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12 Jyotirlinga အမည်နှင့်နေရာ ဟင်ဒီ- भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग

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Last Updated:နိုဝင်ဘာလ 20, 2024
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12 ဟိန္ဒီဘာသာဖြင့် Jyotirlinga အမည်နှင့်နေရာ: क्या आप सभी भगवान शिव के चमत्कारी 12 ज्योतिर्लिंग के बारे में जानते है? आज हम इस लेख के माध्यम से माध्यम से भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga) हे किता में बारे में स्थान पर है तथा यहाँ पर कैसे पहुंचा जा सकता है|

ज्योतिर्लिंग शब्द में 'ज्योति' का अर्थ – प्रकाश या चमक तथा 'लिंग' मा अर्थ – किसी प्रातकार के चिन् जाता है| ज्योतिर्लिंग को भगवान शंकर के दीप्तीमान का प्रतीक माना जाता है| सम्पूर्ण भारत देश में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga) का बहुत ही बड़ा महत्व माना गया |

12 ဟိန္ဒီဘာသာဖြင့် Jyotirlinga အမည်နှင့် နေရာ

पौराणिक कथा के अनुसार माना जाता है कि यह जो 12 ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga) मौजूद है| इनमे ज्योति के रूप में स्वयं भगवान शिव ही विद्यमान है| आपको बता दे कि महर्षि वेदव्यास जी के द्वारा ग्रन्थ शिवपुराण में बताया गया है कि भकारत और 64ले पाला ज्योतिर्लिंग मंदिरों का उल्लेख किया गया है|

जिनमे से 12 ज्योतिर्लिंग सबसे पवित्र माने जाते है| जिन्हें महा ज्योतिर्लिंगम (महा ज्योतिर्लिंग) के नाम से भी जाना जाता है| आपको बता दें कि भारत देश में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga) उत्तर में हिमक्ष से ले ले रामेश्वरम तक फैला हुआ है| इसके अलावा हम बात कर रहे 99Pandit के बारे में|

၉၉ ပန်ဒစ် एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफार्म है၊ पंडित जी बुक कर सकते है| မင်း रुद्राभिषेक पूजा के लिए၊ नवग्रह शांति पूजा के लिए तथा काल सर्प दोष पूजा के लिए पंडित बुक कर सकते है|

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम के निम्नलिखित श्लोक में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग का बखान

सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्

उज्जयिन्यां महाकालमोंकारंममलेश्वरम्॥

परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशंकरम्

सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥

वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे

हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥

एतानि ज्योतिर्लिंगनि सायं प्रातः पठेन्नरः

सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति॥

ज्योतिर्लिंग की कथा – Jyotirlinga ပုံပြင်

अब हम इस लेख में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग (Jyotirlinga) की कथा के बारे में जानें गे| विष्णु पुराण में ज्योतिर्लिंग (Jyotirlinga) की कथा का पूर्ण रूप से उल्लेख मिलता है| माना जाता है कि एक बार भगवान विष्णु तथा भगवान ब्रह्मा जी इस सम्पूर्ण थृष्टि की सर्वोच्च

उस समय भगवान शिव ने प्रकाश के एक स्तंभ का निर्माण किया तथा इसके पश्चात भगवान श भवरन एवं भगवान ब्रह्मा जी उस स्तंभ का अंत खोजने के लिए कहा| तब भगवान विष्णु तथा ब्रह्मा जी ऊपर तथा नीचे की ओर अपने रास्तों को विभाजित करके अंलंकसे अलभग रास अंत को खोजने के लिए गये|

भगवान ब्रह्मा जी ने भगवान शंकर से झूठ बोला कि उन्हें उस स्तंभ का अंत मिल चुका है| वही दूसरी ओर भगवान विष्णु ने बहुत प्रयास करने के बाद हार मान ली| भगवान शिव को यह ज्ञात हो गया कि ब्रह्मा जी उनसे झूठ बोला था|

इस बात से क्रोधित होकर भगवान शिव ने ब्रह्मा जी श्राप दे दिया कि आप भले ही इस मैत्रान के सम्पूर्ण सृष्टि में आपकी पूजा नहीं की जाएगी| माना जाता है कि भगवान शिव के द्वारा उत्पन्न उस स्तम्भ से ही 12 ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga) जकी उ है|

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग के नाम तथा स्थान – သခင် Shiva ၏ 12 Jyotirlingas အမည်များနှင့် နေရာများ

क्र स. ज्योतिर्लिंग के नाम  စုစည်းမှု  ပြည်နယ် 
1. सोमनाथ ज्योतिर्लिंग  वेरावल, सोमनाथ ဂူ 
2. मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग श्रीशैलम  အင်ဒရာပရာဒက်ရှ် 
3. महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग  Ujjain  မဒ္ဒရာပရာဒက်ရှ် 
4. ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग မှတ်တမ်းစာအုပ်  မဒ္ဒရာပရာဒက်ရှ် 
5. बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग देवघर  Jharkhand 
6. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग အပေါင်းအဖော်များ, पुणे  မဟာရက်ရှထရာ 
7. रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग रामेश्वरम  तमिलनाडु 
8. नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वारका  ဂူ 
9. काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग  ဗာရာဏသီ  Uttar Pradesh 
10 ။ त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग नासिक  မဟာရက်ရှထရာ 
11 ။ केदारनाथ ज्योतिर्लिंग  केदारनाथ  Uttarakhand 
12 ။ घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग  နှင့်  မဟာရက်ရှထရာ 

 

भारत के 12 ज्योतिर्लिंग – India ၏ Jyotirlingas 12 ခု

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर, गुजरात – Somnath Jyotirling ဘုရားကျောင်း၊ ဂူဂျာရတ် 

भारत के 12 ज्योतिर्लिंग में सबसे प्रसिद्ध तथा सबसे प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर हैमा ज्योतिर्ल | प्राचीन कथाओं के अनुसार इस मंदिर का निर्माण वास्तुकला की चालुक्य शैली से हुआ था|

इस प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर को काठियावाड़ जिले में वेरावल के पास गुजरात राज्य में अगमरत देश के पशात के तट पर बनाया गया है| यह सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर भारत देश के सभी ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से सबसे पवित्र माना | जाता စာမျက်နှာများ

12 ဟိန္ဒီဘာသာဖြင့် Jyotirlinga အမည်နှင့် နေရာ

पौराणिक कथाओं के अनुसार माना जाता है कि इस सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर का निर्माण चंद्रमा ( का निर्माण शुद्ध सोने से ही करवाया था और रावण ने इस मंदिर का चांदी के नवीनीकरण किया था|

इसके पश्चात भगवान श्री कृष्ण ने चन्दन से तथा अंत में भीम देव ने इस सोमनाथ ज्योतिर्लिंग में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग में था| माना जाता है कि इस मंदिर के सोने को लूटने के लिए तुर्क वंश के शासक महमूद गजनी नहर इस म्दिर पर किया था|

इनके द्वारा किये गए आक्रमणों की वजह से मंदिर की सम्पूर्ण संपत्ति छीन ली गयी| जिसके पश्चात 1947 में सरदार वल्लभ भाई पटेल ने इस सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार किया था| तथा उस समय के राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पुनः इस मंदिर में ज्योतिर्लिंग की स्थापना की|

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर का पता : 

सोमनाथ मंदिर रोड, वेरावल (गुजरात) – 362268
फ़ोन – 09428214823

सोमनाथ मंदिर खुलने का समय : 

यह मंदिर प्रतिदिन सुबह 06:00 बजे से रात्रि में 09:00 बजे तक खुलता है| सोमनाथ मंदिर में आरती सुबह 07:00 बजे, दोपहर 12:00 बजे तथा शाम को 07:00 बजे होती है| इस मंदिर का सबसे प्रसिद्ध लाइट एंड साउंड शो – “जय सोमनाथ” प्रतिदिन शाम को 08:00 ब जके से एक 09:00 ब जके से राम ही होती है|

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर कैसे जा सकते है :  

इस मंदिर के सबसे निकट वेरावल रेलवे स्टेशन है जो कि भारत देश के लगभग सभी प्रमुख रोेलवा स्टेश है| इसलिए आपको यहाँ के लिए ट्रेन आसानी से मिल जाएगी| सोमनाथ मंदिर से इस रेलवे स्टेशन की दूरी करीब 5 किमी है| जिसके लिए आपको यहाँ से कई सारे निजी साधन बस या टैक्सी की सुविधा मिल जाएगी| 

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मंदिर, श्रीशैलम (आंध्र प्रदेश) – Mallikarjuna Jyotirlinga ဘုရားကျောင်း၊ Srisailam (Andhra Pradesh)

यह मंदिर आंध्र प्रदेश के दक्षिणी भाग में कृष्णा नदी के तट पर स्थित माना जाता है| यह मल्लिकार्जुन मंदिर 12 ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga) में दूसरा ज्योतिर्लिंग माना जाता है| इस मंदिर को श्री भ्रामराम्बा मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मंदिर के नाम से भी जानता है|

शिवपुराण के अनुसार बताया गया है कि मल्लिकार्जुन भगवान शिव तथा माता पार्वती का ही रूप है| जिसमे मल्लिक शब्द माता पार्वती तथा अर्जुन भगवान शिव को संबोधित करता है| इस मंदिर का निर्माण 1234 ईस्वी में होयसल के राजा वर नरसिम्हा जी के द्वारा करवाया गया था|

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग

इस मंदिर को बनाने के लिए वास्तुकला की द्रविड़ शैली में बनाया गया है| मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मंदिर में सुन्दर वास्तुकला की नक्काशी से चिन्हित है| बताया गया है कि यह मंदिर पूरे 2 हेक्टेयर में फैला हुआ है तथा इस मंदिर में चार गेटवे हावर भी स्थि| जिन्हें गोपुरम के नाम से भी जाना जाता है| इस मंदिर के परिसर में बहुत सारे कई सारे हॉल तथा मंडप भी उपस्थित है| 

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मंदिर का पता : 

श्रीशैलम, आंध्र प्रदेश – 528101
फ़ोन – 083339-01351

मल्लिकार्जुन मंदिर खुलने का समय : 

यह मंदिर प्रतिदिन सुबह 04:30 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है| तथा इस मंदिर में दर्शन का समय सुबह 06:30 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक और शाम 06:30 बजे है रात्रि 09

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मंदिर कैसे जा सकते है 

इस स्थान से सबसे निकट रेलवे स्टेशन मरकापुर है| आपको सभी प्रमुख शहरों से यहाँ के लिए ट्रेन आसानी से मिल जाएंगी| यह रेलवे स्टेशन मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मंदिर से लगभग 85 किमी दूर स्थित है| 

यदि आप हवाई जहाज से यहाँ आना चाहते है तो आपको इस मंदिर के सबसे पास हवाई ह्मत्डा एल्डा। राजीव गांधी हवाई अड्डा है लेकिन यह मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग मंदिर से 200 किमी दूर स्थित है| यहाँ आने के पश्चात आपको टैक्सी या बस की सहायता से मल्लिकार्जुन मंदिर जाना होगा|

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर၊ उज्जैन (मध्य प्रदेश) – Mahakaleshwar Jyotirlinga ဘုရားကျောင်း၊ Ujjain (Madhya Pradesh)

भगवान महादेव का सबसे प्रसिद्ध मंदिर महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर है| यह मंदिर उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर स्थित है| महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग साथ मुक्ति स्थलों में से एक है| माना जाता है कि महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग ऐसा स्थान है जो मनुष्य को अनंत काल तक मुकक्त कर |

यह एकमात्र ऐसा मंदिर है जिसमे स्वयंभू ज्योतिर्लिंग है| जिसकी ऊर्जा परिष्कृत है| महाकाल दो शब्दों से मिलकर बना होता है| जिसमे 'महा का अर्थ भगवान विष्णु' का गुण तथा 'काल का अर्थ समय' से मिलकर बना होता है| 

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग

भगवान शिव का गुण काल ​​से भी बड़ा माना जाता है| အင်တာနက် अनुष्ठान माना जाता है| इस भस्मा – आरती में भगवान शिव को चिता की राख से स्नान करवाया जाता है| पूरे भारत देश से सावन के महीने में तथा नाग पंचमी के समय महाकालेश्वर में भक्तों की बहमीत भी बड़ी 

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर का पता : 

उज्जैन၊ मध्य प्रदेश
ဖေဖေ့ – 0734 255 0563 

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर खुलने का समय :

महाकाल का यह मंदिर सुबह 04:00 बजे से रात्रि 11:00 बजे तक खुलता है| इस मंदिर में दर्शन 24 घंटे में चार बार होते है| सबसे पहले दर्शन सुबह 08:00 बजे से 10:00 बजे तक, इसके बाद 10:30 बजे से शाब 05:00 बजमा के जे तक 6, फिर शाम 07:00 बजे तक तथा अंत में रात 08:00 बजे से लेकर रात 11:00 बजे तक होता है| 

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर कैसे जा सकते है –

महाकाल के मंदिर से निकट उज्जैन रेलवे स्टेशन है जो कि मंदिर सिर्फ 2 किमी की दूरी पर ही स्ित है। आपको उज्जैन के लिए सभी प्रमुख नगरों तथा शहरों से ट्रेन अवश्य मिल जाएगी| यदि आप हवाई जहाज से आना चाहते है तो आपको अपने शहर से अहिल्या बाई होल्का हइवाई अल्डे लेनी होगी जो कि इंदौर में स्थित है| यह हवाई अड्डा महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर से लगभग 57 किमी की दुरी पर स्थित है| यहाँ से आपको मंदिर तक जाने के लिए टैक्सी किराए पर लेनी होगी| 

इसी के साथ हम आपको यह बता दे कि यदि आप उज्जैन में काल सर्प दोष पूजा, रुद्राभिषेक पूजा आदि कोई भी धार्मिक पूजा करवाना चाहते है तो ၉၉ ပန်ဒစ် आपके लिए एक बहुत ही अच्छा विकल्प होगा| ၉၉ ပန်ဒစ် एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफार्म है जो आपको पंडित बुकिंग की सर्वश्रेष्ठ सेवा प्रदान करता है| जहाँ आप घर बैठे मुहूर्त के हिसाब से अपना पंडित ऑनलाइन आसानी से बुक कर सकते हो| 

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर၊ खंडवा (मध्य प्रदेश) – Omkareshwar Jyotirlinga ဘုရားကျောင်း၊ Khandwa (Madhya Pradesh)

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (Omkareshwar Jyotirlinga) भी एक है| यह ज्योतिर्लिंग नर्मदा नदी में शिवपुरी नामक एक द्वीप पर स्थित किया गया है| पुराणों में ओंकारेश्वर शब्द का अर्थ – ओम ध्वनि के भगवान तथा ओंकार के भगवात मा जाा | रून में

इस तीन मंजिला मंदिर में स्थित အပေါင်းအဖော်များ का निर्माण बहुत ही अच्छे गुणवत्ता वाले ग्रेनाइट पेत्नर भगवान शंकर के इस ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के बारे में लोगों का यह मानना ​​है कि जिंद साा देवनाा बीच युद्ध हुआ था| 

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग

उस समय सभी देवता भगवान शिव के पास सहायता मांगने के लिए गए| तब भगवान शिव ने ओंकारेश्वर अवतार में प्रकट हुए तथा देवताओं को इस युद्ध में विजका दिलाने में | 

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर का पता :

मार्कंडेय आश्रम रोड, ओंकारेश्वर, मध्य प्रदेश – 450554

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर खुलने तथा दर्शन का समय :  

यह मंदिर सप्ताह के सातों दिन प्रात काल: 05:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक खुला रहता है| इस मंदिर में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग (Jyotirlinga) के दर्शन करने का समय प्रात काल: 05:30 ब जे से 2 द शाम 04:00 बजे से रात्रि 08:30 बजे तक रहता है| 

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर कैसे पहुँच सकते है 

भगवान शिव के इस ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर से सबसे निकट रेलवे स्टेशन खंडवा रेलवे न्टे ओंकारेश्वर मंदिर से 70 किमी की दूरी पर स्थित है| ϟ के लिए ट्रेन लेनी है तथा इसके पश्चात आपको यहाँ से कई सारी रोडवेज बस या निजोग बस मिल जाई ओंकारेश्वर तक पंहुचा देगी|

यदि आप यहाँ से अधिक दूरी एवं फ्लाइट की सहायता से ओंकारेश्वर आना चाहते है तो आपको अपने शहर से अहिल्या बाई होल्कर हवाई अड्डे के लिए फ्लाइट लेनी होगी जो हिस इंदौर में यह हवाई अड्डा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर से लगभग 84 किमी की दूरी पर स्थित है| यहाँ से आपको मंदिर तक जाने के लिए टैक्सी किराए पर लेनी होगी|

बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर , देवघर (झारखंड) – Baidyanath Jyotirlinga Temple, Deoghar (Jharkhand)

यह मंदिर झारखंड राज्य के संताल परागना क्षेत्र के देवधर नामक गाँव में स्थित है| बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग (Baidyanath Jyotirlinga) मंदिर को वैद्यनाथ या बैजनाथ के नाम से भी जाना जाता है| यह मंदिर 12 ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga) मंदिरों में से सबसे प्रसिद्ध स्थान माना गया है|

इस स्थान को बाबा धाम के नाम से भी जाना जाता है| सभी ज्योतिर्लिंग की अपेक्षा इस मंदिर को ज्यादा महत्व इस वजह से दिया जाता है क्योंकि इस मंदिर को 51देरातिर को भिडियोहरू शक्तिपीठों में से एक माना गया है|   

12 ဟိန္ဒီဘာသာဖြင့် Jyotirlinga အမည်နှင့် နေရာ

माना जाता है कि इस मंदिर परिसर में बाबा बैद्यनाथ का मंदिर तथा इसके अलावा अन्य देवी – देवताओं 21 माना जाता है कि इस मंदिर पुनर्निर्माण गिद्दोर के महाराजा के पूर्वज राजा पूरण मल जिकाा | द्वारारा | इस परिसर में जिस स्थान पर बाबा बैद्यनाथ का मंदिर है| उस स्थान को मंदिर का केंद्र माना जाता है अर्थात इस बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर को रिकर के लिल्कुदुर उस स्थान बनाया गया है| 

अब हम आपको बताएँगे 99Pandit के ऑनलाइन प्लेटफार्म के बारे में, जिसकी सहायता से रप हिन्दू ंस तिन्दू किसी भी प्रकार की पूजा के लिए ऑनलाइन पंडित जी को बुक कर सकते है| 99Pandit आपको अनुभवी पंडित प्रदान करते है| जिससे आपको पूजा के समय धार्मिक आनंद की अनुभूति हो| 

बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर का पता : 

शिवगंगा गली, देवघर, झारखंड 814 112

बैद्यनाथ मंदिर खुलने का समय 

यह मंदिर पूरे सप्ताह भर सुबह 04:00 बजे से लेकर दोपहर 03:30 बजे तक तथा शाम 06:00 बजे से जात्रि 09:00 रहता है| ϟ दर्शन के समय को बढ़ा दिया जाता है| 

कैसे पहुंचे बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर, झारखण्ड 

बाबा बैद्यनाथ के धाम से सबसे निकट रेलवे स्टेशन जसीडिह जंक्शन (हावड़ा – पटना – नई हैम दिल्ली) रेल जो बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर से लगभग 7 किमी की दूरी पर स्थित है| आपको बता दे कि देवघर रेलवे स्टेशन और बैद्यनाथ धाम के स्टेशन दोनों ही अन्य स्थानईस रेलवे 

इस मंदिर से सबसे निकटतम हवाई अड्डा अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डा, देवघर है जो कि बरैरमेति ज्लोद किमी की दूरी पर स्थित है| 

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर၊ पुणे (महाराष्ट्र) – Bhimashankar Jyotirlinga ဘုရားကျောင်း၊ Pune (Maharashtra)

यह मंदिर पुणे, महाराष्ट्र के सह्याद्री नामक क्षेत्र तथा भीमा नदी के तट पर स्थित है| भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर को इस नदी का स्रोत माना जाता है| द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्रम के अनुसार भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग 12 ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga) में से है| इस मंदिर की वास्तुकला मराठा शैली से ली गयी है|

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर ना केवल अपना धार्मिक महत्व दर्शाता है बल्कि साथ अपने शानदार माध्यम से लोगों का ध्यान भी अपनी ओर आकर्षित करता है| စာမျက်နှာများ द्वारा करवाया गया था| 

12 ဟိန္ဒီဘာသာဖြင့် Jyotirlinga အမည်နှင့် နေရာ

यह मंदिर अपनी नागर वास्तुकला शैली में राजस्थानी तथा गुजराती दोनों संस्कृतियों का समावेश है| इस मंदिर की बाहरी दीवारे कृष्ण लीला, शिव लीला, महाभारत तथा रामायण के दृश्हैती को दर्शा | महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर इस भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर में हजारों की संख्या में शिव भक्त उ ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए आते है| यह मंदिर भारत देश के सबसे लोकप्रिय ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से एक माना जाता है| 

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर का पता –   

Video
फोन – +91 9403726339 

भीमाशंकर मंदिर के खुलने का समय – 

मंदिर में दर्शन की शुरुआत सुबह 05:00 बजे से हो जाती है तथा इसका समापन 09:30 तक हो जाता है| आपकी जानकारी के लिए बता दे कि दोपहर के समय मध्याह्न की आरती के समय 45 मिनट के लिश नर्ए जाते है| 

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग मंदिर कैसे पहुंचे – 

भीमाशंकर मंदिर के सबसे पास रेलवे स्टेशन कर्जत जंक्शन है जो कि मंदिर से 147 किमी की द|ूरी पर यहाँ से आपको मंदिर तक जाने के लिए टैक्सी किराए पर लेनी होगी| इसके अलावा सबसे नजदीकी हवाई अड्डा पुणे हवाई अड्डा है| जिसकी मंदिर से दूरी लगभग 105 किमी है| 

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग मंदिर, रामेश्वरम, तमिलनाडु – Rameshwaram Jyotirlinga ဘုရားကျောင်း၊ Rameswaram, Tamil Nadu

यह मंदिर दक्षिणी क्षेत्र में तमिलनाडु के सेतु पर रामेश्वरम द्वीप पर स्थित है| माना जाता है कि यह मंदिर चारों ओर समुन्द्र से घिरा हुआ है| इस मंदिर का गलियारा भारत में स्थित सभी मंदिर के गालियारों में से सबसे बड़ा माना जाता है| इस मंदिर के गालियारों को सुन्दर वास्तुकला से सजाया गया है|

यह ज्योतिर्लिंग रामायण कथा तथा भगवान श्री राम की लंका विजय वापसी के साथ जुड़ा हुआ है| စာမျက်နှာများ 

12 ဟိန္ဒီဘာသာဖြင့် Jyotirlinga အမည်နှင့် နေရာ

मंदिर का पता – 

रामेश्वरम၊ तमिलनाडु 623526

रामेश्वरम मंदिर के खुलने का समय –

इस मंदिर को प्रतिदिन भक्तों के दर्शन के लिए दो पालियों में खोला जाता है, जो सुबह 05:00 ब जे 0 से द दोपहर 03:00 बजे से रात्रि में 09:00 बजे तक खुला रहता है| इस मंदिर में दर्शन का समय रात्रि 08:00 बजे तक ही है| 

रामेश्वरम मंदिर कैसे जा सकते है – 

इस मंदिर के सबसे निकट रेलवे स्टेशन रामेश्वरम ही है| जिसकी दूरी मंदिर से 1.5 किमी है| यह रेलवे स्टेशन चेन्नई सहित कई दक्षिणी राज्यों से भी जुड़ा हुआ है| ϟ စုစည်းမှု है| यहाँ से आपको मंदिर तक जाने के लिए टैक्सी किराए पर लेनी होगी| 

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर၊ द्वारका (गुजरात) – Nageshwar Jyotirlinga ဘုရားကျောင်း၊ Dwarka (ဂူဂျာရတ်)

यह मंदिर गुजरात राज्य के सौराष्ट्र तट पर गौमती द्वारका तथा बैत द्वारका के बीच मार्ग पर स्थित है| इस नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर को नागनाथ मंदिर के नाम से भी जाना जाता है| माना जाता है कि इस मंदिर को गुलाबी रंग के पत्थरों की सहायता से बनाया गया था|

इस स्थान पर भगवान शंकर की 25 फीट ऊंची मूर्ति, बहुत ही बड़े क्षेत्र म फैला हुआ बगीचा ता नली में आने वाले लोगों अपनी ओर आकर्षित करता है| नागेश्वर ज्योतिर्लिंग को भारत देश के सबसे शक्तिशाली ज्योतिलिंग में से एक माना जाताै| इस ज्योतिर्लिंग को सभी प्रकार के संरक्षण का प्रतीक माना जाता है|

12 ဟိန္ဒီဘာသာဖြင့် Jyotirlinga အမည်နှင့် နေရာ

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर का पता – 

दारुकवनम, गुजरात 361345

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के खुलने का समय –

အင်တာနက် ဂိမ်းဆော့ दिया जाता है तथा दोपहर 12.30 बजे दर्शन के पश्चात मंदी के द्वार बंद कर दिए जाते है | सुबह के समय भक्त भगवान शिव को दूध अर्पित करते है| इसके पश्चात पुनः मंदिर के द्वार शाम 5 बजे से खुलते है तथा 9.30 बजे तक खुले ही रहते है | 

कैसे पहुंचे नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर , द्वारका –

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग (Jyotirlinga) मंदिर से सबसे निकट रेलवे स्टेशन द्वमारका रेलवे स्टेशन सर हिरि है , लगभग 16 किमी है| तथा इस मंदिर निकट हवाई अड्डा जामनगर हवाई अड्डा है जो कि मंदिर से 127 किमी की दुरी पर स्थित है| इसके पश्चात आप बस या टैक्सी की सहायता से मंदिर तक पहुँच सकते है| 

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) – Kashi Vishwanath Jyotirlinga Temple, Varanasi (Uttar Pradesh) 

यह काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग (Kashi Viswanath Jyotirlinga) मंदिर भारत देश के सबसे धार्मिक तथा पूजनीय स्थान काशी में स्थित है| यह निराला शहर बनारस, वाराणसी की गलियों के बीच में स्थित है| माना जाता है इस मंदिर की जो वर्तमान संरचना है| उसका निर्माण 1780 में अहिल्या बाई होल्कर के द्वारा करवाया गया था|

हाल ही 2021 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर के श्वर से हटा दिया था| माना जाता है कि मंदिर मीनारों पर सोने की परत चढ़ी हुई है तथा मंदिर के ऊपर सोने की छतरी बनी है मकर संक्रांति, कार्तिक पूर्णिमा, महाशिवरात्रि तथा अन्नाकूट जैसे त्योहारों के समय काशी में पृष्ठ हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते है|

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग

विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर का पता : 

लाहौरी टोला, वाराणसी, उत्तर प्रदेश – 221001
फोन – +91 6393131608
တရားဝင်ဝက်ဘ်ဆိုက် - https://shrikashivishwanath.org/ 

विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर खुलने का समय –

यह मंदिर प्रतिदिन भक्तों के दर्शन के सुबह 4 बजे से सुबह 11 बजे तक तथा दोपहर 12 बजे से जे शाम को 7 शाम को फोटो। बजे तक खुला रहता है| 

काशी विश्वनाथ मंदिर कैसे पहुंचे –

इस मंदिर के सबसे नजदीक रेलवे स्टेशन वाराणसी जंक्शन ही है| जिसकी दूरी मंदिर से लगभग 5 किमी है| काशी विश्वनाथ मंदिर जाने के लिए सबसे निकट हवाई अड्डा बाबतपुर में लाल बहादुर रयास्त्री शास्त्री अड्डा है जो कि इस मंदिर 25 किमी की दूरी पर स्थित है| यहाँ से आपको मंदिर तक जाने के लिए टैक्सी किराए पर लेनी होगी|

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, नासिक (महाराष्ट्र) – Trimbakeshwar Jyotirlinga ဘုရားကျောင်း၊ Nashik (Maharashtra)

यह मंदिर महाराष्ट्र के नासिक से लगभग 30 किमी की दूर गोदावरी नदी के ब्रह्मगिरी नामक पर्वत पर स्ित है। इस त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में एक कुसावर्त कुंड स्थित है| जिसका निर्माण श्रीमंत सरदार रावसाहेब पारनेकर ने करवाया था, जिन्हें इंदौर शहर कैता माडणनवीस इस मंदिर को गोदावरी नदी का स्त्रोत माना जाता है|

गोदावरी नदी को गौतमी गंगा के नाम से भी जाना जाता है| यह दक्षिण भारत की सबसे पवित्र नदी मानी जाती है| यह शहर हिन्दू धर्म के लोगों के लिए बहुत ही बड़ा धार्मिक महत्व रखता है क्योंरों श उन चा है जो हर 12 साल में कुंभ के मेले का आयोजन करता है|

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग

माना जाता है कि यहाँ स्थित ज्योतिर्लिंग के तीन मुख है जो भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णान तथा भगवान है| इस स्थान की सुन्दरता मानसून के माह में अधिक उभर के नज़र आती है|

मंदिर का पता :

त्र्यंबकेश्वर , नासिक (महाराष्ट्र) – 422212

त्र्यंबकेश्वर मंदिर के खुलने का समय –

भगवान शिव का यह मंदिर सुबह 5.30 बजे से रात्रि 9 बजे तक भक्तों के दर्शन के लिए हुला रैहै।

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर कैसे पहुंचे –

इस मंदिर का सड़क मार्ग लगभग सभी प्रमुख मार्गो से जुड़ा हुआ है| त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर नासिक से 30 किमी, मुंबई से 178 किमी, महाराष्ट्र के औरंगाबाद से 224 किमी तथा ठराणे से 157 ल मी गाद से है| तथा इस मंदिर नजदीकी रेलवे स्टेशन गतपुरी है|

यह स्टेशन मंदिर से 28 किमी की दूरी पर स्थित है| जिसके पश्चात आपको मंदिर तक जाने के लिए टैक्सी या ऑटो किराए पर लेना होगा| इस मंदिर के निकट हवाई अड्डा नासिक हवाई अड्डा है जो मंदिर से लगभग 50 किमी दूर स्थित है| यहाँ से आपको ऑनलाइन टैक्सी बुक करनी होगी, जो आपको मंदिर तक पहुंचा देगी|

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर, उत्तराखंड – Kedarnath Jyotirlinga ဘုရားကျောင်း၊ Uttarakhand

यह मन्दिर उत्तराखंड राज्य में 11,755 फीट की ऊंचाई पर मन्दाकिनी नदी के पाथ गढ़ंखाल हिम्लय २ यह भारत देश में स्थित ऐसा ज्योतिर्लिंग है जो कि सबसे ऊंचाई पर स्थित है| यह मंदिर भारत के 12 ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga) के साथ – साथ हिन्दू धर्म में म बहुत महत्व रखने शले धार में है|

पौराणिक कथाओं के अनुसार यह माना जाता है कि यह मंदिर करीब 3000 हज़ार साल पुराना है| इस मंदिर को अत्यधिक ठण्ड के मौसम तथा बर्फ़बारी होने के कारण सिर्फ 6 महीने तक ही खोला | खोला इसके पश्चात सर्दी की वजह से इस मंदिर को 6 महीने बंद रखा जाता है|

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग

केदारनाथ मंदिर का पता – 

केदारनाथ, उत्तराखंड – 246445
ဖေဖေ့ – 01389-222 083

केदारनाथ मंदिर खुलने का समय – 

यह मंदिर भक्तों के दर्शन के लिए अप्रैल से नवंबर के माह तक सुबह 4 बजे से दोपहर 12 ह बजे ते दास रात 9 बजे तक खुला रहता है| इस मंदिर का खुलना मौसम की परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है| 

केदारनाथ मंदिर कैसे पहुंचे –  

इस मंदिर के सबसे निकट रेलवे स्टेशन ऋषिकेश रेलवे स्टेशन है, जो कि गौरीकुंड से लक्ती 210 मंदिर तक सड़क मार्ग के द्वारा नहीं जाया जा सकता है| मंदिर तक जाने के लिए आपको गौरीकुंड से 20 किमी तक की चढ़ाई करनी पड़ती है| मंदिर तक जाने के लिए हेलीकाप्टर की सवारी भी कर सकते है| 

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, औरंगाबाद (महाराष्ट्र) – Grishneshwar Jyotirlinga ဘုရားကျောင်း၊ Aurangabad (Maharashtra) 

यह घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग (Grishneshwar Jyotirlinga) भारत देश के महाराष्ट्र राज्य में औरंगाबाद जिले में एलोरा की गुफाओं के निकट में ही स्थित है| यह मंदिर भारत देश में प्रसिद्ध भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga) में से एक है|

मान्यताओं के अनुसार यह घृष्णेश्वर मंदिर पूर्ण रूप से भगवान शंकर को समर्पित किया गया | आपकी जानकारी के लिए बता दे कि भगवान शिव के इस घृष्णेश्वर मंदिर को यूनेस्रोक ने अपनी वीडियो सूची में शामिल किया हुआ है|

12 ဟိန္ဒီဘာသာဖြင့် Jyotirlinga အမည်နှင့် နေရာ

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर का पता –

एलोरा, एंगाबाद, पोस्ट – घृष्णेश्वर (महाराष्ट्र) – 431102
फोन – +91 9422714648 

घृष्णेश्वर मंदिर खुलने का समय – 

Video बजे तक रहता है| कुछ ख़ास अवसर जैसे श्रावण के महीने जो कि अगस्त तथा सितंबर के महकीने में आते है , में शगवा घृष्णेश्वर मंदिर में दर्शन का समय प्रातकाल: 03:00 से प्रारंभ होकर रात्रि में 11:00 बजे तक रहता है| 

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर कैसे पहुंचे –

घृष्णेश्वर मंदिर से सबसे नजदीक हवाई अड्डा औरंगाबाद में ही है जो कि घृष्णेश्वर मंदिर से लगभग 30 हैतीकि पर सुर्राश्वर इस मंदिर सबसे नजदीक रेलवे स्टेशन औरंगाबाद जंक्शन ही है| इसके पश्चात आप बस या टैक्सी की सहायता से मंदिर तक पहुँच सकते है| 

နိဂုံး - နိဂုံး

आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga) के बारे में काफी बातें जानी है| आज हमने 12 उन मंदिरों के बारे में जाना, जिन मंदिरों में भगवान शिव के 12 थप ज्यनतिर हलिता मौ जूद के लिए साधनों के बारे में भी बात की|

हम उम्मीद करते है कि हमारे द्वारा बताई गई जानकारी से आपको कोई ना कोई मदद मिली होगी| इसके अलावा भी अगर आप किसी और पूजा के बारे में जानकारी लेना चाहते है। तो आप हमारी वेबसाइट ၉၉ ပန်ဒစ် पर जाकर सभी तरह की पूजा या त्योहारों के बारे में सम्पूर्ण जानकारी ले सकते है|

अगर आप हिन्दू धर्म से सम्बंधित किसी पूजा जैसे – वाहन पूजा, भूमि पूजा ၊ रुद्राभिषेक पूजा इत्यादि हेतु पंडित जी की तलाश कर रहे है तो आपको बता दे की ၉၉ ပန်ဒစ် စာမျက်နှာများ कर सकते हो|

यहाँ बुकिंग प्रक्रिया बहुत ही आसान है| बस आपको “बुक ए पंडित” विकल्प का चुनाव करना होगा और अपनी सामान्य जानकारी जैसे कि अपना नाम, मेल, पूजा का चयन के माध्यम से आप आपना पंडित बुक कर सकेंगे| 

အမေးများသောမေးခွန်း

Q.12 ज्योतिर्लिंग के पीछे की कहानी क्या है?

A.माना जाता है कि इन 12 स्थानों पर भगवान शिव ने खुद दर्शन दिए थे|

Q.12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने का क्रम क्या है?

A.सभी 12 ज्योतिर्लिंग (12 Jyotirlinga) के क्रम हैं सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, बैद्यरमकथ, भामा,श्वर नागेश्वर, विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, केदारनाथ और घृष्णेश्वर|

Q.ज्योतिर्लिंग की क्या कहानी है?

A.नर और नारायण नामक दो ऋषि जिनको भगवान श्री विष्णु का अवतार माना जाता है| उन्होंने एक बार अपनी तपस्या से भगवान शिवजी को प्रसन्न कर लिया| फिर जब भगवान शिवजी प्रकट हुए तो नर और नारायण की प्रार्थना को स्वीकार करते हुए वहरीं ज्योतिरल् करने का वचन दिया

Q.कौन सा ज्योतिर्लिंग सबसे शक्तिशाली है?

A.नागेश्वर ज्योतिर्लिंग को भारत देश के सबसे शक्तिशाली ज्योतिर्लिंग में से एक माना जाता है|

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