व्यक्तित्व वाले |
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परम पुरुष |
श्रेष्ठ व्यक्तित्व वाले |
| पार्थसारथी |
अर्जुन के सारथी |
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परब्रह्मन |
परम सत्य |
| परमात्मा |
सभी जीवों के प्रभु |
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पद्महस्ता |
जिनके हाथ कमल के समान है |
| पद्मनाभ |
कमल के आकार की नाभि वाले |
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निरंजन |
सबसे उत्तम |
| निर्गुण |
जिनमे कोई भी अवगुण न हो |
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नारायन |
सबको अपनी शरण में लेने वाले |
| मुरली मनोहर |
मुरली बजाकर मोहने वाले |
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नंदगोपाल |
नंद बाबा के पुत्र |
| मुरलीधर |
मुरली धारण करने वाले |
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မော်ဟန |
सभी को आकर्षित करने वाले |
| मुरली |
बांसुरी बजाने वाले प्रभु |
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မွန်နိုဟတ် |
बहुत ही सुन्दर रूप रंग वाले |
| मनमोहन |
सबका मन मोह लेने वाले |
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मयूर |
मुकुट पर मोर पंख धारण करने वाले |
| माधव |
ज्ञान के भण्डार |
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महेन्द्र |
इंद्र के स्वामी |
| मधुसूदन |
मधु – दानवों का वध करने वाले |
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योगिनाम्पति |
योगियों के स्वामी |
| वृषपर्व |
धर्म के भगवान |
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यदवेंद्रा |
यादव वंश के मुखिया |
| योगी |
प्रमुख गुरु |
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विश्वरूपा |
ब्रह्मांड के हित में रूप धारण करने वाले |
| विश्वात्मा |
ब्रह्मांड की आत्मा |
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विश्वकर्मा |
ब्रह्मांड के निर्माता |
| विश्वमूर्ति |
पूर्ण ब्रह्मांड का रूप |
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विष्णु |
भगवान विष्णु के स्वरूप |
| ဝူဆွန်းဒဲဗ |
हर जगह पर विद्यमान रहने वाले |
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विश्वदक्शिनह |
निपुण एवं कुशल |
| वैकुंठनाथ |
स्वर्ग में निवास करने वाले |
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वर्धमानह |
जिनका कोई आकार न हो |
| त्रिविक्रमा |
तीनों लोकों के विजेता |
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स्वर्गपति |
स्वर्ग के राजा |
| उपेन्द्र |
इंद्र के भाई |
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सुमेध |
सर्व ज्ञानी |
| सुदर्शन |
रूपवान |
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सुरेशम |
सभी जीव जंतुओं के देव |
| श्रीकांत |
अद्भुत सौंदर्य के स्वामी |
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श्यामसुंदर |
सांवले रंग में भी सुंदर दिखने वाले |
| श्याम |
जिनका रंग सांवला हो |
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शंतह |
शांत भाव वाले |
| श्रेष्ठ |
ကျွန်ုပ် |
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सर्वेश्वर |
सभी देवताओं से ऊंचे |
| सत्यव्त |
श्रेष्ठ व्यक्तित्व वाले देवता |
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सत्य वचन |
सत्य कहने वाले |
| सनातन |
जिसका कभी अंत न हो |
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सर्वपालक |
सभी का पालन करने वाले |
| सर्वजन |
सब कुछ जानने वाले |
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सहस्रजीत |
हजारों को जीतने वाले |
| सहस्रपात |
जिनके हजारों पैर हो |
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ကွန်တီ |
समस्त देवों के गवाह |
| केशव |
लंबे एवं काले उलझा ताले |
आज इस लेख के माध्यम में हमने आपको भगवान श्री कृष्ण के 108 मकाम (108 Names of Lord Krishna) एवें 108 मांंडे एवे। बताया|
माना जाता है कि जो भक्त भगवान श्री कृष्ण की पूजा करने के बाद उनके 108 नामो का पूर् ण जाप करता है तो उस भक्त को भगवान श्री कृष्ण की कृपा प्राप्त होती है|
श्री कृष्ण के 108 नामों का जाप करने भक्तों के सभी संकट दूर होतवे है एवं श्री श्री ृष्ण में सही मार्ग दर्शाते है|

भगवान श्री कृष्ण के 108 नाम (108 Lord Krishna အမည်များ) के साथ – साथ ही इस लेख बताए गए 108 मंत्रिं मि न करना, 108 नामों का जाप करने के समान ही है| इन 108 नामों के मंत्रों का जाप करने से भगवान श्री कृष्ण अपने भक्तों के बहुत ही प्रसेन्न हो|
भगवान श्री कृष्ण की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है| जन्माष्टमी के समय श्री कृष्ण के 108 नाम एवं मंत्रों का जाप करना जातक के लिए बहक्री ला है|
भगवान श्री कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि के दिन हुआ था| इस इस कारण से भगवान श्री कृष्ण की जन्मतिथि को कृष्ण जन्माष्टमी के नाम से भहै जाना |
ϟ करते है|
कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा तथा श्रकके कृष्ण के 108 नााम (108 जनाम) အရှင် ခရစ်၊ से भक्तों के जीवन से सभी कठिनाइयां दूर होती है|
इसी के साथ यदि आप शिव तांडव स्तोत्रम [Shiv Tandav Stotram], सरस्वती जी की आरती [Saraswati Aarti], [Saraswati Aarti], योत कनकधाराကနက္ခဒရ စတိုတြာ] आदि भिन्न-भिन्न प्रकार की आरतियाँ, चालीसा व व्रत कथा पढना चाहते है तो आप हमारी वेबसाइट ၉၉ ပန်ဒစ် Facebook विजिट कर सकते है|
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အကြောင်းအရာ၏ဇယား