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गंड मूल नक्षत्र पूजा सामग्री लिस्ट: संपूर्ण सूची, विधि और महत्व

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Last Updated:ဖေဖေါ်ဝါရီလ 8, 2024
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ဤဆောင်းပါးကို Ai ဖြင့် အကျဉ်းချုပ်ဖော်ပြပါ။ GPT ချတ် မငြိမ်မသက်စိုးရိမ်ကြောင့်ကြ Gemini Claude Grok

हिन्दू धर्म के अनुसार माना जाए तो मनुष्य की कुंडली में कुल 27 नक्षत्र होते है| प्रत्येक नक्षत्र की अपनी अलग विशेषता होती है| इन्ही में से कुछ नक्षत्रों पर राहु-केतु का शासन होता है| इसलिए इस गंड मूल नक्षत्र पूजा के नाम से भी जाना जाता है| गंड मूल नक्षत्र से होने वाले दुष्प्रभावों को दूर करने के लिए इस पूजा को किया जाता है| गंड मूल नक्षत्र इन 27 नक्षत्रों जैसे अश्विनी, मघा, ज्येष्ठा, मूल एवं रेवती में से ही एक | यदि किसी जातक का जन्म बताएं गए नक्षत्रों में से किसी नक्षत्र में हुआ है तो उस व्याता जूति के

गंड मूल नक्षत्र पूजन सामग्री

इस गंड मूल नक्षत्र की पूजा करने के लिए गंड मूल नक्षत्र पूजन सामग्री के बारे ज्ञान होना बहुत ही आवश्यक है| ऐसा इसलिए क्योंकि गंड मूल नक्षत्र सामग्री पूजन सामग्री अपना एक महत्वपूर्ण अहरैतीाव प्रकटक | गंड मूल नक्षत्र शांति पूजा एक वैदिक पंडित जी के द्वारा की जाती है| 99Pandit आपको एक अनुभवी वैदिक पंडित जी पाने के लिए आपकी सहायता करता है| वेदों तथा कई सारे हिन्दू शोधों में यह बताया गया है कि पूर्ण गंड मूल नक्षतार पइूजसा साम गरके साम्री पर यह हमारे जीवन के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद सिद्ध होती है|

अगर आपको 99पंडित के माध्यम से रुद्राभिषेक पूजन के आयोजन हेतु पंडित बुक करना है पिता धपडक 99 वेबसाइट पर जाकर “Pandit အွန်လိုင်းတွင် ကြိုတင်စာရင်းသွင်းပါ။” बटन पर क्लिक करना होगा | पूजा का चयन कर आपको पंडित “सबमिट” बटन क्लिक करना होगा आप को बहुत आसान है | Whatsapp के माध्यम से भी शेयर कर सकते है|

गंड मूल नक्षत्र पूजन सामग्री की लिस्ट कुछ निम्न प्रकार दी गई है –

ပစ္စည်း 

ပမာဏ 

रोली 

1 စာမျက်နှာ
कलावा (मौली)

၅ टुकड़े 

Vermilion

1 စာမျက်နှာ 
လေးညှင်းပွင့်

1 စာမျက်နှာ 

ဖာလာ

1 စာမျက်နှာ 
सुपारी 

21 नग

गरिगोला 

6 नग 
ဟန်နီ 

1 शीशी

इत्र 

1 शीशी 
गंगाजल 

1 शीशी 

နှင်းဆီရေ 

1 शीशी 
अबीर गुलाल 

1 စာမျက်နှာ 

နနွင်း 

1 စာမျက်နှာ 
लाल कपड़ा 

2 လပိုင်း 

पीला कपड़ा 

3 လပိုင်း 
मिट्टी का कलश 

5 नग 

ကီလိုရာ 

10 नग
दियाळी 

20 नग

धूपबत्ती 

2 စာမျက်နှာ 
रुई बत्ती 

1 စာမျက်နှာ 

Kapoor 

100 ဂရမ် 
देशी घृत

500 ဂရမ် 

ဓမ္မချည်မျှင် 

11 नग
पीली सरसों 

50 ဂရမ် 

पंचमेवा

100 ဂရမ် 
सप्तमृतिका

1 စာမျက်နှာ 

सप्तधान्य 

1 စာမျက်နှာ 
पंचरत्न 

1 စာမျက်နှာ 

सर्वोषधि

1 စာမျက်နှာ 
दोना 

1 စာမျက်နှာ 

माचिस 

1 नग
ဒိवल 

7 ကီလိုဂရမ် 

ဩဒိန်ဘောလုံး 

1 စာမျက်နှာ 
रंग – लाल, पीला, हरा, काला 

၂ + ၂ ပီဒူလာ 

हनुमान जी वाला झंडा 

1 नग
मूल एवं मूलनियाँ

၁ ဆပ် 

सताइस वृक्षों के पत्ते 

2 + 2 पत्तियां
सताइस नक्षत्र हवन समिधा 

1 စာမျက်နှာ 

सताइस कुँए का जल 

1 शीशी 
सताइस किलो अनाज 

कोई भी 

सताइस कुल्हड़ या गिलास

-
सताइस छिद्रों वाला कलश 

1 नग 

အမျိုးအစားအလိုက် စာမျက်နှာများ 

-
कम्बल व चादर 

1 नग

गाय चाँदी में लाये अथवा गौ दान करें 

-
ब्रह्म पूर्ण पात्र में पांच किलो का भगोना

-

कटोरा छाया दान हेतु 

1 नग
नवग्रह समिधा 

1 စာမျက်နှာ 

हवन सामग्री 

500 ဂရမ် 
आम की समिधा 

3 ကီလိုဂရမ် 

हवन कुंड की व्यवस्था 

-
लकड़ी की चौकी 

5 नग

लकड़ी के पीढ़े

4 नग
आम का पल्लव 

5 नग

फूल माला लड़ी 

7 လပိုင်း 
ဂိမ်း 

500 ဂရမ် 

फल व मिठाई 

လိုအပ်သလို
पान के पत्ते 

11 नग

दूध एवं दही पंचामृत हेतु आवश्यकतानुसार

-
पानी वाला नारियल 

2 नग

 

गंड मूल नक्षत्र पूजन विधि

माना जाता है जिस व्यक्ति की कुंडली में मूल दोष पाया जाता है| वही गंड मूल नक्षत्र शांति पूजा करवाता है| यह पूजा जीवन में केवल एक ही बार की जाती है| जब आप गंड मूल नक्षत्र शांति पूजा के लिए 99Pandit द्वारा किसी पंडित जी को बुक करते हैर के मारी ट आपके लिए गंड मूल नक्षत्र पूजा के लिए शुभ दिन व शुभ मुहूर्त की गणना करके आपतकारो अनुडभी आपके लिए है| आपको गंड मूल नक्षत्र पूजन सामग्री के साथ गंड मूल नक्षत्र पूजा की विधि को जानना भी बहैत आवश | तो आइये जानते है क्या है गंड मूल नक्षत्र पूजन की विधि –

गंड मूल नक्षत्र पूजन सामग्री

  • इस पूजा को करने में करीब 2 घंटे 30 मिनट का समय लगता है|
  • मुख्य रूप से यह गंड मूल नक्षत्र की पूजा जन्म कुंडली के 27 वे दिन के बाद शुभ तरीके से की |जाती
  • यह पूजा गंड मूल नक्षत्र के प्रभाव तथा बताए गए उपायों को निर्दिष्ट करने के लिए र हर जाल्प के से है|
  • गंड मूल नक्षत्र शांति पूजा को प्रारंभ करने से पहले इसके सफल समापन के लिए भगवीान श्रपजका ग णेए है|
  • अब इस पूजा के लिए लाये गए 27 अलग-अलग पौधों की पत्तियां तथा जल को रखे|
  • गंड मूल नक्षत्र शांति पूजा का बेहतर लाभ प्राप्त करने के लिए नवग्रह जाप के साथ सहर जाता मूल मार चाहिए| यदि आप चाहे तो गंड मूल नक्षत्र होम भी करवा सकते है|
  • अंत में जब होम पूर्ण हो जाए तो यज्ञ में पूर्ण आहुति दीजिये तथा इस गंड मूल नक्षताश शलेंां होने वाले सभी लोगों को प्रसाद वितरित कीजिए|

गंड मूल नक्षत्र पूजा के लाभ

हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार मानसिक स्थिति को ठीक करने तथा अपने अच्छे कर्मरकत को बढ़ लाने शांत करना बहुत आवश्यक है| इसी वजह से गंड मूल नक्षत्र शांति पूजा की जाती है| गंड मूल नक्षत्र पूजा जातक के जीवन से सभी बुरे प्रभावों व नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर देती है| इस गंड मूल नक्षत्र पूजा को करने लाभ निम्न है –

गंड मूल नक्षत्र पूजन सामग्री

  • यह पूजा जातक को सभी प्रकार के दुष्प्रभावों से तथा नकारात्मक प्रभावों से बचाती है| इसके अलावा यह पूजा जातक के माता-पिता, भाई-बहन व रिश्तेदारों को होने वाले नुकसान से बचाता है|
  • इस पूजा को करने से जातक की मानसिक स्थिति तथा शारीरिक स्वास्थ्य में बहुत सुधार आता है|
  • यदि किसी व्यक्ति को मूल दोष के कारण आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है तो गंड मूल न क्षत्र उसको राहत मिलती है|
  • बच्चे के जन्म के 27 दिन के पश्चात मूल दोष के प्रभाव को दूर करने के लिए गंड मूल नक्षपसमत्र शूजाति मानी जाती है|
  • गंड मूल नक्षत्र पूजा करने के पश्चात जातक को अपने करियर में निरंतर सफलता प्राप्त होती है|

နူအာ

गंड मूल नक्षत्र शांति पूजा जातक की कुंडली में मूल दोष को दूर करने के लिए की जाती है| इस लेख के माध्यम से हमने आपको गंड मूल नक्षत्र पूजन सामग्री के बारे उचित जानकारी प्रेदान करन ၉၉ ပန်ဒစ် की सहायता से आप गंड मूल नक्षत्र पूजा के लिए पंडितजी बुक कर सकते है| इसके द्वारा के द्वारा आप अपनी सुविधा अनुसार किसी भी पूजा के लिए ऑनलाइन पंडितैजकक ब| 99Pandit आपकी पूजा के अनुसार ही शुभ मुहूर्त व तिथि के अनुसार अनुभवी पंडितजी से आपोक जोड़ता है

इसी के साथ आप किसी भी वैदिक अनुष्ठान हेतु सामग्री की व्यवस्था हेतु 99Pandit की अधिकारमात प्लेटफा के अनुसार कर सकते हो | इसके अतिरिक्त रुद्राभिषेक पूजन सामग्री, अखंड रामायण पाठ ၊ सुंदरकांड पूजन सामग्री, की जानकारी व इनके आयोजन हेतु ऑनलाइन पंडित बुक कर सकते है |

အမေးများသောမေးခွန်း

Q.गंड मूल नक्षत्र पूजा के पश्चात क्या किया जाता है?

A.पूजा समाप्त होने के बाद 27 ब्राह्मणों को प्रसाद दिया जाता है| इसके अलावा ब्राह्मणों को घी, वस्त्र व दक्षिणा के साथ-साथ गायों को भोजन भी दे|

Q.मूल नक्षत्र का प्रभाव कब तक रहता है?

A.इसका प्रभाव 8 वर्ष तक ही माना जाता है| 8 वर्ष के पश्चात इसका कोई खास प्रभाव नहीं रहता है|

Q.गंड मूल नक्षत्र पूजा कब करनी चाहिए?

A.धार्मिक ग्रंथों की मान्यताओं के अनुसार गंड मूल नक्षत्र पूजा शिशु के जन्म के हो 27वा ए तक

Q.गंड मूल पूजा कब करनी चाहिए?

A.इस पूजा के द्वारा सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने के लिए गंड मूल नक्षत्र पूजा को उचित तिथेभ व उ करना चाहिए|

အကြောင်းအရာ၏ဇယား

ယခုမေးမြန်းပါ

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