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Pradosh Vrat 2026 รายการ: जाने प्रदोष व्रत की शुभ तिथि, मुहूर्त व नियम

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99 บัณฑิตจี เขียนโดย: 99 บัณฑิตจี
อัพเดตครั้งล่าสุด:มิถุนายน 17, 2025
ปราโดช วรัต 2026
สรุปบทความนี้ด้วย AI - ChatGPT ความฉงนสนเท่ห์ เมถุน Claude กร๊าก

วันที่ถือศีลอดนี้จะแตกต่างกันไปทุกปีและทุกเดือน ตามความเชื่อในตำนาน ปราโดช วรัต 2026 (ปราโดช วรัต 2026) भगवान शिव की उपासना करके उन्हें प्रसन्न करने के लिए किया जाता है|

हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, त्रयोदशी का दिन महादेव की विशेष कृपा पाने का सर्वोत्तम अवसर होता है।

जैसा कि आप सभी लोगो को पता ही है कि हिन्दू धर्म में प्रत्येक दिन कोई न कोई तिथि या त्यौहार या व्रत आते ही रहते है, जो हमारे जीवन में खुशहाली และ आध्यात्मिकता का संचार करते हैं|

हिन्दू धर्में इन सभी त्योहारों และ व्रतों के नियमों को बहुत ही श्रद्धा के साथ मानते है|

आज हम एक ऐसे व्रत या जिसे हम उपवास भी कह सकते है, के बारे में बात करेंगे जो कि प्रत्येक वर्ष में हर แม่ अलग – अलग मुहूर्त के साथ आता है| वर्ष 2026 में भी भक्त शिव भक्ति के इसी मार्ग पर चलेंगे|

ปราโดช วรัต 2026

प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है| प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से घर में सुख-समृद्धि तथा खुशहाली सदैव बनी रहती है|

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, प्रदोष काल में शिवजी की आराधना से जन्म-जन्मांतर के पाप मिट जाते हैं।

आमतौर पर प्रदोष व्रत प्रत्येक माह की ด้านมืดเข้มขึ้นทุกปักษ์ की त्रयोदशी तिथि को ही रखा जाता है| परंतु सावन के माह में प्रदोष व्रत का महत्व ओर अधिक हो जाता है, क्योंकि सावन स्वयं शिव स्वरूप माना गया. ใช่|

इस माह में पूर्ण श्रद्धा के साथ जो भी इस प्रदोष व्रत को करता है तो भगवान शिसव उसे बहुत प्रसन्न होते है และ उसकी सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करते है|

ปราโดช วรัต 2026 (ปราโดช วรัต 2026) एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिन्दू व्रत है जो कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता ใช่|

प्रदोष व्रत का सम्पूर्ण दिन देवों के देव भगवान शंकर को ही समर्पित किया गया है| तो आइये जानते है कि इस प्रदोष व्रत 2026 (Pradosh Vrat 2026) में प्रत्येक माह में प्रदोष व्रत की शुभ तिथि. क्या रहेगी| तथा इस व्रत के नियम และ इस व्रत के बारे में และ अच्छे से जानेंगे|

प्रदोष व्रत क्या है ?

ตามความเชื่อของศาสนาฮินดู เอกาดาชิเดท को भगवान विष्णु และ प्रदोष व्रत की तिथि भगवान शिव को समर्पित किया गया है| प्रदोष का अर्थ होता है संध्या का वह समय जब दिन และ रात का मिलन होता है।

इस तिथि को प्रदोष तिथि कहने के पीछे के बहुत बड़ा पौराणिक कारण है| अगर इस कथा के बारें में हम बात करें तो एक समय की बात है जब चंद्र को क्षय रोग हो गया था|

जिसकी वजह से चंद्र को मृत्यु के समान ही भयंकर कष्ट และ पीड़ा झेलनी पड़ रही थी| उस समय करुणासागर भगवान शिव ने त्रयोदशी के दिन इस दोष का निवारण किया|

जिस प्रकार से हर माह में दो बार एकादशी की तिथि आती है| उसी प्रकार ही प्रदोष व्रत की तिथि भी प्रत्येक माह में दो बार आती है|

मान्यता है कि जब भी कोई व्यक्ति प्रदोष का व्रत करता है तो उसे कई सारी बातों का ध्यान रखकर कुछ นิเยโมน का पालन ​​करना बहुत ही आवश्यक है|

मान्यताओं के अनुसार प्रदोष व्रत करने वाले लोगों को केवल सात्विक आहार हो सके तो हरे मूंग का हीेवन करना. चाहिए|

प्रदोष व्रत केवल माह के अनुसार ही महत्व नहीं रखता है, बल्कि सप्ताह के सात दिनों के अनुसार भी प्रदोष व्रत. अपना अलग महत्व रखता है| प्रत्येक वार के दिन प्रदोष व्रत करने के भिन्न – भिन्न आध्यात्मिक लाभ है|

स्कन्द पुराण में प्रदोष व्रत के बारे में बताया गया है कि इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव अे रजत भवन में नृत्य करते है|

प्रदोष तिथि के दिन जो भी व्यक्ति भगवान शिव की पूजा व व्रत करता है, उसे भगवान शंकर का. आशीर्वाद मिलता है และ मनचाहे फल की भी प्राप्ति होती है|

प्रदोष व्रत 2026 शुभ तिथि व मुहूर्त (ปราโดช วรัต 2026 Shubh Muhurat)

ดริก ปานชาง की गणना के आधार पर वर्ष 2026 की प्रमुख प्रदोष तिथियां และ व्रत के प्रकार निम्नलिखित हैं:

เดือน तिथि व वार पक्ष व व्रत प्रकार
จั่นวารี 01 जनवरी, गुरुवार
15 जनवरी, गुरुवार
30 जनवरी, शुक्रवार
शुक्ल (गुरु प्रदोष)
कृष्ण (गुरु प्रदोष)
शुक्ल (शुक्र प्रदोष)
ฤๅษี 14 फरवरी, शनिवार
28 फरवरी, शनिवार
कृष्ण (शनि प्रदोष)
शुक्ल (शनि प्रदोष)
มะเร็ต 16 มีนาคม, โซมาวาร์
30 มีนาคม, โซมาวาร์
कृष्ण (सोम प्रदोष)
शुक्ल (सोम प्रदोष)
อะปูลล 14 अप्रैल, मंगलवार
28 अप्रैल, मंगलवार
कृष्ण (भौम प्रदोष)
शुक्ल (भौम प्रदोष)
ฉัน 14 เม.ย., กอร์ววามาร์
28 เม.ย., กอร์ววามาร์
कृष्ण/शुक्ल (गुरु प्रदोष)
เจ๊ง 12 जून, शुक्रवार
26 जून, शुक्रवार
कृष्ण/शुक्ल (शुक्र प्रदोष)
จุ้ย 12 จูลาई, ราวิวาร
26 จูลาई, ราวิวาร
कृष्ण/शुक्ल (रवि प्रदोष)
อกซ 10 अगस्त, โซมาวาร
25 अगस्त, मंगलवार
कृष्ण (सोम प्रदोष)
शुक्ल (भौम प्रदोष)
กันยายน 09 ซิตั้นเบอร์, บูधवार
24 सितंबर, गुरुवार
कृष्ण (บูध प्रदोष)
शुक्ल (गुरु प्रदोष)
อะคต็บเบอร 08 अक्टूबर, गुरुवार
24 अक्टूBER, शनिवार
कृष्ण (गुरु प्रदोष)
शुक्ल (शनि प्रदोष)
พฤศจิกายน 07 नवंबर, शनिवार
22 नवंबर, रविवार
कृष्ण (शनि प्रदोष)
शुक्ल (रवि प्रदोष)
ประเทศ 06 พฤหัสบดี, रविवार
22 พฤหัสบดี, मंगलवार
कृष्ण (रवि प्रदोष)
शुक्ल (भौम प्रदोष)

 

प्रदोष व्रत 2026 के नियम विधि

हिन्दू धर्में मनाये जाने वाले सभी त्यौहार के अलग – अलग शास्त्रीय नियम निर्धारित होते है| इसलिए उन त्योहारों या उपवासों को करने के लिये कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है|

साथ ही भगवान को शीघ्र – अतिशीघ्र प्रसन्न करने के लिए नीचे बताई विधि से ही पूजा संपन् करें|

ปราโดช วรัต 2026

  • यदि कोई भी व्यक्ति प्रदोष का व्रत करता है, तो उसे इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना होगा และ साफ़-स्वच्छ वस्त्र धारण करने होंगे|
  • भगवान शिव की पूजा के लिए बेलपत्र, अक्षत, दीप, धूप, फल पूजा के लिए बेलपत्र, अक्षत, दीप, धूप, फल के लेकर मंदिर में जाकर शिवलिंग का. วิधिवत पूजन करना चाहिए|
  • पूजा के प्रारंभ में व्रत का संकल्प लीजिये และ अपनी मनोकामना भगवान शिव को कहिये तथा उसे पूर्ण करने के. ลี้ उनसे सच्चे मन से प्रार्थना कीजिये|
  • प्रदोष व्रत के दिन व्रती को निराहार रहना चाहिए| सूर्यास्त से करीब एक घंटा पहले पुनः स्नान करके सफेद रंग के साफ़ कपडे धारण करने चाहिए|
  • अपने घर व मंदिर के चारों ओर गंगाजल का छिडकाव करें जिसे वातावरण शुद्ध ो सके| इसके बाद आप गाय के गोबर की सहायता से मंडप तैयार कर 5 रंगों से रंगोली बना सकते हैं|
  • यह सब कार्य करने के बाद में आपको उत्तर-पूर्व दिशा में मुख करके आसन पर बैठकर भगवान शिव के मूल. मंत्र "ॐ नमः ชิวายา" का श्रद्धापूर्वक जप करना चाहिए|
  • मंत्र जाप के साथ ศิวาลิงคะ पर जल, दूध และ शहद अर्पित करें| इसे भगवान शिव प्रसन्न होकर आपको सुखद जीवन का आशीर्वाद देते हैं|

प्रदोष व्रत के आध्यात्मिक लाभ

  • प्रदोष व्रत करने से सभी प्रकार के रोगों से मुक्ति मिलती है และ शरीर स्वस्थ रहता है| इस व्रत से मानसिक शांति प्राप्त होती है และ तनाव से भी मुक्ति मिलती है| इसके अलावा धन-धान्य की कमी दूर होती है|
  • यह व्रत विशेष रूप से वे महिलाएं करती हैं जिन्हें संतान प्राप्ति की अभिलाषा हो| मान्यताओं के अनुसार शिवजी की कृपा से जल्द ही संतान सुख की प्राप्ति होती है|
  • शत्रुओं पर विजय และ आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए यह व्रत काफी ज्यादा कारगर माना गया है| यदि आपको कोई भय सता रहा हो तो प्रदोष व्रत रखकर महादेव से प्रार्थना करने से सभी शत्रु परास्त हो जाते เฮ้|
  • इसके अलावा यदि किसी व्यक्ति की कशीर्वाद से उन दोषों के नकारात्मक प्रभाव के हो जाते हैं|

सप्ताह के वार के अनुसार प्रदोष व्रत के लाभ

วันอาทิตย์ปราโดชอดอาหาร – रविवार को प्रदोष होने से आरोग्य की प्राप्ति होती है และ जातक का शरीर निरोगी हो जाता है|

सोमवार प्रदोष व्रत – इस दिन व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं และ जातक को सुखद फल मिलते हैं|

मंगलवार प्रदोष व्रत – रोगों से मुक्ति प्रदोष व्रत सर्वश्रेष्ठ माना गया है|

บุधवार प्रदोष व्रत – इस दिन व्रत करने से महादेव जातक की शिक्षा และ ज्ञान संबंधी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं|

วันพฤหัสบดี ประโดษวรัต – इसे करने से जीवन में शत्रुओं से राहत मिलती है และ समाज में मान-सम्मान की वृद्धि होती है|

शुक्रवार प्रदोष व्रत – इसे 'ศุคราประโดษวรัต' कहते हैं। इसे करने से जीवन में हमेशा सुख-समृद्धि และ सौभाग्य बना रहता है|

शनिवार प्रदोष व्रत – इस व्रत को “ชานี ปราโดช วรัต” कहा जाता है। संतान प्राप्ति के लिए इसे सबसे शुभ และ फलदायी माना गया है|

प्रदोष व्रत के दौरान ध्यान रखने योग्य मुख्य बातें

  • व्रत का संकल्प लेने के बाद पूरे दिन निराहार रहने का प्रयास करना चाहिए।
  • व्रत के दौरान नमका सेवन BIल्कुल नहीं करना चाहिए และ सात्विकता का पालन करना चाहिए।
  • पूरे दिन मन में भगवान शिव का ध्यान करें และ किसी के प्रति भी क्रोध या कटु शब्द न बोलें।
  • इस पावन दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना अति आवश्यक माना गया है।
  • व्रत के दिन मांसाहाAR, तामसिक भोजन (लहसुन, प्याज) และ नशीले पदार्थों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए अन्यथा व्रत भंग हो जाता है।

นิซ

आज हमने इस लेख के माध्यम से  ปราโดช วรัต 2026 की तिथियों และ इसके धार्मिक महत्व के बारे में विस्ताAR से जाना है|

प्रदोष व्रत महादेव की कृपा पाने का एक सीधा และ सरल मार्ग है| हमें आशा है कि यह जानकारी आपके लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी|

ใน 2026 के किसी भी व्रत, अनुष्ठान या उद्यापन के लिए योग्य และ अनुभवी पंडित जी की तलाश कर रहे हैं, तो 99 บัณฑิต आपके लिए सबसे विश्वसनीय प्लेटफार्म है|

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