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Mauni Amavasya 2026: कब है मौनी अमावस्या? जाने तिथि व शुभ मुहूर्त व स्नान का महत्व

इस वर्ष मौनी अमावस्या 2026 की सही तिथि 18 जनवरी 2026, रविवार की है। इस दिन नदियों का जल हो जाता है अमृत, मुहूर्त जानने के लिए अभी पढ़े!
99Pandit Ji
Last Updated:January 13, 2026
मौनी अमावस्या 2026
Summarize This Article With Ai - ChatGPT Perplexity Gemini Claude Grok

क्या आप जानते हैं कि साल का सबसे ताकतवर दिन “चुप रहने” में छिपा है? हम बात कर रहे हैं मौनी अमावस्या 2026 की। यह सिर्फ कोई तारीख नहीं है, बल्कि आपके मन और आत्मा को बिल्कुल नया बनाने का एक जादुई मौका है।

कहते हैं इस दिन नदियों का पानी साधारण जल नहीं रहता, वह तो “अमृत” बन जाता है। पर क्या आपको पता है कि बिना घर से बाहर कदम रखे भी आप इस अमृत का पूरा पुण्य पा सकते हैं?

मौनी अमावस्या 2026

अगर आप भी अपनी रुकी हुई तरक्की, फालतू के तनाव या घर की किच-किच से परेशान हैं, तो समझ लीजिए यह दिन आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

इस ब्लॉग में हम मौनी अमावस्या 2026 की एकदम सटीक तारीख, पूजा का सही मुहूर्त और वह सीक्रेट तरीका बताएंगे जिससे आपकी सोई हुई किस्मत जाग सकती है। चलिए साथ मिलकर जानते हैं कि इस बार 99Pandit आपकी इस पूजा को कैसे यादगार बना सकता है।

क्या है मौनी अमावस्या 2026 का ‘अमृत मुहूर्त’ और क्यों 18 जनवरी की सुबह है सबसे खास?

क्या आप जानते हैं कि मौनी अमावस्या 2026 पर सिर्फ एक डुबकी लगाने से पूरे साल की 12 अमावस्याओं का फल एक साथ मिल सकता है? लेकिन, यहाँ सारा खेल ‘Timing’ का है।

शास्त्रों में लिखा है कि इस दिन ग्रहों की स्थिति कुछ ऐसी होती है कि ब्रह्मांड की पूरी पॉजिटिव एनर्जी नदियों के पानी में समा जाती है।

इसी को हमारे पूर्वजों ने ‘अमृत योग‘ कहा है। अगर आप सही मुहूर्त पर नहीं नहाते, तो यह सिर्फ एक साधारण नहाना बनकर रह जाएगा।

17 या 18 जनवरी, किस दिन माना जाएगा असली ‘अमृत योग’?

अगर आप भी तारीखों के चक्कर में सिर पकड़ कर बैठे हैं, तो टेंशन छोड़िए। हमने बारीकियों को खंगाल कर आपके लिए यह एकदम आसान चार्ट तैयार किया है।

इसे देख लीजिए, फिर आपको किसी से पूछने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी:-

विवरण (Event) तारीख और सटीक समय (Date & Time)
अमावस्या तिथि का आरंभ 17 जनवरी 2026, रात 11:50 बजे से
अमावस्या तिथि का समापन 18 जनवरी 2026, सुबह 08:35 बजे तक
अमृत स्नान (महा-मुहूर्त) 18 जनवरी, सुबह 05:27 से 06:20 तक
व्रत और दान का दिन 18 जनवरी 2026, रविवार (उदया तिथि)
तर्पण के लिए कुतुप मुहूर्त दोपहर 12:10 से 12:52 तक

काम की बात: जैसा कि आपने टेबल में देखा, भले ही तिथि शनिवार रात से शुरू हो रही है, लेकिन उदया तिथि के अनुसार 18 जनवरी ही वह दिन है जब आपको स्नान और दान करना है

सबसे खास बात रविवार सुबह 08:35 के बाद अमावस्या खत्म हो जाएगी, इसलिए देर बिल्कुल मत कीजिएगा!

कैसे घर के साधारण नल को बनाएं ‘गंगाजल’ और क्या है घर पर स्नान करने की सही वैदिक विधि?

हर किसी के लिए यह मुमकिन नहीं कि वो कड़ाके की ठंड में बोरिया-बिस्तर बांधकर प्रयागराज या हरिद्वार पहुँच जाए। तो क्या इसका मतलब यह है कि आपकी मौनी अमावस्या खाली जाएगी? बिल्कुल नहीं!

हमारे शास्त्रों में ‘भाव‘ को सबसे ऊपर रखा गया है। अगर आपकी नीयत साफ़ है और तरीका सही, तो आपके घर के नल से आने वाला पानी भी गंगाजल जैसी पवित्रता दे सकता है।

जहाँ दूसरे लोग सिर्फ “नहा लो” बोलकर बात खत्म कर देते हैं, वहाँ 99Pandit आपको वो विधि बताएगा जिससे आपका बाथरूम ही किसी तीर्थ से कम नहीं लगेगा।

बाल्टी के पानी में गंगाजल के साथ और क्या मिलाएं कि 1000 गुना पुण्य मिले?

सिर्फ़ सादे पानी से नहाना तो रोज़ का काम है, लेकिन मौनी अमावस्या 2026 पर कुछ ख़ास चीज़े पानी में मिलाना जादू कि तरह काम करता है।

अपनी बाल्टी में ये 3 चीज़ें ज़रूर डालें:

  1. काला तिल: यह आपके पितरों को तृप्त करता है और शनि दोष से बचाता है।
  2. गंगाजल की कुछ बूंदें: यह पूरे पानी के MOLECULES को शुद्ध कर देता है।
  3. थोड़ा सा कच्चा दूध या शहद: यह आपकी ‘SKIN’ के साथ-साथ आपके ‘AURA’ को भी चमक देता है।

पानी में ये चीजें डालते समय मन में यह सोचें कि आप साक्षात संगम में खड़े हैं। यकीन मानिए, यह आपके स्नान के फल को 1000 गुना बढ़ा देगा।

नहाते समय किस ‘गुप्त मंत्र’ का जाप करना सबसे जरूरी है?

वैसे तो यह ‘मौनी’ अमावस्या है, यानी आपको जुबान से कुछ नहीं बोलना है। लेकिन मन के अंदर इस मंत्र का जाप करना अनिवार्य है, तभी वह पानी ‘अमृत’ बनेगा।

जैसे ही आप अपने ऊपर पहला लोटा पानी डालें, मन ही मन कहें:

गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती। नर्मदे सिन्धु कावेरी जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥

इसका मतलब है कि आप दुनिया की तमाम पवित्र नदियों को अपनी उस बाल्टी के पानी में बुला रहे हैं। अगर यह मंत्र याद न हो, तो बस “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या “हर-हर गंगे” का मन में जाप करें। याद रखें, एक शब्द भी होंठों से बाहर नहीं निकलना चाहिए, तभी इसे असली ‘मौन स्नान’ माना जाएगा।

क्यों रुकी हुई तरक्की का कारण है पितृ दोष और कैसे मौनी अमावस्या पर इसे जड़ से खत्म करें?

क्या आप रात-दिन मेहनत कर रहे हैं, पर प्रमोशन किसी और को मिल जाता है? या फिर पैसा आता तो है, पर टिकता नहीं? कई बार यह सिर्फ “किस्मत का खराब होना” नहीं होता, बल्कि पितृ दोष की ओर इशारा होता है।

जब हमारे पूर्वज (Ancestors) संतुष्ट नहीं होते हैं, तो उसकी सबसे पहली नज़र हमारे करियर और बैंक बैलेंस पर पड़ती है।

लेकिन घबराइए मत, मौनी अमावस्या 2026 वह खास दिन है जब पितृ लोक का द्वार पृथ्वी के सबसे करीब होता है।

इस दिन किया गया एक छोटा सा उपाय आपके करियर के बंद दरवाजे खोल सकता है। जहाँ बाकी लोग इसे सिर्फ धर्म-कर्म की बात बताते हैं, 99Pandit इसे आपकी तरक्की से जोड़कर देखता है।

“राशियों का खेल”: मौनी अमावस्या 2026 पर किन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत?

सिर्फ धार्मिक ही नहीं, ज्योतिष की दृष्टि से भी मौनी अमावस्या 2026 बहुत बड़ी हलचल लेकर आ रही है। लोग हमेशा यह जानना चाहते हैं कि क्या उनके सितारे बदलेंगे? तो जवाब है—हाँ!

इस बार मकर राशि में सूर्य और बुध की युति से ‘बुधादित्य योग’ बन रहा है, जो बौद्धिक सफलता और धन का प्रतीक है।

प्रभाव: विशेष रूप से मेष (Aries), मकर (Capricorn) और कुंभ (Aquarius) राशि वालों के लिए यह दिन Lottery जैसा साबित हो सकता है। आपके करियर में रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है या कोई नई जॉब का ऑफर आ सकता है।

इन 3 राशियों वाले लोग इस दिन ‘तिल का तेलदान जरूर करें, इससे आपके मार्ग की सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी।

क्या है मौन रहने का असली मनोवैज्ञानिक सच और कैसे 1 घंटा चुप रहकर बदलें अपनी किस्मत

आज की दुनिया में हम हर वक्त कुछ न कुछ बोल रहे हैं या सुन रहे हैं। इंस्टाग्राम की रील्स से लेकर ऑफिस की मीटिंग्स तक, हमारे दिमाग में ‘शोर’ कभी खत्म ही नहीं होता।

मौनी अमावस्या 2026 सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह आपके दिमाग को ‘Reboot’ करने का एक साइकोलॉजिकल तरीका है। मनोविज्ञान कहता है कि जब हम बाहर से चुप होते हैं, तो हमारी सारी ऊर्जा अंदर की ओर मुड़ जाती है।

मौनी अमावस्या 2026

जहाँ दूसरे लोग इसे सिर्फ “मुंह बंद रखना” बताते हैं, वहीं हम आपको बताएंगे कि यह कैसे आपकी दिमागी शक्ति को 10 गुना बढ़ा सकता है। यह दिन खुद से मिलने और अपने उलझे हुए विचारों को सुलझाने का है।

क्यों मौनी अमावस्या पर 1 घंटा चुप रहना 10 घंटे की पूजा से ज्यादा फलदायी है?

शास्त्रों में कहा गया है- “मौनं सर्वार्थ साधनम्” यानी मौन से सब कुछ हासिल किया जा सकता है। 10 घंटे तक मंत्र पढ़ना अच्छा है, लेकिन अगर आपका मन भटक रहा है, तो उसका असर कम हो जाता है।
इसके उलट, जब आप मौन रहते हैं, तो:

Mental Clarity: आपके फालतू के विचार शांत हो जाते हैं और आप सही फैसले ले पाते हैं।

Energy Conservation: बोलने में सबसे ज्यादा ऊर्जा खर्च होती है। मौन रहकर आप उस शक्ति को अपनी तरक्की और संकल्प में लगा सकते हैं।

Deep Connection: चुप रहने पर ही आप अपने भीतर की आवाज़ और भगवान के संकेत सुन पाते हैं। इसीलिए 1 घंटे का ‘सच्चा मौन’ घंटों के दिखावे वाली पूजा से भारी पड़ता है।

क्या करने से मौनी अमावस्या का पुण्य हो जाता है ‘शून्य’ और कैसे बचें इन बड़ी गलतियों से?

पुण्य कमाना जितना मुश्किल है, उसे गंवाना उतना ही आसान। मौनी अमावस्या 2026 के दिन कई लोग जाने-अनजाने में ऐसी गलतियाँ कर बैठते हैं कि दिन भर का उपवास और स्नान सिर्फ एक ‘थकान’ बनकर रह जाता है।

मौनी अमावस्या 2026

बाकी वेबसाईंट्स आपको केवल यह बताएंगे कि क्या करना है, लेकिन 99Pandit आपको वह बताएगा जिससे आपकी मेहनत बर्बाद न हो। याद रखिए, इस दिन आपकी ऊर्जा बहुत संवेदनशील होती है, एक गलत कदम और सारा ‘पुण्य स्कोर’ जीरो!

क्या न करें: वह 3 गलतियाँ जो आपके पुण्य को जलाकर राख कर देती हैं?

बिना संकल्प के पूजा: बिना संकल्प (Pledge) की गई पूजा वैसी ही है जैसे बिना पते का गूगल सर्च,वह कहीं नहीं पहुँचती। अगर आप हाथ में जल लेकर अपना नाम और उद्देश्य नहीं बोलते, तो आपकी पूजा का फल ‘अनक्लेम्ड’ रह जाता है।

अहंकार वाला दान: दान देते समय अगर आपके मन में यह आया कि “मैं दान दे रहा हूँ”, तो पुण्य वहीं खत्म। साथ ही, बासी भोजन या फटे-पुराने कपड़ों का दान इस दिन दरिद्रता को न्योता देता है।

कलह और क्रोध: मौनी अमावस्या पर जुबान से गाली या मन में किसी के प्रति नफरत लाना आपके ‘मौन व्रत’ की शक्ति को पूरी तरह नष्ट कर देता है।

क्या करें: वह 3 काम जो आपके छोटे से प्रयास को ‘महा-पुण्य’ में बदल देंगे?

Smart मौन धारण करें: अगर आप पूरे दिन चुप नहीं रह सकते, तो कम से कम सुबह के 3 घंटे (मुहूर्त के दौरान) पूरी तरह मौन रहें। यह आपके दिमाग को ‘Healing Mode‘ में डाल देता है।

तर्पण और काले तिल का प्रयोग: चाहे घर पर नहाएं या नदी में, पानी में काले तिल जरूर डालें। यह सीधे आपके पितरों तक पहुँचता है और आपके करियर की बाधाएं (पितृ दोष) दूर करता है।

जरूरतमंद की गुप्त मदद: किसी को पता चले बिना की गई मदद इस दिन ‘अश्वमेध यज्ञ’ के बराबर फल देती है।

दान की चेकलिस्ट: मौनी अमावस्या पर इन 5 चीजों का दान है ‘महा-दान’

मौनी अमावस्या पर किया गया दान आपके जन्मों के पाप काट सकता है। 99Pandit ने शास्त्रों के अनुसार यह ‘महा-दान’ चेकलिस्ट तैयार की है:

  • काला तिल: इसे दान करने से आपके पितृ तृप्त होते हैं और पितृ दोष से तुरंत राहत मिलती है।
  • ऊनी कपड़े: कड़ाके की ठंड में किसी जरूरतमंद को गर्म कपड़े देना शनि देव और राहु के बुरे प्रभाव को शांत करता है।
  • खिचड़ी या अनाज: अन्न का दान सबसे बड़ा दान है। इससे घर में माँ अन्नपूर्णा की कृपा बनी रहती है और कभी तंगी नहीं आती।
  • गुड़: गुड़ का दान करने से आपकी कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, जिससे समाज में आपका मान-सम्मान और ‘Confidence’ बढ़ता है।
  • जूते या चप्पल: सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन जूतों का दान राहु-केतु के दोष को कम करने और आपके जीवन की ‘दौड़-भाग’ (बेवजह के संघर्ष) को खत्म करने के लिए अचूक माना जाता है।

निष्कर्ष

मौनी अमावस्या 2026 सिर्फ एक तिथि मात्र नहीं है, बल्कि यह खुद को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से ‘रीसेट’ करने का एक दुर्लभ खगोलीय अवसर है

18 जनवरी को अमृत मुहूर्त में किया गया स्नान, मौन व्रत का पालन और अपनी सामर्थ्य अनुसार दान करना आपके जीवन में नई ऊर्जा का संचार कर सकता है।

शास्त्रों के अनुसार मौनी अमावस्या 2026 पर आपकी सच्ची श्रद्धा और सही विधि ही आपको पूरे साल की अमावस्याओं का फल दिला सकती है।

यदि आप भी इस पावन अवसर पर विधि-विधान को लेकर संशय में हैं या अपनी रुकी हुई तरक्की के लिए विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो 99Pandit के अनुभवी और सर्टिफाइड पंडित आपकी पूरी मदद कर सकते हैं।

आप आज ही हमारी वेबसाइट पर जाकर अपनी पूजा या दान का संकल्प बुक कर सकते हैं ताकि इस मौनी अमावस्या 2026 का पूर्ण लाभ आपके और आपके परिवार को मिल सके।

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