Rajarani ဘုရားကျောင်း၊ Bhubaneswar- အချိန်များ၊ သမိုင်းနှင့် ခရီးသွားလမ်းညွှန်
အထဲမှာ ဘုရားသခင်မရှိတဲ့ နာမည်ကြီး ဘုရားကျောင်းတစ်ခုရှိတယ်ဆိုတာ သင်သိပါသလား။ ရာဇရာနီဘုရားကျောင်းဟာ ထူးခြားတဲ့ ရတနာတစ်ပါးပါ…
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श्री कालाहस्ती मंदिर (Srikalahasti ဘုရားကျောင်း) मंदिर आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है| जो कि भगवान शिव का बहुत ही चमत्कारी मंदिर है| इस मंदिर को दक्षिण का कैलाशी या दक्षिण का काशी के नाम से भी जाना जाता है| भगवान शिव का यह अद्भुत मंदिर श्री कालाहस्ती पेन्नार नदी की शाखा ता साथ बी स्वर्कण मुखी नद है|
आपकी जानकारी के लिए यह बता दे कि श्री कालाहस्ती मंदिर (Srikalahasti Temple) को राहु केतु मंदिर हा जा नाम से इस कारण की वजह से लोग यहां पर राहु केतु ग्रह की शान्ति पूजा करवाने के लिए आते है|
इस श्री कालाहस्ती मंदिर (Srikalahasti Temple) में जो शिवलिंग है माना गाता है कि यह शिवलिंग दोत्षिण ते वायु तत्व लिंग है| जिस कारण की वजह से इस शिवलिंग पुजारी के द्वारा भी स्पर्श नहीं किया जाता है|

इस मंदिर में ही स्वर्ण पट्ट रखे हुए है, भगवान शिव को चढ़ाएं जाने वाले सभी फूल ली मालाएएं चढ़ाए जाते है| इसके अलावा श्री कालाहस्ती मंदिर (Srikalahasti Temple) में एक पिंडी भी उपस्थित है| जिसकी ऊंचाई लगभग 4 फीट तक मानी जाती है| तथा उस पिंडी पर हाथी तथा मकड़ी की आकृति बनी होती है|
श्री कालाहस्ती का शिखर दक्षिण भारत संस्कृति की शैली से बना हुआ है, जिसकर ंऊार सफ़ेद हुआ है| श्रीकालाहस्ती मंदिर में तीन गोपुरम भी है| ϟ है|
आपको बता दे कि इस श्री कालाहस्ती मंदिर (Srikalahasti Temple) की प्रत्येक साल की आय लगभग ၁၀၀ करोड़ है| माना जाता है कि इसी स्थान पर अर्जुन को भगवान कालहस्ती के दर्शन हुए थे|
| .िन | समय |
| सोमवार | सुबह 07:30 से 09:बजे तक |
| मंगलवार | दोपहर 03:00 बजे से शाम 04:30 बजे तक |
| बुधवार | दोपहर 12:00 बजे से 01:30 बजे तक |
| ကြာသပတေးနေ့ | दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक |
| သောကြာ | सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक |
| စနေနေ့ | प्रातः 09:00 बजे से प्रातः 10:30 बजे तक |
| रविवार | शाम 04:30 बजे से शाम 06:00 बजे तक |
ऐसे तो इस राहु केतु की पूजा को करने के लिए कोई भी दिन निश्चित नहीं है| आप कभी श्री कालाहस्ती मंदिर (Srikalahasti Temple) में जाकर राहु केतु की शान्ति के लिए पूजा कर ककते है | लेकिन मान्यताओं के अनुसार बताया गया है कि रविवार और गुरुवार का दिन इस मंदिर में पूजा करनाषशे लरिछ गया है|
यदि आपको भी राहु – केतु की शांति के लिए पूजा करवानी है तो आप ၉၉ ပန်ဒစ် की सहायता से आप राहु – केतु दोष निवारण के लिए पूजा करवा सकते है| ၉၉ ပန်ဒစ် एक ऐसा ऑनलाइन साधन है, जिसकी सहायता से आप हिन्दू धर्म से सम्बंधित किसी भी पूजला या पंडित जी बुक कर सकते है|
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि राहु केतु पूजा के लिए श्री कालाहस्ती में ऑनलाइन ईककक ने क सुविधा नहीं है| इसलिए आपको पूजा हेतु မှတ်ချက်များ बुक करने के लिए मंदिर में ही जाना होगा और वही से ही आपोका आपका के लिए खरीद
आपको सचेत करने के लिए बता दे कि ऐसे कई लोग है आपको धोखा देने के लिए ऑनककाइन कुदेने के लिए ऑनककाइन कुदार करेंगे लेकिन श्री कालाहस्ती मंदिर (Srikalahasti ဘုရားကျောင်း) द्वारा कोई भी ऑनलाइन टिकट बुक करवाने हैं सुविधान आपको टिकट मंदिर के जाकर ही प्राप्त होंगे|

जैसे ही आप मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे तो आ को पेंगे कि वहां पर राहु केकतु पूजा के टिक बेचने के लि विशेष टिकट काउंटर बना रखा है| यहाँ पर पूजा की कीमत सामान्य से हमेशा ही भिन्न होती है| इस पूजा सम्पूर्ण लाभ पाने लिए व्यक्ति जल्दी मंदिर परिसर में आना होता है| इस मंदिर में प्रतिदिन बहुत सारे राहु केतु पूजा करवाने आते है
राहु केतु की शांति के पूजा का आयोजन श्री कालाहस्ती मंदिर (Srikalahasti Temple) के परिसर में बहुता सारी जगहा आपकी पूजा के लिए स्थान आपकी टिकट पर ही निर्भर करता है| ज्यादा पैसे तो बढ़िया जगह| राहु केतु भी पूजा का लाभ जगह पर निर्भर नहीं करता है| वैसे यह राहु केतु पूजा मुख्य मंदिर के अन्दर और बाहर दोनों स्थानों पर की जाती है|
पूजा के लिए टिकट खरीदने पर ही आपको पूजा से सम्बंधित सभी सामग्री टिकट काउंटर पर ही मिल |जाए पूजा की सम्पूर्ण सामग्री राहु केतु पूजा के टिकट में ही शामिल होती है| यदि आपको वहां से भी सामग्री प्राप्त ना हो तो आपको बता दे की मंदिर परिसर में कई ई ऐसाका दुकानें की सामग्री बेचते है तो आप वहां से भी सामग्री प्राप्त कर सकते है|
आपकी जानकारी के बता दे कि श्री कालाहस्ती मंदिर (Srikalahasti Temple) में हॉल बुक करने के लिए आपक ၅၀၀ ရူပါ့သ် का का का का खरीदना होगा| यहाँ की सबसे ख़ास बात यही है कि चाहे इस मंदिर में कितनी भी भीड़ हो, लेकिन आपको राहका के एलु पजाए स्थान उपलब्ध करवाया जाएगा| इस मंदिर में पूजा के समय पुजारी जी माइक्रोफोन की सहायता से सभी को निर्देश दिए जाते है|
लोगों को आसानी से समझाने के लिए पुजारी जी के द्वारा सभी भाषाओँ में मत्रों का उच्चारण यदि आप किसी कारण वश पूजा की क्रिया में पीछे रह जाते है तो वहां उपस्थित कर्मचारी आपकी आपकी सहायता करते है| इसके अलावा राहु केतु की पूजा सरल ही है तथा इस पूजा को पूर्णकरने के लिए ၂၀ – ၂၅ မီနတ္တ का समय लगता है|
| क्र सं | श्री कालाहस्ती पूजा सेवा | की कीमत | पूजा का स्थान | समय |
| 1 | सुप्रभात सेवा | ၂၅၀၀ | मंदिर के अन्दर | प्रातः 04:30 बजे – प्रातः 05:00 बजे तक |
| 2 | गौ माता पूजा | ၂၅၀၀ | मंदिर के अन्दर | प्रातः 05:00 बजे से प्रातः 05:30 बजे तक |
| 3 | अर्चना | ၂၅၀၀ | मंदिर के अन्दर | प्रातः 6:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक |
| 4 | सहस्त्र नामर्चना | ၂၅၀၀ | मंदिर के अन्दर | प्रातः 6:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक |
| 5 | त्रिसथी अर्चना | ၂၅၀၀ | ज्ञानप्रसूनम्बिका सन्निधि | प्रातः 6:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक |
| 6 | राहु केतु पूजा | ၂၅၀၀ | श्री कृष्ण देवराय मंडपम | प्रातः 6:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक |
| 7 | विशेष काल सर्प दोष निवारण पूजा | ၂၅၀၀ | ज्ञानम्बिका मंडपम् | प्रातः 6:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक |
| 8 | असीर्वचन राहु केतु काल सर्प निवारण पूजा | ၂၅၀၀ | द्वजस्थंभम (अडाला मंडपम) के पास मंदिर के बाहर | प्रातः 6:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक |
| 9 | विशेष असीर्वचन राहु केतु काल सर्प निवारण पूजा | ၂၅၀၀ | मंदिर के अन्दर कल्याणोत्सवम मंडपम के पास | प्रातः 6:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक |
इस मंदिर से सम्बंधित एक बहुत ही पौराणिक कथा चली आ रही है| जिसमे बताया गया है कि इस सम्पूर्ण दुनिया के निर्माण के प्रारम्भिक समय में भगवान वायु ने भगवान शंकर को प्रसन्न करने के लिए घोर तपस्या की थी| भगवान वायु देव की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव उनके समक्ष प्रकट हुए तथा उन्हें तीन वरद
जिसमे भगवान शिव ने उन्हें इस सम्पूर्ण जगत में उपस्थित रहने का वरदान दिया तथा उन्थित रहने का मवरदान दिया तथा उन्राह सामी है कर्पुर लिंगम का नाम बदलने की अनुमति दी| उस समय से ही वायु देव इस सम्पूर्ण जगत का एक महत्वपूर्ण भाग बन चुके है|

इसके अलावा भी एक कथा प्रचलित है जिसमे बताया गया है कि एक बार माता पार्वती को भगवान शंकर ने शंकार ने शंकार ने शंकार नेश जिस वजह से माता पार्वती को अपना दिव्य अवतार त्यागकर मनुष्य रूप में धरती पर रहना पड़ा| इसके पश्चात माता पार्वती ने भगवान शिव के श्राप से मुक्त होने के लिए श्री कालाहक्ती में तपस्या की थी|
माता पार्वती की अटूट तपस्या से प्रयन्न होकर भगवान शिव ने माता पार्वती को उनके दिव्य अवतार में पउनके दिव्य अवतार में जिन्हें हिन्दू धर्म में ज्ञान प्रसूनम्बिका देवी या शिव-ज्ञानम् ज्ञान प्रसूनम्बा के भनाम सात |
राहु केतु पूजा करवाने के लिए आपको पंडित हमारी वेबसाइट ၉၉ ပန်ဒစ် की सहायता से उपलब्ध हो जाएंगे| इस यदि आपको किसी भी विशेष स्थान या शहर में राहु केतु पूजा के लिए अनुभवी पंडित की आवश्यकता है तो हमारी वेबसाइट तथा एप ၉၉ ပန်ဒစ် के माध्यम से ऑनलाइन ही पंडित जी को बुक कर सकते है|
यह भगवान शिव का श्री कालाहस्ती मंदिर (Srikalahasti Temple) भारत के आन्ध्रप्रदेश राज्य महै स्थित होता | आंध्रप्रदेश में आने के बाद आपको श्री कालाहस्ती बस स्टैंड पर बहुत सारे निजी साधे मिल जाधन| यह बस स्टैंड जहाँ से आपको निजी साधन प्राप्त होंगे, वह मंदिर से लगभग 2 किलोमीटर दूर स्थित है|
इसके अलावा यदि आप ट्रेन से जाना चाहते है तो श्री कालाहस्ती मंदिर (Srikalahasti Temple) परिसर से रेलवे भल्टे किलोमीटर की दुरी पर स्थित है| अगर आप और भी अधिक दूरी पर रहते है तथा फ्लाइट से यहां जाना चाहते है तो मंदिर से सबसे नजदीका डाई တိရူပတီ हवाई अड्डा है|
इस हवाई अड्डे से आपको श्री कालाहस्ती मंदिर (Srikalahasti Temple) သို့သော်လည်း तिरुपति बालाजी मंदिर (Tirupati Balaji Mandir) जाने के लिए निजी साधन जैसे टैक्सी और बस बहुत ही आसानी से मिल जाते है| जिनकी सहायता से आप मंदिर तक आसानी से पहुँच जाते है|
आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से श्री कालाहस्ती मंदिर (Srikalahasti ဘုရားကျောင်း) तथा वहां पर होने वालीं राहु केतु पूजा के बारें में काफी बाते जानी है| आज हमने राहु केतु पूजन के फ़ायदों के बारे में भी जाना तथा वहां तक जाने के लिए साध मातोंके बारे में
हम उम्मीद करते है कि हमारे द्वारा बताई गयी जानकारी से आपको कोई ना कोई मदद मिली होगी| इसके अलावा भी अगर आप किसी और पूजा के बारे में जानकारी लेना चाहते है। तो आप हमारी वेबसाइट ၉၉ ပန်ဒစ် पर जाकर सभी तरह की पूजा या त्योहारों के बारे में सम्पूर्ण जानकारी ले सकते है|
अगर आप हिन्दू धर्म से सम्बंधित किसी पूजा जैसे – वाहन पूजन, भूमि पूजन မည်သို့ပင် श्री कालाहस्ती मंदिर (Srikalahasti Temple) में होने वाली राहु केतु पूजा के हेतु पंडित जी की तलाश कर रहे है तो आपको बता दे की ၉၉ ပန်ဒစ် စာမျက်နှာများ कर सकते हो |
यहाँ बुकिंग प्रक्रिया बहुत ही आसान है| बस आपको "ပန်ဒစ်ကို ဘွတ်ကင်လုပ်ပါ။" Videos से आप आपना पंडित बुक कर सकेंगे|
Q.तिरुपति में सबसे ख़ास क्या है ?
A.इस मंदिर में भगवान वेंकटेश्वर की प्रतिमा बहुत ही ख़ास और आलोकिक है|
Q.श्रीकालाहस्ती मंदिर में किस भगवान की पूजा की जाती है ?
A.इस मंदिर में भगवान शिव की पूजा की जाती है|
Q.श्रीकालाहस्ती मंदिर में राहु केतु पूजा क्यों प्रसिद्ध है ?
A.ऐसा माना जाता है कि इस पूजा को करने से लोगों को राहु और केतु के ज्योतिषीय प्रभावों से बहाया जा | सतका
Q.श्री कालाहस्ती का अर्थ क्या है ?
A.यह नाम भगवान शिव के कट्टर भक्तों के नाम पर रखा गया है| जिनमे मकड़ी(श्री), सर्प(काल), ແລະ हाथी(हस्ती) शामिल है|
Q.श्री कालाहस्ती मंदिर में पूजा के लिए किकट कैसे बुक किये जाते है ?
A.राहु केतु पूजा के लिए श्री कालाहस्ती में ऑनलाइन टिकट बुक करने के लिए कोई भी हुविधा नहीं इसलिए आपको पूजा हेतु မှတ်ချက်များ बुक करने के लिए मंदिर में ही जाना होगा और वही से ही आपोका आपका के लिए खरीद
အကြောင်းအရာ၏ဇယား