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Shiv Kailasho Ke Wasi Lyrics in Hindi: शिव कैलाशो के वासी भजन

Bhumika
Written By Bhumika
Last Updated April 14, 2026
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शिव कैलाशो के वासी भजन हर शिवभक्त के दिल को सुकून देता है। यह प्यारा गीत हमें भगवान शिव की शक्ति और शांति की याद दिलाता है। इस भजन को सुनकर मन बहुत खुश और शांत हो जाता है।

Jubin Nautiyal और Hansraj Raghuvanshi की सुरीली आवाज़ ने इस गीत को बहुत प्रसिद्ध बना दिया है। उनकी आवाज़ की मिठास की वजह से यह भजन अब हर घर में गूँजता है।

छोटे बच्चे और बड़े सभी इस गाने को बड़े चाव से सुनते हैं। इस खास ब्लॉग में आपको भजन के बिल्कुल सही लिरिक्स और शब्द मिलेंगे।

हम आपको इस भजन का गहरा और सरल अर्थ भी विस्तार से समझाएंगे। साथ ही, आपको गायक और इस भजन के महत्व की पूरी जानकारी मिलेगी।

99Pandit का यह ब्लॉग आपके लिए भजन सीखने का आसान तरीका है। हमने शब्दों को बहुत साफ और सरल तरीके से यहाँ लिखा है। आप इसे पढ़कर बहुत जल्दी और अच्छे से गाना सीख सकते हैं।

हमारी टीम ने आपकी सुविधा के लिए हर पंक्ति को ध्यान से लिखा है। यह ब्लॉग आपको भक्ति की एक नई और सुंदर दुनिया में ले जाएगा। चलिए, साथ मिलकर महादेव के इस सुंदर भजन का आनंद लेते हैं।

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शिव कैलाशो के वासी भजन के लिरिक्स हिंदी में  – Shiv Kailasho Ke Wasi Lyrics in Hindi

जटा टवी गलज्जला
प्रवाह पावितस्थले
गलेव लम्ब्यलम्बितां
भुजंगतुंग मालिकाम्
डमड डम डमड डमं
न्निनाद वड्डमर्वयं
चकार चण्ड ताण्डवं
तनो तुनः शिवाः शिवम्
शिवाः शिवम्, शिवाः शिवम्
शिवाः शिवम्, शिवाः शिवम्

शिव कैलशों के वासी
धौली धरों के राजा
शंकर संकट हर ना
शंकर संकट हरना

शिव कैलशों के वासी
धौली धरों के राजा
शंकर संकट हर ना
शंकर संकट हर ना

तेरे कैलशों का अंत ना पाया
तेरे कैलशों का अंत ना पाया
अंत बे-अंत तेरी माया ओह भोले बाबा
अंत बे-अंत तेरी माया

शिव कैलशों के वासी
धौली धरों के राजा
शंकर संकट हर ना
शंकर संकट हरना

बेल की पत्तियाँ भांग धतूरा
बेल की पत्तियाँ भांग धतूरा
शिव जी के मन को लुभाएँ ओह भोले बाबा
शिव जी के मॅन को लुभाएँ

शिव कैलशों के वासी
धौली धरों के राजा
शंकर संकट हर ना
शंकर संकट हारना

एक था डेरा तेरा चांबे रे च गाना
एक था डेरा तेरा चांबे रे च गाना
दूजा लाई दित्ता भर मोरा ओह भोले बाबा
दूजा लाई दित्ता भर मोरा

शिव कैलशों के वासी
धौली धारों के राजा
शंकर संकट हर ना
शंकर संकट हर ना

शिव कैलशों के वासी,
धौली धारों के राजा
शंकर संकट हर ना
शंकर संकट हरना

शिव कैलाशो के वासी भजन का अर्थ क्या है?

इस भजन का अर्थ बहुत ही गहरा और प्यारा है। यह भजन हमें महादेव के असली रूप के बहुत करीब ले जाता है। आइए, इस सुंदर गीत की हर पंक्ति के पीछे छुपे रहस्य को समझते हैं।

शिव कैलाशो के वासी:

भगवान शिव का निवास कैलाश पर्वत पर है क्योंकि यह स्थान बहुत ही शांत है। यह ऊँचा पर्वत हमें सिखाता है कि हमें भी अपने मन को हमेशा अचल और स्थिर रखना चाहिए। यहाँ रहने वाले शिव जी हमें शांति और ध्यान का रास्ता दिखाते हैं।

धौलीधारों के राजा:

धौलाधार हिमालय की उन चोटियों को कहते हैं जो हमेशा सफेद बर्फ से ढकी रहती हैं। शिव जी को इन सफेद पहाड़ों का राजा इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे पवित्रता और शीतलता के प्रतीक हैं। वे अपने भक्तों के जीवन की गर्मी और तनाव को दूर कर देते हैं।

अंत बेअंत तेरी माया:

इस पंक्ति का अर्थ है कि शिव जी की शक्ति और लीला की कोई सीमा नहीं है। उनकी माया को समझना किसी भी इंसान के लिए मुमकिन नहीं है क्योंकि वे अनंत हैं। वे ही इस पूरी दुनिया को बनाने वाले और चलाने वाले ईश्वर हैं।

बेल पत्री, भाँग, धतूरा:

शिव जी को ये साधारण चीज़ें इसलिए प्रिय हैं क्योंकि वे सादगी पसंद करते हैं। बेल पत्र के तीन पत्ते त्रिदेवों और हमारे तीन गुणों का प्रतीक माने जाते हैं। महादेव हमें सिखाते हैं कि वे दिखावे से नहीं, बल्कि सच्चे मन से खुश होते हैं।

शंकर संकट हरना:

यह पंक्ति भक्त की एक बहुत ही मासूम और सच्ची प्रार्थना है। जब हम दिल से उन्हें पुकारते हैं, तो वे हमारे जीवन के सारे दुख और संकट हर लेते हैं। यह विश्वास ही भक्त को भोले बाबा के सबसे करीब ले जाता है।

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निष्कर्ष

शिव कैलाशो के वासी भजन सिर्फ एक साधारण गीत नहीं है। यह एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव है जो आपको महादेव के बहुत करीब ले जाता है।

इस भजन की हर एक धुन आपके मन के तनाव को पूरी तरह मिटा देती है। इस भजन को रोज़ सुनने से आपके जीवन में अद्भुत शांति और सकारात्मकता आती है।

यह आपके घर के वातावरण को पवित्र और खुशहाल बना देता है। सुबह-सुबह इसे सुनने से पूरा दिन बहुत ही ऊर्जावान और अच्छा बीतता है।

Table Of Content

Frequently Asked Questions

शिव कैलाशो के वासी भजन किसने गाया है?

इस भजन को हंसराज रघुवंशी और जुबिन नौटियाल जैसे प्रसिद्ध गायकों ने गाया है। हंसराज जी ने इसे पहाड़ी अंदाज़ में गाया है, जबकि जुबिन ने इसे आधुनिक संगीत के साथ पेश किया है। दोनों की आवाज़ ने इस गीत को बहुत ही मधुर और लोकप्रिय बनाया है।

इस भजन का अर्थ क्या है?

इस भजन का अर्थ है कि भगवान शिव कैलाश पर्वत और सफेद बर्फ की चोटियों के राजा हैं। यह गीत बताता है कि महादेव बहुत ही भोले हैं और साधारण बेलपत्र से भी खुश हो जाते हैं। वे अपने भक्तों के जीवन के सारे संकट और दुख पल भर में दूर कर देते हैं।

यह भजन किस अवसर पर सुनना चाहिए?

आप इस भजन को सावन सोमवार, महाशिवरात्रि और कावड़ यात्रा के दौरान सुन सकते हैं। वैसे तो इसे रोज़ सुबह या शाम की पूजा के समय सुनना भी बहुत शुभ होता है। इसे सुनने से मन को गहरी शांति और घर में सकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है।


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