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गणेश चालीसा: Jai Jai Jai Ganpati Ganraju

99Pandit Ji
Last Updated:October 28, 2023

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हिन्दू धर्म में किसी पूजा या कार्य से पूर्व जितना महत्व गणेश जी की पूजा का है, उतना ही पूजा के पश्चात पढ़ी जाने वाली गणेश चालीसा (Ganesh Chalisa) का भी है| भगवान गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए गणेश चालीसा (Ganesh Chalisa) का पाठ किया जाता है, ताकि बुद्धि प्रदान करने वाले देवता हमेशा भक्तों पर अपनी कृपा बनाएं रखे| माना जाता है कि गणेश चालीसा (Ganesh Chalisa) का पाठ भगवान गणेश जी को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा व सबसे आसान तरीका है| जो भी भक्त सच्चे मन से गणेश चालीसा (Ganesh Chalisa) तथा Ganesh Ji Ki Aarti का नियमित पाठ करता है तो गणेश जी उसके जीवन से सभी कष्टों को दूर कर देते है|

गणेश चालीसा

गणेश चालीसा (Ganesh Chalisa) का पाठ हमेशा साफ़ – सुथरे स्थान तथा साफ़ वस्त्र धारण करके ही करना चाहिये| इसके पश्चात यदि आप अपने घर के मंदिर में गणेश चालीसा (Ganesh Chalisa) का जाप कर रहे है तो पाठ करते समय भगवान गणेश जी को बूंदी के लड्डू तथा मोदक का भोग लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है| पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बताया गया है कि गणेश चालीसा (Ganesh Chalisa) का जाप करते समय व्यक्ति को अपना मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा में रखना चाहिए|

99Pandit एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफार्म है जिसकी सहायता से आप हिन्दू धर्म से संबंधित किसी भी पूजा जैसे – नामकरण पूजा [Namkaran Puja], दिवाली पूजा [Diwali Puja] व अन्य कई पूजाओं के लिए ऑनलाइन पंडित बुक कर सकते है| यहाँ बुकिंग प्रक्रिया बहुत ही आसान है| बस आपको “बुक ए पंडित” [Book A Pandit] विकल्प का चुनाव करना होगा और अपनी सामान्य जानकारी जैसे कि अपना नाम, मेल, पूजन स्थान, समय,और पूजा का चयन के माध्यम से आप अपना पंडित बुक कर सकेंगे|

गणेश चालीसा | Ganesh Chalisa Lyrics In Hindi

|| गणेश चालीसा पाठ ||

|| दोहा ||

जय गणपति सदगुणसदन, कविवर बदन कृपाल।

विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥

|| चौपाई ||

जय जय जय गणपति गणराजू। मंगल भरण करण शुभ काजू॥

जय गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायक बुद्धि विधाता॥

वक्र तुण्ड शुचि शुण्ड सुहावन। तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन॥

राजत मणि मुक्तन उर माला। स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला॥

पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं। मोदक भोग सुगन्धित फूलं॥

सुन्दर पीताम्बर तन साजित। चरण पादुका मुनि मन राजित॥

धनि शिवसुवन षडानन भ्राता। गौरी ललन विश्व-विख्याता॥

रिद्धि – सिद्धि तव चंवर सुधारे। मूषक वाहन सोहत द्वारे॥

कहौ जन्म शुभ-कथा तुम्हारी। अति शुचि पावन मंगलकारी॥

एक समय गिरिराज कुमारी। पुत्र हेतु तप कीन्हो भारी॥

भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा। तब पहुंच्यो तुम धरि द्विज रुपा॥

अतिथि जानि कै गौरि सुखारी। बहुविधि सेवा करी तुम्हारी॥

अति प्रसन्न है तुम वर दीन्हा। मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा॥

मिलहि पुत्र तुहि, बुद्धि विशाला। बिना गर्भ धारण, यहि काला॥

गणनायक, गुण ज्ञान निधाना। पूजित प्रथम, रुप भगवाना॥

अस कहि अन्तर्धान रुप है। पलना पर बालक स्वरुप है॥

बनि शिशु, रुदन जबहिं तुम ठाना। लखि मुख सुख नहिं गौरि समाना॥

सकल मगन, सुखमंगल गावहिं। नभ ते सुरन, सुमन वर्षावहिं॥

शम्भु, उमा, बहु दान लुटावहिं। सुर मुनिजन, सुत देखन आवहिं॥

लखि अति आनन्द मंगल साजा। देखन भी आये शनि राजा॥

निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं। बालक, देखन चाहत नाहीं॥

गिरिजा कछु मन भेद बढ़ायो। उत्सव मोर, न शनि तुहि भायो॥

कहन लगे शनि, मन सकुचाई। का करिहौ, शिशु मोहि दिखाई॥

नहिं विश्वास, उमा उर भयऊ। शनि सों बालक देखन कहाऊ॥

पडतहिं, शनि दृग कोण प्रकाशा। बोलक सिर उड़ि गयो अकाशा॥

गिरिजा गिरीं विकल हुए धरणी। सो दुख दशा गयो नहीं वरणी॥

हाहाकार मच्यो कैलाशा। शनि कीन्हो लखि सुत को नाशा॥

तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधायो। काटि चक्र सो गज शिर लाये॥

बालक के धड़ ऊपर धारयो। प्राण, मंत्र पढ़ि शंकर डारयो॥

नाम गणेश शम्भु तब कीन्हे। प्रथम पूज्य बुद्धि निधि, वन दीन्हे॥

बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा। पृथ्वी कर प्रदक्षिणा लीन्हा॥

चले षडानन, भरमि भुलाई। रचे बैठ तुम बुद्धि उपाई॥

धनि गणेश कहि शिव हिय हरषे। नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे॥

चरण मातु-पितु के धर लीन्हें। तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें॥

तुम्हरी महिमा बुद्ध‍ि बड़ाई। शेष सहसमुख सके न गाई॥

मैं मतिहीन मलीन दुखारी। करहुं कौन विधि विनय तुम्हारी॥

भजत रामसुन्दर प्रभुदासा। जग प्रयाग, ककरा, दुर्वासा॥

अब प्रभु दया दीन पर कीजै। अपनी भक्ति शक्ति कछु दीजै॥

श्री गणेश यह चालीसा। पाठ करै कर ध्यान॥

नित नव मंगल गृह बसै। लहे जगत सन्मान॥

|| दोहा ||

सम्वत अपन सहस्त्र दश, ऋषि पंचमी दिनेश।

पूरण चालीसा भयो, मंगल मूर्ति गणेश॥

गणेश चालीसा

Ganesh Chalisa Lyrics In English | जय जय जय गणपति गणराजू

|| Ganesh Chalisa Path ||

|| Doha ||

Jai Ganpati Sadgun Sadan, Kavivar Badan Kripal ||
Vighna Haran Mangal Karan, Jai Jai Girijalal ||

|| Chaupai ||

Jai Jai Jai Ganpati Ganraju | Mangal Bharan Karan Shubh Kaju ||

Jai Gajbadan Sadan Sukhdata | Vishwa Vinayaka Buddhi Vidhata ||

Vakra Tunda Shuchi Shund Suhawana | Tilak Tripund Bhal Man Bhavan ||

Rajat Mani Muktan Ur Mala | Svarn Mukut Shir Nayan Vishala ||

Pustak Pani Kuthar Trishoolan | Modak Bhog Sugandhit Phoolan ||

Sundar Pitambar Tan Sajit | Charan Paduka Muni Man Rajit ||

Dhani Shiv Shuvan Shadanan Bhrata | Gauri Lalan Vishv – Vikhyata ||

Riddhi – Siddhi Tav Chanvar Sudhare | Mushak Vahan Sohat Dvare ||

Kahau Janm Shubh Katha Tumari | Ati Shuchi Pavan Mangalkari ||

Ek Samay Giriraj Kumari | Putra Hetu Tap Kinha Bhari ||

Bhayo Yagya Jab Purn Anoopa | Tab Pahunchiyo Tum Dhari Dwij Roopa ||

Atithi Jani Ke Gauri Sukhari | Bahuvidhi Seva Kari Tumhari ||

Ati Prasann Hai Tum Var Dinha | Matu Putra Hit Jo Tap Kinha ||

Milahi Putr Tuhi Buddhi Vishala | Bina Garbh Dharan Yahi Kala ||

Gananayak Gun Gyan Nidhana | Poojit Pratham Roop Bhagwana ||

As Kahi Antardhan Roop Hai | Palan Par Balak Swaroop Hai ||

Bani Shishu Rudan Jabahin Tum Thana | Lakhi Mukh Sukh Nahin Gauri Samana ||

Sakal Magan, Sukhmangal Gavahin | Nabh Te Suran, Suman Varshwahin ||

Shambhu, Uma, Bahudan Lutavahin | Sur Munijan, Sut Dekhan Aawahin ||

Lakhi Ati Anand Mangal Saja | Dekhan Bhi Aye Shani Raja ||

Nij Avgun Guni Shani Man Mahin | Balak Dekhan Chahat Nahin ||

Girija Kachhu Man Bhed Badhayo | Utsav Mor, Na Shani Tuhi Bhayo ||

Kahan Lage Shani, Man Sakuchai | Ka Karihau, Shishu Mohi Dikhai ||

Nahin Vishwas, Uma Ur Bhayoo | Shani So Balak Dekhan Kahayoo ||

Padtahin Shani Drg Kon Prakasha | Balak Sir Udi Gayo Akasha ||

Girija Giri Vikal Hue Dharani | So Dukh Dasha Gayo Nahin Varani ||

Hahakar Machyo Kailasha | Shani Kinho Lakhi Sut Ko Naasha ||

Turat Garud Chadhi Vishnu Sidhayo | Kati Chakra So Gaj Sir Laye ||

Balak Ke Dhad Oopar Dharayo | Pran Mantr Padhi Shankar Darayo ||

Nam Ganesh Shambhu Tab Kinhe | Prathan Poojya Buddhi Nidhi, Var Dinhe ||

Buddhi Pariksha Jab Shiv Kinha | Prathvi Kar Pradakshina Linha ||

Chale Sadanan, Bharami Bhulai | Rache Baith Tum Budhhi Upai ||

Dhani Ganesh Kahi Shiv Hiye Harashe | Nabh Te Suran Suman Bahu Barase ||

Charan Matu – Pitu Ke Dhar Linhen | Tinake Sat Pradakshin Kinhe ||

Tumhari Mahima Buddhi Badai | Shesh Sahasmukh Sake Na Gai ||

Main Matihin Malin Dukhari | Karahun Kaun Vidhi Vinay Tumhari ||

Bhajat Ramsundar Prabhudas | Jag Prayag, Kakara, Durvasa ||

Ab Prabhu Daya Din Par Kije | Apmi Shakti Bhakti Kachhu Dije ||

Shri Ganesh Yah Chalisa, Path Kare Kar Dhyan |

Nit Nav Mangal Grah Basai, Lahe Jagat Sanman ||

|| Doha ||

Sambandh Aapne Sahastra Dash,
Rishi Panchami Dinesh |
Puran Chalisa Bhayo,
Mangal Murti Ganesh ||

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