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पंचांग की गणना की जा रही है...
| आरम्भ | समाप्त | मुहूर्त | स्थिति |
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हिन्दू धर्म में पंचांग का इस्तेमाल सदियों से होता आया है। सरल शब्दों में कहें तो पंचांग एक ऐसा हिन्दू कैलेंडर है जो हमें बताता है कि आज का दिन कैसा रहेगा, कौन-सा समय शुभ है और कौन-सा काम कब करना सही रहेगा।
Daily Panchang में आपको ये सभी जानकारियां मिलती हैं:
99Pandit पर आपको हर दिन का ताजा दैनिक पंचांग हिंदी में मिलता है। पंचांग शब्द संस्कृत से आया है जिसका मतलब है “पांच अंग”। ये पांच अंग हैं – तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण।
1. तिथि:
तिथि को आसान भाषा में समझें तो यह हिन्दू कैलेंडर का एक दिन होता है। यह चंद्रमा और सूर्य की स्थिति के आधार पर तय होती है। एक महीने में कुल 30 तिथियां होती हैं जिन्हें दो हिस्सों में बांटा गया है:- शुक्ल पक्ष (पूर्णिमा तक) और कृष्ण पक्ष (अमावस्या तक)।
तिथियों के नाम: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी, अमावस्या और पूर्णिमा।
2. नक्षत्र:
नक्षत्र आसमान में दिखने वाले तारों के समूह होते हैं। कुल 27 नक्षत्र होते हैं और चंद्रमा हर दिन एक नक्षत्र में रहता है। जिस नक्षत्र में चंद्रमा होता है, उसी के आधार पर उस दिन का नक्षत्र तय होता है।
3. वार:
वार का मतलब सीधा है – दिन। हफ्ते के सात दिन जो हम रोज़ इस्तेमाल करते हैं वही सात वार हैं। इनके नाम ग्रहों पर रखे गए हैं – सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार।
4. योग:
सूर्य और चंद्रमा की आपसी दूरी के आधार पर योग बनता है। जिस तरह 27 नक्षत्र होते हैं, उसी तरह 27 योग भी होते हैं। कुछ योग बहुत शुभ माने जाते हैं, जैसे सिद्धि योग और अमृत योग, जबकि कुछ अशुभ माने जाते हैं।
5. करण:
हर तिथि के दो हिस्से होते हैं, पहले हिस्से को पूर्वार्ध और दूसरे को उत्तरार्ध कहते हैं। हर हिस्से में एक करण होता है। कुल 11 करण होते हैं: बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वाणिज, विष्टि, शकुनि, चतुष्पाद, नाग और किस्तुघ्न।
इनमें से विष्टि करण को भद्रा कहते हैं। भद्रा के समय कोई भी शुभ काम शुरू नहीं करना चाहिए।
पंचांग हमें यह समझने में मदद करता है कि आज का दिन हमारे लिए कैसा रहेगा। अगर आप कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, घर खरीदना चाहते हैं, शादी की तारीख तय करनी है या कोई पूजा करनी है, पंचांग देखकर सही समय चुनना आसान हो जाता है।
एक ज़रूरी बात, एक ही दिन का पंचांग अलग-अलग शहरों में थोड़ा अलग होता है। क्योंकि सूर्योदय का समय हर जगह अलग होता है, इसलिए राहु काल और मुहूर्त भी बदल जाते हैं।
Aaj Ka Panchang पढ़ने से आप अपने दिन की बेहतर प्लानिंग कर सकते हैं। अगर उस दिन ग्रहों की स्थिति ठीक नहीं है तो आप किसी ज़रूरी काम को थोड़ा टाल सकते हैं या ज्यादा सावधानी से कर सकते हैं।
शुभ मुहूर्त वो समय होता है जब ग्रह और नक्षत्र किसी काम को शुरू करने के लिए सबसे सही स्थिति में होते हैं। हिन्दू धर्म में शादी, गृह प्रवेश, दुकान खोलना, नामकरण जैसे हर बड़े काम के लिए शुभ मुहूर्त देखना बहुत ज़रूरी माना जाता है।
Shubh Muhurat हर दिन बदलता है। यह उस दिन की तिथि, नक्षत्र और ग्रहों की चाल पर निर्भर करता है। पंचांग में मुख्य रूप से तीन तरह के शुभ समय देखे जाते हैं:
आज के शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी के लिए ऊपर दिया गया दैनिक पंचांग देखें।