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Shree Krishna Janmashtami 2026 – यहाँ जाने कृष्ण जन्माष्टमी सही तिथि, शुभ मुहूरत, และ फायदे

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99 บัณฑิตจี เขียนโดย: 99 บัณฑิตจี
อัพเดตครั้งล่าสุด:January 28, 2026
กฤษณะ จันมาแชตมี 2026
สรุปบทความนี้ด้วย AI - ChatGPT ความฉงนสนเท่ห์ เมถุน Claude กร๊าก

กฤษณะ จันมาแชตมี 2026: भारत देश अपनी संस्कृति และ त्योहारों को खुशहाली के साथ मनाने के लिए विश्व भर में जाना जाता है। हमारे देश में सभी त्योहारों को काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है। हर वर्ष अलग-अलग प्रकार के त्योहारों को हर्षोल्लास से मनाया जाता है।

ทุกเดือนมีบางเทศกาลหรือเทศกาลอื่นๆ มาถึงประเทศอินเดียของเรา ผู้คนต่างรอคอยเทศกาลที่กำลังจะมาถึงอย่างใจจดใจจ่อ ใช่แล้ว เรากำลังพูดถึง กฤษณะ จันมาแชตมี 2026 ของ.

กฤษณะ จันมาแชตมี 2026

जिसका लोगो को काफी इंतज़ार रहता है। वर्तमान में भगवान श्री कृष्ण के भक्तों की संख्या काफी तेजी से बढ़ती जा रही है।

लोग फिर से भक्ति के मार्ग पर लौट रहे है। हिन्दू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्ठमी को कृष्ण जन्माष्टी का पावन त्यौहार मनाया जाता है।

ในวันนี้มีการสักการะรูปบุตรของพระเจ้าศรีกฤษณะ इस दिन महिलाएं และ पुरुष दोनों ही उपवास रखते है และ आधी रात्रि में यानी भगवान श्री कृष्ण के जन्मके पश्चात अपना उपवास खोला जाता है।

मान्यता यह भी है कि जो भी पुरुष या महिला इस दिन उपवास करते है उनहें भगवान श्री कृष्ण का. आशीर्वाद प्राप्त होता है।महिलाएं भगवान श्री कृष्ण से संतान प्राप्ति के लिए प्रार्थना करती है।

इस दिन बाल गोपाल को प्रसन्न करने के लिए उनके लिए अनेक प्रकार के पकवान बनाए जाते है และ बाल गोपाल को. झूला झुलाया जाता है तथा भगवान से प्रार्थना की जाती है कि वो आपकी हर परिस्थित में सहायता करें।

ดังนั้นโปรดแจ้งให้เราทราบว่าปี 2026 ของศรีกฤษณะ จันมาสตามี จะมีการเฉลิมฉลองเมื่อใดและอย่างไร และจะเป็นฤกษ์อะไร

วันมงคลและฤกษ์สักการะพระกฤษณะ จันมาสัมตมี ปี 2026

5253th श्री कृष्ण जन्माष्टमी 2026 วันที่ สิงหาคม 04, 2026
निशिता पूजा का समय 12:14 น. ถึง 01:01 น., 05 น.
दही हांड़ी อินเดีย, สิตันเบอร์ 05 2026
अष्टमी तिथि प्रारंभ 04 ส.ค. 2026 เวลา 02:25 น.
Ashtami Tithi จบลง 05 ส.ค. 2026 เวลา 12:13 น.
रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ 04 ส.ค. 2026 เวลา 12:29 น.
रोहिणी नक्षत्र समाप्त 05 ส.ค. 2026 เวลา 11:04 น.

 

हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार हर त्यौहार की एक निश्चित तिथि होती है। वो त्यौहार उसी तिथि के दिन मनाया जाता है।

सिर्फ त्यौहार ही नहीं बल्कि हिन्दू धर्म से सभी प्रकार की पूजा – पाठ के लिए एक निर्धारित तिथि होती है และ भी कई ऐसे कार्य है जो अच्छी तिथि या मुहूर्त देखकर ही करवाए जाते है जैसे की พิธีขึ้นบ้านใหม่, การแต่งงาน และ พิธีตั้งชื่อ ฯลฯ

भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष में अष्टमीतिथि की शुरुआत 04 सितंबर 2026 को सुबह 02 बजकर 05 นาที से लेकर 05 सितंबर 2026 को सुबह 12 बजकर 13 นาที तक होगी.

กฤษณะ janmashtami คืออะไร

หากคุณอาศัยอยู่ในอินเดีย เป็นไปไม่ได้เลยที่คุณจะไม่รู้จักกฤษณะ จันมาชตมี นี่เป็นหนึ่งในเทศกาลที่มีการเฉลิมฉลองในอินเดีย ซึ่งเราจะให้ข้อมูลที่ครบถ้วนแก่คุณผ่านบทความนี้ในวันนี้

इस दिन को भगवान श्री हरि विष्णु के आठवें अवताAR भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में भी जाना जाता ใช่ครับ

कृष्ण जन्माष्टमी को हर जगहों पर अलग – अलग तरीके से मनाकर भगवान श्री कृष्ण को खुश करने का प्रयास. คิยะ จาตต้า นี่คือสิ่งที่ฉันทำ भगवान कृष्ण के सभी मंदिरों को फूलो และ उनकी झांकियों से सजाया जाता है।

กฤษณะ จันมาแชตมี 2026

โกวินด์, โกปาลและคนอื่นๆ เช่น กัณหา 108 नामो से जाने गए भगवान कृष्ण ने अपनी लीला และ मनमोहक रूप की वजह से लोगो के दिलो में अपनी एक छवि बना. ดี

श्री कृष्ण ने पृथ्वी पर एक साधारण मनुष्य के रूप में जन्म लेकर दुष्टों का संहार करके इस. धरती को पाप से मुक्त किया था।

นอกจากนี้ ยังมีงานสำคัญๆ มากมายที่พระศรีกฤษณะทรงทำเพื่อกำจัดคนบาป ดังนั้นจึงเป็นเรื่องสำคัญสำหรับเราที่จะรู้ทุกประวัติศาสตร์ที่เกี่ยวข้องกับพวกเขา ดังนั้นในบทความนี้เราจะพยายามให้ข้อมูลทุกอย่างที่เกี่ยวข้องกับการประสูติของศรีกฤษณะแก่คุณ

यह पावन पर्व हिन्दू धर्म के लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है।. इस दिन भगवान श्री कृष्ण के बाल गोपाल रूप की पूजा की जाती है และ भगवान से सुख – समृद्धि และ संतान प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।

श्री कृष्ण के जन्मोत्सव को กฤษณะ ชยันติ ยังได้เฉลิมฉลองอย่าง ในวันนี้ มีการถือศีลอดจนถึงเที่ยงคืนเพื่อให้พระเจ้าพอพระทัย

มนต์อันทรงพลังบางอย่างของพระกฤษณะ

  • "ॐ เทวิกานันทนายา วิธะมะเห วะสุเทวะยา วิธะมะเห ทันโน กฤษณะ:ประโชทัย"
  • "โอเม โกกุล ณฐา"
  • "กริม กฤษณยา นามาห์"
  • "โอม คลิม กฤษณายา นามาห์"

วิธีเฉลิมฉลองกฤษณะ จันมาชตมี 2026 ที่ถูกต้อง

कृष्ण जन्माष्टमी के दिन पुरे देश – भर में त्यौहार को लेकर सभी में उत्साह बना रहता है। यही एकमात्र ऐसा त्यौहार है जो भारत देश के साथ ही विदेशो में भी बड़े उत्साह से मनाया जाता. ฮะै।

श्री कृष्ण के भक्त इस दिन उनका आशीर्वाद पाने के लिए उपवास रखते है। पुरे भारत देश में हर जगहों पर सभी मंदिरो को सजाया जाता है।

กฤษณะ จันมาแชตมี 2026

इस दिन श्री कृष्ण के बाल रूप जिन्हे लड्डू गोपाल जी के नाम से भी जानते है उनकी पूजा पुरे देश में की जाती है। मंदिरों में भजन कीर्तन किये जाते है। युवाओं के द्वारा दही हांड़ी का आयोजन किया जाता है।

इसके अलावा श्री कृष्ण की नगरी मथुरा में इस दिन भक्तों की काफी ज्यादा जनसंख्या होती है जो भगवान के दर्शन के लिए आते है। मथुरा का दही हांड़ी महोत्सव काफी ज्यादा प्रसिद्ध है.

कृष्ण जन्मोत्सव के दिन श्री कृष्ण के मंदिर के साथ ही पूरी की पूरी मथुरा नगरी को भिन्न – भिन्न प्रकार के फूलो से सजाया जाता है।

भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के दिन पूरी मथुरा नगरी चमचमाती रहती है। श्री कृष्ण के मंदिर में लगी हुई लाइट पुरे मंदिर की शोभा को ज्यादा बढ़ा देती है।

เทศกาลดาฮีฮันดี

जैसा कि आप सभी लोग जानते ही है कि श्री कृष्ण बचपन में काफी शरारती थे และ उनकी सबे पसंदीदी चीज़ माखन ही ใช่

इसे खाने के लिए वो दुसरो की मटकी भी फोड़ देते थे जिसमे माखन होता था। तो भगवान श्री कृष्ण की लीला को पुनः दोहराया जाता है हांड़ी महोत्व के जरिये।

มีการจัดโครงการทำลายแฮนดิในหลายแห่งด้วย เมื่อทำลายหม้อใบนี้ ความทรงจำของพระเจ้าจะสดชื่นขึ้นในจิตใจของผู้ศรัทธา

โปรดกรุณาท่านศรีกฤษณะด้วยการบูชา Janmashtami เช่นนี้

  • ในวันจันมัชตมี ควรตื่นแต่เช้าเพื่ออาบน้ำ
  • ทำความสะอาดสถานที่สักการะโดยเฉพาะหลังจากอาบน้ำ ฯลฯ
  • หลังจากนั้นให้เตรียมดอกไม้และตะเกียงเพื่อถวายแด่พระเจ้า
  • ทำความสะอาดสถานที่สักการะรวมทั้งรูปเคารพของพระเจ้าให้สะอาดหมดจด
  • ถวายดอกไม้แด่พระเจ้าและขอพรจากพระองค์
  • อย่าลืมถวายมะพร้าวแด่พระเจ้าในวันนี้
  • หลังจากนั้นถวายอาหารแด่พระเจ้า
  • ถือศีลอดตลอดทั้งวัน Janmashtami จนกว่าพิธีบูชาของคุณจะสิ้นสุดลง
  • अगर हो सके तो रुद्राक्ष की माला धारण करे และ राधा कृष्ण नाम का जप करें।

สิ่งที่ควรทราบในวันจันมัชตมี

  • นมัสการพระเจ้าในวันนี้
  • รำพึงถึงพระเจ้าและสวดพระนามของพระองค์ในวันนี้
  • จะต้องอ่านเรื่องราวพื้นบ้านของพระเจ้าในวันนี้
  • จงถือศีลอดเพื่อพระเจ้าในวันนี้
  • การบริจาคในวัน Janmashtami มีความสำคัญอย่างยิ่ง หากเป็นไปได้ ให้ช่วยเหลือผู้ขัดสน
  • หลีกเลี่ยงอาหารที่ไม่ใช่มังสวิรัติในวันนี้
  • รักษาบรรยากาศภายในบ้านให้สงบอย่างสมบูรณ์
  • ห้ามพูดคำหยาบคายกับใครในวันนี้

कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व 

कृष्ण जन्माष्टमी का हिन्दू धर्म में काफी ज्यादा महत्त्व है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप की पूजा की जाती है जिन्हे कई जगहों पर लड्डू गोपाल जी ก็ยังเรียกว่า.

श्री कृष्ण जन्माष्टमी को भगवान श्री कृष्ण के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन उपवास करने का नियम है।

ऐसा कहा जाता है कि जो भी इस दिन उपवास करके सच्चे मन से भगवान का नाम जप करता है तो भगवान भी उसके सारे संकट को ख़त्म कर देते है และ हमेशा उसपर अपनी असीम कृपा बनाए रखते है।

इस दिन भगवान को खुश करने के लिए उनका अच्छे से श्रृंगार किया जाता है และ झूला झुलाया जाता ฮะै। भगवान के मंदिर को अद्भुत लाइट से และ फूल व मालाओं से सजाया जाता है। कई – कई जगहों पर तो हांड़ी फोड़ने का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है।

इस मटकी को तोड़ने से भक्तों के मने भगवान की यादें फिर से ताजा हो जाती है। पुरे भारत देश में सभी जगहों पर मंदिरों को सजाया जाता है।

जन्माष्टमी वाले दिन श्री कृष्ण के बाल रूप जिन्हे लड्डू गोपाल जी के नाम से भी जानते है उनकी. पूजा पूरे देश में की जाती है। मंदिरों में भजन कीर्तन किये जाते है।

भगवान कृष्ण ने मनुष्य के रूप में जन्म लिया क्यूंकि उस समय कंश का आतंक काफी ज्यादा बढ़. चूका था जिसको ख़त्म करने के लिए विष्णु भगवान ने श्री कृष्ण के रूप में अपना आठवा अवतार लिया।

जिसके माध्यम से उन्होंने हमे कई सारी चीज़ो के बारे में ज्ञान की बातें बताई। इसके अलावा उन्होंने महाभारत के युद्ध के समय भी अपनी मित्रता का धर्म निभाया तथा अर्जुन कोही मार्ग दिखाया।

นิซ

कृष्ण जन्माष्टमी 2026 केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि जीवन के हर पहलू में प्रेम, धैर्य, भक्ति และ करुणा की गहरी सीख देने वाला पर्व है।

यह दिन हमें याद दिलाता है कि सत्यและधर्म की हमेशा विजय होती है, चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों। भक्ति भाव से मनाया गया जन्माष्टमी का उत्सव हमारे मन को शांति, सकारात्मकता และ आत्मविश्वासे भर देता ฮะै।

चाहे आप मथुरा के मंदिरों में हो, घर पर पूजा कर रहे हों, या परिवार และ दोस्तों के साथ कार्यक्रमें शामिल हों, इस दिन का मूल उद्देश्य है भगवान श्रीकृष्ण के प्रति सच्चा प्रेम समर्पण।

आइए हम सब मिलकर इस जन्माष्टमी को उत्साह, सादगी และ आनंद के साथ मनाएँ และ कृष्ण की लीलाओं से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को และ भी बेहतर बनाएं.


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