AstrologyJupiter in 7th House Astrology: Marriage, Spouse & Business
Jupiter in 7th house represents expansion through connection and rules, marriage, businesses, partnerships, and public image. Jupiter is…
calendar_today Jul 15, 2026
क्या आपकी जिंदगी में अचानक रुकावटें आने लगी हैं? काम बनते-बनते बिगड़ जाते हैं? अगर हाँ, तो हो सकता है कि आपकी कुंडली में राहु का दोष हो। और इसका सबसे आसान और असरदार उपाय है – गोमेद रत्न (Gomed Ratna)।
गोमेद रत्न ज्योतिष शास्त्र के 9 प्रमुख रत्नों में से एक है। यह राहु ग्रह का रत्न है और इसे सही तरीके से धारण करने पर यह जीवन की लगभग हर बड़ी परेशानी को दूर कर सकता है।
इस लेख में हम आपको Gomed Ratna in Hindi में पूरी जानकारी देंगे: यह क्या है, किसे पहनना चाहिए, किसे नहीं पहनना चाहिए, कैसे पहनें और इसके क्या-क्या फायदे हैं।
गोमेद रत्न एक चमकदार और आकर्षक पत्थर है जो ज़्यादातर लाल-भूरे या शहद जैसे रंग में मिलता है। इसे अंग्रेजी में Hessonite Stone कहते हैं और यह Garnet परिवार का हिस्सा है।
ज्योतिष में गोमेद रत्न को राहु ग्रह का प्रतिनिधि रत्न माना जाता है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु कमज़ोर होता है या राहु की महादशा चल रही होती है तो ज्योतिषी इस रत्न को धारण करने की सलाह देते हैं।
यह रत्न दुनिया के कई देशों में पाया जाता है। मुख्य रूप से भारत, श्रीलंका और ब्राज़ील में यह बड़ी मात्रा में मिलता है। इसके अलावा थाईलैंड, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में भी यह आसानी से उपलब्ध है।
Note: कोई भी रत्न पहनने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से अपनी कुंडली ज़रूर दिखाएं। बिना कुंडली देखे रत्न पहनना फायदे की जगह नुकसान भी कर सकता है।
गोमेद रत्न हर किसी के लिए नहीं होता। यह मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है जिनकी कुंडली में राहु का दोष हो या राहु की महादशा चल रही हो।
इन राशियों के लोग गोमेद रत्न पहन सकते हैं:
इन परिस्थितियों में भी गोमेद रत्न धारण कर सकते हैं:
जितना ज़रूरी यह जानना है कि गोमेद रत्न किसे पहनना चाहिए, उतना ही ज़रूरी यह जानना है कि इसे कौन न पहने।
इन राशियों के लोग गोमेद रत्न न पहनें:
इन राशियों के लोगों के लिए यह रत्न अशुभ माना जाता है। इसे पहनने से उनके जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं।
निम्न रत्नों के साथ गोमेद न पहनें:
इन रत्नों के साथ गोमेद पहनने से दोनों रत्नों का असर एक-दूसरे को कमज़ोर कर देता है और जीवन में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
Note: गोमेद रत्न एक बहुत शक्तिशाली रत्न है। इसे पहनने से पहले हमेशा किसी अनुभवी ज्योतिषी से अपनी कुंडली दिखाएँ और उनकी सलाह के बाद ही धारण करें।
गोमेद रत्न पहनने का सही समय और सही तरीका जानना बहुत ज़रूरी है। गलत समय पर पहना गया रत्न उतना फायदा नहीं देता।
सही दिन: शनिवार का दिन गोमेद रत्न पहनने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। अगर वह शनिवार कृष्ण पक्ष का हो तो और भी शुभ होता है।
उचित समय: सुबह 4 बजे से 7 बजे के बीच यानी सूर्योदय से पहले या सूर्योदय के समय गोमेद रत्न पहनना सबसे शुभ होता है।
सही नक्षत्र: आर्द्रा नक्षत्र या शतभिषा नक्षत्र में पहना गया गोमेद रत्न और भी प्रभावशाली होता है।
किस उंगली में पहनें? – गोमेद रत्न को दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली (बीच वाली उंगली) में पहनना शुभ माना जाता है।
किस धातु में पहनें? – गोमेद रत्न की अंगूठी चांदी, अष्टधातु या पंचधातु में बनवानी चाहिए।
कितने रत्ती का पहनें?
7 रत्ती: सामान्य रूप से उचित माना जाता है।
9 या 12 रत्ती: सबसे ज़्यादा शुभ माना जाता है।
हालांकि इसका सही फैसला आपका ज्योतिषी ही कर सकता है, वह आपकी कुंडली देखकर बताएंगे कि आपके लिए कितने रत्ती का गोमेद सबसे सही रहेगा।
गोमेद रत्न पहनने से पहले उसे सही तरीके से शुद्ध करना बहुत ज़रूरी है। बिना शुद्धिकरण के पहना गया रत्न पूरा फल नहीं देता। यहाँ बताई गई विधि को ध्यान से पढ़ें और इसे अपनाएं:
1. सुबह जल्दी उठें: शनिवार के दिन सुबह जल्दी उठें, नित्यकर्म करें और स्नान करें।
2. रत्न को पूजा घर में रखें: अपने गोमेद रत्न की अंगूठी को पूजा घर में रखें और खुद भी वहाँ बैठ जाएं।
3. रत्न को शुद्ध करें: एक धातु के कटोरे में रत्न रखें और उसे गंगाजल या पंचामृत से धोएं। कटोरे में कुछ तुलसी के पत्ते भी डालें।
4. साफ पानी से धोएं: कुछ देर बाद रत्न को कटोरे से निकालें और साफ पानी से धो लें।
5. मंत्र जाप करें: अपने इष्ट देव का ध्यान करें और नीचे दिए गए राहु मंत्र का 108 बार जाप करें –
|| ॐ रां राहवे नमः ||
6. अंगूठी पहनें: मंत्र जाप पूरा होने के बाद दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली में गोमेद रत्न की अंगूठी पहन लें।
सही तरीके से धारण किया गया गोमेद रत्न जीवन में बहुत सारे सकारात्मक बदलाव लाता है। यहाँ इसके मुख्य फायदे बताए गए हैं:
1. रुके हुए काम फिर से शुरू होते हैं:
जिन लोगों के काम बार-बार अटकते हैं या आधे में बिगड़ जाते हैं, उनके लिए गोमेद रत्न बहुत फायदेमंद होता है। यह रुकावटों को दूर करता है और काम को पूरा करने की ताकत देता है।
2. दुश्मनों का डर कम होता है:
गोमेद रत्न पहनने से शत्रुओं का भय कम होता है और व्यक्ति में आत्मविश्वास बढ़ता है।
3. मन की एकाग्रता बढ़ती है:
जो लोग पढ़ाई या काम में ध्यान नहीं लगा पाते, उनके लिए गोमेद रत्न एकाग्रता बढ़ाने में बहुत मददगार है।
4. राहु की महादशा का असर कम होता है:
राहु की महादशा में जीवन में उथल-पुथल आती है। गोमेद रत्न इस दशा के दुष्प्रभाव को कम करता है और जीवन को सामान्य बनाने में मदद करता है।
5. स्वास्थ्य में सुधार होता है:
ज्योतिषियों के अनुसार गोमेद रत्न जोड़ों के दर्द, कम सुनाई देने और खून से जुड़ी बीमारियों में राहत दिलाता है। राहु और शनि से जुड़ी घातक बीमारियों में भी यह असरदार माना जाता है।
6. नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है:
गोमेद रत्न व्यक्ति के आसपास की नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नज़र को दूर करता है।
7. करियर और व्यापार में सफलता मिलती है:
जो लोग राजनीति, वकालत, मीडिया या कोई भी ऐसा काम करते हैं जिसमें राहु का प्रभाव होता है, उनके लिए गोमेद रत्न करियर में तेज़ी से आगे बढ़ने में मदद करता है।
गोमेद रत्न (Gomed Ratna) एक बेहद शक्तिशाली और असरदार रत्न है जो सही व्यक्ति के लिए जीवन बदलने वाला साबित हो सकता है। लेकिन इसे पहनने से पहले अपनी कुंडली ज़रूर दिखाएं क्योंकि यह सभी के लिए नहीं है।
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपको गोमेद रत्न पहनना चाहिए या नहीं, या आप अपनी कुंडली के अनुसार सही रत्न जानना चाहते हैं तो 99Pandit के अनुभवी और वेरिफाइड ज्योतिषियों से आज ही सलाह लें। सही जानकारी और सही मार्गदर्शन से ही रत्न का पूरा लाभ मिलता है।
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गोमेद रत्न राहु ग्रह का रत्न है। जिन लोगों की कुंडली में राहु कमज़ोर हो या राहु की महादशा चल रही हो, उन्हें ज्योतिषी गोमेद रत्न धारण करने की सलाह देते हैं।
गोमेद रत्न को दाहिने हाथ की मध्यमा उंगली यानी बीच वाली उंगली में पहनना शुभ माना जाता है। इसे चांदी, अष्टधातु या पंचधातु की अंगूठी में पहनें।
रत्ती का गोमेद रत्न सामान्य रूप से ठीक माना जाता है लेकिन 9 या 12 रत्ती का गोमेद सबसे ज़्यादा शुभ माना जाता है। सही रत्ती का फैसला अपने ज्योतिषी से कुंडली दिखाकर करें।
नहीं। गोमेद रत्न और मूंगा रत्न एक साथ बिल्कुल नहीं पहनने चाहिए। इसी तरह पुखराज और माणिक्य के साथ भी गोमेद नहीं पहनना चाहिए। इन रत्नों को एक साथ पहनने से जीवन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।