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ဟိန္ဒီဘာသာဖြင့် Lord Shiva Abhishekam- शिव अभिषेक व उनके लाभ

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Last Updated:မေလ 19, 2025
शिव अभिषेक
ဤဆောင်းပါးကို Ai ဖြင့် အကျဉ်းချုပ်ဖော်ပြပါ။ GPT ချတ် မငြိမ်မသက်စိုးရိမ်ကြောင့်ကြ Gemini Claude Grok

ရှီဝ အဘိရှေကမ် အရှင်ဘုရား။ उन्ही में से एक है शिव अभिषेक करना. माना जाता है कि समस्त देवतागणों में से भगवान शिव को प्रसन्न करना बहुत ही आसान है।

इसी कारण उन्हें प्रसन्न करने के लिए भक्तों द्वारा शिव अभिषेक (Shiva Abhishekam) किया जाता है। जैसा कि आप सभी लोग जानते है सावन का महीना भगवान शंकर तथा माता पार्वती को समर्पित किया जाता है| हिन्दू धर्म में इस सावन के महीने को बहुत ही शुभ माना जाता है।

शिव अभिषेक

सावन के माह में शिव अभिषेक के लिए विभिन्न प्रकार की सामग्री का उपयोग होता है। अलग-अलग सामग्री द्वारा शिव अभिषेक करने से अलग-अलग ही लाभ प्राप्त होता है।

शिव अभिषेक करने में प्रत्येक सामग्री का एक अलग ही महत्व है। သူသည် မှတ်ချက်။

इसी के साथ हम राशि के अनुसार भी यह जानेंगे कि किस राशि के व्यक्ति किस सामग्री से च शिव अरिषे

इसी के साथ यदि आप ऑनलाइन माध्यम से किसी भी पूजा जैसे विवाह पूजन [Marriage Puja], रुद्राभिषेक पूजा [Rudrabhishek Puja], या गृह प्रवेश पूजा [Griha Pravesh Puja] के लिए पंडित जी को बुक करना चाहते है तो आप हमारी वेबसाइट ၉၉ ပန်ဒစ် की सहायता से ऑनलाइन पंडित बहुत आसानी से बुक कर सकते है।

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शिव अभिषेक क्यों किया जाता है – အဘယ်ကြောင့် Shiva Abhishekam ဖျော်ဖြေသနည်း။

सभी शिव भक्तों के द्वारा कभी न कभी शिव अभिषेक जरुर किया गया होगा. सनातन धर्म में शिव अभिषेक का बहुत ही बड़ा महत्व है

हिन्दू धर्म में यह माना जाता है कि अभिषेक करने से भगवान शिव अपने भक्तो से बहुत जलोतैता प्रसन्न उन्हें मनचाहा वरदान प्रदान करते है.

आज इस लेख में हम आपको बताएँगे कि शिव अभिषेक की शुरुआत किस प्रकार से हुई अरभिषात शुरुआत किस प्रकार से हुई अरभिषात शुरुआत किया जाता है။ साथ ही कथा के बारे में भी जानेंगे.

प्रलय के कारण सभी महत्वपूर्ण रत्न व धियाँ समुंद्र में समा गयी. इन्हें पुनः प्राप्त करने के लिए भगवान विष्णु ने सभी देवताओं व दानवों को समुन्द्र मांथनका ई

सबसे पहले समुद्र मंथन से एक विष की प्राप्ति हुई यह कोई साधारण विष नहीं था, यह संसार का सबसे भयानक विष था. जिसका नाम हलाहल विष था

इसकी गंध के कारण सम्पूर्ण विश्व में हाहाकार मच गया. အင်တာနက် भिक्षा मांगी

इसके बाद भगवान शंकर ने सम्पूर्ण जगत की रक्षा हेतु उस विष को ग्रहण कर लिया शिव के कंठ में ही रोक लिया जिस कारण उनका कंठ नीला हो गया|

विष को ग्रहण करने के कारण भगवान शिव के शरीर का तापमान बढ़ गया| उन्हें कैलाश जैसे ठन्डे स्थान पर भी पसीना आने लगा|

उनका जल से अभिषेक किया| तभी से भगवान शंकर को जल चढ़ाया जाने लगा व तभी से शिव अभिषेक की भी शुरुआत हुई|

विभिन्न सामग्रियों से शिव अभिषेक के लाभ Shiva Abhishekam ၏ အကျိုးကျေးဇူးများ

शिव अभिषेक भिन्न-भिन्न सामग्रियों से किया जाता है| आज हम आपको बताएँगे कि किस सामग्री से शिव अभिषेक (Shiva Abhishekam) करने पर किस फल की पह्राप्ति हो।

दूध से अभिषेक – နို့ Abhishekam

दूध धर्म तथा मन पर प्रभाव के दृष्टिकोण से सात्विक माना जाता है| इसमें भी सबसे पवित्र तथा शुद्ध गाय के दूध को माना जाता है| शिव अभिषेक (Shiva Abhishekam) में दूध का एक अलग ही महत्व होता है|

कहा जाता है कि शिवलिंग का दूध से अभिषेक करने पर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है| सोमवार का दिन भगवान शिव को बहुत ही प्रिय है, इस दिन दूध का दान करने से जातक का चंहोहतैतमा ग्रह म

शिव अभिषेक

देसी गाय के बिना मिलावट वाले दूध से शिव अभिषेक (Shiva Abhishekam) तथा रुद्राभिषेक करने से मक्रात की से पूर्ण होती है|

ϟ तनाव कम होता है| इस बात का अवश्य ध्यान रखे कि भगवान शिव पर चढ़ने वाला दूध कच्चा हो

दही से अभिषेक – မုန့်ဟင်းခါး အဘိရှီကင်

भगवान शिव का विभिन्न सामग्रियों से अभिषेक किया जाता है इन्ही में दही भी शामिल है| जिन जातकों को संतान प्राप्त नहीं हो रही हो या आर्थिक तंगी से परेशान हको उन्हें भगवान शिव का द ဒိहिए

दही से भगवान शिव का अभिषेक करने से जातकों को संतान की प्राप्ति होती है ता दहवी से रुव्राभिषेक करन की प्राप्ति भी होती है सावन के महीने में भगवान शिव का दही से अभिषेक करने से भक्तों को सौभाग्य की प्राप्ति होती

घी से अभिषेक – Ghee Abhishekam

लिंग पुराण में यह बताया गया है कि भगवान शिव के स्थान का दर्शन करना ही पुण्यदायी होता है| उससे सौ गुना फल स्पर्श करने से मिलता है|

जल अभिषेक से सौ गुना फल दूध से अभिषेक करने से, दूध से हज़ार गुना दही से अभिषेक करने से, दुदाय से अभिषेक करने से, မည်သို့ပင် घी से शिव अभिषेक करने से अनंत गुना फल की प्राप्ति होती है

इसके अतिरिक्त घी से शिव अभिषेक (Shiva Abhishekam) करने से भगवान शिव अपने भक्तों मोक्ष प्रदान | भगवान शिव के स्मरण मात्र से ही भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण हो जाती है| इसी बीच घी से भगवान शिव का अभिषेक मनुष्यों के लिए बहुत ही लाभदायी सिद्ध होता है|

शहद से अभिषेक – Honey Abhishekam

इससे पहले हमने दूध से अभिषेक करने से होने वाले फल बारे में बताया| अब हम जानेंगे शहद से अभिषेक करने से क्या लाभ होता है|

आपको बता दे कि भगवान शिव की सबसे पसंदीदा वस्तुओं में शहद को भी शामिल किया गया है| शहद से शिव अभिषेक (Shiva Abhishekam) करने का बहुत ही ख़ास महत्त्व बताया गया है|

शहद से भगवान शिव का अभिषेक करने से जातक को सम्मान तथा जीवन में तरक्की प्राप्त होती है| इसके साथ ही शहद से शिव अभिषेक करने से शुक्र ग्रह से होने वाले दुष्प्रभाव समाप्त होते है।

पंचामृत से अभिषेक – Panchamrit Abhishekam

महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक किया जाता है| भगवान शिव को पंचामृत बहुत ही प्रिय है|

माना जाता है सावन के महीने में पंचामृत द्वारा शिव अभिषेक करने से भक्तों को सीौभाग्य की प्रा्तों की थौभाग्य की प्रा्र समस्त मनोकानाएं भी पूर्ण होती है। सावन के माह में शिव अभिषेक (Shiva Abhishekam) करने का बहुत बड़ा महत्व है

सावन में भगवान शिव का अभिषेक करने से भय, रोग से छुटकारा मिलता है तथा धन की प्राप्ती है | शक्कर शहद मिलाकर बनाया जाता है।

शिव अभिषेक (Shiva Abhishekam) के लिए पंचामृत बनाते समय शुद्धता का ध्यान रखना भी बहैत आवश

चंदन से अभिषेक – Sandal Abhishekam

हिन्दू धर्म में भगवान शिव के अभिषेक का बहुत ही ज्यादा महत्व है| विभिन्न प्रकार की सामग्रियों से शिव अभिषेक (Shiva Abhishekam) किया जाता है|

इन्ही में चन्दन भी शामिल है| चंदन को पूजा की सबसे महत्वपूर्ण सामग्रियों में से एक माना जाता है| सावन के महीने में भगवान शिव का चंदन से अभिषेक करने पर जातक को सौभाग्य की प्राप्ति होती है|

यह महादेव के सभी भक्तों के लिए शुभता का प्रतीक माना जाता है| चन्दन से भगवान शिव का अभिषेक करना जातकों के लिए अच्छा भाग्य लावता है अभिषेक करना जातकों के लिए अच्छा भाग्य लावता है अथा इससे जातकया स्वास बना रहता है

नारियल जल से अभिषेक – အုန်းရေ Abhishekam

सावन के माह में भगवान शिव का अभिषेक करना भक्तों के लिए बहुत ही लाभदायक होता है| भगवान शिव का अभिषेक विभिन्न तरह की सामग्रियों से किया जाता है

इसमें नारियल के जल से शिव जी का अभिषेक करना भी शामिल है| सावन के माह में शिवलिंग पर नारियल के जल से अभिषेक करने से भक्तों को नकारात्मकता एवं तनाताव से छट

इसी के साथ ही अच्छी संतान व सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है| नारियल के जल से अभिषेक करना जातक को शांत जीवन जीने में सहायता करता है

चावल के पाउडर से अभिषेक – ဆန်မှုန့် Abhishekam

हिन्दू धर्म में चावल को भी पूजन सामग्री की सूची में रखा जाता है| प्रत्येक पूजा सामग्री में चावल (अक्षत) अनिवार्य माना जाता है|

इस कारण महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का अभिषेक चावल के पाउडर से करने पर जातक की धंन संबंध सी धीरे-धीरे समाप्त होने लगती है तथा चावल के पाउडर से शिव अभिषेक करने से व्यक्ति को ह्र्र कार प्राप्त होती है

गन्ने के रस से अभिषेक – ကြံဖျော်ရည် Abhishekam

हिन्दू शास्त्रों में बताया गया है कि गन्ने के रस से भगवान शिव का सबसे उत्तम अभिषेक है | गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करना बहुत ही शुभ माना जाता है

စာမျက်နှာများ

यदि आप भी गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करेंगे तो उनकी कवपा से आपकस ही धन तथा उद की प्राप्ति होगी

तिल के तेल से अभिषेक — Til Oil Abhishekam

भगवान शिव का अभिषेक महाशिवरात्रि तथा सावन के महीने में करना जातकों के लिए बहुत हैत जाना शुभ

महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भगवान शिव का अभिषेक तिल के तेल से करने का बहुत महत्व है| ϟ मनोकामनाएँ पूर्ण होती है|

साथ ही इस दिन तिल के तेल से शिव जी का अभिषेक (Shiva Abhishekam) करने से जातक के ज्ञान में होैक वृद्ध लिए शिक्षा के सभी मार्ग भी खुल जाते है

जल से अभिषेक – Water Abhishekam

भगवान शिव को सोमवार का दिन समर्पित किया गया है| इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से करने से शिवजी अपने भक्तों से प्रसन्न होते है

सोमवार के दिन भगवान शिव का जल से अभिषेक करने से भक्तों की समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण होती है। इसके अतिरिक्त शिव जी को जल चढाने से मनुष्य को मानसिक शांति भी प्राप्त होती है

भगवान शिव की कृपा पाने ये लिए प्रत्येक सोमवार के दिन शिवजी की पूजा करने के सराथमताथ महामथ जाप करना सबसे उत्तम उपाय माना जाता है

ရာသီခွင် လက္ခဏာများ အရ Shiva Abhishekam ၊

जिस प्रकार अलग-अलग सामग्री से भगवान से उसी प्रकार के लाभ प्राप्त होते है သူသည် -

मेष राशि – မိဿရာသီ

इस राशि के जातकों को अपनी पूजा का अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए जल के पात्तबर में गुड़, गगालल, सुगंध मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए

शिव अभिषेक

वृषभ राशि – Taurus

जिन व्यक्तियों की राशि वृषभ है, उन्हें भगवान शिव की कृपा पाने के लिए सावन शम्लार वार दूध, घी तथा दही से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए.

मिथुन राशि – မေထုန်

इस राशि वाले शिव भक्तों को गन्ने के रस से अभिषेक करना बहुत ही लाभदायक होता है| इसलिए इन्हें सावन सोमवार को गन्ने के रस से शिव जी का अभिषेक (Shiva Abhishekam) करना चाहिए| इससे उन्हें धन की प्राप्ति भी होगी.

कर्क राशि – ကင်ဆာ

कर्क राशि के जातकों को भगवान शंकर की कृपा पाने के सावन माह के प्रत्येक सोमवार के दिन शगवान शगवान अभिषेक करना चाहिए။

सिंह राशि – လီယို

इस राशि के सभी जातकों को भगवान शिव की कृपा पाने के लिए जल के पात्र में लाल पुष्प, शले तुल, मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए

कन्या राशि – Virgo

जिन भी जातक की राशि कन्या है इन्हें सावन के पहले सोमवार के दिन गन्ने के रस में शहद को ालाभिर भगव करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

तुला राशि – Libra

तुला राशि वाले जातकों को भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए जल के पात्र में शहुद၊ का तेल मिलाकर उससे भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए.

वृश्चिक राशि – Scorpio

इन राशि के जातकों को अपनी पूजा का सम्पूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए सावन सोमवार के हीणदिन दूध , इत्यादि से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए.

मकर राशि – မကာရရာသီ

इस राशि के आराध्य देव भगवान शिव ही है| मकर राशि वाले भक्तों के लिए नारियल के जल से अभिषेक करना बहुत ही शुभ माना जाता है।

धनु राशि – ဓနု

इस राशि के समस्त जातकों को भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए सावन माह के प्रथम सोमहार को जल यला दू भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए.

कुंभ राशि – ကုံ

इस राशि के जातक भी भगवान शिव को माना जाता है| इस राशि के भक्तों को भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए गंगाजल में सुगंध काले भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए.

मीन राशि – Pisces

मीन राशि के जातकों के लिए सबसे लाभदायक यही रहेगा कि वह सावन सोमवार के दिन दूध या जल में ले भगवान शिव का अभिषेक करें.

နိဂုံး - နိဂုံး

आज इस लेख के माध्यम हमने आपको बहुत सारी बातों के बारे में बताया| जैसे शिव अभिषेक विभिन्न सामग्री का उपयोग करके किया जाता है।

उन सभी सामग्रियों से शिव अभिषेक (Shiva Abhishekam) करने का अलग महत्व है| इसके अलावा हमने विभिन्न राशियों के लिए अलग-अलग शिव अभिषेक की प्रक्रिया के बारे में बताया है।

इसकी सहायता से आप अपनी राशि के अनुसार भगवान शिव की कृपा प्रापक्त करने के लिए उानकी पजू

हिन्दू धर्म में बताया गया है कि भगवान शिव स्वभाव के बहुत ही भोले है| भगवान शंकर केवल एक लोटा जल से ही अपने भक्तों से प्रसन्न हो जाते है।

आमतौर पर शिव अभिषेक एक लिंगम पर किया जाता है| अभिषेक शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है जो किसी भी भगवान को पवित्र स्नान कराने की भक्ति पूर् दर्शाता है။

जब आप शिव जी का अभिषेक करते है तो उस समय आपका मन एकाग्र होता है। आपका सम्पूर्ण मन व हृदय भगवान शिव की छवि तथा दिव्य विचारों से भरा हुआ रहता है। शिव जी का अभिषेक करते समय मनुष्य का अहंकार धीरे-धीरे नष्ट हो जाता है।

इसी के साथ यदि आप किसी भी आरती या चालीसा जैसे हनुमान चालीसा [Hanuman Chalisa], खाटूश्याम जी की [आरामKhatu Shyam Ji Ki Aarti], या जया एकादशी व्रत कथा [Jaya Ekadashi Vrat Katha] आदि भिन्न-भिन्न प्रकार की आरतियाथँ, चालैताका व व्र तो आप हमारी वेबसाइट ၉၉ ပန်ဒစ် पर विजिट कर सकते है

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