Book Griha Pravesh Puja Online Book Griha Pravesh Puja Online Book Now

Chhath Puja 2026: कब से शुरु है छठ पूजा? जाने 4 दिनों का महत्व

Khushi Sharma
Written ByKhushi Sharma
Last UpdatedFebruary 20, 2026
alarm
Reading Time1 Minutes
1
Select Puja
2
Book Pandit
3
Perform Puja
4
Get Blessings
Summarize This Article With Ai -ChatGPTPerplexityGeminiClaudeGrok

भारत देश को त्योहारों का देश भी कहा जाता है क्योकि भारत देश के लोग सभी प्रकार के त्योहारों को बहुत ही उत्सुकता से मनाते है|

खासकर हिन्दू धर्म के लोग अपने त्योहारों को बहुत ही उत्साह से मनाते है| आज हम छठ पूजा 2026 के बारे में बात करेंगे|

यह त्यौहार भी हिन्दू धर्म में सम्पूर्ण विधि विधान से मनाया जाता है| छठ पूजा हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार है| इस त्यौहार को अधिकतर बिहार, उत्तर प्रदेश तथा भारत देश के अन्य राज्यों में भी मनाया जाता है|

छठ पूजा 2026

यह त्यौहार हिन्दू धर्म के पंचांग के अनुसार यह छठ पूजा का त्यौहार कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की छठी तिथि को मनाया जाता है|

छठ पूजा का यह त्यौहार कुल चार दिनों तक मनाया जाता है| इस चार दिनों में त्यौहार की अलग – अलग प्रथा को पूर्ण किया जाता है|

छठ पूजा के इस शुभ अवसर पर भगवान सूर्य देव की उपासना की जाती है| सूर्योपासना के इस छठ पूजा के त्यौहार को बहुत ही शुभ माना जाता है|

छठ पूजा का त्यौहार भगवान सूर्य देव और उनकी पत्नी उषा को समर्पित किया गया है| यह त्यौहार बिहारवासियों के लिए बहुत ही महत्व रखता है| इस त्यौहार को बिहार के साथ – साथ उत्तर प्रदेश, झारखंड तथा नेपाल के भी कई हिस्सों में मनाया जाता है|

इस चार दिन तक चलने वाले त्यौहार में महिलाएँ 36 घंटों तक उपवास रखती है| तथा अपने पति व पुत्र की लम्बी आयु के लिए कामना करती है| प्रत्येक वर्ष यह त्यौहार अलग – अलग तिथि को मनाया जाता है|

इस वर्ष छठ पूजा 2026 का यह पावन त्यौहार 13 नवंबर 2026, शुक्रवार से प्रारम्भ होकर 16 नवंबर 2026, सोमवार तक मनाया जाएगा तो आइये जानते है इस प्रसिद्ध त्यौहार के बारे और भी बातें।

Book a Pandit for Chhath Puja

Expert and trusted pandits available for every puja, ritual, ceremony, and celebration

Order Samagri
Book a Pandit

छठ पूजा 2026 शुभ मुहूर्त व तिथि

छठ पूजा का दिनछठ पूजा तिथि (2026)छठ पूजा अनुष्ठान
शुक्रवार13 नवंबर 2026नहाय खाय
शनिवार14 नवंबर 2026खरना
रविवार15 नवंबर 2026संध्या अर्घ्य (शाम 05:27)
सोमवार16 नवंबर 2026सूर्योदय/ उषा अर्घ्य (सुबह 06:44)

छठ पूजा क्या है

यह छठ पर्व या छठ पूजा का त्योहार त्यौहार कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है|

ऐसे तो यह त्यौहार सम्पूर्ण भारत देश में मनाया जाता है किन्तु मुख्यत: यह त्यौहार बिहार, उत्तरप्रदेश, पूर्वांचल, तथा नेपाल देश के भी कई हिस्सों में मनाया जाता है|

मान्यता है कि छठ पूजा का त्यौहार भोजपुरी का सबसे बड़ा व बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व है| छठ पूजा के त्यौहार को बिहार राज्य में बहुत ही उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है|

यह एक मात्र ऐसा पर्व है जो कि भारत देश में वैदिक काल से चला आ रहा है| इसी कारण से यह त्यौहार बिहार राज्य की संस्कृति भी बन चुका है|

इस त्यौहार को मुख्य रूप से ऋषियों के द्वारा लिखे गए ऋग्वेद में बताए गए सूर्य पूजन, उषा पूजन और आर्य परंपरा के अनुसार मनाया जाता है|

ऐसा कहा जाता है कि बिहार में इस त्यौहार को हिन्दू धर्म के लोगों के साथ साथ मुस्लिम धर्म के लोग भी मनाते है| पिछले कुछ समय में यह त्यौहार यह भारत देश के साथ सम्पूर्ण विश्व भर में भी प्रचलित होता जा रहा है|

मान्यताओं के अनुसार छठ पूजा का त्यौहार सूर्य, प्रकृति, जल, वायु और उनकी बहन छठी मइया को ही समर्पित किया गया है|

छठ पूजा के त्यौहार अनुष्ठान बहुत ही कठोर है| यह त्यौहार चार दिनों तक मनाया जाता है| इस पूजा के अनुष्ठानों में पवित्र स्नान, पीने के पानी से दूर रहना, उपवास, बहुत देर तक पानी में खड़ा रहना तथा भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य देना भी शामिल है|

इस चार दिन तक चलने वाले त्यौहार में महिलाएँ 36 घंटों तक उपवास रखती है| तथा अपने पति व पुत्र की लम्बी आयु के लिए कामना करती है|

Book a Pandit for Chhath Puja

Expert and trusted pandits available for every puja, ritual, ceremony, and celebration

Order Samagri
Book a Pandit

क्यों मनाया जाता है छठ पूजा का त्यौहार

छठ पूजा के त्यौहार को मनाने के पीछे कई सारी कथाए चली आ रही है| लेकिन आज हम जिस कथा के बारे में आपको बताएँगे उस कथा का उल्लेख ऋग्वेद ग्रंथ में किया गया है|

जैसा कि हमने आपको बताया है कि प्राचीन समय से छठ पूजा के त्यौहार का बहुत ही महत्व है| इसकी शुरुआत महाभारत काल में माता कुंती के द्वारा ही की गई थी|

छठ पूजा 2026

भगवान सूर्य देव की पूजा करने से ही माता कुंती को पुत्र कर्ण की प्राप्ति हुई थी| इसके बाद कर्ण ने भी भगवान सूर्यदेव की पूजा करना प्रारम्भ कर दिया| दानवीर कर्ण सूर्य देव का बहुत ही बड़ा भक्त था|

कर्ण प्रतिदिन ही लम्बे समय तक बहुत गहरे पानी में खड़े होकर सूर्यदेव की पूजा करता था तथा सूर्य देव को अर्घ्य देता है| भगवान सूर्य देव की कृपा से कर्ण एक महान योद्धा बना था| जब से ही सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा चली आ रही है|

वही दूसरी ओर माना जाता है कि पांडवो की पत्नी द्रौपदी भी प्रतिदिन भगवान सूर्य देव की पूजा करती थी| द्रौपदी अपने परिवार के स्वास्थ्य व लम्बी उम्र के लिए भगवान सूर्यदेव की प्रार्थना करती है|

जिस समय पांडव अपना सम्पूर्ण राजपाट हार गए थे| उस समय द्रौपदी ने छठ का व्रत करके भगवान सूर्यदेव की पूजा की थी| इसकी वजह से पांडवों को उनका खोया हुआ राज पाट पुनः मिल गया था|

इसलिए माना जाता है कार्तिक मास की षष्ठी को छठ पूजा करने से घर में सुख – समृद्धि बढती है| तथा मनवांछित फल की प्राप्ति भी होती है|

छठ पूजा सामग्री सूची

बर्तन

  • बांस या पीतल का सूप
  • चम्मच
  • सूर्य भगवान को अर्घ्य देने के लिए तांबे का कलश
  • दूध और जल के लिए गिलास
  • बड़ी टोकरी (जिसमे सारा सामान रखकर ले जा सके)
  • थाली
  • दीपक

मिठाई

  • गुजिया
  • गुड
  • खाजा
  • दूध से बनी मिठाइयां
  • लड्डू

तरल पदार्थ

  • जल
  • दूध
  • शहद
  • गंगाजल

छठ पूजा सामग्री

  • सिंदूर
  • चावल
  • धूपबत्ती
  • चन्दन
  • कपूर
  • कलावा
  • कुमकुम
  • नारियल
  • फूल व माला
  • सुपारी
  • मिट्टी के दिए
  • तेल और बाती

फल – सब्जी

  • मूली
  • शरीफा
  • बड़ा वाला नींबू
  • नाशपाती
  • पत्ते सहित 7 गन्ने
  • अदरक का पौधा
  • हल्दी
  • बैंगन
  • सुथनी
  • ऋतुफल
  • सिंघाड़ा
  • केले
  • आटा
  • चावल
  • गेहूं
  • अनाज
  • शकरकंदी

Book a Pandit for Chhath Puja

Expert and trusted pandits available for every puja, ritual, ceremony, and celebration

Order Samagri
Book a Pandit

छठ पूजा का मंत्र

इस दिन भगवान सूर्यदेव को जल चढ़ाते समय निम्न मंत्रो का जप करने से सूर्य देवता का आशीर्वाद मिलता है –

  • ॐ मित्राय नम:
  • ॐ रवये नम:
  • ॐ सूर्याय नम:
  • ॐ भानवे नम:
  • ॐ खगाय नम:
  • ॐ घृणि सूर्याय नम:
  • ॐ पूष्णे नम:
  • ॐ हिरण्यगर्भाय नम:
  • ॐ मरीचये नम:
  • ॐ आदित्याय नम:
  • ॐ सवित्रे नम:
  • ॐ अर्काय नम:
  • ॐ भास्कराय नम:
  • ॐ श्री सवितृ सूर्यनारायणाय नम:

छठ पूजा की विधि

  • त्यौहार वाले दिन आपको ब्रह्म मुहूर्त में स्नान आदि सभी कार्यों से मुक्त होकर छठ के व्रत के लिए संकल्प लीजिये| इस समय भगवान सूर्य देव तथा उनकी बहन छठी मैया का ध्यान करें|
  • जो भी व्यक्ति इस दिन व्रत रखता है| उसे इस दिन भोजन नहीं करना चाहिए| अगर हो सके तो निर्जला व्रत का संकल्प लेना चाहिए तथा उसका नियमपूर्वक पालन करना चाहिए|
  • छठ पूजा के पहले दिन संध्याकाल अर्घ्य होता है यानी इस दिन डूबता हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है| इस दिन सूर्यास्त होने से पहले ही घाट पर पहुँच कर तथा स्नान करके डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है|
  • इस दिन भगवान सूर्य देव को बांस या पीतल की टोकरी में जल का अर्घ्य देने का विधान माना गया है|
  • छठ पूजा के दिन जिन पीतल की टोकरियों का इस्तेमाल किया जाता है| फिर इसमें फूल, फल, गन्ने, पकवान समेत सभी सामान रखे| इसके पश्चात ही सूप या पीतल की टोकरी पर सिंदूर लगाया जाता है|
  • मान्यता है कि छठ पूजा के दिन भगवान सूर्य देव की पूजा करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है| भगवान सूर्य देव की पूजा करते समय सम्पूर्ण पूजा सामग्री का होना बहुत ही आवश्यक है|
  • छठ पूजा वाले पुरे दिन व रात तक उपवास रखने के बाद अगले दिन भगवान सूर्य देव को (उगते हुए सूर्य को) जल चढ़ाएं| और भगवान सूर्य देव से अपनी सभी परेशानियां दूर करने के लिए मन ही मन उनसे प्रार्थना कीजिए|

Book a Pandit for Chhath Puja

Expert and trusted pandits available for every puja, ritual, ceremony, and celebration

Order Samagri
Book a Pandit

छठ पूजा से होने वाले लाभ

  • यह त्योहार कुल चार दिनों तक चलता है| षष्ठी तिथि के दिन भगवान सूर्य देव को शाम के समय अर्घ्य दिया जाता है| यही एक ऐसा त्यौहार जिसमे सूर्य भगवान को शाम के समय जल चढ़ाया जाता है| जिसे हिन्दू धर्म में संध्या अर्घ्य के नाम से जाना जाता है|
  • मान्यता है कि भगवान सूर्यदेव की पूजा करने से सभी प्रकार के रोग मिटते है और सेहत में सुधार होता है| दोपहर के समय सूर्य भगवान को जल चढाने से यश और बल में वृद्धि होती है| और संध्या काल के समय जल चढाने से जीवन में चल रही सभी परेशानियों से राहत मिलती है|
  • छठ पूजा के समय सूर्य उपासना करने से सभी अटके हुए कार्य फिर से चलने लगते है| कोर्ट – कचहरी के कार्यों में भी सफलता मिलती है तथा आंखों की रोशनी भी तेज होती है|
  • सूर्य देवता को जल चढाते समय किरणों के तेजस्वी प्रभाव से रंग संतुलित हो जाते है तथा साथ ही मनुष्य के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी बढ़ोतरी होती है|
  • प्रातः काल: सुबह जल्दी उठकर भगवान सूर्य देव के दर्शन करने व उन्हें जल चढ़ाने से मनुष्य में आत्मविश्वास की वृद्धि होती है तथा शरीर में भी स्फूर्ति का अनुभव होता है|
  • मान्यता है कि भगवान सूर्य देव को जल चढ़ाते समय जल की धारा के बीच में से सूर्य को देखना चाहिए| ऐसा करने से मनुष्य के मन में सकारात्मक भाव उत्पन्न होते है|
  • हिन्दू धर्म के अनुसार भगवान सूर्य देव को आत्मा का कारक माना जाता है| सूर्य देव केवल जल चढाने मात्र से ही अपने भक्तों से प्रसन्न हो जाते है और अपने भक्तों को अंधकार से निकालकर उचित मार्ग प्रदान करते है|
  • भगवान सूर्यदेव को जल चढाने से घर – परिवार में सम्मान में वृद्धि होती है|

छठ पूजा का महत्व 

इस त्यौहार को मुख्य रूप से ऋषियों के द्वारा लिखे गए ऋग्वेद में बताये गए सूर्य पूजन, उषा पूजन और आर्य परंपरा के अनुसार मनाया जाता हैं|

ऐसा कहा जाता है कि बिहार में इस त्यौहार को हिन्दू धर्म के लोगों के साथ साथ मुस्लिम धर्म के लोग भी मनाते है| छठ पूजा 2026 के त्यौहार अनुष्ठान बहुत ही कठोर है|

छठ पूजा 2026

यह त्यौहार चार दिनों तक मनाया जाता है| इस पूजा के अनुष्ठानों में पवित्र स्नान, पीने के पानी से दूर रहना, उपवास, बहुत देर तक पानी में खड़ा रहना तथा भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य देना भी शामिल है|

छठ पर्व को महापर्व भी कहा जाता है ऐसा इसलिए है क्योंकि इसे सम्पूर्ण आस्था और श्रद्धा से किया जाता है|

इसी वजह से आज सम्पूर्ण भारत देश में छठ पूजा 2026 का त्यौहार बहुत ही उत्साह व धूमधाम के साथ मनाया जाता है|

इस पूजा को करने के लिए साफ़ – सफाई का बहुत ही अच्छे ध्यान रखना अनिवार्य होता है| इस दिन नशीले पद्धार्थो व मांस आदि का सेवन करने से बचना चाहिए|

Book a Pandit for Chhath Puja

Expert and trusted pandits available for every puja, ritual, ceremony, and celebration

Order Samagri
Book a Pandit

निष्कर्ष

आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से छठ पूजा 2026 के बारें में काफी बाते जानी है| आज हमने छठ पूजा पूजन के फ़ायदों के बारे में भी जाना| हम उम्मीद करते है कि हमारे द्वारा बताई गयी जानकारी से आपको कोई ना कोई मदद मिली होगी|

इसके अलावा भी अगर आप किसी और पूजा के बारे में जानकारी लेना चाहते है। तो आप हमारी वेबसाइट 99Pandit पर जाकर सभी तरह की पूजा या त्योहारों के बारे में सम्पूर्ण जानकारी ले सकते है|

किसी भी तरह की पूजा करने के लिए हमें बहुत सारी तैयारियां करनी होती है| गावों में पूजा आसानी से हो जाती है लेकिन शहरों में लोगों के पास समय की कमी होती है|

जिस वजह से वह लोग पूजा नहीं करवा पाते है तो उनकी इस समस्या का समाधान हम लेकर आये है 99Pandit के साथ| यह सबसे बेहतरीन प्लेटफार्म है जिससे आप किसी पूजा के लिए ऑनलाइन पंडित जी को बुक कर सकते है|

Table Of Content

Frequently Asked Questions

छठ पूजा का त्यौहार कितने दिनों तक चलता है?

यह छठ पूजा का त्यौहार कुल चार दिनों तक चलता है|

छठ माता कौन थी?

छठ माता भगवान सूर्य देव की बहन थी|

छठ पूजा अधिकतर कहाँ की जाती है?

यह त्यौहार बिहारवासियों के लिए बहुत ही महत्व रखता है| इस त्यौहार को बिहार के साथ - साथ उत्तर प्रदेश, झारखंड तथा नेपाल के भी कई हिस्सों में मनाया जाता है|

छठ पूजा के दिन क्या नहीं खाना चाहिए?

इस दिन भूलकर भी तामसिक भोजन जैसे - प्याज और लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए और साथ ही इस दिन नशीले पद्धार्थो व मांस आदि का सेवन करने से बचना चाहिए|

Enquire Now
Book A Pandit
Puja Services..
Filter