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Sunderkand Puja Samagri List: सुंदरकाण्ड पाठ पूजन सामग्री

Bhumika
Written By Bhumika
Last Updated March 30, 2026
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घर पर सुंदरकांड पाठ का आयोजन करना है, लेकिन समझ नहीं आ रहा कि क्या-क्या सामान चाहिए? कहीं कुछ छूट न जाए, यह चिंता हर घर में होती है।

सुंदरकांड पाठ रामायण का पाँचवाँ अध्याय है जो हनुमान जी की उस अद्भुत यात्रा का वर्णन करता है जब वे माँ सीता की खोज में लंका गए थे।

यह पाठ न सिर्फ धार्मिक है बल्कि इसे नियमित करने से मन को असाधारण शांति मिलती है, घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और जीवन की हर रुकावट दूर होती है

इस लेख में हम आपको Sunderkand Puja Samagri List in Hindi में पूरी जानकारी देंगे, जैसे क्या सामान चाहिए, पाठ की सही विधि क्या है, इसके क्या फायदे हैं और कब करना चाहिए। सब कुछ एक ही जगह, वह भी सरल भाषा में।

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सुंदरकांड पूजा सामग्री लिस्ट – Sunderkand Puja Samagri List

सामग्री मात्रा
रोली एक पैकेट
कलावा (मौली)  दो पैकेट
सिंदूर एक पैकेट
इलायची एक पैकेट
सुपारी गयारह
पानी वाला नारियल एक
लाल कपड़ा सवा मीटर
जनेऊ चार
माचिस एक
बंदन पीला एक पैकेट
चावल आधा किलो
शहद एक शीशी
इत्र एक शीशी
गंगा जल एक शीशी
पंचमेवा दो सो ग्राम
धूपबत्ती एक पैकेट
रूईबत्ती गोल वाली मध्यम साइज एक पैकेट
देशी घी दही सो ग्राम
दोना एक गड्डी
राम दरबार फोटो फ्रेम बड़ा साइज
हनुमान जी फोटो फ्रेम बड़ा साइज
सुंदरकांड पुस्तकें ( अगर आपके घर आने वाले टीम के पास न हो तो व्यवस्थता करे झॉंकि की व्यवस्था पहले से सजा कर रखे)| 
फल आवश्यकतानुसार
पान सात नग
फूल + फूलमाता + आम का पल्लव + कलश धातु का घर वाला रखे (नए की जरूरत नहीं)

विशेष – “सुंदरकाण्ड पाठ  में हवन निषेध होता है”

सुंदरकांड पाठ करने की सही विधि

सामग्री तैयार होने के बाद अब जानते हैं कि पाठ कैसे करें:

1. साफ-सफाई पहले करें: पाठ शुरू करने से पहले घर और पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक माहौल बनता है।

2. स्नान करके बैठें: पाठ करने वाले सभी लोग पहले स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।

3. गणेश वंदना से शुरुआत करें: सुंदरकांड पाठ की शुरुआत हमेशा गणेश वंदना से करें। हर शुभ काम से पहले भगवान गणेश का आशीर्वाद लेना ज़रूरी है।

4. हनुमान जी की पूजा करें: गणेश वंदना के बाद हनुमान जी की विधिवत पूजा करें। ध्यान रखें –

  • हनुमान जी के साथ राम जी और माँ सीता की मूर्ति या तस्वीर भी रखें
  • हनुमान जी को फल, फूल, मिठाई और सिंदूर अर्पित करें
  • लाल फूल और लाल वस्त्र हनुमान जी को विशेष प्रिय हैं

5. रामचरितमानस की पूजा करें: सुंदरकांड पाठ तुलसीदास जी की रचना है, इसलिए पाठ शुरू करने से पहले रामचरितमानस की पुस्तक की भी पूजा करें।

6. पाठ शुरू करें: पाठ की शुरुआत इस चौपाई से होती है –
प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदयँ राखि कोसलपुर राजा॥

7. पाठ के बाद आरती करें: पाठ पूर्ण होने के बाद हनुमान जी की आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

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सुंदरकाण्ड पाठ के लाभ

यदि आप उपर दर्शाये हुए तरीके से सुन्दरकाण्ड पाठ का आयोजन करते है तो आप अनगिनत लाभ के भागीदार बन सकते है जैसे –

  • इस बात का मनोवैज्ञानिक पुष्टिकरण हो चूका है की यह हमारे आत्मविश्वास व् इच्छाशक्ति  बढ़ता है। सुंदरकाण्ड पाठ  में लिखी हुई पंक्तिया हमें आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित करती है। यह भी देखा गया है की अगर इस पाठ का आयोजन बच्चों की परीक्षा से पहले किया जाये तो परीक्षा के परिणामो पर इसका असर पड़ता है।
  • सुंदरकाण्ड पाठ के आयोजन से घर में वित्तीय स्थिति में सुधार होता है।
  • अगर आप किसी नौकरी हेतु प्रयत्नशील हैं तो सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन आपके लिए उपयोगी सिद्ध होता है।
  • अगर किसी व्यक्ति के जीवन में शनि, राहु, और मंगल के दुष्प्रभाव हैं तो यह उसके प्रभाव को कम करता है।
  • यह मन और आत्मा में शांति व सुख-समृद्धि में बढ़ावा देता है।
  • यह जीवन में नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव को भी कम करता है।
  • सुंदरकाण्ड पाठ के आयोजन से कर्ज और रोग से छुटकारा मिलता है।

निष्कर्ष

सुंदरकांड पाठ हिन्दू धर्म का एक ऐसा पवित्र अनुष्ठान है जो हर घर में होना चाहिए। Sunderkand Puja Samagri List in Hindi में दी गई सभी चीज़ें आसानी से बाज़ार में मिल जाती हैं और यह पाठ घर में कोई भी कर सकता है।

याद रखें कि सुंदरकांड पाठ में भगवान राम, माँ सीता और हनुमान जी तीनों की उपस्थिति होती है। जब इस त्रिशक्ति का आशीर्वाद एक साथ मिलता है तो जीवन की कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं रहती।

अगर आप पहली बार सुंदरकांड पाठ करवाना चाहते हैं या विधिवत और सही तरीके से पाठ का आयोजन करवाना चाहते हैं तो 99Pandit पर अनुभवी और वेरिफाइड पंडित जी बुक करें।

हमारे पंडित जी आपको सामग्री की पूरी जानकारी देंगे और पाठ को सही विधि से संपन्न करवाएंगे।

Table Of Content

Frequently Asked Questions

सुंदरकाण्ड पाठ कितने घंटे का होता है?

यह आमतौर पर पूछा जाने वाले  सवालो में से एक है अगर आपको सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन संपन्न करवाना है तो आपको काम से कम एक से डेढ़ घंटे का समय चाहिए।

सुंदरकाण्ड पाठ कितने दिन तक पढ़ना चाहिए?

सुंदरकाण्ड पाठ हेतु वैसे तो को दिनों की समय सीमा निर्धारित नहीं है फिर भी इस पाठ का आयोजन 11, 21, या 31 दिनों तक करना चाहिए जिससे इसका लाभ अधिक मिलता है।

सुंदरकाण्ड पाठ की कौन-सी चौपाई को शुरू करना होता है?

सुंदरकाण्ड पाठ  शुरुवात हमें “प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदयँ राखि कोसलपुर राजा॥ गरल सुधा रिपु करहिं मिताई "|  चौपाई से करनी चाहिए।

सुंदरकाण्ड पाठ के लिए कौन सा दिन अच्छा है?

सुंदरकाण्ड पाठ करने के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि यह दोनों दिन हनुमान जी से संबंधित माने जाते हैं। सामान्यतया: सुंदरकाण्ड पाठ भी हनुमानजी जी के बल प्रताप को दर्शाता है इस लिए सुंदरकाण्ड पाठ का पढ़ना हनुमानजी जी की स्तुति करना समझा जाता है। यह दो विशेष दिन भी हनुमान जी को समर्पित हैं।

सुंदरकाण्ड पाठ सुबह व शाम को कितने बजे करना चाहिए?

सुंदरकाण्ड पाठ हमें सुबह ब्रम्ह्महूर्त 4:00 बजे से 6:00 बजे के बीच करनी चाहिए। क्योंकि हिन्दू धर्म दर्शन के अनुसार यह समय देव उपासना हेतु अच्छा माना जाता है। यदि आप समूह के लोगो को आमंत्रित कर सुंदरकाण्ड पाठ कर रहे हैं तो शाम को 7 बजे के बाद का समय उचित रहेगा।


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