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Narmada Aarti Lyrics : नर्मदा आरती

99Pandit Ji
Last Updated:December 7, 2023

नर्मदा आरती का जाप करने से माता नर्मदा अपने भक्तों से बहुत ही प्रसन्न होती है| नर्मदा नदी मध्यप्रदेश राज्य की सबसे पवित्र नदी के रूप में जाना जाता है| हिन्दू धर्म के लोगो के द्वारा इस नदी को पूर्ण श्रद्धा भाव से पूजा जाता है तथा नर्मदा चालीसा का भी जाप किया जाता है| जिससे माता नर्मदा आशीर्वाद उन्हें मिल सके| मान्यताओ के अनुसार सम्पूर्ण भारत में ऐसी बहुत सी धार्मिक नदियाँ है लेकिन सबसे नदी गंगा व नर्मदा को ही माना जाता है| आइये जानते है इस नर्मदा आरती के लिरिक्स के बारे में |

नर्मदा आरती

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नर्मदा जी की आरती | Narmada Aarti Lyrics In Hindi

|| नर्मदा आरती ||

ॐ जय जगदानन्दी,
मैया जय आनंद कन्दी ।
ब्रह्मा हरिहर शंकर, रेवा
शिव हर‍ि शंकर, रुद्रौ पालन्ती ॥
॥ ॐ जय जगदानन्दी..॥

देवी नारद सारद तुम वरदायक,
अभिनव पदण्डी ।
सुर नर मुनि जन सेवत,
सुर नर मुनि…
शारद पदवाचन्ती ।
॥ ॐ जय जगदानन्दी..॥

देवी धूमक वाहन राजत,
वीणा वाद्यन्ती।
झुमकत-झुमकत-झुमकत,
झननन झमकत रमती राजन्ती ।
॥ ॐ जय जगदानन्दी..॥

देवी बाजत ताल मृदंगा,
सुर मण्डल रमती ।
तोड़ीतान-तोड़ीतान-तोड़ीतान,
तुरड़ड़ रमती सुरवन्ती ।
॥ ॐ जय जगदानन्दी..॥

देवी सकल भुवन पर आप विराजत,
निशदिन आनन्दी ।
गावत गंगा शंकर, सेवत रेवा
शंकर तुम भट मेटन्ती ।
॥ ॐ जय जगदानन्दी…॥

मैयाजी को कंचन थार विराजत,
अगर कपूर बाती ।
अमर कंठ में विराजत,
घाटन घाट बिराजत,
कोटि रतन ज्योति ।
॥ ॐ जय जगदानन्दी..॥

मैयाजी की आरती,
निशदिन पढ़ गा‍वरि,
हो रेवा जुग-जुग नरगावे,
भजत शिवानन्द स्वामी
जपत हर‍ि नंद स्वामी मनवांछित पावे।

ॐ जय जगदानन्दी,
मैया जय आनंद कन्दी ।
ब्रह्मा हरिहर शंकर, रेवा
शिव हर‍ि शंकर, रुद्रौ पालन्ती ॥

नर्मदा आरती

Narmada Aarti Lyrics In English | ॐ जय जगदानन्दी

|| Narmada Aarti ||

Om Jay Jagdanandi,
Maiya Jay Anand Kandi.
Brahma Harihar Shankar, Reva
Shiv Hari Shankar, Rudrao Palanti.
॥ Om Jay Jagdanandi..॥

Devi Narad Sarad Tum Varadayak,
Abhinav Padandi.
Sur Nar Muni Jan Sevat,
Sur Nar Muni…
Sharad Padavachanti.
॥ Om Jay Jagdanandi..॥

Devi Dhoomak Vahan Rajat,
Veena Vadyanti.
Jhumakat-Jhumakat-Jhumakat,
Jhannan Jhamakat Ramati Rajanti.
॥ Om Jay Jagdanandi..॥

Devi Bajat Taal Mridanga,
Sur Mandal Ramati.
Toditan-Toditan-Toditan,
Turadan Ramati Suravanti.
॥ Om Jay Jagdanandi..॥

Devi Sakal Bhuvan Par Aap Virajat,
Nishadin Anandi.
Gavat Ganga Shankar, Sevat Reva
Shankar Tum Bhat Metanti.
॥ Om Jay Jagdanandi…॥

Maiyaji Ko Kanchan Thar Virajat,
Agar Kapoor Bati.
Amar Kanth Mein Virajat,
Ghatan Ghat Birajat,
Koti Ratan Jyoti.
॥ Om Jay Jagdanandi..॥

Maiyaji Ki Aarti,
Nishadin Padh Gavari,
Ho Reva Jug-Jug Nargaave,
Bhajat Shivanand Swami
Japat Hari Nand Swami Manvaanchit Paave.

Om Jay Jagdanandi,
Maiya Jay Anand Kandi.
Brahma Harihar Shankar, Reva
Shiv Hari Shankar, Rudrao Palanti

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