क्या आप जानते हैं? आपके बच्चे का पहला निवाला बहुत खास है। यह सिर्फ पेट नहीं भरता। यह बच्चे का भविष्य और स्वभाव भी तय करता है। हिंदू धर्म में अन्नप्राशन एक बड़ा संस्कार है।
लेकिन क्या आप इसे किसी भी दिन कर सकते हैं? बिल्कुल नहीं। ज्योतिष के अनुसार गलत समय नुकसानदेह हो सकता है।
इससे बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। साल 2026 में ग्रहों की स्थिति बहुत अलग है। यह समय आपके बच्चे के लिए ‘अमृत’ बन सकता है।
क्या आप Annaprashan Muhurat 2026 की सही तिथि ढूंढ रहे हैं? यहाँ आपको लड़के और लड़कियों के लिए अलग नियम मिलेंगे।
हम आपको ‘वस्तु परीक्षण’ की गुप्त परंपरा भी बताएंगे। आइए, 99Pandit के साथ यह यात्रा शुरू करें। अपने बच्चे के पहले भोजन को शुभ बनाएं।
Expert and trusted pandits available for every puja, ritual, ceremony, and celebration
क्या आप अपने बच्चे के लिए सबसे सटीक दिन ढूंढ रहे हैं? साल 2026 में कई ऐसे दिन हैं जब ग्रह-नक्षत्र बहुत अनुकूल हैं।
यहाँ महीनों के अनुसार Annaprashan Muhurat 2026 की मुख्य सूची दी गई है:
| तिथि | दिन | समय अंतराल |
| 1 जनवरी | गुरुवार | 07:45 – 10:23, 11:51 – 16:47, 19:01 – 22:52 |
| 5 जनवरी | सोमवार | 08:25 – 13:00 |
| 9 जनवरी | शुक्रवार | 20:50 – 23:07 |
| 12 जनवरी | सोमवार | 14:08 – 18:18, 20:38 – 22:56 |
| 21 जनवरी | बुधवार | 07:45 – 10:32, 11:57 – 17:43, 20:03 – 22:20 |
| 23 जनवरी | शुक्रवार | 15:20 – 19:55 |
| 28 जनवरी | बुधवार | 10:05 – 15:00 |
| तिथि | दिन | समय अंतराल |
| 6 फरवरी | शुक्रवार | 07:37 – 08:02, 09:29 – 14:25, 16:40 – 23:34 |
| 18 फरवरी | बुधवार | 18:13 – 22:46 |
| 20 फरवरी | शुक्रवार | 07:26 – 09:59, 11:34 – 15:45 |
| तिथि | दिन | समय अंतराल |
| 20 मार्च | शुक्रवार | 09:45 – 11:40, 11:40 – 13:55, 13:55 – 16:14 |
| 25 मार्च | बुधवार | 09:25 – 11:21, 13:35 – 14:20 |
| 27 मार्च | शुक्रवार | 10:37 – 11:13, 11:13 – 13:28 |
| तिथि | दिन | समय अंतराल |
| 20 अप्रैल | सोमवार | 04:35 AM – 07:28 AM |
| 21 अप्रैल | मंगलवार | 04:15 AM – 04:58 AM |
| 26 अप्रैल | रविवार | 04:53 AM – 08:27 PM |
| 27 अप्रैल | सोमवार | 09:18 PM – 09:35 PM |
| 29 अप्रैल | बुधवार | 04:51 AM – 07:52 PM |
| तिथि | दिन | समय अंतराल |
| 1 मई | शुक्रवार | 10:00 AM – 09:13 PM |
| 3 मई | रविवार | 07:10 AM – 10:28 PM |
| 5 मई | मंगलवार | 07:39 PM – 05:37 AM (6 मई) |
| 6 मई | बुधवार | 05:37 AM – 03:54 PM |
| 7 मई | गुरुवार | 06:46 PM – 05:35 AM (8 मई) |
| 8 मई | शुक्रवार | 05:35 AM – 12:21 PM |
| 13 मई | बुधवार | 08:55 PM – 05:31 AM (14 मई) |
| 14 मई | गुरुवार | 05:31 AM – 04:59 PM |
| तिथि | दिन | समय अंतराल |
| 21 जून | रविवार | 09:31 AM – 11:21 AM |
| 22 जून | सोमवार | 06:01 AM – 04:44 AM (23 जून) |
| 23 जून | मंगलवार | 04:44 AM – 05:43 AM |
| 24 जून | बुधवार | 09:29 AM – 02:38 AM (25 जून) |
| 26 जून | शुक्रवार | 02:46 PM – 04:45 AM (27 जून) |
| 27 जून | शनिवार | 04:45 AM – 05:41 PM |
| तिथि | दिन | समय अंतराल |
| 15 जुलाई | बुधवार | 12:21 – 13:09 |
| 20 जुलाई | सोमवार | 06:06 – 08:16, 12:49 – 15:09 |
| 24 जुलाई | शुक्रवार | 06:08 – 08:00, 08:00 – 09:43 |
| 29 जुलाई | बुधवार | 09:58 – 12:14, 12:14 – 14:33 |
| तिथि | दिन | समय अंतराल |
| 3 अगस्त | सोमवार | 09:37 – 16:32 |
| 5 अगस्त | बुधवार | 11:46 – 18:28 |
| 7 अगस्त | शुक्रवार | 21:30 – 22:55 |
| 10 अगस्त | सोमवार | 16:04 – 21:18 |
| 17 अगस्त | सोमवार | 06:25 – 10:59, 13:18 – 17:41 |
| 26 अगस्त | बुधवार | 06:27 – 10:23 |
| 28 अगस्त | शुक्रवार | 06:28 – 12:35 |
| तिथि | दिन | समय अंतराल |
| 14 सितंबर | सोमवार | 06:36 – 06:53, 06:53 – 07:37 |
| 17 सितंबर | गुरुवार | 13:35 – 15:39 |
| 21 सितंबर | सोमवार | 06:39 – 07:29, 08:42 – 11:01, 13:20 – 15:24 |
| 24 सितंबर | गुरुवार | 08:30 – 10:49, 13:08 – 15:12 |
| तिथि | दिन | समय अंतराल |
| 12 अक्टूबर | सोमवार | 06:50 – 07:19, 11:57 – 14:01 |
| 21 अक्टूबर | बुधवार | 06:56 – 07:30, 11:22 – 13:26 |
| 26 अक्टूबर | सोमवार | 06:59 – 08:44 |
| 30 अक्टूबर | शुक्रवार | 07:03 – 08:27 |
| तिथि | दिन | समय अंतराल |
| 11 नवंबर | बुधवार | 07:11 – 07:41, 09:59 – 12:03, 12:03 – 12:08 |
| 16 नवंबर | सोमवार | 07:15 – 07:21, 09:40 – 11:44 |
| तिथि | दिन | समय अंतराल |
| 14 दिसंबर | सोमवार | 07:49 – 09:42, 11:36 – 13:03 |
| 16 दिसंबर | बुधवार | 07:42 – 09:46, 09:46 – 10:38 |
अन्नप्राशन का सरल अर्थ है -‘अन्न की शुरुआत‘। यह हिंदू धर्म के 16 संस्कारों में से 7वां संस्कार है। यह संस्कार आपके बच्चे के लिए क्यों जरूरी है? इसके मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:
99Pandit का सुझाव: अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा तेजस्वी और निरोगी बने, तो 2026 के इन विशेष मुहूर्तों को बिल्कुल न चूकें।
Expert and trusted pandits available for every puja, ritual, ceremony, and celebration
अन्नप्राशन केवल एक तारीख चुनना नहीं है। यह ग्रहों के खेल को समझने जैसा है। क्या आप जानते हैं कि Annaprashan Muhurat की गणना करते समय पंडित जी किन बातों पर ध्यान देते हैं?
लग्न शुद्धि: पूजा शुरू करते समय ‘लग्न‘ का मजबूत होना बहुत जरूरी है। यह बच्चे के भविष्य की नींव रखता है।
चंद्रमा की स्थिति: चंद्रमा मन का कारक है। यदि चंद्रमा चौथे, आठवें या बारहवें भाव में हो, तो उस समय को अशुभ माना जाता है।
पाप ग्रहों से बचाव: राहु, केतु और शनि की टेढ़ी नजर से बच्चे को बचाना जरूरी है। इसलिए सटीक गणना ही काम आती है।
क्या आपने कभी सोचा है? कुछ विशेष नक्षत्रों में ही पूजा क्यों सफल होती है? ज्योतिष के अनुसार, नक्षत्रों का प्रभाव बच्चे के स्वभाव पर पड़ता है।
Annaprashan Puja के लिए सही नक्षत्र और दिन का चुनाव इस प्रकार करें:
Expert and trusted pandits available for every puja, ritual, ceremony, and celebration
अन्नप्राशन केवल खाना खिलाना नहीं है। यह एक पवित्र विधि है। क्या आपको पता है? पहले निवाले में कुछ खास चीजें मिलाना जरूरी है। यहाँ इसकी पूरी विधि दी गई है:
यह रस्म बहुत रोचक है। बच्चे के सामने कुछ चीजें रखी जाती हैं। बच्चा जिसे पहले छुएगा, वही उसका भविष्य होगा:
क्या आप जानते हैं? एक छोटी सी गलती संस्कार का फल कम कर सकती है। अन्नप्राशन के दौरान सही समय का चुनाव जितना जरूरी है, गलत समय से बचना उससे भी ज्यादा।
यहाँ कुछ खास बातें हैं जो आपको ध्यान रखनी चाहिए:
भद्रा और राहुकाल का डर: कभी भी भद्रा या राहुकाल में अन्नप्राशन न करें। शास्त्रों के अनुसार, इस समय किए गए कार्य में विघ्न आते हैं। यह बच्चे की सेहत के लिए अशुभ माना जाता है।
रिक्त तिथियों का त्याग: चौथी (चतुर्थी), नौवीं (नवमी) और चौदहवीं (चतुर्दशी) तिथियों को ‘रिक्त’ माना जाता है। इनमें शुरू किया गया काम अधूरा रह सकता है। Annaprashan Muhurat चुनते समय इनसे बचें।
मंगलवार और रविवार: अन्नप्राशन के लिए मंगलवार को बहुत क्रूर और रविवार को बहुत कठोर माना गया है। सौम्य फल के लिए सोमवार, बुधवार या गुरुवार ही चुनें।
ग्रहण का सूतक: यदि उस दिन सूर्य या चंद्र ग्रहण है, तो सूतक काल में पूजा बिल्कुल न करें। यह नकारात्मक ऊर्जा का समय होता है।
Expert and trusted pandits available for every puja, ritual, ceremony, and celebration
अन्नप्राशन केवल एक पारंपरिक रस्म नहीं है। यह आपके शिशु के स्वास्थ्य, बुद्धि और उज्ज्वल भविष्य की पहली सीढ़ी है।
शास्त्रों के अनुसार सही समय पर दिया गया पहला निवाला बच्चे के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
याद रखें, एक छोटी सी सावधानी आपके नन्हे मेहमान के जीवन को खुशियों से भर सकती है। 2026 के इन शुभ मुहूर्त और नियमों का पालन करके आप अपने बच्चे को रोगों से मुक्त और भाग्यशाली बना सकते हैं।
क्या आप अपने बच्चे की राशि और शहर के अनुसार सबसे सटीक मुहूर्त जानना चाहते हैं? अपनी खुशियों में देरी न करें। आज ही 99Pandit के अनुभवी आचार्यों से संपर्क करें।
हम आपके बच्चे के लिए व्यक्तिगत Annaprashan Muhurat 2026 की गणना करेंगे और इस पवित्र संस्कार को पूरी शुद्धता के साथ संपन्न कराएंगे।
Table Of Content
हाँ, जुड़वा बच्चों का अन्नप्राशन एक ही मुहूर्त और एक ही मंडप में किया जा सकता है। बस ध्यान रखें कि दोनों के लिए पूजन सामग्री अलग-अलग और पर्याप्त हो।
यदि किसी कारण से शुभ मुहूर्त निकल जाता है, तो परेशान न हों। आप किसी भी 'अबूझ मुहूर्त' (जैसे बसंत पंचमी या अक्षय तृतीया) को चुन सकते हैं। सटीक सलाह के लिए 99Pandit के विशेषज्ञों से बात करें।
माता-पिता के लिए उपवास रखना अनिवार्य नहीं है। हालांकि, सात्विक भोजन करना और पूजा संपन्न होने तक कुछ न खाना शुभ माना जाता है।
बिल्कुल नहीं। आप अपने घर के ईशान कोण (North-East) में शुद्ध स्थान पर Annaprashan Muhurat 2026 के अनुसार यह पूजा आराम से कर सकते हैं।