Vaishno Devi Aarti เนื้อเพลงในภาษาฮินดี: वैष्णो माता आरती हिंदी में
वैष्णो माता आरती का जाप माँ वैष्णो देवी को प्रसन्न करने के लिए कहा जाता है| वैष्णो देवी का मंदिर हिन्दू...
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होली रंगों के साथ-साथ भक्ति และ परंपरा का भी त्योहार है। ढोलक की थाप अधूरा लगता है। क्या आप इस बार देसी अंदाज़ में होली मनाना चाहते हैं?
अक्सर हम पुराने लोकगीतों และ भजनों के बोल भूल जाते हैं। 99Pandit आपकी यह मुश्किल आसान कर रहा है। हम लाए हैं सबसे लोकप्रिय पारंपरिक โขยง Geet เนื้อเพลง का संग्रह।
यहाँ आपको ब्रज की होली, फाग และ भक्ति गीत मिलेंगे। ये सभी लिरिक्स हिंदी में हैं และ पढ़ने में बहुत सरल हैं। अब बोल खोजने की चिंता छोड़ें।
รถบัสหรือใบอนุญาตและ अपनों के साथ गाएं। तो चलिए, इन गीतों के रंगों में रंगते हैं। इन गीतों के साथ अपनी होली को यादगार बनाते हैं।
रंग मत डारे रे सांवरिया,
मारो गुर्जर मारे रे,
ริงคัง มัท ดาร์เร เร….
में गुर्जरी नादान,
YOYO गुर्जर मतवालों रे,
रंग मत डारे रे,
ริงเก มิตดาเร….
होली खेले तो काना,
बरसाने में आज्ये रे,
राधाและरूकमणने,
सागे लेतो आज्ये रे,
रंग मत डारे रे,
ริงเก มิตดาเร….
घर मत आज्ये रे काना,
ซาบูรี छे,
नंदुली नादान माने,
โบลิเยอามาเรเรเร,
रंग मत डारे रे,
ริงเก มิตดาเร…..
सास बुरी छे मारी,
ननंद हठीली,
เปอร์นีโยเบईमान,
माने नित मारे रे,
रंग मत डारे रे,
ริงเก มิตดาเร….
चंद्र सखी भज बाल,
कृष्ण छवि,
เฮอร์รี चरना में,
มาโร चीत छे रे,
रंग मत डारे रे,
ริงเก มิตดาเร….
आज बृज में होली रे रसिया।
होरी रे रसिया, बरजोरी रे रसिया॥
अपने अपने घर से निकसी,
कोई श्यामल कोई गोरी रे रसिया।
कौन गावं केकुंवर कन्हिया,
कौन गावं राधा गोरी रे रसिया।
नन्द गावं के कुंवर कन्हिया,
बरसाने की राधा गोरी रे रसिया।
कौन वरण के कुंवर कन्हिया,
कौन वरण राधा गोरी रे रसिया।
श्याम वरण के कुंवर कन्हिया प्यारे,
गौर वरण राधा गोरी रे रसिया।
इत ते आए कुंवर कन्हिया,
उत ते राधा गोरी रे रसिया।
कौन के हाथ कनक पिचकारी,
कौन के हाथ कमोरी रे रसिया।
कृष्ण के हाथ कनक पिचकारी,
राधा के हाथ कमरी रे रसिया।
उडत गुलाल लाल भए बादल,
मारत भर भर झोरी रे रसिया।
अबीर गुलाल के बादल छाए,
धूम मचाई रे सब मिल सखिया।
चन्द्र सखी भज बाल कृष्ण छवि,
चिर जीवो यह जोड़ी रे रसिया।
होली खेल रहे बांकेबिहारी
आज रंग बरस रहा।
และझूम रही दुनिया सारी,
आज रंग बरस रहा॥
अबीर गुलाल के बादल छा रहे है।
होरी है होरी है छोर मचा रहे।
झोली भर के गुलाल कि मारी,
आज रंग बरस रहा॥
देख देख सखियन के मन हर्षा रहे।
เมเร บันเคน บิฮารี
आज प्रेम बरसा रहे।
उनके संग में हैं राधा प्यारी,
आज रंग बरस रहा॥
आज नंदलाला ने धूम मचाई है।
प्रेम भरी होली कि झलक दिखायी है।
रंग भर भर के मारी पिचकारी,
आज रंग बरस रहा॥
अबीर गुलाल และ ठसो का रंग है।
वृंदावन बरसानो झूम रह्यो संग है।
मैं बार बार जाऊं बलिहारी॥
होली खेले रघुवीरा अवध मा,
होली खेले रघुवीरा,
होली खेले रघुवीरा, होली खेले रघुवीरा,
होली खेले रघुवीरा अवध मा,
โฮลี खेले रघुवीरा………….
किनका के हाथ कनक पिचकारी,
किनका के हाथ अबीर झोली
मोहे होली में कर दियो लाल रे,
ऐसो चटक रंग डारो,
ऐसो चटक रंग डारो, ऐसो चटक रंग डारो,
ऐसो चटक रंग डारो, अवध मा………..
होली खेले रघुवीरा,
ราม के हाथ कनक पिचकारी,
सीता हाथ अबीर झोली,
रंग डारो, रंग डारो,
रंग डारो श्याम खेले होली, रंग डारो,
गोविंदा आला रे आला,
जरा रंग तो ना डाल नंदलाला……..
कानूडो रंग डार गयो मैं की करू
सांवरो रंग डार गयो मैं की करू
मैं की करू मैं की करू
कानूडो.. कानूडो रंग डार गयो मैं की करू
เบนซิ บัจ़वे म्हारो श्याम सांवरो
जल जमुना के तीर
เบนซิ ซุน มาน เดอโดดรี आउ
मंनडो डार ना दीर
मनडे में यो ही बसगयो मैं की करू
कानूडो रंग डार गयो मैं की करू
कदम की चिया रास रचिया
रार करत मुस भारी
हाथ पॅकडर यू जर जोबाट
निरख़्त सूरत हमारी
मैं गोरी बरसाने की गोरी
नखट श्याम BIHAरी
เบนสิ की धुन म्हारो चित हरलियो
भूली सुध BUध सारी
मुरली से मनडो हरलियो मैं की करू
कानूडो रंग डार गयो मैं की करू
ग्वाल ग्वाल संग होली खेलत
ले रंग लाल गुलाल
भर भर रंग पिचकारी मारे
YO नन्दजी को लाल
अपने ही रंग मैं रंगगयो मैं की करू
कानूडो रंग डार गयो मैं की करू
कानूडो रंग डार गयो मैं की करू
सांवरो रंग डार गयो मैं की करू
मैं की करू मैं की करू
कानूडो.. कानूडो रंग डार गयो मैं की करू
होली का त्योहार केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि सुरों และ शब्दों का एक उत्सव है। เนื้อเพลง Holi Geet इस उत्सव की आत्मा होते हैं। इन गीतों के बोलों में हमारी लोक-संस्कृति, इतिहास และ भक्ति का गहरा संगम छिपा होता है।
जब ढोलक की थाप के साथ ये शब्द गूँजते हैं, तो पूरा वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। เนื้อเพลง Holi Geet का असली महत्व इन बातों में निहित है:
संक्षेप में कहें तो, Holi Geet Lyrics के BIना फागुन का महीना फीका है। ये बोल ही हैं जो होली के रंगों को अर्थ देते हैं และ हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं।
पारंपरिक Holi Geet Lyrics का असली आनंद तभी आता है जब उनके साथ देसी वाद्य यंत्रों की थाप जुड़ती है। บินา साज-बाज के होली के शब्द अधूरे लगते हैं।
इन यंत्रों की गूँज ही हवा में फागुन की मस्ती घोलती है। होली के उत्सव में मुख्य रूप से इन वाद्य यंत्रों का जादू चलता है:
जब ये वाद्य यंत्र Holi Geet Lyrics के साथ ताल मिलाते हैं, तो सुनने वाला न केवल शब्दों के भावों को महसूस करता है, แบล็คชิ खुद को नाचने से भी नहीं रोक पाता।
होली केवल रंगों का खेल नहीं है। यह भावनाओं และ सुरों का संगम है। इस ब्लॉग में दिए गए Holi Geet Lyrics हमारी पुरानी परंपराओं की धरोहर हैं।
इन गीतों में ब्रज की मिठास และ राधा-कृष्ण का प्रेम झलकता है। इनमें अवध की मर्यादा และ राजस्थान की खुशबू भी शामिल है। ये बोल हमें अपनी संस्कृति के गहरे अर्थ समझाते हैं।
आज के आधुनिक दौर में हम अपनी जड़ों से दूर हो रहे हैं।. ऐसे में ये Holi Geet Lyrics हमें अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ते हैं। समूह में इन गीतों को गाने से मन को शांति मिलती है।
इसे आपसी riश्तों की कड़वाहट मिटती है และ भाईचारा बढ़ता है। 99 บัณฑิต का यह संग्रह इसी उद्देश्य से बनाया गया है।
आप अपने परिवार के साथ इन मधुर बोलों का आनंद ले सकें। इन गीतों का सार प्रेम के रंग में रंग जाना है। हमें उम्मीद है कियह Holi Geet Lyrics संग्रह आपकी महफिल में जान डाल देगा।
यह आपकी होली को हमेशा के लिए यादगार बना देगा। 99Pandit की ओर से आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ!
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