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Shree Ram Chalisa Lyrics: राम चालीसा पाठ

99Pandit Ji
Last Updated:November 6, 2023

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प्रभु श्री राम को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है| भगवान श्री राम को प्रसन्न करने के लिए तुलसीदास जी के द्वारा रचित राम चालीसा (Ram Chalisa) का जप किया जाता है| राम चालीसा (Ram Chalisa) का जप करने से प्रभु श्री राम अपने भक्तों से बहुत ही प्रसन्न होते है तथा भक्तों पर अपनी कृपा भी बनाए रखते है| ऐसा माना जाता है कि इस जीवन रूपी भवसागर को पार करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रूप से राम चालीसा (Ram Chalisa) का पाठ करना चाहिए| राम चालीसा (Ram Chalisa) का पाठ करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होने लगती है|

राम चालीसा

पौराणिक कथाओं के अनुसार राम चालीसा (Ram Chalisa) का जप किये बिना भगवान श्री राम की पूजा अधूरी मानी जाती है| राम चालीसा (Ram Chalisa) का पाठ करने से व्यक्ति में मन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है| माना जाता है कि राम चालीसा (Ram Chalisa) का पाठ नियमित तथा पूर्ण भक्ति भाव से करने पर भक्त को दीर्घायु की भी प्राप्ति होती है|

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श्री राम चालीसा पाठ  | Ram Chalisa Lyrics In Hindi 

|| राम चालीसा | Ram Chalisa ||

|| दोहा ||

आदौ राम तपोवनादि गमनं हत्वाह् मृगा काञ्चनं
वैदेही हरणं जटायु मरणं सुग्रीव संभाषणं

बाली निर्दलं समुद्र तरणं लङ्कापुरी दाहनम्
पश्चद्रावनं कुम्भकर्णं हननं एतद्धि रामायणं

|| चौपाई ||

श्री रघुबीर भक्त हितकारी । सुनि लीजै प्रभु अरज हमारी ॥

निशि दिन ध्यान धरै जो कोई । ता सम भक्त और नहिं होई ॥

ध्यान धरे शिवजी मन माहीं । ब्रह्मा इन्द्र पार नहिं पाहीं ॥

जय जय जय रघुनाथ कृपाला । सदा करो सन्तन प्रतिपाला ॥

दूत तुम्हार वीर हनुमाना । जासु प्रभाव तिहूँ पुर जाना ॥

तुव भुजदण्ड प्रचण्ड कृपाला । रावण मारि सुरन प्रतिपाला ॥

तुम अनाथ के नाथ गोसाई । दीनन के हो सदा सहाई ॥

ब्रह्मादिक तव पार न पावैं । सदा ईश तुम्हरो यश गावैं ॥

चारिउ वेद भरत हैं साखी । तुम भक्तन की लज्जा राखी ॥

गुण गावत शारद मन माहीं । सुरपति ताको पार न पाहीं ॥

नाम तुम्हार लेत जो कोई । ता सम धन्य और नहिं होई ॥

राम नाम है अपरम्पारा । चारिहु वेदन जाहि पुकारा ॥

गणपति नाम तुम्हारो लीन्हो । तिनको प्रथम पूज्य तुम कीन्हों ॥

शेष रटत नित नाम तुम्हारा । महि को भार शीश पर धारा ॥

फूल समान रहत सो भारा । पावत कोउ न तुम्हरो पारा ॥

भरत नाम तुम्हरो उर धारो । तासों कबहुँ न रण में हारो ॥

नाम शत्रुहन हृदय प्रकाशा । सुमिरत होत शत्रु कर नाशा ॥

लषन तुम्हारे आज्ञाकारी । सदा करत सन्तन रखवारी ॥

ताते रण जीते नहिं कोई । युद्ध जुरे यमहूँ किन होई ॥

महा लक्ष्मी धर अवतारा । सब विधि करत पाप को छारा ॥

सीता राम पुनीता गायो । भुवनेश्वरी प्रभाव दिखायो ॥

घट सों प्रकट भई सो आई । जाको देखत चन्द्र लजाई ॥

सो तुमरे नित पांव पलोटत । नवो निद्धि चरणन में लोटत ॥

सिद्धि अठारह मंगल कारी । सो तुम पर जावै बलिहारी ॥

औरहु जो अनेक प्रभुताई । सो सीतापति तुमहिं बनाई ॥

इच्छा ते कोटिन संसारा । रचत न लागत पल की बारा ॥

जो तुम्हरे चरनन चित लावै । ताको मुक्ति अवसि हो जावै ॥

सुनहु राम तुम तात हमारे । तुमहिं भरत कुल- पूज्य प्रचारे ॥

तुमहिं देव कुल देव हमारे । तुम गुरु देव प्राण के प्यारे ॥

जो कुछ हो सो तुमहीं राजा । जय जय जय प्रभु राखो लाजा ॥

रामा आत्मा पोषण हारे । जय जय जय दशरथ के प्यारे ॥

जय जय जय प्रभु ज्योति स्वरूपा । निगुण ब्रह्म अखण्ड अनूपा ॥

सत्य सत्य जय सत्य- ब्रत स्वामी । सत्य सनातन अन्तर्यामी ॥

सत्य भजन तुम्हरो जो गावै । सो निश्चय चारों फल पावै ॥

सत्य शपथ गौरीपति कीन्हीं । तुमने भक्तहिं सब सिद्धि दीन्हीं ॥

ज्ञान हृदय दो ज्ञान स्वरूपा । नमो नमो जय जापति भूपा ॥

धन्य धन्य तुम धन्य प्रतापा । नाम तुम्हार हरत संतापा ॥

सत्य शुद्ध देवन मुख गाया । बजी दुन्दुभी शंख बजाया ॥

सत्य सत्य तुम सत्य सनातन । तुमहीं हो हमरे तन मन धन ॥

याको पाठ करे जो कोई । ज्ञान प्रकट ताके उर होई ॥

आवागमन मिटै तिहि केरा । सत्य वचन माने शिव मेरा ॥

और आस मन में जो ल्यावै । तुलसी दल अरु फूल चढ़ावै ॥

साग पत्र सो भोग लगावै । सो नर सकल सिद्धता पावै ॥

अन्त समय रघुबर पुर जाई । जहाँ जन्म हरि भक्त कहाई ॥

श्री हरि दास कहै अरु गावै । सो वैकुण्ठ धाम को पावै ॥

|| दोहा ||

सात दिवस जो नेम कर पाठ करे चित लाय ।
हरिदास हरिकृपा से अवसि भक्ति को पाय ॥

राम चालीसा जो पढ़े रामचरण चित लाय ।
जो इच्छा मन में करै सकल सिद्ध हो जाय ॥

राम चालीसा

Ram Chalisa Lyrics In English | श्री रघुबीर भक्त हितकारी

|| Ram chalisa ||

|| Doha ||

Aado Ram Tapovanaadi Gamanam Htvaah Mriga Kaanchan,
Vaidehi Haran Jatayu Maranam Sugreeva Sambhashanam,
Bali Nirdalam Samudra Taranam Lankapuri Dahanam,
Paschdravanam Kumbhakarna Hananam Etadhi Ramayanam

|| Chaupai ||

Shri Raghubir Bhakt Hitkari | Suni Lijai Prabhu Araj Hamari ||

Nishi Din Dhyan Dharai Jo Koi | Ta Sam Bhakt Aur Nahin Hoi ||

Dhyan Dhare Shivaji Man Mahin | Brahma Indr Paar Nahin Pahin ||

Jai Jai Jai Raghunath Kripaka | Sada Karo Santan Pratipala ||

Dut Tumhaar Veer Hanumana | Jaasu Prabhav Tihun Pur Jana ||

Tuv Bhujchand Prachand Kripala | Ravana Maari Suran Pratipala ||

Tum Anaath Ke Naath Gosai | Dinan Ke Ho Sada Sahai ||

Brahmadik Tav Paar Na Paave | Sada Ish Tumharo Yash Gaave ||

Chaariu Ved Bharat Hai Saakhi | Tum Bhaktan Ki Lajja Raakhi ||

Gun Gaavat Shaarad Man Maahi | Surpati Taako Paar Na Paahin ||

Naam Tumhaar Let Jo Koi | Ta Sam Dhanya Aur Nahin Hoi ||

Ram Naam Hai Aprampara | Chaarihu Vedan Jaahi Pukara ||

Ganpati Naam Tumhaaro Linhon | Tinko Pratham Pujya Tum Kinhon ||

Shesh Ratat Nit Naam Tumhara | Mahi Ko Bhaar Shish Par Dhara ||

Ful Saman Rahat So Bhara | Paavat Kou Na Tumharo Para ||

Bharat Naam Tumharo Ur Dhaaro | Taaso Kabahu Na Ran Me Haaro ||

Naam Shatruhan Hridya Prakasha | Sumirat Hot Shatru Kar Nasha ||

Lashan Tumhare Aagyakari | Sada Karat Santan Rakhvari ||

Taate Ran Jite Nahin Koi | Yuddha Jure Yamahun Kin Hoi ||

Mahalakshmi Dhar Avataara | Sab Vidhi Karat Paap Ko Chhara ||

Sita Ram Punita Gaayo | Bhuvneshwari Prabhaav Dikhaayo ||

Ghat Sau Prakat Bhyi Sau Aayi | Jaako Dekhat Chandra Lajaai ||

Sau Tumare Nit Paanv Palotat | Navo Niddhi Charnan Me Lautat ||

Siddhi Attahrah Mangalkari | Sau Tum Par Jaave Balihaari ||

Aurahu Jo Anek Prabhutai | Sau Sitapati Tumahin Banai ||

Iccha Te Kotin Sansara | Rachat Na laagat Pal Ki Baara ||

Jo Tumhare Charnan Chit Laave | Taako Mukti Avasi Ho Jaave ||

Sunahun Ram Tum Taat Humaare | Tumahin Bharat Kul – Pujya Prachaare ||

Tumahin Dev Kul Dev Humaare | Tum Gurudev Praan Ke Pyaare ||

Jo Kuch Ho So Tumhin Raja | Jai Jai Jai Prabhu Raakh Laaja ||

Rama Aatma Poshan Haare | Jai Jai Jai Dashrath Ke Pyaare ||

Jai Jai Jai Prabhu Jyoti Swropa | Nigun Brahm Akhand Anupa ||

Satya Satya Jai Satya – Brat Swami | Satya Sanatan Antaryami ||

Satya Bhajan Tumharo Jo Gaave | Sau Nischay Chaaron Fal Paave ||

Satya Shapath Gauripath Kinhi | Tumne Bhakthin Sab SIddhi Dinhin ||

Gyaan Hridya Do Gyaan Swaroopa | Namo Namo Jai Jaapati Bhupa ||

Dhanya Dhanya Tum Dhanya Pratapa | Naam Tumhaar Harat Santapa ||

Satya Shuddh Devan Mukh Gaaya | Baji Dundubhi Shankh Bajaya ||

Satya Satya Tum Satya Sanatn | Tumhi Ho Humre Tan Man Dhan ||

Yaako Paath Kare Jo Koi | Gyan Prakat Taake Ur Hoi ||

Aavagaman Mite Tihi Kera | Satya Vachan Maane Shiv Mera ||

Aur Aas Man Me Jo Lyaave | Tulsi Dal Aru Phul Chadhave ||

Saag Patr Sau Bhog Lagave | Sau Nar Sakal Siddhta Paave ||

Ant Samay Raghubar Pur Jaai | Jahan Janam Hari Bhakt Kahai ||

Shree Hari Daas Kahe Aru Gaaev | Sau Vaikunth Dhaam Ko Paave ||

|| Doha ||

Saath Diwas Jo Nem Kar Paath Kare Chit Laay |
Haridaas Harikripa Se Avasi Bhakti Ko Paay ||

Ram Chalisa Jo Padhe Ram Charan Chit Laay |
Jo Iccha Man Me Kare Sakal Siddh Ho Jaaye ||

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