Shravan Purnima 2026: วันที่ เวลา พิธีบูชาวิธี และความสำคัญ
วันศราวานปุรณิมา ปี 2026 ตรงกับวันศุกร์ที่ 28 สิงหาคม 2026 ซึ่งเป็นวันพระจันทร์เต็มดวงที่บ่งบอกถึงการสิ้นสุดของ...
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โอนัม 2026: भारत को त्योहारों का देश भी कहा जाता है| ऐसा इसलिए है क्योंकि यहाँ हर दिन कोई ना कोई त्यौहार अवश्य आता ही रहता है|
लेкиन यही हम दूसरी ओर यानी दक्षिण भारत की तरफ देखे तो वहां पर โอนัม เทศกาลนี้มีการเฉลิมฉลองด้วยความกระตือรือร้นและความสุขอย่างยิ่ง मान्यता है कि यह त्यौहार 10 दिनों तक मनाया जाने वाला सबसे सुप्रसिद्ध त्यौहार है|
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ओणम 2026 का यह त्यौहार महाराजा बलि และ भगवान विष्णु के वामन अवतार के स्वागत के लिए मनाया जाता है|

इस वर्ष में โอนัม 2026 (Onam 2026) เทศกาลของ 16 अगस्त से लेकर 28 अगस्त จะมีการเฉลิมฉลองจนถึง ओणम को दक्षिण भारत के सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार के नाम से जाना जाता है|
मलयालम कैलेंडर के अनुसार โอนัม เทศกาลเฉลิมฉลองในเดือนชินกัม ตามปฏิทินนี้ เดือน Chingam ถือเป็นเดือนแรกของปฏิทินมาลายาลัม ซึ่งอยู่ระหว่างเดือนสิงหาคมถึงกันยายน
इस त्यौहार को सर्वाधिक महत्व केरल राज्य के लोगों के द्वारा दिया जाता है| वहां के लोग इस त्यौहार को बहुत ही धूमधाम के साथ मनाते है| ओणम के त्योहार को थिरुवोणम के नाम से भी जाना जाता है|
इस त्यौहार को दक्षिण भारत के लोग बहुत ही उत्साह से मनाते है तथा अपने भगवान को प्रसन्न करेने के. ลี้ उनकी पूजा करते है| และ उनका आशीर्वाद पाने के लिए उनसे प्रार्थना करते है|
यह त्यौहार वैसे तो 12 दिनों तक मनाया जाता है| जैसा कि हमने आपको पहले बताया कि इस त्यौहार को 10 दिन तक मनाया जाता है, क्योंकि इसके प्रारम्भ के 10 दिन ใช่ सबसे शुभ และ मुख्य माने जाते है| चिंगम माह में सावन या थिरुवोणम नक्षत्र के सक्रिय होने पर थिरु ओणम का पूजन किया जाता है|
यह त्यौहार सर्वाधिक दक्षिणी भारत में मनाया जाता है| मुख्यत: भारत देश के केरल राज्य में यह त्यौहार मनाया जाता है| मलयालम कैलेंडर के अनुसार ओणम 2026 (โอนัม 2026) का त्यौहार चिंगम महीने में मनाया जाता है|
इस कैलेंडर के अनुसार चिंगम माह मलयालम कैलेंडर का पहला महीना माना जाता है जो कि अगस्त – सितम्बर के बीच में आता है| ओणम के त्योहार को थिरुवोणम के नाम से भी जाना जाता है|
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ओणम का त्यौहार वैसे तो 12 दिनों तक मनाया जाता है लेकिन ओणम के. शुरुआती 10 दिनों को ही सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है| इसके अलावा भी ओणम के त्यौहार का प्रत्येक दिन अपने आप में ही एक अलग खास महत्व रखता है|
जब तक भी यह ओणम का त्यौहार चलता है तब तक सभी लोग अपने घरों को फूलों से सजाकर ही रखते है| इस दिन सम्पूर्ण विधि विधान के साथ भगवान विष्णु และ महाराजा बलि का पूजन किया जाता है|
ओणम का यह पवित्र त्यौहार नयी फसलो के आने की खुशी में भी मनाया जाता है| ओणम का यह त्यौहार थ्रिकरा नामक एक वामन मंदिर से प्रारम्भ होता है जो कि केरल राज्य में स्थित है|
इस दिन वहा के सभी घरों में फूलों की पंखुड़ियों की सहायता से बहुत सारी सुन्दर – सुन्दर रंगोलियों का. निर्माण किया जाता है| सभी युवतियां उन रंगोलियों के चारों และ बड़ी प्रसन्नता के साथ नृत्य करती है|
इस फूलों से बनाई जाने वाली वृताकार रंगोलियों की संख्या प्रारम्भ में कम ही होती है, लेкиन जैसे – เจซเซ त्यौहार के दिन बढ़ते जाते है|
उसी प्रकार से इन वृताकार रंगोलियों की संख्या भी बढती रहती है| इसी प्रकार से यह इन 10 दिनों पुकलम वृहत का आकाAR धारण कर लेता है|
มีเหตุผลมากมายและเรื่องราวมากมายเบื้องหลังการเฉลิมฉลองเทศกาลโอนัม วันนี้เราจะมาเล่าเรื่องหนึ่งเรื่องที่ดีที่สุดให้กับคุณ และเรื่องนี้ก็มีการบรรยายไว้ในพระคัมภีร์และพระเวทหลายเล่มด้วย
एक पौराणिक कथा के अनुसार मान्यता है कि महाबली नाम का एक असुर राजा था| वैसे तो महाबली एक असुर राजा था लेкиन उसने अपनी प्रजा के लिए बहुत ही अच्छे काम (नेक) काम किये थे|
इसलिए वह सभी देवता के समान ही मानते थे| महाबली को अपनी प्रजा बहुत ही प्रिय थी| वह अपनी प्रजा पर किसी भी तरह का कोई भी संकट नहीं आने देता था|
इस कारण से प्रजा भी महाबली से बहुत ही प्रसन्न रहती थी| महाबली अपने जप และ तप की सहायता से अनेकों शक्तियां प्राप्त कर रहा था|
माना जाता है कि महाबली इतना शक्तिशाली राजा था| जिसे परास्त करना BIल्कुल ही संभव नहीं था| महाबली ने इंद्र देव को पराजित करके स्वर्गलोक पर कब्ज़ा कर लिया था|

इंद्र की स्थिति को देखकर उनकी माँ ने भगवान विष्णु की प्रार्थना की| उनकी प्रार्थना से प्रसन्न होकर इंद्र देव ने माता अदिति को यह वचन दिया कि वह अवश्य ही इंद्र देव का. उद्धार करेंगे व उन्हें उनका खोया हुआ राजपाट फिर वापिस दिलवाएँगे| इसके कुछ समय के बाद ही भगवान विष्णु ने माता अदिति के गर्भ से वामन रूप में जन्म लिया|
จากนั้นพระศรีฮาริก็เสด็จไปถึงกษัตริย์บาหลีในชาติวามัน จากนั้นกษัตริย์บาหลีก็ให้เกียรติเขาและขอให้เขาขอของขวัญ พระวิษณุ ने उनसे तीन पग जमीन मांगी|
बलि ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया| तब भगवान विष्णु ने अपना विशाल रूप धारण किया तथा उन्होंने पहले पग में सम्पूर्ण पृथ्वी, दुसरे पग में सम्पूर्ण आसमान नाप दिया|
जब तीसरा पग रखने के लिए स्थान नहीं बचा तो राजा बलि ने अपने सिर पर तीसरा पैर रखवा लिया| जिसे राजा बलि पाताल में चला गया|
जैसे ही राजा बलि की प्रजा को यह पता चला कि उनका राजा पाताल में चला गया है| यह सुनकर सम्पूर्ण राज्य में ही हडकंप मच गया|
राजा बलि के पाताल में चले जाने से सम्पूर्ण राज्य की प्रजा बहुत ही दुखी से सम्पूर्श हो गयी थी| भगवान भी बड़े ही दयालु है|
พระวิษณุทรงเห็นความรักของผู้คนที่มีต่อกษัตริย์บาหลีเป็นอย่างมาก จึงทรงประทานพรให้กษัตริย์บาหลีจะเสด็จมาพบพระองค์ในวันที่แน่นอนทุกปี เชื่อกันว่าแม้กระทั่งทุกวันนี้กษัตริย์บาหลีก็มาเข้าเฝ้าพสกนิกรตามวันเวลาที่แน่นอน
คราวนี้มีการเฉลิมฉลองเป็นเทศกาล สิ่งที่เรา โอนัม รู้จักแต่ชื่อ. ชื่อโอนัมอีกชื่อหนึ่ง ธีรุโวนาม से भी जाना जाता है|
वहां पर ऐसी मान्यता है कि जब भी राजा बलि अपनी प्रजा से मिलने आते है| तो सम्पूर्ण राज्य में हरियाली छा जाती है| และ सभी घरों में खुशहाली และ समृद्धि आती है|
| ดีน | ความสำคัญ |
| อาธัม | วันแรกเมื่อกษัตริย์บาหลีออกเดินทางสู่เกรละ |
| ชิธีรา | พรมดอกไม้ ปุกกะลัม บอกว่ามาเริ่มทำกันเลย |
| โสเภณี | ในปุ๊กกะลามชั้นต่อไปทำจากดอกไม้ 4-5 ชนิด |
| วิสาขา | การแข่งขันประเภทต่างๆเริ่มตั้งแต่วันนี้ |
| อนิชาม | การเตรียมการสำหรับการแข่งขันเรือเริ่มต้นขึ้น |
| ทริเคต้า | วันหยุดเริ่มต้นขึ้น |
| มูลัม | พิธีบูชาพิเศษเริ่มต้นที่วัด |
| อย่างสมบูรณ์ | มีการติดตั้งรูปปั้น Mahabali และ Vaman ji ไว้ในบ้าน |
| อุทราโดม | ในวันนี้มหาบาลีจะเข้าสู่เกรละ |
| ธีรุโวนาม | เทศกาลหลัก |
อินเดียใต้की बात करे तो वहां पर ओणम का त्यौहार बड़े ही उत्साह तथा हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है| मान्यता है कि यह त्यौहार 10 दिनों तक मनाया जाने वाला सबसे सुप्रसिद्ध त्यौहार है|
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ओणम 2026 का यह त्यौहार महाराजा बलि และ भगवान विष्णु के वामन अवतार के स्वागत के लिए मनाया जाता है|

เทศกาลนี้มีการเฉลิมฉลองด้วยวิธีดั้งเดิมที่ดีมากในเกรละ ผู้คนจากแดนไกลมาชมการแข่งเรือและการแข่งขันต่างๆ ที่จัดขึ้นในวันนี้ ดังนั้นแจ้งให้เราทราบว่า Onam มีการเฉลิมฉลองอย่างไร –
ओणम को दक्षिण भारत के सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार के नाम से जाना जाता है| मलयालम कैलेंडर के अनुसार ओणम 2026 (Onam 2026) का त्यौहार चिंगम महीने में मनाया जाता है|
इस कैलेंडर के अनुसार चिंगम माह मलयालम कैलेंडर का पहला महिना माना जाता है जो कि अगस्त – सितम्बर के बीच में आता है|
इस त्यौहार को सर्वाधिक महत्व केरल राज्य के लोगों के द्वारा दिया जाता है| वहां के लोग इस त्यौहार को बहुत ही धूमधाम के साथ मनाते है|
ओणम के त्योहार को थिरुवोणम के नाम से भी जाना जाता है| ओणम एक बहुत ही प्राचीन त्यौहार माना गया है| जिसे आज भी बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है|
ओणम के साथ साथ इस महीने में चावल की फसल का त्यौहार และ वर्षा के फूलों के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है|
जब तक भी यह ओणम का त्यौहार चलता है तब तक सभी लोग अपने घरों को फूलों से सजाकर ही रखते है|
इस दिन सम्पूर्ण विधि विधान के साथ भगवान विष्णु และ महाराजा बलि का पूजन किया जाता है| ओणम का यह पवित्र त्यौहार नयी फसलो के आने की खुशी में भी मनाया जाता है|
इस दिन मान्यता है कि महाबली अपनी प्रजा से मिलने आते है และ उनके सभी दुःख, दर्द व कष्ट दूर कर देते ใช่|
किसी भी तरह की पूजा करने के लिए हमें बहुत सारी तैयारियां करनी होती है| गावों में पूजा आसानी से हो जाती है लेкиन शहरों में लोगों के पास समय की कमी होती है|
जिस वजह से वह लोग पूजा नहीं करवा पाते है तो उनकी इस समस्या का समाधान हम लेकर आये है 99 บัณฑิต กับ.
यह सबसे बेहतरीन प्लेटफार्म है जिससे आप किसी पूजा के लिए ऑनलाइन पंडित जी को बुक कर सकते है| आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से ओणम के बारें में काफी बाते जानी है|
आज हमने ओणम पूजन के फ़ायदों के बारे में भी जाना| इस दिन होने वाली भिन्न – भिन्न प्रतियोगिताओं के बार में भी हमने आपको बताया| हम उम्मीद करते है कि हमारे द्वारा बताई गयी जानकारी से आपको कोई ना कोई मदद मिली होगी|
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