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Annaprashan Muhurat 2026: जाने कब है 2026 में अन्नप्राशन संस्कार के लिए शुभ मुहूर्त

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ภุมิกา เขียนโดย: ภุมิกา
อัพเดตครั้งล่าสุด:March 25, 2026
ฤกษ์มงคลอันประเสริฐ ปี 2026
สรุปบทความนี้ด้วย AI - ChatGPT ความฉงนสนเท่ห์ เมถุน Claude กร๊าก

क्याआप जानते हैं? आपके बच्चे का पहला निवाला बहुत खास है। यह सिर्फ पेट नहीं भरता। यह बच्चे का भविष्य และ स्वभाव भी तय करता है। हिंदू धर्में अन्नप्राशन एक बड़ा संस्कार है.

लेкиन क्या आप इसे किसी भी दिन कर सकते हैं? บิลัลคุล नहीं। ज्योतिष के अनुसार गलत समय नुकसानदेह हो सकता है।

इसे बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। साल 2026 में ग्रहों की स्थिति बहुत अलग है। यह समय आपके बच्चे के लिए 'अमृत' बन सकता है..

क्या आप ฤกษ์มงคลอันประเสริฐ ปี 2026 की सही तिथि ढूंढ रहे हैं? यहाँ आपको लड़के และ लड़कियों के लिए अलग नियम मिलेंगे।

हम आपको 'वस्तु परीक्षण' की गुप्त परंपरा भी बताएंगे। आइए, 99Pandit के साथ यह यात्रा शुरू करें। अपने बच्चे के पहले भोजन को शुभ बनाएं।

Annaprashan Muhurat 2026 तिथियाँ และ शुभ मुहूर्त

क्या आप अपने बच्चे के लिए सबसे सटीक दिन ढूंढ रहे हैं? साल 2026 में कई ऐसे दिन हैं जब ग्रह-नक्षत्र बहुत अनुकूल हैं।

यहाँ महीनों के अनुसार Annaprashan Muhurat 2026 की मुख्य सूची दी गई है:

เจนเนวารี 2026

วันที่ ดีน समय अंतराल
1 ญนวรี วันพฤหัสบดี 07:45 - 10:23, 11:51 - 16:47, 19:01 - 22:52 น
5 ญนวรี ซอมวาร์ 08: 25 - 13: 00
9 ญนวรี วันศุกร์ 20: 50 - 23: 07
12 ญนวรี ซอมวาร์ 14:08 - 18:18 น. 20:38 - 22:56 น
21 ญนวรี บูधवार 07:45 - 10:32, 11:57 - 17:43, 20:03 - 22:20 น
23 ญนวรี วันศุกร์ 15: 20 - 19: 55
28 ญนวรี บูधवार 10: 05 - 15: 00

 

วันศุกร์ 2026

วันที่ ดีน समय अंतराल
6 พฤศจิกายน วันศุกร์ 07:37 - 08:02, 09:29 - 14:25, 16:40 - 23:34 น
18 พฤศจิกายน บูधवार 18: 13 - 22: 46
20 พฤศจิกายน วันศุกร์ 07:26 - 09:59 น. 11:34 - 15:45 น

 

แม่ 2026

วันที่ ดีน समय अंतराल
20 मार्च วันศุกร์ 09:45 - 11:40, 11:40 - 13:55, 13:55 - 16:14 น
25 मार्च บูधवार 09:25 - 11:21 น. 13:35 - 14:20 น
27 मार्च วันศุกร์ 10:37 - 11:13 น. 11:13 - 13:28 น

 

เมษายน 2026

วันที่ ดีน समय अंतराल
20 अप्रैल ซอมวาร์ 04: 35 AM - 07: 28 AM
21 अप्रैल มังกาลวาร 04: 15 AM - 04: 58 AM
26 अप्रैल เรวิวาร์ 04 – 53 น.
27 अप्रैल ซอมวาร์ 09 – 18 น.
29 अप्रैल บูधवार 04 – 51 น.

 

พฤษภาคม 2026

วันที่ ดีน समय अंतराल
1 मई วันศุกร์ 10 – 00 น.
3 मई เรวิวาร์ 07 – 10 น.
5 मई มังกาลวาร 07:39 น. – 05:37 น. (6 ม.)
6 मई บูधवार 05 – 37 น.
7 मई วันพฤหัสบดี 06:46 น. – 05:35 น. (8 ม.)
8 मई วันศุกร์ 05 – 35 น.
13 मई บูधवार 08:55 น. – 05:31 น. (14 ม.)
14 मई วันพฤหัสบดี 05 – 31 น.

 

มิถุนายน 2026

วันที่ ดีน समय अंतराल
21 ก.ย. เรวิวาร์ 09: 31 AM - 11: 21 AM
22 ก.ย. ซอมวาร์ 06:01 น. – 04:44 น. (23 जून)
23 ก.ย. มังกาลวาร 04: 44 AM - 05: 43 AM
24 ก.ย. บูधवार 09:29 น. – 02:38 น. (25 जून)
26 ก.ย. วันศุกร์ 02:46 น. – 04:45 น. (27 जून)
27 ก.ย. วันเสาร์ 04 – 45 น.

 

กรกฎาคม พ.ศ. 2026

วันที่ ดีน समय अंतराल
15 जुलाई บูधवार 12: 21 - 13: 09
20 जुलाई ซอมวาร์ 06:06 - 08:16 น. 12:49 - 15:09 น
24 जुलाई วันศุกร์ 06:08 - 08:00 น. 08:00 - 09:43 น
29 जुलाई บูधवार 09:58 - 12:14 น. 12:14 - 14:33 น

 

สิงหาคม 2026

วันที่ ดีน समय अंतराल
3 अगस्त ซอมวาร์ 09: 37 - 16: 32
5 अगस्त บูधवार 11: 46 - 18: 28
7 अगस्त วันศุกร์ 21: 30 - 22: 55
10 अगस्त ซอมวาร์ 16: 04 - 21: 18
17 अगस्त ซอมวาร์ 06:25 - 10:59 น. 13:18 - 17:41 น
26 अगस्त บูधवार 06: 27 - 10: 23
28 अगस्त วันศุกร์ 06: 28 - 12: 35

 

सितंबर 2026

วันที่ ดีน समय अंतराल
14 सितंबर ซอมวาร์ 06:36 - 06:53 น. 06:53 - 07:37 น
17 सितंबर วันพฤหัสบดี 13: 35 - 15: 39
21 सितंबर ซอมวาร์ 06:39 - 07:29, 08:42 - 11:01, 13:20 - 15:24 น
24 सितंबर วันพฤหัสบดี 08:30 - 10:49 น. 13:08 - 15:12 น

 

เดือนสิงหาคม 2026

วันที่ ดีน समय अंतराल
12 अक्टूबर ซอมวาร์ 06:50 - 07:19 น. 11:57 - 14:01 น
21 अक्टूबर บูधवार 06:56 - 07:30 น. 11:22 - 13:26 น
26 अक्टूबर ซอมวาร์ 06: 59 - 08: 44
30 अक्टूबर วันศุกร์ 07: 03 - 08: 27

 

พฤศจิกายน 2026

วันที่ ดีน समय अंतराल
11 นวันพ. บูधवार 07:11 - 07:41, 09:59 - 12:03, 12:03 - 12:08 น
16 นวันพ. ซอมวาร์ 07:15 - 07:21 น. 09:40 - 11:44 น

 

दिसंबर 2026

วันที่ ดีน समय अंतराल
14 दिसंबर ซอมวาร์ 07:49 - 09:42 น. 11:36 - 13:03 น
16 दिसंबर บูधवार 07:42 - 09:46 น. 09:46 - 10:38 น

 

क्या है अन्नप्राशन संस्कार และ क्यों यह आपके बच्चे के लिए इतना खास है?

अन्नप्राशन का सरल अर्थ है -'अन्न की शुरुआत'। यह हिंदू धर्म के 16 संस्कारों में से 7 वां संस्कार है। คุณคิดอย่างไรกับ जरूरी है? इसके मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:

  • दोषों की MUक्ति: बच्चा जब गर्भ में होता है, तब भोजन संबंधी कुछ दोष उसे लग जाते हैं। यह संस्कार उन दोषों को दूर कर शिशु को शुद्ध करता है।
  • मानसिक विкास: Annaprashan Muhurat 2026 में ग्रहों की स्थिति बहुत मजबूत है। इस साल सही मुहूर्त में अन्न खिलाने से बच्चे की बुद्धि तेज होती है।
  • बेहतर पाचन: शास्त्रों का मानना ​​है कि शुभ समय पर ठोस आहार शुरू करने से बच्चे का पेट हमेशा स्वस्थ रहता ฮะै।
  • ईश्वरीय आशीर्वाद: यह रस्म केवल खाना खिलाना नहीं है। यह बच्चे को देवताओं से मिलने वाला सुरक्षा कवच है।

99ปัณฑิต का सुझाव: अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा तेजस्वी และ निरोगी बने, तो 2026 के इन विशेष मुहूर्तों को बिल्कुल โน चूकें।

क्या है Annaprashan Muhurat 2026 के लिए ज्योतिषीय गणना का असली आधार?

अन्नप्राशन केवल एक तारीख चुनना नहीं है। यह ग्रहों के खेल को समझने जैसा है। क्या आप जानते हैं कि Annaprashan Muhurat की गणना करते समय पंडित जी किन बातों पर ध्यान देते हैं?

लग्न शुद्धि: पूजा शुरू करते समय 'लग्न' का मजबूत होना बहुत जरूरी है। यह बच्चे के भविष्य की नींव रखता है।

चंद्रमा की स्थिति: चंद्रमा मन का कारक है। यदि चंद्रमा चौथे, आठवें या बारहवें भाव में हो, तो उस समय को अशुभ माना जाता है।

पाप ग्रहों से बचाव: राहु, केतु และ शनि की टेढ़ी नजर से बच्चे को बचाना जरूरी है। इसलिए सटीक गणना ही काम आती है।

अन्नप्राशन के लिए सबसे चमत्कारी नक्षत्र และ भाग्यशाली दिन कैसे चुनें?

क्या आपने कभी सोचा है? कुछ विशेष नक्षत्रों में ही पूजा क्यों सफल होती है? ज्योतिष के अनुसाAR, नक्षत्रों का प्रभाव बच्चे के स्वभाव पर पड़ता है।

อันนาประชาน ปูจา के लिए सही नक्षत्र และ दिन का चुनाव इस प्रकार करें:

कौन से नक्षत्र 'अमृत' के समान हैं?

  • रोहिणीและमृगशिरा: ये नक्षत्र बच्चे को सुंदर และ शांत स्वभाव का बनाते हैं।
  • हस्तและअश्विनी: ये नक्षत्र लंबी आयु และ अच्छी सेहत के लिए उत्तम हैं।
  • पुष्य และ अनुराधा: इन्हें सफलता และ सुख-समृद्धि देने वाले माना जाता है।

คุณคิดอย่างไรกับเรื่องนี้?

  • ซอมวาร์: यह चंद्रमा का दिन है, जो बच्चे के मन को शांत रखता है।
  • บูधवार: यह बुद्धि का दिन है, जो बच्चे को पढ़ाई में तेज बनाता है।
  • วันพฤหัสบดี: यह ज्ञान का दिन है, जो बच्चे को संस्कारी बनाता है।
  • วันศุกร์: यह वैभव का दिन है, जो जीवन में सुख-सुविधाएं लाता है।

क्या है अन्नप्राशन संस्कार की गुप्त पूजा विधि และ पहला निवाला कैसे खिलाना चाहिए?

अन्नप्राशन केवल खाना खिलाना नहीं है। यह एक पवित्र विधि है। คุณคิดอย่างไร? पहले निवाले में कुछ खास चीजें मिलाना जरूरी है। यहाँ इसकी पूरी विधि दी गई है:

  • गणेश वंदना: ก่อนอื่นเลย พระพิฆเนศ की पूजा करें। उनसे प्रार्थना करें कि बच्चे का जीवन बाधाओं से मुक्त रहे।
  • दिव्य खीर: बच्चे को गाय के दूध की खीर खिलाएं। इसे चांदी के बर्तन में रखना सबसे अच्छा है।
  • चांदी का महत्व: चांदी चंद्रमा का प्रतीक है। यह बच्चे के मन को शांत และ एकाग्र रखता है।
  • मामा का आशीर्वाद: पहला निवाला अक्सर मामा खिलाते हैं। धार्मिक रूप से मामा को माँ का रक्षक माना जाता है। उनका आशीर्वाद बच्चे के लिए बहुत शुभ होता है।

क्यों है अन्नप्राशन के समय 'वस्तु परीक्षण' की परंपरा และ यह बच्चे का करियर कैसे बताती है?

यह रस्म बहुत रोचक है। बच्चे के सामने कुछ चीजें रखी जाती हैं। बच्चा जिसे पहले छुएगा, वही उसका भविष्य होगा:

  • คัลมายูคิตะบั: यदि बच्चा इन्हें छूता है, तो वह बहुत बड़ा विद्वान या लेखक बनेगा।
  • โซนา ยูกาเฮ: इन्हें छूने का मतलब है कि बच्चा व्यापार करेगा। वह बहुत धनवान बनेगा।
  • มิตเต็ดหรืออินเดีย: इसका अर्थ है कि बच्चा बड़ा होकर संपत्ति และ जमीन-जायदाद का मालिक बनेगा।
  • हथियार या และजार: यह साहस และ तकनीकी क्षेत्र में सफलता का संकेत है।

अन्नप्राशन के दौरान होने वाली गलतियों และ अशुभ समय से कैसे Bचें?

क्याआप जानते हैं? एक छोटी सी गलती संस्कार का फल कम कर सकती है। अन्नप्राशन के दौरान सही समय का चुनाव जितना जरूरी है, गलत समय से बचना उसे भी ज्यादा।.

यहाँ कुछ खास बातें हैं जो आपको ध्यान रखनी चाहिए:

भद्रा และ राहुकाल का डर: कभी भी भद्रा या राहुकाल में अन्नप्राशन न करें। शास्त्रों के अनुसाAR, इस समय किए गए कार्य में विघ्न आते हैं। यह बच्चे की सेहत के लिए अशुभ माना जाता है।

ริค ति यों का त्याग: चौथी (चतुर्थी), नौवीं (नवमी) และ चौदहवीं (चतुर्दशी) तिथयों को 'रिक्त' माना जाता है। इनमें शुरू किया गया काम अधूरा रह सकता है। Annaprashan Muhurat चुनते समय इनसे बचें।

मंगलवारและरविवार: अन्नप्राशन के लिए मंगलवार को बहुत क्रूर และ रविवार को बहुत कठोर माना गया है। सौम्य फल के लिए सोमवार, BUधवार या गुरुवार ही चुनें।

ग्रहण का सूतक: यदि उस दिन सूर्य या चंद्र ग्रहण है, तो सूतक काल में पूजा BIल्कुल न करें। यह नकारात्मक ऊर्जा का समय होता है।

นิซ

अन्नप्राशन केवल एक पारंपरिक रस्म नहीं है। ใช่แล้ว शिशु के स्वास्थ्य, बुद्धि และ उज्ज्वल भविष्य की पहली सीढ़ी है.

शास्त्रों के अनुसार सही समय पर दिया गया पहला निवाला बच्चे के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता. ฮะै।

याद रखें, एक छोटी सी सावधानी आपके नन्हे मेहमान के जीवन को खुशियों से भर सकती है। 2026 के इन शुभ मुहूर्त และ नियमों का पालन करके आप अपने बच्चे को रोगों से मुक्त และ भाग्यशाली बना. सकते हैं।

क्या आप अपने बच्चे की राशि และ शहर के अनुसार सबसे सटीक मुहूर्त जानना चाहते हैं? अपनी खुशियों में देरी न करें। आज ही 99 บัณฑิต के अनुभवी आचार्यों से संपर्क करें।

हम आपके बच्चे के लिए व्यक्तिगत Annaprashan Muhurat 2026 की गणना करेंगे และ इस पवित्र संस्कार को पूरी शुद्धता के. साथ संपन्न कराएंगे।

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