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Bhagavad Gita Chapter 1: भगवद गीता प्रथम अध्याय अर्थ सहित

99Pandit Ji
Last Updated:December 19, 2023

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क्या आपने कभी भी अपने जीवन में श्री भगवद गीता प्रथम अध्याय का पाठ किया है? यदि नहीं तो हम आपके लिए एक नयी सीरीज प्रारंभ करने जा रहे है| जिसमे हम आपको गीता के प्रत्येक अध्याय में उपस्थित सभी श्लोकों के हिंदी अथवा अंग्रेजी अर्थ बतायेंगे| जिसकी सहायता से आप इस भगवद गीता प्रथम अध्याय को बहुत ही अच्छे से समझ पायेंगे, जिसमे भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कई ज्ञान की बातें बताई है| इस पवित्र ग्रन्थ की रचना पहली सहस्राब्दी ईसा पूर्व महर्षि वेदव्यास जी के द्वारा की गई थी| आज हम भगवद गीता प्रथम अध्याय को हिंदी तथा अंग्रेजी अर्थ सहित आपको समझाएंगे|

भगवद गीता प्रथम अध्याय

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Chapter 1 – अर्जुनविषादयोग: (अर्जुन विषादयोग) Disappointment Of Arjun

-: धृतराष्ट्र उवाच :-
धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः।
मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत संजय॥

हिंदी अर्थ – (सत् और असत् के विवेक रूपी नेत्रों से रहित) धृतराष्ट्र बोले – हे संजय ! धर्मभूमि कुरुक्षेत्र में एकत्रित, युद्ध की इच्छावाले मेरे और पाण्डु के पुत्रों ने क्या किया?

English Meaning – (Devoid of eyes which can discriminate between right and wrong, hence blind) Dhrutarashtra asks: O Sanjay! What are my sons and Pandavas, who are eager to fight, doing in the holy battlefield of Kurukshetra?


संजय उवाच
दृष्टवा तु पाण्डवानीकं व्यूढं दुर्योधनस्तदा।
आचार्यमुपसंगम्य राजा वचनमब्रवीत्‌॥

हिंदी अर्थ – संजय बोले – उस समय राजा दुर्योधन ने व्यूहररचनायुक्त पाण्डवों की सेना को देखा और द्रोणाचार्य के पास जाकर यह वचन कहा|

English Meaning – Sanjay says: After seeing the orderly arranged army of Pandavas, Duryodhana approached his GuruDrona and said.


पश्यैतां पाण्डुपुत्राणा माचार्य महतीं चमूम्‌।
व्यूढां द्रुपदपुत्रेण तव शिष्येण धीमता॥

हिंदी अर्थ – हे आचार्य! आपके बुद्धिमान शिष्य द्रुपदपुत्र धृष्टद्युम्न द्वारा व्यूहाकार खड़ी की हुई पाण्डुपुत्रों की इस बड़ी भारी सेना को देखिए|

English Meaning – O Acharya! See this great army of the sons of Pandu, properly arranged by the son of Drupada and your intelligent disciple.


अत्र शूरा महेष्वासा भीमार्जुनसमा युधि।
युयुधानो विराटश्च द्रुपदश्च महारथः॥
धृष्टकेतुश्चेकितानः काशिराजश्च वीर्यवान्‌।
पुरुजित्कुन्तिभोजश्च शैब्यश्च नरपुङवः॥
युधामन्युश्च विक्रान्त उत्तमौजाश्च वीर्यवान्‌।
सौभद्रो द्रौपदेयाश्च सर्व एव महारथाः॥

हिंदी अर्थ – इस सेना में बड़े बड़े धनुषों वाले तथा युद्ध में भीम और अर्जुन के समान शूरवीर सात्यिक और विराट तथा महारथी राजा द्रुपद है| धृष्टकेतु और चेकितान तथा बलवान काशिराज, पुरुजित, कुन्तिभोज और मनुष्यों में श्रेष्ठ शैब्य, पराक्रमी युधामन्यु तथा बलवान उत्तमौजा, सुभद्रापुत्र अभिमन्यु एवं द्रौपदी के पाँचों पुत्र – ये सभी महारथी है|

English Meaning – In this army there are great warriors comparable to Bheem and Arjun, like Yuyudhana (Satyaki), Virata and Drupadha. Besides these, Drushtaketu, Chekitan, the mighty King of Kasi, Purujit Kunti Bhoj and the great among men shaibya, very powerful Yudhamanyu and mighty uttamouja, subadhra’s son Abhimanyu and the five sons of Draupadi are all great warriors.


अस्माकं तु विशिष्टा ये तान्निबोध द्विजोत्तम।
नायका मम सैन्यस्य सञ्ज्ञार्थं तान्ब्रवीमि ते॥

हिंदी अर्थ – हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! अपने पक्ष में भी जो प्रधान वीर है, उनको आप जान लीजिये | मेरी सेना के जो – जो सेनापति है, आपकी जानकारी के लिए, उनको बतलाता हूँ |

English Meaning – O great among Brahmans! Our army also has great warriors which you should know. Let me list them for your knowledge.


भवान्भीष्मश्च कर्णश्च कृपश्च समितिञ्जयः।
अश्वत्थामा विकर्णश्च सौमदत्तिस्तथैव च॥

हिंदी अर्थ – आप (द्रोणाचार्य) और पितामह भीष्म तथा कर्ण और संग्रामविजयी कृपाचार्य तथा अश्वत्थामा, विकर्ण और सोमदत्त का पुत्र भूरिश्रवा |

English Meaning – You (Dronacharya), Bheeshma, Karna, war – winner Kripacharya, Aswatthama, Vikarna and son of Soumadutta (Bhurishrawa).


अन्ये च बहवः शूरा मदर्थे त्यक्तजीविताः।
नानाशस्त्रप्रहरणाः सर्वे युद्धविशारदाः॥

हिंदी अर्थ – और भी बहुत से ऐसे शूरवीर, जिन्होंने मेरे लिए अपने जीवन की आशा को त्याग दिया है, अनेक प्रकार के शस्त्रों से सुसज्जित तथा सभी के सभी युद्ध में कुशल है|

English Meaning – There are many more warriors, ready to sacrifice their lives for my sake and they are well armed and experts in war.


अपर्याप्तं तदस्माकं बलं भीष्माभिरक्षितम्‌।
पर्याप्तं त्विदमेतेषां बलं भीमाभिरक्षितम्‌ ॥

हिंदी अर्थ – भीष्म पितामह द्वारा रक्षित हमारा सैन्य बल पर्याप्त नहीं होगा और भीम द्वारा रक्षित इन लोगों का सैन्य बल अधिक है|

English Meaning – Our army. Led by Bheeshma is of inadequate strength and the strength of their army is adequate, due to its protection by Bheem.


अयनेषु च सर्वेषु यथाभागमवस्थिताः।
भीष्ममेवाभिरक्षन्तु भवन्तः सर्व एव हि॥

हिंदी अर्थ – इसलिए सब मोर्चों पर अपनी – अपनी जगह स्थित रहते हुए आप सभी लोग भीष्म पितामह की ही सब ओर से रक्षा करे |

English Meaning – Therefore, while staying at your respective places on all fronts, all of you should protect Bhishma Pitamah from all sides.


तस्य सञ्जनयन्हर्षं कुरुवृद्धः पितामहः।
सिंहनादं विनद्योच्चैः शंख दध्मो प्रतापवान्‌॥

हिंदी अर्थ – उस दुर्योधन के हृदय में हर्ष उत्पन्न करते हुए, कौरवों में श्रेष्ठ, प्रतापी पितामह भीष्म ने उच्च स्वर से सिंहनाद करते हुए शंख बजाया |

English Meaning – Creating joy in the heart of that Duryodhana, the best among the Kauravas, the glorious Pitamah Bhishma blew his conch with a loud lion’s cry.


ततः शंखाश्च भेर्यश्च पणवानकगोमुखाः।
सहसैवाभ्यहन्यन्त स शब्दस्तुमुलोऽभवत्‌॥

हिंदी अर्थ – तब शंख और नगाड़े, ढोल, मृदंग और नरसिंघे आदि बाजे एक साथ ही बज उठे | उनका वह शब्द बड़ा भयंकर हुआ |

English Meaning – Then, several conchs, drums, cymbals and gongs, blew together in unison which produced great sound.


ततः श्वेतैर्हयैर्युक्ते महति स्यन्दने स्थितौ।
माधवः पाण्डवश्चैव दिव्यौ शंखौ प्रदध्मतुः॥

हिंदी अर्थ – इसके पश्चात सफ़ेद घोड़ो वाले उत्तम रथ में बैठे हुए भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन ने भी आलौकिक शंख बजाए |

English Meaning – After this, Lord Shri Krishna and Arjun, sitting in a beautiful chariot with white horses, also blew supernatural conch shells.

भगवद गीता प्रथम अध्याय

पाञ्चजन्यं हृषीकेशो देवदत्तं धनञ्जयः।
पौण्ड्रं दध्मौ महाशंख भीमकर्मा वृकोदरः॥

हिंदी अर्थ – भगवान श्रीकृष्ण ने पाञ्चजन्य, अर्जुन ने देवदत्त और भयानक कर्म वाले भीमसेन ने पौण्ड्रं नामक शंख बजाया|

English Meaning – Lord Shri Krishna blew the conch called Panchjanya, Arjun blew the conch called Devdutt and Bhimsen, who had terrible deeds, blew the conch called Paundram.


अनन्तविजयं राजा कुन्तीपुत्रो युधिष्ठिरः।
नकुलः सहदेवश्च सुघोषमणिपुष्पकौ॥

हिंदी अर्थ – कुन्तीपुत्र राजा युधिष्ठिर ने अनन्तविजय और नकुल – सहदेव ने सुघोष और मणिपुष्पक नाम वाले शंख बजाए |

English Meaning – Kunti’s son King Yudhishthir blew the conch shells named Anantvijay and Nakul-Sahadeva blew the conch shells named Sughosh and Manipushpak.


काश्यश्च परमेष्वासः शिखण्डी च महारथः।
धृष्टद्युम्नो विराटश्च सात्यकिश्चापराजितः॥
द्रुपदो द्रौपदेयाश्च सर्वशः पृथिवीपते।
सौभद्रश्च महाबाहुः शंखान्दध्मुः पृथक्पृथक्‌॥

हिंदी अर्थ – हे राजन! श्रेष्ठ धनुष वाले काशिराज और महारथी शिखंडी एवं धृष्टद्युम्न, राजा विराट और अजेय सात्यकि, द्रुपद एवं द्रौपदी के पाँचों पुत्र और बड़ी भुजाओं वाले सुभद्रा – पुत्र अभिमन्यु ने, पूरी तरह से अपने – अपने शंख बजाए|

English Meaning – O king! King of Kashi and the mighty charioteer Shikhandi and Dhrishtadyumna, King Virata and the invincible Satyaki, the five sons of Drupada and Draupadi, and Subhadra’s son Abhimanyu, who had large arms, blew their respective conch shells to their fullest.


स घोषो धार्तराष्ट्राणां हृदयानि व्यदारयत्‌।
नभश्च पृथिवीं चैव तुमुलो व्यनुनादयन्‌॥

हिंदी अर्थ – उस भयानक शब्द ने आकाश और पृथ्वी को भी गुंजाते हुए धृतराष्ट्र के पुत्रों के हृदय विदीर्ण कर दिए |

English Meaning – That terrible word echoed in the sky and the earth and tore the hearts of Dhritarashtra’s sons.


अथ व्यवस्थितान्दृष्ट्वा धार्तराष्ट्रान्‌ कपिध्वजः।
प्रवृत्ते शस्त्रसम्पाते धनुरुद्यम्य पाण्डवः॥
हृषीकेशं तदा वाक्यमिदमाह महीपते।
अर्जुन उवाच
सेनयोरुभयोर्मध्ये रथं स्थापय मेऽच्युत॥

हिंदी अर्थ – हे राजन! इसके बाद कपिध्वज अर्जुन ने धृतराष्ट्र – संबंधियों को व्यूह में स्थित होकर शस्त्र चलाने के लिए तैयार देखकर धनुष उठाकर सबके हृदय के स्वामी भगवान श्रीकृष्ण से यह वचन कहा – हे अच्युत! मेरे रथ को दोनों सेनाओं के बीच में खड़ा कीजिये|

English Meaning – O king! After this, Kapidhwaj Arjun, seeing Dhritarashtra’s relatives situated in the array and ready to fire weapons, raised his bow and said these words to Lord Shri Krishna, the Lord of everyone’s heart – O Achyut! Make my chariot stand between the two armies.


यावदेतान्निरीक्षेऽहं योद्धुकामानवस्थितान्‌।
कैर्मया सह योद्धव्यम स्मिन् रणसमुद्यमे॥

हिंदी अर्थ – और जब तक कि मैं युद्ध क्षेत्र में स्थित इन विपक्षी योद्धाओं का निरीक्षण न कर लूँ कि इस युद्ध में मुझे किन – किन के साथ युद्ध करना योग्य है|

English Meaning – And until I inspect these opposing warriors situated in the battlefield, with whom I am worthy of fighting in this war.


योत्स्यमानानवेक्षेऽहं य एतेऽत्र समागताः।
धार्तराष्ट्रस्य दुर्बुद्धे र्युद्धे प्रियचिकीर्षवः॥

हिंदी अर्थ – दुर्बुद्धि दुर्योधन का युद्ध में प्रिय चाहने वाले जो राजा युद्ध की इच्छा से इस सेना में आए है, उनको मैं देखना चाहूँगा |

English Meaning – I would like to see those kings who loved the foolish Duryodhana in the war and who have come to this army with the desire of war.


संजय उवाच
एवमुक्तो हृषीकेशो गुडाकेशेन भारत।
सेनयोरुभयोर्मध्ये स्थापयित्वा रथोत्तमम्‌॥
भीष्मद्रोणप्रमुखतः सर्वेषां च महीक्षिताम्‌।
उवाच पार्थ पश्यैतान्‌ समवेतान्‌ कुरूनिति॥

हिंदी अर्थ – संजय बोले – अर्जुन के द्वारा इस प्रकार कहे जाने वाले पर भगवान श्रीकृष्ण ने दोनों सेनाओं के बीच में उस उत्तम रथ को खड़ा कर दिया और कहा – हे पार्थ! युद्ध के लिए एकत्रित हुए इन कौरवों, प्रमुख रूप से भीष्म और द्रोणाचार्य तथा सम्पूर्ण राजाओं को देखो |

English Meaning – Sanjay said – On Arjun saying this, Lord Shri Krishna made that excellent chariot stand in between the two armies and said – O Partha! Look at these Kauravas gathered for war, especially Bhishma and Dronacharya and all the kings.


तत्रापश्यत्स्थितान्‌ पार्थः पितृनथ पितामहान्‌।
आचार्यान्मातुलान्भ्रातृन् पुत्रान्पौत्रान्सखींस्तथा॥

हिंदी अर्थ – इसके बाद पृथापुत्र अर्जुन ने उन दोनों ही सेनाओ में स्थित पिता (ताऊ – चाचा), पितामह, आचार्य, मामा, भाई, पुत्र, पौत्र, मित्र, ससुर और सुह्रदों को देखा |

English Meaning – After this, Pritha’s son Arjun saw his father (uncle), grandfather, teacher, maternal uncle, brother, son, grandson, friend, father-in-law and relatives present in both the armies.


श्वशुरान्‌ सुहृदश्चैव सेनयोरुभयोरपि।
तान्समीक्ष्य स कौन्तेयः सर्वान्‌ बन्धूनवस्थितान्‌॥

हिंदी अर्थ – उपस्थित उन सभी बंधुओं को देखकर वे कुंतीपुत्र अर्जुन अत्यंत करुणा – युक्त होकर शोक करते हुए यह बोले |

English Meaning – Seeing all those brothers present, Kunti’s son Arjun became very compassionate and said this while mourning


अर्जुन उवाच
कृपया परयाविष्टो विषीदत्रिदमब्रवीत्‌।
दृष्टेवमं स्वजनं कृष्ण युयुत्सुं समुपस्थितम्‌॥
सीदन्ति मम गात्राणि मुखं च परिशुष्यति।
वेपथुश्च शरीरे मे रोमहर्षश्च जायते॥

हिंदी अर्थ – अर्जुन बोले – हे कृष्ण ! यहाँ मैं युद्ध के अभिलाषी स्वजनों को ही देखता हूँ | मेरे अंग शिथिल हुए हो रहे है और मुख सूख रहा है और मेरा शरीर काँप रहा है और रोएं खड़े हो रहे है|

English Meaning – Arjun said- O Krishna! Here I see only relatives desirous of war. My limbs are becoming weak and my mouth is dry and my body is trembling and hairs are standing on my body.

भगवद गीता प्रथम अध्याय

गाण्डीवं स्रंसते हस्तात्वक्चैव परिदह्यते।
न च शक्नोम्यवस्थातुं भ्रमतीव च मे मनः॥

हिंदी अर्थ – मेरे हाथ से गांडीव धनुष गिर रहा है और मेरी त्वचा जल रही है| मैं खड़ा रहने में भी असमर्थ हो रहा हूँ, मेरा मन भ्रमित – सा हो रहा है|

English Meaning – The Gandiva bow is falling from my hand and my skin is burning. I am unable to even stand, my mind is getting confused.


निमित्तानि च पश्यामि विपरीतानि केशव।
न च श्रेयोऽनुपश्यामि हत्वा स्वजनमाहवे॥

हिंदी अर्थ – हे केशव ! मैं लक्षणों को भी विपरीत ही देख रहा हूँ और युद्ध में स्वजनों को मारकर किसी प्रकार से कल्याण भी नहीं देखता हूँ |

English Meaning – Hey Keshav! I am seeing the opposite symptoms and do not see any benefit in killing relatives in war.


न काङ्‍क्षे विजयं कृष्ण न च राज्यं सुखानि च।
किं नो राज्येन गोविंद किं भोगैर्जीवितेन वा॥

हिंदी अर्थ – हे कृष्ण ! मैं न तो विजय चाहता हूँ और न राज्य तथा सुखों को भी | हे गोविन्द ! हमे ऐसे राज्य, भोग अथवा जीवन से क्या लाभ है?

English Meaning – Hey Krishna! I neither want victory nor kingdom and happiness. Hey Govind! What benefit do we get from such kingdom, enjoyment and life?


येषामर्थे काङक्षितं नो राज्यं भोगाः सुखानि च।
त इमेऽवस्थिता युद्धे प्राणांस्त्यक्त्वा धनानि च॥

हिंदी अर्थ – हमे जिनके लिए राज्य, भोग और सुखादि अभीष्ट है, वे ही सब धन और जीवन की आशा को त्यागकर युद्ध में खड़े है|

English Meaning – Those for whom we desire kingdom, pleasures and happiness, they are the ones who have given up the hope of wealth and life and are standing in the war.


आचार्याः पितरः पुत्रास् तथैव च पितामहाः।
मातुलाः श्वशुराः पौत्राः श्यालाः संबंधिनस्तथा॥
एतान्न हन्तुमिच्छामि घ्नतोऽपि मधुसूदन।
अपि त्रैलोक्यराज्यस्य हेतोः किं नु महीकृते॥

हिंदी अर्थ – आचार्यगण, पिता (ताऊ – चाचा), पुत्र और पितामह, और मामा, ससुर, पौत्र, साले तथा और भी संबंधी| हे मधुसूदन ! इनके द्वारा मुझे मारने पर भी अथवा तीनों लोकों के राज्य के लिए भी मैं इन सबको नहीं मारना चाहता, फिर पृथ्वी के लिए तो बात ही क्या है?

English Meaning – Acharyagan, father (uncle), son and grandfather, maternal uncle, father-in-law, grandson, brother-in-law and other relatives. Hey Madhusudan! Even if they kill me or for the sake of the kingdom of the three worlds, I do not want to kill all of them, let alone the earth?


निहत्य धार्तराष्ट्रान्न का प्रीतिः स्याज्जनार्दन।
पापमेवाश्रयेदस्मान्‌ हत्वैतानाततायिनः॥

हिंदी अर्थ – हे जनार्दन ! धृतराष्ट्र के पुत्रों को मारकर हमे क्या प्रसन्नता होगी? इन आततायियों को मारकर तो हमे केवल पाप ही लगेगा |

English Meaning – Hey Janardan! What pleasure will we get by killing Dhritarashtra’s sons? By killing these terrorists we will only commit sin.


तस्मान्नार्हा वयं हन्तुं धार्तराष्ट्रान्स्वबान्धवान्‌।
स्वजनं हि कथं हत्वा सुखिनः स्याम माधव॥
यद्यप्येते न पश्यन्ति लोभोपहतचेतसः।
कुलक्षयकृतं दोषं मित्रद्रोहे च पातकम्‌॥
कथं न ज्ञेयमस्माभिः पापादस्मान्निवर्तितुम्‌।
कुलक्षयकृतं दोषं प्रपश्यद्भिर्जनार्दन॥

हिंदी अर्थ – इसलिए हे माधव ! हमारे लिए अपने ही बान्धव धृतराष्ट्र – पुत्रों को मारना उचित नहीं है क्योंकि अपने ही कुटुंब को मारकर हम कैसे सुखी होंगे ? यधपि लोभ से भ्रष्ट – चित्त हुए ये लोग कुल के नाश से उत्पन्न दोष को और मित्रों से विरोध करने में पाप को नहीं देखते है, तो भी हे जनार्दन ! कुल के नाश से उत्पन्न दोष को जानने वाले हम लोगों को इस पाप से बचने के लिए क्यों नहीं प्रयत्न नहीं करना चाहिए ?

English Meaning – That’s why O Madhav! It is not right for us to kill our own kinsmen, Dhritarashtra’s sons, because how can we be happy by killing our own family? Even though these people, corrupted by greed, do not see the sin arising from the destruction of the family and the sin in opposing their friends, yet O Janardan! Why shouldn’t we, who are aware of the sin arising from the destruction of the clan, try to avoid this sin?


कुलक्षये प्रणश्यन्ति कुलधर्माः सनातनाः।
धर्मे नष्टे कुलं कृत्स्नम धर्मोऽभिभवत्युत॥

हिंदी अर्थ – कुल के नाश से सनातन कुल – धर्म नष्ट हो जाते है और धर्म का नाश हो जाने पर सम्पूर्ण कुल में अधर्म बढ़ जाता है|

English Meaning – With the destruction of the clan, the eternal clan-religion is destroyed and with the destruction of religion, unrighteousness increases in the entire clan.


अधर्माभिभवात्कृष्ण प्रदुष्यन्ति कुलस्त्रियः।
स्त्रीषु दुष्टासु वार्ष्णेय जायते वर्णसंकरः॥
संकरो नरकायैव कुलघ्नानां कुलस्य च।
पतन्ति पितरो ह्येषां लुप्तपिण्डोदकक्रियाः॥

हिंदी अर्थ – हे कृष्ण ! अधर्म के अधिक बढ़ जाने से कुल की स्त्रियाँ दूषित हो जाती है और हे वार्ष्णेय ! स्त्रियों के दूषित हो जाने पर वर्णसंकर उत्पन्न होता है| वह वर्णसंकर कुलघातियों को और कुल को नरक में ले जाने के लिए ही होता है| पिण्ड और जल – दान की क्रिया से वंचित उनके पितर भी अधोगति को प्राप्त होते है|

English Meaning – Hey Krishna! Due to increase in unrighteousness the women of the family become polluted and O Varshneya! When women become infected, hybrids arise. That caste is meant only to take the murderers and the clan to hell. Those ancestors who are deprived of the ritual of donating body and water also attain degradation.

भगवद गीता प्रथम अध्याय

दोषैरेतैः कुलघ्नानां वर्णसंकरकारकैः।
उत्साद्यन्ते जातिधर्माः कुलधर्माश्च शाश्वताः॥
उत्सन्नकुलधर्माणां मनुष्याणां जनार्दन।
नरकेऽनियतं वासो भवतीत्यनुशुश्रुम॥

हिंदी अर्थ – वर्ण – संकरता के कारण होने वाले इन दोषों से कुलघातियों के सनातन कुल – धर्म और जाति – धर्म नष्ट हो जातें है| हे जनार्दन ! और हम ऐसा सुनते हुए आये है कि नष्ट कुल – धर्म वाले मनुष्यों का अनिश्चित काल तक नरक में वास होता है|

English Meaning – Due to these defects caused by varna-hybridity, the eternal clan-religion and caste-religion of the Kulghatis are destroyed. Hey Janardan! And we have been hearing that people with destroyed family and religion reside in hell indefinitely.


अहो बत महत्पापं कर्तुं व्यवसिता वयम्‌।
यद्राज्यसुखलोभेन हन्तुं स्वजनमुद्यताः॥

हिंदी अर्थ – अरे बड़े दुर्भाग्य की बात है कि हम लोग राज्य और सुख के लोभ से स्वजनों को मारने रूपी महान पाप करने को भी उघत है|

English Meaning – Oh, it is very unfortunate that out of greed for kingdom and happiness, we are even ready to commit the great sin of killing our own people.


यदि मामप्रतीकारम शस्त्रं शस्त्रपाणयः।
धार्तराष्ट्रा रणे हन्युस् तन्मे क्षेमतरं भवेत्‌॥

संजय उवाच
एवमुक्त्वार्जुनः सङ्‍ख्ये रथोपस्थ उपाविशत्‌।
विसृज्य सशरं चापं शोकसंविग्नमानसः॥

हिंदी अर्थ – यदि मुझे सामना न करने वाले और शस्त्ररहित को शस्त्र लिए हुए धृतराष्ट्र के पुत्र रण में मार डाले तो वह मेरे लिए अधिक कल्याणकारी होगा | संजय बोले – इस प्रकार कहकर, रणभूमि में शोक से उद्विग्न मन वाले अर्जुन, बाण सहित धनुष को त्याग कर रथ के पिछले भाग में बैठ गए|

English Meaning – It would be more beneficial for me if the son of Dhritarashtra, armed with a weapon, kills me in battle, who is unable to face me and is unarmed. Sanjay said – Having said this, Arjun, whose mind was troubled with grief on the battlefield, abandoned his bow and arrows and sat at the rear of the chariot.


|| प्रथम अध्याय समाप्त ||

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