गणगौर 2022 गणगौर क्या है और गणगौर पूजा का सही समय क्या है?

शुभ मुहूर्त और पूजा विधि गणगौर 2022

गणगौर 2022: भारत दुनिया का एकमात्र स्थान है जहां कई प्रकार के त्यौहार मनाए जाते हैं और यह चीजें हैं जो देश को रंगीन और खुशहाल बनाती है। 

इसी प्रकार दूसरे त्यौहार की तरह गणगौर भी देश के विभिन्न भागों में मनाये जाने वाले त्योहारों में से एक है।

हालाँकि, गणगौर विशेष रूप से राजस्थान में मारवाड़ी नामक समुदाय द्वारा मनाया जाता है। यह कोई नई बात नहीं है कि आप कई लोगों को राजस्थान में यह त्यौहार मनाते हुए देखेंगे। लेकिन आपने नोटिस किया होगा। गणगौर का त्योहार उत्तर प्रदेश (यूपी), गुजरात और विशेष रूप से राजस्थान में ही मनाया जाता है। गणगौर हिंदू धर्म में भगवान और देवी के अस्तित्व से सदियों से मनाया जा रहा है।

गणगौर का त्योहार भारत के उत्तर प्रदेश (यूपी) और राजस्थान दोनों राज्यों में मनाया जाता है। जैसा कि हमने आपको ऊपर दिए गए पैराग्राफ में अच्छे से समझाया है। उत्तर प्रदेश में, गणगौर उत्सव का उत्सव तीन दिनों तक जारी रहता है। दूसरी ओर, राजस्थान में गणगौर का उत्सव 16 दिनों तक गणगौर पूजा जाता है।

अगर आप कोई पूजा करना चाहते है तो 99Pandit आप की इसमें मदद करेगा। जो ऑनलाइन यह सभी सर्विस दे रहा है। हमने अभी तक हिन्दू धर्म से संबंधित सभी प्रकार की गतिविधियों को करने में लोगों की मदद की है। 

जो कि एक बहुत ही आसान तरीका है एक ऑनलाइन पंडित बुक करने का। एक बुक किया गया पंडित आपको सम्पूर्ण पूजा करने में मदद करेगा। आप गणगौर के लिए 99Pandit  से एक ऑनलाइन पंडित बुक कर सकते है।

राजस्थान और उत्तर प्रदेश में गणगौर उत्सव समारोह

गणगौर उत्सव की जड़ें राजस्थान और उत्तर प्रदेश (यूपी) में हैं। ये हम कह सकते है कि गणगौर का सम्बंध मैनलीय राजस्थान से है।

लेकिन भारत के दोनों राज्यों में लोग गणगौर का त्योहार अलग-अलग तरीकों से मनाते हैं। उत्तर प्रदेश के लोगों को देखा जाए तो वे तीन दिनों तक गणगौर का त्योहार मनाते हैं। वहीं राजस्थान में वे गणगौर का पर्व 16 दिनों तक मनाते हैं। 

तो, गणगौर के इस त्योहार में विवाहित महिलाएं और कुंवारी महिलाएं दोनों भगवान शिव और उनकी पत्नी माता पार्वती की पूजा करती हैं। महिला भगवान शिव और माता पार्वती जी की मूर्तियों की पूजा करने के लिए ले जाती है। 

अविवाहित महिलाओं द्वारा गणगौर के त्योहार को मनाने का उद्देश्य एक सार्थक रिश्ते की तलाश करना है। और विवाहित महिलाएं अपने पति की लम्बी उम्र के लिए कामना करती हैं। यह सारी प्रक्रिया दुनिया के सर्वश्रेष्ठ युगल भगवान शिव और माता पार्वती जी की मूर्तियों की पूजा करके की जाती है। 

विवाहित और अविवाहित दोनों महिलाएं उस दिन सिंगार कर तैयार हो जाती हैं जो भी वह उस दिन पहनना पसंद करती हैं। राजस्थान में महिलाओं द्वारा गणगौर उत्सव 16 दिनों तक मनाया जाता है। 

गणगौर 2022 के लिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

गणगौर मुहूर्त और पूजा विधि की तिथि और समय हमने यहाँ दिया है। इससे आपको गणगौर का त्योहार मनाने वाली महिलाओं को मदद मिलेगी और वह दस के लिए अभी से तैयारी कर सकती है।  

यह पर्व चौत्र कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि से शुरू होकर चौत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि तक चलता है। इस दिन कुआरी लड़कियां और विवाहित महिलाएं मिट्टी का गौर बनाकर भगवान शिव और माता पार्वती जी की पूजा करती हैं। जैसा कि हम आपको पहले भी बता चुके हैं। 

सोमवार, 4 अप्रैल, 2022 को गणगौर पूजा की जाएगी और इस दिन फास्ट करने वाले सभी लोग इस त्यौहार को मना सकते हैं। 

शुरुआत 03 अप्रैल, 2022 को दोपहर 12ः38 बजे
समाप्त 04 अप्रैल, 2022 को दोपहर 01ः54 बजे

ऊपर तिथि और समय दिया गया है जिस के लिए आप ढूँढ रहे है। हालांकि यह आर्टिकल आपको गणगौर के त्यौहार को मनाने के लिए कई तरह से मदद करेगा। 

अब, यह आपके लिए कुछ नया हो सकता है क्योंकि गणगौर का त्योहार देश के अन्य हिस्सों में भी मनाया जाता है। जैसे मध्य प्रदेश (एमपी) और हरियाणा है। ये दो अन्य राज्य हैं जहॉ राजस्थान और उत्तर प्रदेश (यूपी) को छोड़कर इन दौ रात्यो में भी गणगौर का त्योहार मनाया जाता हैं। 

गणगौर पूजन के लिए सभी सामग्री

जब गणगौर पूजन के लिए सामग्री की बात आती है तो यह सबसे महत्वपूर्ण हो जाता है। हालांकि, सभी सामग्री की आवश्यकता होगी। जो आप कहीं से भी प्राप्त कर सकते हैं और आप किसी अनुभवी व्यक्ति से उन सभी वस्तुओं के लिए पूछ सकते हैं कि यह सब कहाँ से प्राप्त की जा सकती हैं। 

सबसे अच्छी बात यह होगी कि यह सब बातें पंडित जी से पूछ लें। आप गणगौर पूजा के लिए ऑनलाइन पंडित बुक भी कर सकते है। कई लोग  ऑनलाइन पंडित बुक कर रहे है आप ऑनलाइन पंडित बुक कर सकते है और वह किसी भी पूजा के लिए। 

इसलिए, हमने गणगौर पूजा के लिए सभी समग्री को एकत्रित कर यहां पर बताया है। गणगौर पूजा करते समय आपको इन सभी वस्तुओं की आवश्यकता होगी। 

गणगौर पूजन के लिए सामग्री

सभी वस्तुओं को अच्छे से देख ले कि आपके पास ये सभी वस्तुएं हैं या नहीं। 

  • शिव पार्वती पोस्टर
  • कलश, लौंग इलायची
  • हल्दी गंथ
  • गंगाजल
  • श्रृंगार
  • दिया
  • पंचमेवा गुड़
  • सुपारी
  • कुमकुम
  • कलावा
  • अष्टगंध
  • धूप
  • पूजा
  • बत्ती
  • अगरबत्ती
  • गेहूं
  • चावल
  • कपूर
  • लाल कपड़ा
  • शहद/ हनी
  • चुनरी
  • अंगोचा कपड़ा शिव जी
  • मेहंदी
  • काजल 
  • कथा पुस्तक 

गणगौर के त्यौहार को गौरी गणगौर पूजा के नाम से भी जाना जाता है। और यह त्योहार देवी दुर्गा की एक तरह की पूजा है। इस में किसी की मनोकामना पूरी करने के लिए भी पूजा की जाती है।

तो, ये कुछ ऐसी बातें हैं जो आप को गणगौर उत्सव के बारे में जानने की जरूरत है। हालांकि, हम सभी के लिए इन सभी त्योहारों के बारे में जानना महत्वपूर्ण हो जाता है। ये सभी प्रमुख त्योहारों में से एक हैं जो हमें हिंदू धर्म के सभी त्योहारों के बारे में बताते हैं। 

इस प्रकार, यह सब देखकर और लोगों को इस तरह की सभी चीजों में जानने और उनकी मदद करने के बारे में बताती हैं। 99च्ंदकपज हिंदू धर्म से संबंधित सभी सेवाएं प्रदान कर रहा है। हम एक वेब-बेस्ड सर्विस  दे रहे हैं जो आपको गणगौर पूजा और ऐसे अन्य त्योहारों के लिए एक ऑनलाइन पंडित को बुक करने में मदद करेंगी।

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