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Diwali 2026: जाने दीपावली की शुभ तिथि, मुहूर्त और पूजा का महत्व

Shalini Mishra
Written ByShalini Mishra
Last UpdatedOctober 10, 2026
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Pt Bipin Pandey
Reviewed ByPt Bipin Pandey
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Diwali 2026 Date: हमारे इस भारत में कई सम्प्रदाय के लोग निवास करते है। आज हम हिन्दू धर्म के त्यौहार के बारे में बात करेंगे। ऐसे तो हिन्दू धर्म में बहुत सारे त्यौहार आते है।

लेकिन दीपावली 2026का त्यौहार हिन्दू धर्म के साथ साथ सम्पूर्ण भारत देश में बहुत ही हर्षोल्लास व खुशहाली के साथ मनाया जाता है। दीपावली को कई लोग दिवाली के नाम से भी जानते होंगे।

दिवाली का त्यौहार हिन्दुओं में नए साल के समान ही मनाया जाता है। दीपावली का त्यौहार धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो भी हिन्दू धर्म के लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन सभी अपने घरों में दीपक जलाते है।

दीपावली 2026

दीपावली 2026 (Diwali 2026) का त्यौहार बड़े – बड़े शहरों से लेकर छोटे – छोटे गाँवों में भी मनाया जाता है| इस दिन गाँवों में अपने पालतू जानवरों के लिए भी कई सारी वस्तुएं खरीदी जाती है।

दिवाली के दिन जब गाँव के प्रत्येक घरों में दीपक जलते है| तो उन सारे दीपकों की रोशनी से पूरा गाँव ही जगमगा जाता है।

दीपावली के दिन भगवान श्री राम अपना वनवास समाप्त कर व रावण का वध करके अपनी आयोध्या नगरी में वापस लौटे थे।

इसलिए इस दिन को सम्पूर्ण भारत और सनातन धर्म में दीपावली (दिवाली) के रूप में मनाया जाता है। दिवाली को प्रकाश व रोशनी का त्यौहार भी कहा जाता है।

इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। दिवाली 2026 का त्यौहार धनतेरस के दिन से प्रारम्भ होता है और भाई दूज के दिन समाप्त हो जाता है।

हिन्दू धर्म के पंचांग के अनुसार दीपावली का यह पावन त्यौहार प्रत्येक वर्ष में कार्तिक मास के 15वें दिन अमावस्या को मनाया जाता है। इस वर्ष दीपावली का यह पवित्र त्यौहार 08 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा।

दिवाली की शुभ तिथि व मुहूर्त – When was Diwali in 2026 in India Calendar

तिथि समय
दिवाली 2026 तिथि08 नवंबर 2026
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त06:27 PM से लेकर 08:27 PM तक
प्रदोष काल06:02 PM से लेकर 08:34 PM तक
वृषभ काल06:27 PM से लेकर 08:27 PM तक
अमावस्या तिथि प्रारम्भ08 नवंबर 2026, सुबह – 11:27 से
अमावस्या तिथि समाप्त09 नवंबर 2026, दोपहर – 12:31 तक

दीपावली के साथ अन्य भी कई सारे त्यौहार भी आते है जैसे – दीपदान, धनतेरस, गोवर्धन पूजा, तथा भाई दूज। यह त्यौहार पुरे सप्ताह चलने वाला सुप्रसिद्ध त्यौहार है।

दीपावली का त्यौहार क्यों मनाया जाता है – Why is the Festival of Diwali Celebrated ?

यह त्यौहार कार्तिक मास के 15वें दिन अमावस्या को मनाया जाता है। यदि हम बात करे इस दीपावली के त्यौहार को क्यों मनाया जाता है तो उसके लिए अनेकों कथाए प्रचलित है, लेकिन जिस कथा के बारे लोगों को ज्ञात है वो भगवान श्री राम के 14 वर्ष के वनवास के लौटने की कथा है।

इसके अलावा भी और कथाए है। जिनके बारे में आपको पता नहीं है और हम आज इस लेख के माध्यम से आपको उन सभी कथाओं से अवगत करवाएँगे। जिनके बारे में आपको पता नहीं है –

राम जी का पुन: आगमन

वाल्मीकि जी के द्वारा लिखी गई रामायण ने बताया है कि जब भगवान श्री राम रावण का वध करने व अपनी पत्नी सीता को बचाकर अपने भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। उस दिन पुरे नगर के सभी घरों में दीपक जल रहे थे।

माना जाता है कि उस दिन सम्पूर्ण अयोध्या नगरी दीपों से जगमगा उठी थी। भगवान श्री राम के वनवास पूर्ण करके लौटने पर ही दिवाली का यह पावन त्यौहार मनाया जाता है।

इस दिन प्रत्येक में गाँव में दीपक जलाए गए थे। तब से ही दिवाली को अंधकार पर विजय का पर्व भी माना गया है।

भगवान श्री कृष्ण के द्वारा नरकासुर का अंत  

माना जाता है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा की सहायता से राक्षस नरकासुर का अंत किया था। इस असुर को किसी स्त्री के हाथों ही मरने का श्राप मिला हुआ था।

उस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि थी। नरकासुर के आतंक से मुक्ति पाने की खुशी में वहां के लोगों ने दीपोत्सव मनाया था। जिसके अगले दिन दीपावली का त्यौहार मनाया गया।

पांडवों की घर वापसी  

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि भगवान श्री राम के भांति ही पांडवो को भी अज्ञातवास के कारण अपना राज्य छोड़ना पड़ा था।

उनकी पुनः घर वापसी पर पुरे हस्तिनापुर को दीपो के द्वारा सजाया गया था। तब से ही दिवाली की शुरुआत हुई।

माँ लक्ष्मी का अवतार

इस त्यौहार से सम्बंधित एक कथा यह भी है कि समुद्र मंथन के समय माता लक्ष्मी में इस पृथ्वी पर अवतार लिया था|

माता लक्ष्मी जी को धन और समृद्धि प्रदान करने वाली देवी के रूप में भी जाना जाता है| इसी वजह से प्रत्येक घरों में दीपक जलने के साथ – साथ माता लक्ष्मी पूजा की जाती है|

माँ काली का रौद्र रूप

एक कथा के अनुसार माता पार्वती ने किसी असुर का वध करने के लिए जब महाकाली का रूप धारण किया तो उसका वध करने के पश्चात भी माता पार्वती का क्रोध शांत नहीं हो रहा था|

तब माता पार्वती के क्रोध को शांत करने के लिए भगवान शिव माता पार्वती के चरणों में आ गये थे| उस समय भगवान शिव के स्पर्श से ही पार्वती माँ का क्रोध शांत हो गया था|

इसी कारण से दीपावली के दिन उनके शांत रूप माता लक्ष्मी का भी पूजन किया जाता है| इसके अलावा इस दिन रात को माता काली की पूजाका भी विधान माना गया है|

दिवाली पूजन की सामग्री सूची – Diwali Pujan Samagri List

वस्तुमात्रा
रोली1 पैकेट
कलावा (मौली) 2 नग
सिंदूर1 पैकेट
लौंग1 पैकेट
इलायची1 पैकेट
सुपारी 4 नग
जनेऊ4 नग
शहद1 शीशी
इत्र1 शीशी
गंगाजल1 शीशी
पानी वाला नारियल1 नग
पीला कपड़ा2 मीटर
धूपबत्ती1 पैकेट
रुई बत्ती लंबी वाली1 पैकेट
रुई बत्ती गोल बत्ती1 पैकेट
घी500 ग्राम
सरसो का तेल500 ग्राम
दियाळी1 नग
सकोरा10 नग
कमल बीज11 नग
पंचमेवा200 ग्राम
धान की खील200 ग्राम
धान का चूरा200 ग्राम
खील खिलोने200 ग्राम
लक्ष्मी गणेश प्रतिमा–
लक्ष्मी यंत्र1 नग
भगवान के वस्त्र एवं आसान–
पंचामृत की व्यवस्था पहले से निर्माण करे–
माचिस1 नग
कपूर1 पैकेट
फल (अनार सरीफा विशेष एवं अन्य फल)–
मिष्ठानआवश्यकतानुसार
फूल माला–
फूल खुले20 रुपये
पान पते5 नग
कमलआवश्यकतानुसार जो वर्षभर  प्रयोग कर सके
नौवीं (कॉपी एवं किताब आवश्यकतानुसार)–

 

कुबेर की पोटली के लिए सामग्री

वस्तुमात्रा
माचिस1 पैकेट
गोमती चक्र5 नग
कोढ़ी11 नग
खड़ी धनिया50 ग्राम
सुपाड़ी11 नग
कमल बीज11 नग
धुंधची11 नग
चांदी अथवा स्वर्ण सिक्का3 नग
पोटली1 नग

 

दीपावली पूजन का मंत्र – Deepawali Pujan Mantra

दिवाली के दिन माता लक्ष्मी जी का आव्हान करते है| माँ लक्ष्मी को धन देवी भी कहा जाता है| जो भी दीपावली के दिन माता लक्ष्मी की सच्ची श्रद्धा से प्रार्थना करता है|

उसे उनकी कृपा अवश्य ही प्राप्त होती है| उनकी असीम कृपा पाने के लिए आप इस निम्न मंत्र का जप कर सकते है –

|| ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः॥ ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥ 

इस मंत्र का दीपावली के दिन 108 बार जप करने से माता लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है| 

दीपावली 2026 की पूजन विधि – Diwali Puja Vidhi (Step by Step)

  • इस दिन भगवान गणेश जी और माता लक्ष्मी जी का पूजन किया जाता है| इसके लिए आपको सबसे पहले जिस भी जगह आप पूजा कर रहे हो, उस स्थान को अच्छे से साफ़ कर ले| इसके पश्चात एक चौकी ले और उसपर लाल या पीले रंग का कपडा बिछा दीजिये|
  • इसके पश्चात भगवान गणेश जी और माता लक्ष्मी जी की मूर्तियों को चौकी पर स्थापित किया जाता है| अगर आप मूर्ति लाने में असमर्थ है| याद रखे कि माता लक्ष्मी जी मूर्ति को गणेश जी मूर्ति के दाहिनी ओर ही रखें|

दीपावली 2026

  • पूजा के समय इनके साथ भगवान कुबेर, सरस्वती माता और कलश की भी स्थापना अवश्य करें| 
  • दीपावली की पूजा करने से पहले चौकी पर और पूजा के स्थान पर गंगाजल अवश्य छिडके| इसके पश्चात अपने हाथ में पीले या लाल रंग के फूल रखे|
  • अब पूजा की शुरुआत करते हुए सबसे पहले भगवान गणेश जी का पूजन कीजिए| और उन्हें प्रसन्न करने के लिए मंत्रों का जाप करें| 
  • भगवान गणेश जी का पूजन करते समय निम्न मंत्र का जाप लगातार करते रहे – ‘गजाननम् भूत भू गणादि सेवितं कपित्थ जम्बू फलचारुभक्षणम्। उमासुतं सु शोक विनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपाद पंकजम्।
  • इसके पश्चात गणेश जी को तिलक लगाएं और उन्हें दूर्वा और मोदक का प्रसाद चढ़ाइए| 
  • भगवान गणेश जी के साथ ही माता लक्ष्मी जी का पूजन करें| सबसे पहले लक्ष्मी माता को लाल सिंदूर का तिलक लगाए और माता लक्ष्मी से सम्बंधित श्री सूक्त मंत्र का निश्चित रूप से जाप करें|
  • दिवाली के दिन भगवान गणेश जी और माता लक्ष्मी जी का पूजन करने के पश्चात मध्य रात्रि में काली माता की पूजा यानी काली पूजा करने का विधान माना गया है| 
  • इसके पश्चात गणेश जी और माता लक्ष्मी जी आरती करे और उन्हें भोग चढ़ाए| तथा आरती होने के बाद भोग को प्रसाद के रूप में सभी लोगों में बाँट दीजिये| 

दीपावली पूजन के लाभ – Benefits of Deepawali Pujan

  • इस त्यौहार के दिन छोटे और बड़े दोनों व्यापारियों के लिए ख़ास कमाई के लिए होता है|
  • दीपावली का यह पावन त्यौहार आपसी रिश्तों में मिठास लाता है|
  • इस दिन सभी प्रकार के व्यापार में बहुत ज्यादा फायदा होता है| क्योंकि इस दिन सभी अपने – अपने घरों के लिए नये – नये सम्मान लेते है| जैसे – कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सम्मान, मिठाइयाँ आदि|
  • दिवाली के दिन सफाई का बहुत ही बड़ा महत्व है| इस दिन घर के आस – पास का परिवेश और वातावरण बहुत ही शुद्ध रहता है क्योंकि सभी अपने घर की साफ़- सफाई का आचे से ध्यान रखते है| इससे हमारे स्वास्थ्य में भी बहुत ही बड़ा लाभ मिलता है| इस दिन सभी अपने – अपने घर को नये रंग रंगते है|
  • इसके अलावा भी कुटीर उद्योगों को भी इस दिन व्यापार में बहुत फायदा होता है|

दिवाली के दिन ध्यान देने योग्य बातें   

दिवाली 2026 की पूजा के दौरान हमें निम्न बातो का पता होना चाहिए जैसे की –

  • दीपावली पूजन के समय अपना ध्यान केवल भगवान की सच्चे मन की गयी पूजा उपासना में होना चाहिए तथा जब आप पूजा कर रहे हो तब हल्की से मुस्कान अपने मुख पर रखे|
  • दीपावली पूजन के दौरान लक्ष्मी पूजन के बाद एकाक्षी नारियल का पूजन करना आपके लिए शुभ होता है, पूजन के बाद इस नारियल को पीले वस्त्र में लपेटकर पूजा स्थल पर रख दें|
  • दीपावली पूजन के बाद हर कमरे में  शंख बजाना चाहिए जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह घर की चारो दिशाओ में होता है|
  • अगर पूजन के दौरान किसी प्रकार की पूजन सम्बन्धित कोई त्रुटि हो जाये तो क्रोधित बिलकुल न होये| ऐसा न करके आप त्रुटि होने पर भगवान से क्षमा – याचना कर सकते है| इससे भगवान आपको क्षमा कर देते है|

दीपावली पूजा का महत्व – Importance of Deepawali Puja

दिवाली का त्यौहार हिन्दुओं में नए साल के समान ही मनाया जाता है| दीपावली का त्यौहार धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो भी हिन्दू धर्म के लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है|

इस दिन सभी अपने घरों में दीपक जलाते है| दीपावली का त्यौहार बड़े – बड़े शहरों से लेकर छोटे – छोटे गाँवों में भी मनाया जाता है| इस दिन गाँवों में अपने पालतू जानवरों के लिए भी कई सारी वस्तुएं खरीदी जाती है|

Diwali 2026

दिवाली के दिन जब गाँव के प्रत्येक घरों में दीपक जलते है| तो उस सारे दीपों की रोशनी से पूरा गांव ही जगमगा जाता है| दिवाली का त्यौहार धनतेरस के दिन प्रारम्भ होता है और भाई दूज के दिन समाप्त हो जाता है|

हिन्दू धर्म के पंचांग के अनुसार दीपावली 2026 का यह पावन त्यौहार प्रत्येक वर्ष में कार्तिक मास के 15वें दिन अमावस्या को मनाया जाता है|

दिवाली को प्रकाश व रोशनी का त्यौहार भी कहा जाता है| इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व के रूप में भी मनाया जाता है|

निष्कर्ष 

आज हमने इस आर्टिकल के माध्यम से दीपावली 2026 के बारें में काफी बाते जानी है| आज हमने दीपावली 2026 (Deepawali 2026) पूजन के फ़ायदों के बारे में भी जाना| हम उम्मीद करते है कि हमारे द्वारा बताई गयी जानकारी से आपको कोई ना कोई मदद मिली होगी|

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Frequently Asked Questions

इस वर्ष दिवाली (दीपावली) का त्यौहार कब है?

वर्ष 2026 में दिवाली का त्यौहार 08 नवंबर 2026, रविवार को है|

दीपावली का त्यौहार किस माह में आता है?

यह त्यौहार कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है|

इस दिन किस भगवान की पूजा की जाती है?

दीपावली के दिन मुख्यतः माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है| इनके अलावा भगवान गणेश, कुबेर जी और सरस्वती माता की पूजा की जाती है|

इस दिवाली पर माता लक्ष्मी के पूजन का शुभ मुहूर्त कब है?

माता लक्ष्मी के पूजन का सबसे शुभ मुहूर्त 07:18 PM से लेकर 08:25 PM तक है|


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