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नवरात्रि कलश स्थापना सामग्री की सम्पूर्ण सूची

99Pandit Ji
Last Updated:September 19, 2023

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नवरात्रि हिन्दू समुदाय में बहुत धूमधाम से मनाया जाने वाला प्रमुख धार्मिक उत्सव है। यह उत्सव दुर्गा माता के नौ रूपों की पूजा के लिए चार या छह दिनों तक चलता है। नवरात्रि के दौरान, भगत लोग धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और संस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं। नवरात्रि में होने वाली इस कलश स्थापना उत्सव में कलश स्थापना पूजन सामग्री की महत्वपूर्ण भूमिका होती है |    

कलश स्थापना के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, ध्यान और आराधना की जाती है जिससे उत्सव को शुभ बनाया जाता है। इसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्व की शुरुआत के रूप में महत्वपूर्ण माना जाता है और यह संस्कृति की अमूल्य धरोहर है।

नवरात्रि कलश स्थापना पूजन सामग्री

यदि कलश स्थापना पूजन को पूर्ण श्रद्धा व समर्पित भाव से मंत्र शुद्ध मंत्रो के उच्चारण के साथ सम्पन्न करवाया जाये तो यह फलदायी होता है |  

वैदिक – विधि व शुद्ध पूजन सामग्री के प्रयोग से इस पूजन का महत्व और अधिक हो जाता है |  

99पंडित जो की विश्व की सर्वश्रेष्ठ पंडित सेवा है ,इस धार्मिक समागम हेतु ऑनलाइन पंडित बुकिंग की  सेवा प्रदान करता है | साथ ही कलश स्थापना पूजन सामग्री का सही प्रयोग कैसे किया जा  सकता है इसके लिए सही मार्ग भी दिखता है | 

 99पंडित पर मौजूद टीम आपको अपनी स्थानीय भाषा के अनुरूप हवन , यज्ञ, या धार्मिक- अनुष्ठान हेतु आपके नजदीकी पंडित सेवा भी उपलब्ध करवाती है | चाहे आप भारत के किसी भी भाग में निवास करते हो | 

हमारी बुकिंग सेवा इतनी तेज है की आप जब  99Pandit पर अपना पंडित बुक करते है तो यह बहुत कम समय में आप तक सम्पर्क बना लेता है | 

आगे हम अपने भगतों को नवरात्रि कलश स्थापना उत्सव में “नवरात्रि कलश स्थापना सामग्री हेतु आवश्यक पूजन सामग्री का विवरण दे रहे है ताकि पूजन के समय  कोई व्यवधान न आये | 

नवरात्रि कलश स्थापना सामग्री

नवरात्रि कलश स्थापना पूजन के लिए  हमें निम्न सामग्री की आवश्यकता रहेगी :-

सामग्री मात्रा
रोली1 पैकेट
कलावा (मौली) 4 पैकेट
सिंदूर1 पैकेट
लौंग25 ग्राम
इलायची1 पैकेट
सुपारी25 नग
शहद1 शीशी
इत्र1 शीशी
गंगाजल1 शीशी
अबीर1 शीशी
गुलाल1 शीशी
हल्दी500 ग्राम
गरिगोला1 नग
पानी नारियल1 पैकेट
जौ100 ग्राम
लाल कपड़ा1 मीटर
पीला कपड़ा1 मीटर
पिली सरसो50 ग्राम
लाल चंदन1 पैकेट
कलश1 नग
सकोरा5 नग
दियाली25 नग
चुनरी माता के चित्रानुसार
पञ्चमेवा250 नग
जनेऊ7 नग
माचिस1 नग
दोना1 गड्डी
नवग्रह चावल2 पैकेट
सप्तमूर्तिका1 पैकेट
सप्तमूर्तिका1 पैकेट
सप्तधान्य1 पैकेट
सर्वोषधि1 पैकेट
पञ्चरतन1 पैकेट
धूपबत्ती5 पैकेट
कपूर100 ग्राम
रूईबत्ती गोल वाली1 पैकेट
अखण्ड दीपक की बत्ती1 पैकेट
देशी घी1 किलो
जौ बोने वाला मिटटी वाला प्याला1 सेट
बालू जौ बोने के लिए5 किलो
आम का पल्लव1 नग

विशेष :-पंचामृत की व्यवस्था पहले से ही कर ले | 

इसके अलावा हमें निम्न सामग्री की आवशयकता रहेगी | 

सामग्री मात्रा
हरी दूर्वा आवश्यकतानुसार
फूल एवं फूलमालालड़ी 3 या 5 मीटर
फल एवं मिठाईआवश्यकतानुसार
पान का पत्ता7 नग

विशेष:- फल मिठाई , फूल एवं माला की व्यवस्था आवश्यकतानुसार प्रति दिन व्यवस्था करें | 

नवरात्रि कलश स्थापना पूजन सामग्री में प्रयुक्त हवन सामग्री 

सामग्री मात्रा
काला तिल100 ग्राम
जौ50 ग्राम
चावल7 किलो
धूपलकड़ी100 ग्राम
कमलबीज100 ग्राम
पञ्चमेवा100 ग्राम
हवन सामग्री500 ग्राम
घी500 ग्राम
गुग्गुल50 ग्राम
शक्कर200 ग्राम
गरिगोला पूर्णाहुति हेतु1 नग
पान पते10 नग
बलिदान हेतु पापड़1 पैकेट
उड़द काला50 ग्राम
दही बलिदान हेतु50 ग्राम
ब्रम्हापूर्ण पात्र(भगोना अथवा दक्कन सहित डिब्बा सात या पांच किलो का) 

यहाँ ध्यान देने योग्य यह बात है की जो  “कलश स्थापना पूजन सामग्री” आप बाजार से मँगवा रहे हो वह पूर्ण शुद्ध व पवित्र हो यह बहुत जरुरी होता है | 

नवरात्रि कलश स्थापना पूजन विधि

  • नवरात्रि के पहले दिन धूप, दीप और दूर्वा सहित यह सामग्री इकट्ठी की जाती है।
  • पूजा स्थल को साफ सुथरा बनाकर एक छोटे से ताले वाले पात्र में पांच लोटे रखें। इनमें गंगाजल भरकर पांच पानी के धार बना लें।
  • अब कलश को तैयार करें। एक खाली कलश में स्वच्छ जल या गंगाजल डालें। इसके बाद उसके ओपर सप्तधान्य रखें।
  • तत्पश्चात कलश के ब्रिम पर कलावा (मौली ) बाँधें और उसके ऊपर फूलों की माला सजाएं। मौली बांधते समय आप निम्न मन्त्र का उच्चारण करें – 

|| ॐ भूरसि भूमिरस्यदितिरसि विश्वधाया विश्वस्य भुवनस्य धर्त्रीं, पृथिवीं यच्छ पृथिवीं दृग्वंग ह पृथिवीं मा हि ग्वंग सीः’|| 

  • अगर आप एक विद्यार्थी है तो निम्न मंत्रोच्चार कर सकते है –

    ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः  

  •  अगर आप अविवाहित पुरुष है तो विवाह हेतु आप  

||  ॐ पत्नी मनोरमां देहि मनो वृत्तानु सारिणीम तारिणीम दुर्ग संसार सागरस्य                कुलोद्भवाम ॐ||  मंत्र उच्चारण करें |  

  • और अविवाहित कन्या विवाह के लिए 

|| ॐ कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरी नन्द गोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः|| 

मन्त्र का उच्चारण आप कर सकते है |  

  • अब गौरी और गणेश की मूर्तियां पूजा स्थल पर रखें और उन्हें भगवान गणेश और माँ दुर्गा की पूजा करें।
  • नौवमी दिन, कलश स्थापना का समापन करते हुए, इसे घर के उच्च स्थान पर स्थानांतरित करें और अपने घर में सुख और समृद्धि की प्राप्ति की कामना करें।

पूजन के दौरान कोई व्यवधान ना हो इसलिए “नवरात्रि कलश स्थापना सामग्री” की व्यवस्था पहले से ही सुनिश्चित कर ले | 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q.कलश स्थापना में कलश के अंदर क्या क्या डालना चाहिए?

A.कलश पर सबसे पहले स्वस्तिक बनाये, बाद में कलश के ब्रिम पर कलावा ( मौली ) बांधे,  व उसे जल से भर दे ,अब कलश में साबुत सुपारी, इत्र, फूल , अक्षत, पंचरतन और सिक्का रख दे |

Q.कलश को घर में कहां रखते हैं?

A.घर में कलश  रखने के लिए सबसे उत्तम जगह उत्तर-पूर्व दिशा की  होती है |

Q.कलश के ऊपर नारियल कैसे रखें?

A.कलश पर नारियल रखे तो यह महत्वपूर्ण  होता है की इसका मुख रखने वाले व्यक्ति की तरफ होना चाहिए | कलश में नारियल रखने से पूर्व उसमे अशोक या आम के पते रखे यह शुभ होता है |   

Q.लाल कपड़े में नारियल बांधने से क्या होता है?

A.ऐसी मान्यता है की लाल कपडे में नारियल  बांधने से  माँ लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहती है |

Q.महिला नारियल क्यों नहीं फोड़ती?

A.इस कथन के पीछे कई पौराणिक मान्यताये है जिसमे से एक यह है की नारियल एक बीज है, और और एक बीज से ही महिलाओ में संतान की उत्पत्ति होती है | अत: इसका महिलाओ के द्वारा फोड़ा जाना अशुभ समझा जाता है |

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