logo 0%
Griha Pravesh Puja အွန်လိုင်းစာအုပ် Griha Pravesh Puja အွန်လိုင်းစာအုပ် ယခုဘွတ်ကင်လုပ်ရန်

Grishneshwar Jyotirlinga ဘုရားကျောင်း- जाने दर्शन का समय, कथा व इतिहास

20,000 +
ပန်ဒစ်များ ပါဝင်ခဲ့သည်။
1 သိန်း+
Puja ကျင်းပခဲ့သည်။
4.9/5
ဖောက်သည်အဆင့်သတ်မှတ်ချက်
50,000
ပျော်ရွှင်သောမိသားစုများ
99PanditJi ကရေးသား: 99PanditJi
Last Updated:သြဂုတ်လ 2, 2024
घृष्णेश्वर मंदिर
ဤဆောင်းပါးကို Ai ဖြင့် အကျဉ်းချုပ်ဖော်ပြပါ။ GPT ချတ် မငြိမ်မသက်စိုးရိမ်ကြောင့်ကြ Gemini Claude Grok

ဟိန္ဒီဘာသာဖြင့် Gishneshwar ဘုရားကျောင်း घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग भारत देश के महाराष्ट्र राज्य में औरंगाबाद जिले में एलोंका की गुफा စုစည်းမှု है| यह मंदिर भारत देश में प्रसिद्ध भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है| मान्यताओं के अनुसार यह घृष्णेश्वर मंदिर (Grishneshwar ဘုရားကျောင်း) पूर्ण रूप से भगवान शंकर को समर्पित किया गया है|

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि भगवान शिव के इस मंदिर को यूनेस्को ने अपनी विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया हुआ है| माना जाता है कि इस मंदिर में आकर भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने से भक्तोतों को म्सुख की होती है|

 घृष्णेश्वर मंदिर

इसके अतिरिक्त में भक्तों को भगवान शंकर का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है| यह मंदिर काफी पुराना बताया जाता है| कहा जाता है कि इस मंदिर की खोज 13 वी शताब्दी की गयी थी| यह मंदिर एलोरा की गुफा में स्थित माना जाता है|

इस मंदिर में भगवान शंकर शिवलिंग के रूप में विराजमान है| घृष्णेश्वर मंदिर (Grishneshwar ဗိမာန်တော်) को सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थालों मे से एक माना जाता है| जैसा कि आप सभी लोगों को पता है भगवान शंकर के शिवलिंग ऐसे तो बहुत सारे स्थानों पर विराजमलान हैन इस मंदिर में स्थित भगवान शिव के इस शिवलिंग के साथ ही 11 अन्य विशेष शिवलिंग का बहुत ही हड़ा म|त्व

इन सभी दिव्य ज्योतिर्लिंगों को मिलाकर भारत देश में कुल 12 ज्योतिर्लिंग उपस्थित है जो मे शम् पूर् अलग – अलग स्थानों पर उपस्थित है|

इन्ही 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक घृष्णेश्वर मंदिर में भी स्थित है| इस मंदिर में उपस्थित ज्योतिर्लिंग को अंतिम ज्योतिर्लिंग का दर्जा दिया गया है| माना जाता है कि बाकी 11 ज्योतिर्लिंगों के सामान ही इस मंदिर में स्थित ज्योतिर्लिंग की भी बहुत ही बड़ी महिमा मानी जाती है|

घृष्णेश्वर मंदिर में दर्शन का समय – Grishneshwar ဘုရားကျောင်းရှိ Darshan အချိန်များ

घृष्णेश्वर मंदिर (Grishneshwar Temple) को भगवान शंकर के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना गया है| भगवान शिव के इस पवित्र घृष्णेश्वर मंदिर (Grishneshwar Temple) में भक्तगणों के लरिए मंदिर म्शान भगवान समय प्रातकाल: सुबह 04:00 बजे से प्रारंभ होकर रात्रि में 10:00 बजे तक रहता है|

कुछ ख़ास अवसर जैसे श्रावण के महीने जो कि अगस्त तथा सितंबर के महीने में आते है , इस मके गवान दर्शन का समय प्रातकाल: 03:00 से प्रारंभ होकर रात्रि में 11:00 बजे तक रहता है| सामान्यत: भगवान शंकर के ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने में लगभग 2 घंटे का समय लगता है|

၉၉ ပန်ဒစ်

ရက်စွဲကိုဆုံးဖြတ်ရန် 100% အခမဲ့ခေါ်ဆိုမှု (MUHURAT)

၉၉ ပန်ဒစ်

लेकिन श्रावण का महीने होता है तो घृष्णेश्वर मंदिर में इतगकी भीड़ होती है किंत भक्ते एक ज्रा दर्शन करने में 6 से 8 घंटे का भी समय लग जाता है| तो आईये इस लेख में आगे जानते है कि इस मंदिर का कार्यक्रम किस प्रकार होता है|

.िन  आरती/पूजा  समय 
सोमवार से रविवार  मंगल आरती  प्रातः 04:00 बजे 
सोमवार से रविवार  जलहरि सघन  08:00 बजे 
सोमवार से रविवार  महाप्रसाद  12:00 बजे 
सोमवार से रविवार  जलहरि सघन  16:00 बजे 
सोमवार से रविवार  संध्या आरती – ग्रीष्म  19:30 बजे 
सोमवार से रविवार  संध्या आरती – शीत ऋतु  17:40 बजे 
सोमवार से रविवार  रात्रि आरती  22:00 बजे 

ϟ आपको मंदिर में जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते है लेकिन यदि आपको अपने घर पर ही रुद्राभिषेक की पूजा करवानी है तो ၉၉ ပန်ဒစ် आपके लिए एक बहुत ही अच्छा विकल्प है|

जिसकी सहायता से आपको ऑनलाइन पंडित की सुविधा प्राप्त होती है| မင်း ၉၉ ပန်ဒစ် की सहायता से रुद्राभिषेक के अलावा भी हिन्दू धर्म से सम्बंधित सभी पूजा करवा सकते है जैसे – भूमि पूजा, सत्यनारायण कथा, नवग्रह शांति पूजा आदि|

घृष्णेश्वर मंदिर कैसे पहुंचे – Grishneshwar ဘုရားကျောင်းကို ဘယ်လိုသွားရမလဲ

भगवान शंकर के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक घृष्णेश्वर मंदिर (Grishneshwar Temple) औरंगाबात जिले में स्वार यदि आप भगवान शिव इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के लिए जाना चाहते है बो उसरके लाඏ आप 30 किमी की दूरी पर स्थित वेरुल नाम के एक गाँव में पहुंचना होगा, जिस स्थान पर मंदिर स्थित है|

घृष्णेश्वर मंदिर

इस मंदिर को घुश्मेश्वर के नाम से भी जाना जाता है| जैसा कि आपको पता है औरंगाबाद शहर महाराष्ट्र के सबसे जाने माने शहरों की सूची में होता या इलि घृष्णेश्वर मंदिर जाने के लिए साधन बहुत ही आसानी से हो जाते है| तो आइये जानते है उन साधनों के बारे में जो आपको घृष्णेश्वर मंदिर तक ले जाएगे – 

सड़क मार्ग से – လမ်းမကြီး 

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि यदि आप सड़क मार्ग से घृष्णेश्वर मंदिर (Grishneshwar Temple) जाना उसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 211 से जाना होगा क्योंकि यह राजमार्ग औरंगाबाद घृष्णे होकर ही निकलता है|

मुंबई शहर से यह दुरी 300 किमी၊ ရှီရာဒ္ဒီ से 170 किमी, नासिक से 175 तथा त्रयंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग से लगभग 200 किमी की दूरी यात्रियों को तय करनी पड़ती है| अगर सीधी भाषा में कहे तो सड़क मार्ग भक्तों के लिए काफी ज्यादा कठिन हो जाता है| इसलिए अधिकतर सलाह यही दी जाती है कि आप महाराष्ट्र से अधिक दूर रहते है तो आहहका ट्रेन या चुनाव करना चाहिए|

हवाई यात्रा के द्वारा – လေကြောင်းခရီးဖြင့် 

यदि आप हवाई मार्ग के द्वारा घृष्णेश्वर मंदिर(Grishneshwar Temple) जावना चाहते है तो इस मंदिर से से अड्डा औरंगाबाद में ही है जो कि घृष्णेश्वर मंदिर से लगभग 30 किमी की दुरी पर स्थित है| आपको औरंगाबाद हवाई अड्डे से घृष्णेश्वर मंदिर के लिए बहुत सारे निजी साधन मिल जाए जिनकी सहायता से आप आसानी मंदिर तक जा सकते है| 

के द्वारा – ရထားဖြင့် 

यदि आपके शहर में हवाई अड्डे की सुविधा नहीं है तो आपके लिए सबसे बेहतरीन साधा ट्रेन का | शहरों में से एक माना जाता है| इसलिए लगVideos आप मनमाड के लिए ट्रेन ले सकते है तथा इहके श्चा औरंगाबाद के लिए दूसरी ट्रेन ले सकते है| इसके पश्चात रेलवे स्टेशन से ही आपको इस मंदिर के लिए बहुत सारे निजी साधन मिल जाएगे|

घृष्णेश्वर मंदिर का इतिहास – Grishneshwar ဘုရားကျောင်း သမိုင်း

महर्षि वेदव्यास जी के द्वारा लिखे हुए शिव पुराण में इस मंदिर के बारे में अनेको कैाएँ ब | इस कथा में बताया गया है कि प्राचीन समय में देवगिरी नामक एक पर्वत पर ब्रह्मवेत्ता सुधर्म नामक्ा ए था| वह ब्राह्मण अपनी पत्नी सुदेहा के साथ रहता था| लेकिन उसके कोई संतान नहीं थी|

जिस कारण सुदेहा ने अपने पति का विवाह अपनी बहन गुश्मा के साथ करवा दिया| ब्रह्मवेत्ता तथा गुश्मा ने एक पुत्र को जन्म दिया| इसके पश्चात सुदेहा को उनके पुत्र से ईर्ष्या होने लगी| इसलिए उसने उस बच्चे को मार दिया तथा उसे छोटे छोटे टुकड़ों में काटकर उस झील में फेंक दिया, जहाँ गुश्मा भगवान थ शंकर की पूजा करती|

၉၉ ပန်ဒစ်

ရက်စွဲကိုဆုံးဖြတ်ရန် 100% အခမဲ့ခေါ်ဆိုမှု (MUHURAT)

၉၉ ပန်ဒစ်

लेकिन इसके बारे गुश्मा को पता चल गया फिर भी उसने लगातार भगवान शिव की आराधना करना चालू रखा वह प्रतिदिन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करती थी| उसकी इस अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शंकर उसके पुत्र के साथ गुश्मा के समोक्ष प्रकक हु कि किस प्रकार उसकी अपनी बहन ने उसके पुत्र की हत्या की थी|

जब गुश्मा को इस बारे में पता चला तो गुश्मा ने भगवान शंकर से विनती की कि वह उसको बहीन को उसके माफ़ कर दे| गुश्मा की इस बात से भगवान शिव उससे और भी अधिक प्रसन्न हो गए तथा गुश्मा से एक वरदान मा

तब गुश्मा ने भगवान शिव के वरदान माँगा कि भगवान शंकर हमेशा के लिए ही उस स्थान पर् रहे , प्रतिदिन भगवान शंकर की पूजा करती थी| गुश्मा के इतना कहते ही भगवान शंकर ने स्वयं को एक ज्योतिर्लिंग में बदल लिया| उस समय से झील को शिवालय के नाम से जाना जाता है|

प्रमुख शहरों से घृष्णेश्वर मंदिर की दूरी – မြို့ကြီးများမှ Gishneshwar ဘုရားကျောင်း အကွာအဝေး

प्रमुख शहरों के नाम  दूरी (कि.मी)
औरंगाबाद से घृष्णेश्वर मंदिर की दूरी 30 कि.मी 
अहमदनगर से घृष्णेश्वर मंदिर की दूरी  135 कि.मी 
बेंगलुरु से घृष्णेश्वर मंदिर की दूरी  109 कि.मी 
चालीसगांव से घृष्णेश्वर मंदिर की दूरी 51 कि.मी 
एलोरा से घृष्णेश्वर मंदिर की दूरी  1 कि.मी 
चेन्नई से घृष्णेश्वर मंदिर की दूरी  1208 कि.मी 
शिरडी से घृष्णेश्वर मंदिर की दूरी  77 कि.मी 
त्र्यंबकेश्वर से घृष्णेश्वर मंदिर के बीच की दूरी 171 कि.मी 
शनि शिंगणापुर से घृष्णेश्वर मंदिर के बीच की दूरी 103 कि.मी 
हैदराबाद से घृष्णेश्वर मंदिर के बीच की दूरी  591 कि.मी 
नासिक से घृष्णेश्वर मंदिर के बीच की दूरी 175 कि.मी 
इंदौर से घृष्णेश्वर मंदिर के बीच की दूरी 373 कि.मी 
कोल्हापुर से घृष्णेश्वर मंदिर के बीच की दूरी 459 कि.मी 
मुंबई से घृष्णेश्वर मंदिर के बीच की दूरी 355 कि.मी 
नागपुर से घृष्णेश्वर मंदिर के बीच की दूरी 488 कि.मी 

 

Gishneshwar ဘုရားကျောင်းအနီးရှိ အခြားဘုရားကျောင်းများ

भद्र मारुती मंदिर (Bhadra Maruti Mandir) – 

यह मंदिर वानर देवता भगवान ဟာနုမန် को समर्पित किया गया है| इस मंदिर में भगवान हनुमान जी की शयन की स्थिति में प्रतिमा लगी हुई है| यह मंदिर घृष्णेश्वर मंदिर (Grishneshwar Temple) से लगभग 6 किमी की दुरी पर स्थित है|

घृष्णेश्वर मंदिर

एलंधा नागनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर (Aundha Nagnath Jyotirling Mandir) 

यह मंदिर महाराष्ट्र के धाधा नागनाथ नामक गाँव में स्थित है| यह मंदिर पहले ज्योतिर्लिंग के रूप में भी जाना जाता है| माना जाता है कि पांडवों के सबसे बड़े भाई युधिष्ठिर ने अपने निर्वासन के समय ही इस मंादिर नणार यह मंदिर घृष्णेश्वर मंदिर (Grishneshwar Temple) मंदिर से लगभग 227 किमी की दुरी पर स्थित है| 

एलोरा गुफाएं (Ellora Caves)

စာမျက်နှာများ गुफाओं के संग्रह के रूप में जानी जाती है| यह गुफाएँ धार्मिक सद्भाव का एक बहुत ही बेहतरीन उदाहरण है| एलोरा की गुफाएँ घृष्णेश्वर मंदिर (Grishneshwar ဘုရားကျောင်း) से 1 किमी की दूरी पर स्थित है|

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर (Trimbakeshwar Jyotirlinga ဘုရားကျောင်း)

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर नासिक के त्र्यंबक नामक शहर में स्थित है| यह मंदिर घृष्णेश्वर मंदिर (Grishneshwar Temple) से 214 किमी की दूरी पर स्थित है| माना जाता है कि इस मंदिर में जो ज्योतिर्लिंग मौजूद है| उसके तीन मुख है जिनमें से पहला मुख भगवान शिव, दूसरा भगवान विष्णु तथा तीसरा मुख भरमीमान ब्रहाम को गया है|

घृष्णेश्वर मंदिर में मनाये जाने वाले त्यौहार – Grishneshwar ဘုရားကျောင်းတွင် ကျင်းပသော ပွဲတော်များ

  • महाशिवरात्रि: सभी प्रमुख शिव मंदिर की तरह ही इस मंदिर में भी महाशिवरात्रि का त्यौहार बड़ी धू हाताधाम से महाशिवरात्रि इस मंदिर का सबसे प्रमुख त्यौहार माना जाता है| 
  • गणेश चतुर्थी:भगवान गणेश जी को समर्पित यह त्योहार सितंबर से अक्टूबर महीने के बीच म ही मनाया जाता है| 
  • नवरात्री : यह त्यौहार अच्छाई पर बुराई की जीत के रूप में मनाया जाता है| इस मंदिर में नौ दिनों तक नवरात्रि का त्यौहार मनाया जाता है| नवरात्रि के दिन इस पूरे मंदिर को सजाया जाता है| 

နူအာ

आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से घृष्णेश्वर मंदिर(Grishneshwar Temple) के बारे में काफी बात जानी | आज हमने घृष्णेश्वर मंदिर(Grishneshwar Temple) में होने वाली रुद्राभिषेक पूजा के बारे में भका जाना तथा में भका जाना लिए साधनों के बारे में भी बात की|

हम उम्मीद करते है कि हमारे द्वारा बताई गई जानकारी से आपको कोई ना कोई मदद मिली होगी| इसके अलावा भी अगर आप किसी और पूजा के बारे में जानकारी लेना चाहते है। तो आप हमारी वेबसाइट ၉၉ ပန်ဒစ် पर जाकर सभी तरह की पूजा या त्योहारों के बारे में सम्पूर्ण जानकारी ले सकते है|

अगर आप हिन्दू धर्म से सम्बंधित किसी पूजा जैसे – वाहन पूजा, भूमि पूजा ၊ रुद्राभिषेक पूजा इत्यादि हेतु पंडित जी की तलाश कर रहे है तो आपको बता दे की ၉၉ ပန်ဒစ် စာမျက်နှာများ कर सकते हो |

यहाँ बुकिंग प्रक्रिया बहुत ही आसान है| बस आपको “ပန်ဒစ်ကို ဘွတ်ကင်လုပ်ပါ။”विकल्प का चुनाव करना होगा और अपनी सामान्य जानकारी जैसे कि अपना नाम, मेल, पूजन स्थान , चमायाय, ১ पजन से आप आपना पंडित बुक कर सकेंगे|

အမေးများသောမေးခွန်း

Q.घृष्णेश्वर मंदिर के पास कौन सी नदी है ?

A.इस मंदिर के पास में एलागंगा नाम की नदी है|

Q.औरंगाबाद में कौन सा शिवलिंग है

A.औरंगाबाद में घृष्णेश्वर महादेव का शिवलिंग उपस्थित है|

Q.सबसे प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग कौन सा है ?

A.काशी विश्वनाथ को सबसे प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग माना जाता है|

Q.घृष्णेश्वर मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?

A.यह मंदिर भारत के प्रमुख हिन्दू तीर्थ स्थलों में से एक है|

အကြောင်းအရာ၏ဇယား

ယခုမေးမြန်းပါ

Puja ဝန်ဆောင်မှုများ

..
ရေစစ်