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Diwali Lakshmi Pujan Vidhi: घर पर लक्ष्मी पूजा करने की सरल विधि

Bhumika Singh
Written ByBhumika Singh
Last UpdatedAugust 5, 2026
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Diwali Lakshmi Pujan Vidhi: दिवाली का नाम सुनते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती हैं। चारो तरफ रौशनी और खुशियाँ होती हैं, परिवार के साथ समय बिताने का मज़ा कुछ और ही होता हैं।

लेकिन दिवाली का मतलब सिर्फ़ दीप जलाना नहीं, बल्कि माता लक्ष्मी की पूजा करना है, जो धन, सुख और शांति की देवी मानी जाती हैं।

Diwali Lakshmi Pujan Vidhi

हर घर में इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती हैं, ताकि आने वाले साल खुशियों और बरकत से भरा हो।

इस दिन सही तरीके से पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता हैं। इसलिए आज हम आपको बताएँगे Diwali Lakshmi Pujan Vidhi यानी घर पर लक्ष्मी जी की पूजा करने का आसान तरीका।

इस लेख में आप जानेंगे दीवाली पर लक्ष्मी पूजन क्यों किया जाता है, पूजा का सही समय और शुभ मुहूर्त, पूजा में लगने वाली चीज़ें स्टेप बाय स्टेप पूरी पूजा विधि, पूजा के वक्त बोले जाने वाले मंत्र, पूजा करते समय क्या ध्यान रखना चाहिए और पूजा के बाद क्या करना चाहिए। अगर आप पहली बात लक्ष्मी पूजन कर रहे हैं तो यह ब्लॉग आपके लिए ही हैं।

दिवाली शुभ मुहूर्त और समय (Diwali Puja 2025 Muhurat)

दिवाली लक्ष्मी पूजन करने का सही समय बहुत ज़रूरी होता हैं। माना जाता है की माँ लक्ष्मी शाम के समय, जब चारों ओर अँधेरा होता है, और दीपक जलाए जाते हैं, तभी घर में आती हैं। इस समय को प्रदोष काल कहा जाता हैं।

Diwali Lakshmi Pujan Vidhi

आमतौर पर दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन का शुभ समय शाम 6 बजे से रात 8:30 तक रहता हैं। जगह और साल के हिसाब से थोडा अंतर आता ही हैं।

लक्ष्मी पूजन की तिथि:

  • दिन: सोमवार
  • तारीख: 20 अक्टूबर 2025

अमावस्या तिथि (काल):

  • प्रारंभ: 20 अक्टूबर को दोपहर 3:44 बजे
  • समाप्त: 21 अक्टूबर को शाम 5:54 बजे

शुभ मुहूर्त (Lakshmi Puja Muhurat):

शाम 7:08 बजे से रात 8:18 बजे तक (1 घंटा 10 मिनट)

यह समय दो मुख्य कारणों से श्रेष्ठ है:

  1. यह प्रदोष काल के अंतर्गत आता है (जो सूर्यास्त के बाद लगभग 1.5 घंटे का समय होता है)
  2. इसी अवधि में वृषभ लग्न भी सक्रिय होता है (माता लक्ष्मी का प्रिय लग्न)

किन समयों से बचें:

  • अमावस्या से पहले या बाद में पूजा न करें
  • दोपहर में पूजा न करें, क्योंकि वह काल शुभ नहीं माना जाता लक्ष्मी पूजन के लिए

अमावस्या तिथि में ही लक्ष्मी पूजन करना अनिवार्य होता है। पूजा से पहले घर को अच्छे से साफ़ करे, भगवान का आसन सजायें, दीप जलायें और परिवार के सब लोग मिलकर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश जी की पूजा-आराधना करें।

दिवाली लक्ष्मी पूजन की सामग्री (Puja Samagri of Diwali Lakshmi Pujan)

लक्ष्मी पूजन करने से पहले ज़रूरी है कि सारी सामग्री पहले से तैयार रखी जाए। इससे पूजा के वक़्त कोई जल्दबाज़ी या गलती नहीं होती। नीचे दी गयी सामग्री आमतौर पर हर घर में Diwali Lakshmi Pujan के लिए उपयोगी हैं।

Diwali Lakshmi Pujan Vidhi

पूजा सामग्री सूची:

  1. साफ़ लकड़ी का पाटा या पीतल की चौकी
  2. नया लाल या पीला कपड़ा चौकी पर बिछाने के लिए
  3. माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति या चित्र
  4. एक कलश (चांदी या तांबे का)
  5. अशोक के पत्ते
  6. गंगाजल या शुद्ध जल
  7. कुमकुम, हल्दी, रोली, चावल(अक्षत),
  8. दीपक (घी या तेल वाला)
  9. कपूर और अगरबत्ती
  10. फूल (कमल, गुलाब, गेंदे)
  11. मिठाई (खासकर खीर, लड्डू, या बताशे)
  12. चावल का आटा या मिट्टी से बनी छोटी चौकी (मंडल बनाने के लिए)
  13. सिक्के या नोट (धन की प्रतीक)
  14. पंचमेवा (काजू, बादाम, किशमिश, सुखा नारियल(खोपरा), खजूर)
  15. नई बही-खाता या डायरी (व्यापारी वर्ग के लिए)

दिवाली लक्ष्मी पूजन विधि (Diwali Lakshmi Pujan Vidhi)

दिवाली की रात जब सब कुछ रौशनी से जगमग हो रहा हो, उस समय लक्ष्मी पूजन सबसे शुभ माना जाता हैं। नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो करके कोई भी घर पर Diwali Lakshmi Pujan कर सकता हैं।

Diwali Lakshmi Pujan Vidhi

1. तैयारी करें: शाम को घर की अच्छी तरह सफाई करें और दरवाज़े पर रंगोली बनाएं। मान्यता है की साफ़-सुथरे घर में लक्ष्मी जी प्रवेश करती हैं।

2. चौकी सजायें: एक साफ़ चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं, उस पर लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति रखें। मूर्ति के आगे दीपक जलाएं।

3. कलश स्थापना करें: एक कलश में गंगाजल भरें, उसमें अशोक के पत्ते और ऊपर नारियल रखें। यह कलश शुभता और धन की वृद्धि का प्रतिक होता है।

4. संकल्प ले: दोनों हाथो में थोड़ा पानी उर फूल लेकर व्रत या पूजा का संकल्प लें कि आप मन से लक्ष्मी माता की पूजा करेंगे।

5. भगवान गणेश की पूजा: हर शुभ कार्य की शुरुआत गणेश जी से होती है, उन्हें दीप, फूल और मिठाई अर्पित करें।

6. लक्ष्मी जी की पूजा: लक्ष्मी जी को हल्दी, कुमकुम, चावल, फूल और मिठाई अर्पित करें। सिक्के या नोट उनके आगे रखें, माना जाता है कि पूजा के समय लक्ष्मी जी कमल के फूल पर विराजमान होती हैं।

7. दीपदान करें: घर के हर कोने में दीपक जलाएं, माना जाता है की इससे अंधकार और नकारात्मकता दूर होती है।

8. आरती करें: लक्ष्मी और गणेश जी की आरती पुरे परिवार के साथ मिलकर करें।

9. प्रसाद बाटें: पूजा के बाद सभी को मिठाई और प्रसाद बाटें।

लक्ष्मी पूजन में बोले जाने वाले मंत्र

पूजा के दौरान मंत्र उच्चारण करना अत्यंत शुभ और लाभकारी होता है, और अगर आप लक्ष्मी पूजा कर रहे हैं तो लक्ष्मी जी का मंत्र उच्चारण और भी शुभ है। दिवाली पूजन में किये जाने वाले लक्ष्मी जी के कुछ प्रमुख मंत्र –

लक्ष्मी जी के प्रमुख मंत्र:

  • मुख्य और सरल मंत्रः ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।।
  • गायत्री मंत्रः ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्ये च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ।।
  • प्रभावी मंत्रः ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः।।
  • धन प्राप्ति के लिएः ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्मांक दारिद्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ।।
  • सिद्ध लक्ष्मी के लिएः ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्ध लक्ष्म्यै नमः।।

दिवाली लक्ष्मी करते समय किन बातों का ध्यान रखे

लक्ष्मी पूजन के दौरान कुछ छोटी लेकिन ज़रूरी बातें याद रखनी चाहिए ताकि पूजा पूरा फल दे:

  1. पूजा से पहले मन और शरीर दोनों साफ़ रखे, स्नान के बाद ही पूजा-पाठ करें।
  2. पूजा स्थान पर पीला या लाल रंग का कपड़ा इस्तेमाल करें।
  3. पूजा में लोहे या स्टील के बर्तन नहीं रखें, कोशिश करें तांबे, पीतल या चांदी के बर्तन का इस्तेमाल करें।
  4. लक्ष्मी जी के मूर्ति या तस्वीर के पास झाड़ू या जूते, चप्पल जेसी चीज़ें नहीं रखें।
  5. पूजा के समय गुस्सा, लड़ाई-झगड़ा बिलकुल न करें, लक्ष्मी माता शांत घरों में प्रवेश करती हैं।
  6. दीपक पूरे समय जलता रहना चाहिए।
  7. चांदी के सिक्के या नोटों को लक्ष्मी जी के आगे रखें, और अगले दिन अपने पर्स या तिजोरी में रखें।
  8. पूजा पूरी होने के बाद घर की सभी लाइटें और दीपक जलते रहने दें, ये अंधकार पर प्रकाश की जीत हैं।

लक्ष्मी पूजन के बाद क्या करें

पूजा पूरी होने के बाद कुछ बातें जरूर करनी चाहिए ताकि लक्ष्मी जी का आशीर्वाद स्थायी रहे:

  1. आरती के बाद दीपक बुझाएँ नहीं, उसे अपने आप बुझने दें।
  2. घर के हर कोने में दीपक रखें, इससे सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
  3. मिठाई और प्रसाद बाँटें, घर के लोगों और आस-पास के ज़रूरतमंदों को।
  4. लक्ष्मी जी के चरणों में धन रखकर प्रणाम करें, फिर अगले दिन उसे संभालकर रख लें।
  5. अगले दिन सुबह घर में थाली बजाकर शुभ ध्वनि करें, इससे नकारात्मकता दूर होती है।
  6. इस रात किसी पर गुस्सा या कटु वचन न कहें, माना जाता है इससे लक्ष्मी माता नाराज़ होती हैं।

लक्ष्मी पूजन के बाद का ये व्यवहार ही असली पूजा का फल बढ़ाता है क्योंकि पूजा सिर्फ धन के लिए नहीं, मन की शांति और कृतज्ञता के लिए होती है।

निष्कर्ष

दिवाली का त्यौहार केवल रौशनी और मिठाइयों का नहीं है, बल्कि घर में सुख समृद्धि और शांति लाने का प्रतीक हैं। इस दिन की सबसे खास परंपरा है, माता लक्ष्मी की पूजा।

सही विधि, मन की शुद्धता और सही समय पर की गयी पूजा से Diwali Lakshmi Pujan Vidhi का महत्व और बढ़ जाता हैं।

पूजा करने का असली उद्देश्य केवल धन कमाना नहीं है, बल्कि घर के वातावरण को सकारात्मक बनाना, परिवार में प्रेम और मेलजोल बढ़ाना और अपने कर्मों में सच्चाई बनाएं रखना।

जब पूरा परिवार मिलकर दीप जलाता है, मंत्र बोलते हैं, और आरती करती हैं तो घर में लक्ष्मी माता का आशीर्वाद स्थाई रूप से आता हैं।

इस वर्ष, अपने घर को अच्छे से सजाएं, पूजा की सामग्री पहले से तैयार करें और पूजा को पूरे मन और श्रद्धा से करें। याद रखें, असली लक्ष्मी हमारे अच्छे कर्म, शुद्ध विचार, और प्यार भरे रिश्तों से आती हैं।

Diwali Lakshmi Pujan Vidhi को सरल और सही तरीके से अपनाकर आप अपने घर में समृद्धि और खुशियों की स्थायी रोशनी ला सकते हैं।

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Frequently Asked Questions

दिवाली लक्ष्मी पूजन कब करना चाहिए?

लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे शुभ समय शाम का होता है। आमतौर पर सूर्यास्त के बाद से रात 8:30 बजे तक पूजा करना उत्तम माना जाता है। इस समय माता लक्ष्मी घर में आती हैं और शुभता का आशीर्वाद देती हैं। कोशिश करें कि पूजा पूरे परिवार के साथ इसी समय करें। समय का ध्यान रखने से पूजा अधिक फलदायी होती है।

क्या पूजा अकेले भी की जा सकती है?

हां, अगर परिवार साथ न हो तो अकेले भी पूजा कर सकते हैं। सबसे ज़रूरी है आपकी भावना और श्रद्धा। माता लक्ष्मी भावना से प्रसन्न होती हैं। अकेले पूजा करने से भी घर में सुख और समृद्धि आती हैं।

लक्ष्मी पूजन में कौन-सी चीज़ें सबसे जरूरी हैं?

मुख्य सामग्री में मूर्ति या तस्वीर, दीपक, फूल, मिठाई, कलश, नारियल और गंगाजल शामिल हैं। ये पूजा का आधार हैं। इनके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। साथ ही सिक्के या नोट भी धन का प्रतीक हैं। सामग्री को पहले से तैयार रखना अच्छा होता है।

पूजा के समय कौन से रंग के कपड़े पहनने चाहिए?

लाल, पीले या सुनहरे रंग के कपड़े पहनना सबसे शुभ माना जाता है। काले या गहरे रंग से बचें। ये रंग सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं। पारंपरिक पोशाक पहनना भी अच्छा माना जाता है। कपड़े साफ और सुंदर होने चाहिए।

पूजा कितनी देर तक करनी चाहिए?

पूजा 30–45 मिनट में पूरी की जा सकती है। जल्दीबाज़ी न करें। समय देने से लक्ष्मी माता प्रसन्न होती हैं। पूजा में ध्यान और भक्ति सबसे ज़रूरी है।

बच्चों को पूजा में शामिल करना चाहिए?

हाँ, बच्चों को पूजा में शामिल करना बहुत अच्छा माना जाता है। इससे उन्हें परंपरा और भक्ति की समझ आती है। बच्चे भी दीप जलाकर आरती में भाग ले सकते हैं। यह परिवार में एकता और खुशी बढ़ाता है। बच्चों की छोटी-छोटी मदद भी पूजा की पूर्णता बढ़ाती है।

क्या पूजा के बाद मिठाई बाँटना जरूरी है?

हाँ, पूजा के बाद मिठाई बाँटना बहुत शुभ माना जाता है। इससे खुशियाँ बांटी जाती हैं और परिवार में प्रेम बढ़ता है। मिठाई और प्रसाद बांटने से घर में सकारात्मक माहौल बनता है। इसे घर के सभी सदस्यों और मेहमानों में बांटना चाहिए। मिठाई बाँटना लक्ष्मी जी की प्रसन्नता का प्रतीक भी है।


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