Logo 0%
Book Griha Pravesh Puja Online Book Griha Pravesh Puja Online Book Now

नवरात्रि कलश स्थापना सामग्री की सम्पूर्ण सूची

20,000+
Pandits Joined
1 Lakh+
Puja Conducted
4.9/5
Customer Rating
50,000
Happy Families
Bhumika Written by: Bhumika
Last Updated:September 19, 2023
नवरात्रि कलश स्थापना सामग्री
Summarize This Article With Ai - ChatGPT Perplexity Gemini Claude Grok

नवरात्रि हिन्दू समुदाय में बहुत धूमधाम से मनाया जाने वाला प्रमुख धार्मिक उत्सव है। यह उत्सव दुर्गा माता के नौ रूपों की पूजा के लिए चार या छह दिनों तक चलता है। नवरात्रि के दौरान, भगत लोग धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और संस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। नवरात्रि में होने वाली इस कलश स्थापना उत्सव में कलश स्थापना पूजन सामग्री की महत्वपूर्ण भूमिका होती है | कलश स्थापना के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, ध्यान और आराधना की जाती है जिससे उत्सव को शुभ बनाया जाता है। इसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्व की शुरुआत के रूप में महत्वपूर्ण माना जाता है और यह संस्कृति की अमूल्य धरोहर है।

नवरात्रि कलश स्थापना पूजन सामग्री

यदि कलश स्थापना पूजन को पूर्ण श्रद्धा व समर्पित भाव से मंत्र शुद्ध मंत्रो के उच्चारण के साथ सम्पन्न करवाया जाये तो यह फलदायी होता है | वैदिक – विधि व शुद्ध पूजन सामग्री के प्रयोग से इस पूजन का महत्व और अधिक हो जाता है | 99पंडित जो की विश्व की सर्वश्रेष्ठ पंडित सेवा है ,इस धार्मिक समागम हेतु ऑनलाइन पंडित बुकिंग की सेवा प्रदान करता है | साथ ही कलश स्थापना पूजन सामग्री का सही प्रयोग कैसे किया जा सकता है इसके लिए सही मार्ग भी दिखता है | 99पंडित पर मौजूद टीम आपको अपनी स्थानीय भाषा के अनुरूप हवन , यज्ञ, या धार्मिक- अनुष्ठान हेतु आपके नजदीकी पंडित सेवा भी उपलब्ध करवाती है | चाहे आप भारत के किसी भी भाग में निवास करते हो |  हमारी बुकिंग सेवा इतनी तेज है की आप जब 99Pandit पर अपना पंडित बुक करते है तो यह बहुत कम समय में आप तक सम्पर्क बना लेता है |  आगे हम अपने भगतों को नवरात्रि कलश स्थापना उत्सव में “नवरात्रि कलश स्थापना सामग्री हेतु आवश्यक पूजन सामग्री का विवरण दे रहे है ताकि पूजन के समय कोई व्यवधान न आये |

नवरात्रि कलश स्थापना सामग्री

नवरात्रि कलश स्थापना पूजन के लिए हमें निम्न सामग्री की आवश्यकता रहेगी :-

सामग्री  मात्रा
रोली 1 पैकेट
कलावा (मौली) 4 पैकेट
सिंदूर 1 पैकेट
लौंग 25 ग्राम
इलायची 1 पैकेट
सुपारी 25 नग
शहद 1 शीशी
इत्र 1 शीशी
गंगाजल 1 शीशी
अबीर 1 शीशी
गुलाल 1 शीशी
हल्दी 500 ग्राम
गरिगोला 1 नग
पानी नारियल 1 पैकेट
जौ 100 ग्राम
लाल कपड़ा 1 मीटर
पीला कपड़ा 1 मीटर
पिली सरसो 50 ग्राम
लाल चंदन 1 पैकेट
कलश 1 नग
सकोरा 5 नग
दियाली 25 नग
चुनरी माता के चित्रानुसार
पञ्चमेवा 250 नग
जनेऊ 7 नग
माचिस 1 नग
दोना 1 गड्डी
नवग्रह चावल 2 पैकेट
सप्तमूर्तिका 1 पैकेट
सप्तमूर्तिका 1 पैकेट
सप्तधान्य 1 पैकेट
सर्वोषधि 1 पैकेट
पञ्चरतन 1 पैकेट
धूपबत्ती 5 पैकेट
कपूर 100 ग्राम
रूईबत्ती गोल वाली 1 पैकेट
अखण्ड दीपक की बत्ती 1 पैकेट
देशी घी 1 किलो
जौ बोने वाला मिटटी वाला प्याला 1 सेट
बालू जौ बोने के लिए 5 किलो
आम का पल्लव 1 नग

विशेष :-पंचामृत की व्यवस्था पहले से ही कर ले |  इसके अलावा हमें निम्न सामग्री की आवशयकता रहेगी |

सामग्री  मात्रा
हरी दूर्वा आवश्यकतानुसार
फूल एवं फूलमाला लड़ी 3 या 5 मीटर
फल एवं मिठाई आवश्यकतानुसार
पान का पत्ता 7 नग

विशेष:- फल मिठाई , फूल एवं माला की व्यवस्था आवश्यकतानुसार प्रति दिन व्यवस्था करें |

नवरात्रि कलश स्थापना पूजन सामग्री में प्रयुक्त हवन सामग्री 

सामग्री  मात्रा
काला तिल 100 ग्राम
जौ 50 ग्राम
चावल 7 किलो
धूपलकड़ी 100 ग्राम
कमलबीज 100 ग्राम
पञ्चमेवा 100 ग्राम
हवन सामग्री 500 ग्राम
घी 500 ग्राम
गुग्गुल 50 ग्राम
शक्कर 200 ग्राम
गरिगोला पूर्णाहुति हेतु 1 नग
पान पते 10 नग
बलिदान हेतु पापड़ 1 पैकेट
उड़द काला 50 ग्राम
दही बलिदान हेतु 50 ग्राम
ब्रम्हापूर्ण पात्र (भगोना अथवा दक्कन सहित डिब्बा सात या पांच किलो का) 

यहाँ ध्यान देने योग्य यह बात है की जो  “कलश स्थापना पूजन सामग्री” आप बाजार से मँगवा रहे हो वह पूर्ण शुद्ध व पवित्र हो यह बहुत जरुरी होता है |

नवरात्रि कलश स्थापना पूजन विधि

  • नवरात्रि के पहले दिन धूप, दीप और दूर्वा सहित यह सामग्री इकट्ठी की जाती है।
  • पूजा स्थल को साफ सुथरा बनाकर एक छोटे से ताले वाले पात्र में पांच लोटे रखें। इनमें गंगाजल भरकर पांच पानी के धार बना लें।
  • अब कलश को तैयार करें। एक खाली कलश में स्वच्छ जल या गंगाजल डालें। इसके बाद उसके ओपर सप्तधान्य रखें।
  • तत्पश्चात कलश के ब्रिम पर कलावा (मौली ) बाँधें और उसके ऊपर फूलों की माला सजाएं। मौली बांधते समय आप निम्न मन्त्र का उच्चारण करें –

|| ॐ भूरसि भूमिरस्यदितिरसि विश्वधाया विश्वस्य भुवनस्य धर्त्रीं, पृथिवीं यच्छ पृथिवीं दृग्वंग ह पृथिवीं मा हि ग्वंग सीः’|| 

  • अगर आप एक विद्यार्थी है तो निम्न मंत्रोच्चार कर सकते है –

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः

  •  अगर आप अविवाहित पुरुष है तो विवाह हेतु आप

|| ॐ पत्नी मनोरमां देहि मनो वृत्तानु सारिणीम तारिणीम दुर्ग संसार सागरस्य कुलोद्भवाम ॐ|| मंत्र उच्चारण करें |

  • और अविवाहित कन्या विवाह के लिए

|| ॐ कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरी नन्द गोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः||  मन्त्र का उच्चारण आप कर सकते है |

  • अब गौरी और गणेश की मूर्तियां पूजा स्थल पर रखें और उन्हें भगवान गणेश और माँ दुर्गा की पूजा करें।
  • नौवमी दिन, कलश स्थापना का समापन करते हुए, इसे घर के उच्च स्थान पर स्थानांतरित करें और अपने घर में सुख और समृद्धि की प्राप्ति की कामना करें।

पूजन के दौरान कोई व्यवधान ना हो इसलिए “नवरात्रि कलश स्थापना सामग्री” की व्यवस्था पहले से ही सुनिश्चित कर ले |

Table Of Content

Enquire Now
Book A Pandit

Puja Services

..
Filter