चौघडिया 02-01-2023

चौघड़िया के बारे में सटीक चौघड़िया सूची के साथ जानें और दिन का सबसे शुभ समय निर्धारित करें। यदि आप कुछ नया शुरू कर रहे हैं, या यात्रा पर जा रहे हैं तो चौघड़िया से आप आज के शुभ मुहूर्त या सबसे अच्छे समय को पूर्व निर्धारित कर सकते हैं। जैसा कि नाम से पता चलता है, चौघड़िया, जो कि वैदिक हिंदू कैलेंडर है, जिसमें 96 मिनट की ’चार घड़ी’ शामिल हैं, जिसमें प्रत्येक घड़ी 24 मिनट के बराबर है।

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया वैदिक ज्योतिषीय समय गाइड है जो 24 घंटे के शुभ मुहूर्त के बारे में जानकारी देता है। यह प्रत्येक दिन और रात को 8 बराबर अवधि में विभाजित करता है। सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को दिन का समय चौघड़िया कहा जाता है और सूर्यास्त से लेकर अगले दिन के सूर्योदय तक के समय को रात का चौघड़िया कहा जाता है।

सप्ताह के सभी दिनों के लिए दिन के चौघड़िया के लिए सूर्योदय का समय प्रातः 6:00 बजे माना जाता है, जबकि रात के चौघड़िया के लिए सूर्यास्त का समय 6:00 बजे माना जाता है। ज्योतिषीय रूप से, 24 घंटों को 16 भागों में विभाजित किया जाता है और इन्हें सात तरह के चौघड़िया का नाम दिया गया है। 24 घंटों के दौरान, एक ही प्रकार के कम से कम दो चौघड़िया होते हैं, जो एक दिन में तीन बार दोहराए जाते हैं।

दिन का चौघड़िया पुरे हप्ते के लिए जब प्रातः 6:00 बजे सूर्योदय होता है। दिन में आठ चौघड़िया हैं। दिन का चौघड़िया 12 घंटे तक रहता है। दिन के शुभ और अशुभ मुहूर्त को आप यहाँ देख सकते है।

रात का चौघड़िया पुरे हप्ते के लिए जब सूर्यास्त शाम 6:00 बजे माना जाये। दीन का चौघड़िया की तरह, रात के समय में भी आठ चौघड़िया हैं। रात का समय चोगड़िया की अवधि 12 घंटे के लिए है। रात के शुभ और अशुभ मुहूर्त को आप यहाँ देख सकते है।

चौघड़िया का अर्थ

चौघड़िया का अर्थ चार घड़ी से है जिसमें कुल 96 मिनट होते हैं। हिंदी शब्दों से व्युत्पन्न, चौघड़िया में ‘चै’, का अर्थ चार है और ‘घड़ी’ का अर्थ है समय अवधि। इसे ‘चतुर्षिका मुहूर्त’ के रूप में भी जाना जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से अच्छे और बुरे सात चौघड़िया हैं। वो हैंः

  • उदवेग चौघड़िया - चौघड़िया में, उदवेग पहला मुहूर्त है जो कि सूर्य ग्रह द्वारा शासित है। इस घड़ी को अशुभ माना जाता है। हालांकि, उदवेग में सरकार से संबंधित कार्य करने से फलदायक परिणाम मिलते हैं।
  • लाभ चौघड़िया - लाभ दूसरा चौघड़िया है जो बुध ग्रह द्वारा शासित है। यह समय शुभ माना जाता है और किसी भी व्यावसायिक या शैक्षिक संबंधित कार्य को शुरू करने के लिए बहुत उपयुक्त है।
  • चर चौघड़िया - शुक्र द्वारा शासित, चर तीसरा चौघड़िया है जिसे यात्रा के प्रयोजनों के लिए शुभ मुहूर्त माना जाता है।
  • रोग चौघड़िया - चौघड़िया का चैथा मुहूर्त रोग, मंगल ग्रह द्वारा शासित है। इस अशुभ मुहूर्त में व्यक्ति को कोई भी शुभ काम शुरू नहीं करना चाहिए और न ही चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। इस अवधि में युद्ध और शत्रु से संघर्ष होता है।
  • शुभ चौघड़िया - शुभ चौघड़िया बृहस्पति ग्रह द्वारा शासित है और किसी भी कार्य को करने के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दौरान विवाह, पूजा, यज्ञ और अन्य धार्मिक गतिविधियां की जानी चाहिए।
  • काल चौघड़िया - काल एक अशुभ चौघड़िया है जो कि शनि ग्रह द्वारा शासित है। धन संचय के लिए, इस अवधि को शुभ मुहूर्त या फलदायी समय माना जाता है।
  • अमृत ​​चौघड़िया - चौघड़िया के इस अंतिम मुहूर्त पर चंद्रमा ग्रह का शासन होता है। यह दिन का सबसे शुभ समय है। इस अवधि में किया गया कोई भी काम सकारात्मक परिणाम देता है।

आज के चौघड़िया और आज के मुहूर्त (आज का शुभ मुहूर्त) में अंतर?

शुभ मुहूर्त या आज का शुभ मुहूर्त या आज का शुभ समय वह समय है जो ग्रहों की स्थितियों की गणना करके निर्धारित किया जाता है। विवाह, पूजन, उद्घाटन, दुकान खोलना या कोई भी शुभ कार्य आज के मुहूर्त का विश्लेषण करने के बाद किया जाता है। एक महीने में कई मुहूर्त हो सकते हैं या संभावना है कि एक दिन में एक भी शुभ मुहूर्त नहीं हो। जबकि, आज का चौघड़िया या आज का शुभ मुहूर्त की जानकारी एक दिन में साझा करता है। चौघड़िया हर दिन होता है और शुभ मुहूर्त और अशुभ मुहूर्त को मिलाकर एक दिन को 8 भागों में विभाजित करता है।

आज का चौघड़िया की गणना कैसे की जाती है?

आज का चौघड़िया मुहूर्त की गणना दिन और रात को आठ समान भागों में विभाजित करके की जाती है। चूंकि चौघड़िया सात हैं, अतः प्रत्येक छह चौघड़िया दिन में एक बार होता है, जबकि एक चौघड़िया 2 बार आता है। चौघड़िया का प्रत्येक भाग या समय अवधि लगभग चार घड़ी के बराबर है।

सप्ताह के प्रत्येक दिन, दिन और रात के समय के चौघड़िया का क्रम बदलता रहता है लेकिन उस विशिष्ट दिन के लिए समान रहता है। उदाहरण के लिए, सोमवार के लिए चौघड़िया का क्रम मंगलवार से अलग होगा और मंगलवार का क्रम बुधवार के अनुक्रम से अलग होगा। लेकिन प्रत्येक सोमवार, प्रत्येक मंगलवार और अन्य आगामी सप्ताह के दिनों का अनुक्रम समान होगा।

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