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Om Jai Shiv Omkara Lyrics: शिवजी की आरती

99Pandit Ji
Last Updated:October 27, 2023

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भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिवजी की आरती  – “Om Jai Shiv Omkara” का जाप भक्तों के द्वारा मंदिरों तथा घरों में किया जाता है| हिन्दू धर्म के अनुसार यह माना जाता है कि शिवजी की आरती (Shivji Ki Aarti) का जाप करने से भगवान शिव अपने भक्तों से बहुत प्रसन्न होते है तथा उनके सभी कष्टों को दूर करके उन्हें सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते है| हिन्दू धर्म प्रत्येक दिन किसी ना किसी भगवान को समर्पित किया गया है| भगवान शिव को सोमवार का दिन समर्पित किया गया है| इस दिन शिवजी की आरती (Shivji Ki Aarti) करने से भक्तों को बहुत ही ज्यादा लाभ होता है|

शिवजी की आरती

सावन का समय भगवान शिवजी की पूजा करने के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है| इस समय भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिव चालीसा तथा शिवजी की आरती (Shivji Ki Aarti) का जाप किया जाता है| सम्पूर्ण परिवार के साथ मिलकर की गई शिवजी की आरती (Shivji Ki Aarti) सभी सदस्यों के मध्य सामंजस्य को बढ़ाती है| भगवान शिव को हिन्दू देवताओं में सबसे शक्तिशाली देवता माना जाता है| इसके अलावा उन्हें इस सृष्टि के संहारक के रूप में भी जाना जाता है| इसी के साथ भगवान शिव की कृपा पाने के लिए आपको Chandra Shekhar Ashtakam का पाठ भी करना चाहिए|

यदि आप ऑनलाइन किसी भी पूजा जैसे दिवाली पूजा (Diwali Puja), रुद्राभिषेक पूजा (Rudrabhishek Puja), तथा गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja) के लिए आप हमारी वेबसाइट 99Pandit और हमारे ऐप 99Pandit For Users की सहायता से ऑनलाइन पंडित बहुत आसानी से बुक कर सकते है| इसी के साथ हमसे जुड़ने के लिए आप हमारे Whatsapp Channel – Hindu Temples, Puja and Rituals को भी Follow कर सकते है|

शिवजी की आरती: Om Jai Shiv Omkara Lyrics In Hindi: Shivji Ki Aarti

|| शिवजी की आरती | Shivji Ki Aarti ||

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा…॥

एकानन चतुरानन, पंचानन राजे ।
हंसासन गरूड़ासन, वृषवाहन साजे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा…॥

दो भुज चार चतुर्भुज, दसभुज अति सोहे ।
त्रिगुण रूप निरखते, त्रिभुवन जन मोहे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा…॥

अक्षमाला वनमाला, मुण्डमाला धारी ।
चन्दन मृगमद सोहै, भाले शशिधारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा…॥

श्वेताम्बर पीताम्बर, बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक ब्रम्हादिक, भूतादिक संगे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा…॥

कर के मध्य कमंडल, चक्र त्रिशूलधर्ता ।
सुखकारी दुखहारी, जगपालन कारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा…॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर के मध्ये, ये तीनों एका ॥
ॐ जय शिव ओंकारा…॥

त्रिगुणस्वामी जी की आरति, जो कोइ नर गावे ।
कहत शिवानंद स्वामी, सुख संपति पावे ॥
ॐ जय शिव ओंकारा…॥

लक्ष्मी व सावित्री, पार्वती संगा ।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा…॥

पर्वत सोहैं पार्वती, शंकर कैलासा ।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा…॥

जटा में गंग बहत है, गल मुण्डन माला ।
शेष नाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला ॥
जय शिव ओंकारा…॥

काशी में विराजे विश्वनाथ, नंदी ब्रह्मचारी ।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी ॥
ॐ जय शिव ओंकारा…॥

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥
ॐ जय शिव ओंकारा…॥

|| हर हर महादेव ||

शिवजी की आरती

Om Jai Shiv Omkara Lyrics In English | Bhagwan Shiv ji Ki Aarti

|| Shivji Ki Aarti | शिवजी की आरती ||

Om Jai Shiv Omkara, Swami Jai Shiv OmKara।
Brahma, Vishnu, Sadashiv, Ardhangi Dhara॥
Om Jai Shiv Omkara…||

Ekanan Chaturanan, Panchanan Raje।
Hansanan Garudasana, Vrishvahan Saje॥
Om Jai Shiv Omkara…||

Do Bhuj Char Chaturbhuj, Das Bhuj Ati Sohey।
Trigun Roop Nirakhta, Tribhuvan Jan Mohey॥
Om Jai Shiv Omkara…||

Akshmala Vanmala, Mundmala Dhaari |
Chandan Mrigmad Sohay, Bhale Shashidhari
Om Jai Shiv Omkara…||

Shwetambar Pitambar, Baghambar Angey |
Sankadik Brahmadik Bhutadik Sangey ||
Om Jai Shiv Omkara…||

Karke Madhya Kamandal, Chakra Trishul Dharta |
Sukhkari Dukhhari, Jag Palan Kari ||
Om Jai Shiv Omkara…||

Brahma Vishnu Sadashiv, Janat Aviveka |
Pranvakshar Ke Madhye, Ye Teeno Eka ||
Om Jai Shiv Omkara…||

Trigun Swami Ji Ki Aarti, Jo Koi Nar Gaave |
Kahat Shivanand Swami, Sukh Sampati Pave ||
Om Jai Shiv Omkara…||

Lakshmi Va Savitri, Parvati Sanga |
Parvati Ardhangi, Shiv Lehri Ganga ||
Om Jai Shiv Omkara…||

Parvat Sohen Parvati, Shankar Kailasha |
Bhaang Dhature Ka Bhojan, Bhasmi Me Vasa ||
Om Jai Shiv Omkara…||

Jata Me Gang Bahat Hai, Gal Mundan Mala |
Sheshnaag Liptavat, Odhat Mrigchhala ||
Om Jai Shiv Omkara…||

Kashi Me Viraje Vishwanath, Nandi Brahmachari |
Nit Uth Darshan Paavat, Mahima Ati Bhari ||
Om Jai Shiv Omkara…||

Om Jai Shiv Omkara, Swami Jai Shiv OmKara।
Brahma, Vishnu, Sadashiv, Ardhangi Dhara॥
Om Jai Shiv Omkara…||

|| Har Har Mahadev ||

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