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Sanso Ki Mala Pe Lyrics in Hindi: साँसों की माला पे सिमरूं मैं भजन

Bhumika
Written By Bhumika
Last Updated April 24, 2026
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नमस्ते भक्तों! क्या आप मीराबाई का वह जादुई भजन ढूँढ रहे हैं? आपकी खोज यहाँ खत्म होती है। हम आपके लिए लाए हैं Sanso Ki Mala Pe Lyrics in Hindi का सबसे आसान वर्जन।

यह भजन 500 सालों से भक्तों के दिलों की धड़कन बना हुआ है। इसमें मीराबाई ने अपनी हर साँस को श्री कृष्ण के नाम की माला बना दिया है।

उनका निस्वार्थ प्रेम आज भी इस गीत को बहुत खास बनाता है। यह भजन नुसरत फतेह अली खान की आवाज़ में पूरी दुनिया में अमर हो गया

उन्होंने इसे एक नया सूफी रंग दिया जिसने सबको जोड़ दिया।आज बच्चा हो या बुजुर्ग, हर कोई इस धुन पर झूम उठता है। 99Pandit के इस ब्लॉग में आपको भजन के पूरे बोल मिलेंगे।

हम आपको इसका गहरा अर्थ और इतिहास भी बहुत सरल तरीके से समझाएंगे। चलिए, इस खूबसूरत सफर को शुरू करते हैं और साथ मिलकर गाते हैं।

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साँसों की माला पे सिमरूं मैं भजन हिंदी में – Sanso Ki Mala Pe Lyrics in Hindi

साँसों की माला पे सिमरूं मैं, पी का नाम,
अपने मन की मैं जानूँ, और पी के मन की राम,

साँसों की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम,
अपने मन की मैं जानूँ और पी के मन की राम,

साँसों की माला पे, सिमरूं मैं पी का नाम,
साँसों की माला पे, सिमरूं मैं पी का नाम ॥

जीवन का श्रृंगार है प्रीतम, माँग का सिन्दूर,
माँग का सिन्दूर,
जीवन का श्रृंगार है प्रीतम, माँग का सिन्दूर,

प्रीतम की नज़रों से गिरकर, जीना है किस काम,
प्रीतम की नज़रों से गिरकर, जीना है किस काम,
साँसों की, साँसों की,

साँसों की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम,
साँसों की माला पे, सिमरूं मैं पी का नाम ॥

प्रेम के रंग में ऐसी डूबी, बन गया एक ही रूप,
बन गया एक ही रूप,
प्रेम के रंग में ऐसी डूबी, बन गया एक ही रूप,

प्रेम की माला जपते जपते, आप बनी मैं श्याम,
प्रेम की माला जपते जपते, आप बनी मैं श्याम,
साँसों की, साँसों की,

साँसों की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम,
साँसों की माला पे, सिमरूं मैं पी का नाम ॥

प्रीतम का कुछ दोष नहीं है वो तो है निर्दोष,
वो तो है निर्दोष,
अपने आप से बातें कर के, हो गयी मैं बदनाम,

अपने आप से बातें कर के, हो गयी मैं बदनाम,
साँसों की, साँसों की,
साँसों की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम,

साँसों की माला पे, सिमरूं मैं पी का नाम ॥

प्रेम पियाला जब से पिया है, जी का है ये हाल,
जी का है ये हाल,
प्रेम पियाला जब से पिया है, जी का है ये हाल,

अंगारों पे नींद आ जाए, काँटों पे आराम,
अंगारों पे नींद आ जाए, काँटों पे आराम,
साँसों की, साँसों की,

साँसों की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम,
साँसों की माला पे, सिमरूं मैं पी का नाम ॥

अपने मन की मैं जानूँ, और पी के मन की राम,
साँसों की माला पे सिमरूं मैं पी का नाम,
अपने मन की मैं जानूँ और पी के मन की राम,

साँसों की माला पे, सिमरूं मैं पी का नाम,
साँसों की माला पे, सिमरूं मैं पी का नाम ॥

क्या है इस भजन के हर शब्द का अर्थ?

Sanso Ki Mala Pe Lyrics in Hindi की हर पंक्ति हमें सिखाती है कि असली भक्ति शरीर से नहीं, बल्कि आत्मा से होती है। चलिए, इस भजन के हर शब्द का जादुई और आध्यात्मिक अर्थ बहुत ही सरल भाषा में समझते हैं।

“पी” शब्द का असली और गहरा अर्थ

भजन में बार-बार आने वाले “पी” शब्द का अर्थ बहुत ही प्यारा है। मीराबाई के लिए “पी” का मतलब उनके प्रियतम श्री कृष्ण हैं। वह उन्हें अपना स्वामी, सखा और परमात्मा मानती हैं, इसलिए उन्हें प्यार से “पी” कहकर पुकारती हैं।

“साँसों की माला” और “पी का नाम” का अर्थ

मीराबाई कहती हैं कि उन्हें हाथ में पकड़ने वाली माला की ज़रूरत नहीं है। उनकी तो हर आती-जाती साँस ही अब श्री कृष्ण के नाम की माला बन गई है। वह अपनी हर धड़कन में अपने “पी” यानी कृष्ण को याद करती है।

“जीवन का श्रृंगार” और “प्रीतम की नज़रें”

मीराबाई के लिए भगवान कृष्ण की भक्ति ही उनके जीवन का असली श्रृंगार और गहना है। वह कहती है कि अगर वह अपने प्रीतम (ईश्वर) की नज़रों से गिर गईं, तो जीवन का कोई मोल नहीं।

“प्रेम के रंग में डूबी” और “आप बनी मैं श्याम”

यह पंक्ति बताती है कि जब प्यार बहुत गहरा होता है, तो भक्त और भगवान एक हो जाते हैं। मीराबाई कृष्ण की भक्ति में ऐसी खो गईं कि उनका अपना अहंकार पूरी तरह मिट गया। अब उन्हें खुद के भीतर भी सिर्फ अपने प्यारे श्याम ही नजर आते हैं।

“अपने आप से बातें” और “बदनामी” का राज

मीराबाई श्री कृष्ण की याद में खोई रहती थीं और अकेले में उनसे बातें करती थीं। दुनिया के लोगों को यह पागलपन लगता था, इसलिए वह समाज में बदनाम हो गईं। लेकिन मीराबाई के लिए दुनिया की परवाह से बड़ा भगवान का प्रेम और साथ था।

“अंगारों पे नींद” और “काँटों पे आराम”

जब मन पूरी तरह भगवान में लग जाता है, तो दुनिया के दुख बहुत छोटे लगने लगते हैं। मीराबाई कहती हैं कि कृष्ण के प्रेम में उन्हें अंगारों पर भी सुख की नींद आ सकती है। यह लाइन हमें सिखाती है कि सच्ची भक्ति जीवन की हर मुश्किल को आसान बना देती है।

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निष्कर्ष

Sanso Ki Mala Pe Lyrics in Hindi केवल एक भजन नहीं है। यह मीराबाई की आत्मा की एक गहरी पुकार है। यह हमें सिखाता है कि हर साँस में ईश्वर का वास है।

इसे रोज़ सुनने से मन को बहुत शांति मिलती है। यह आपके जीवन में निस्वार्थ प्रेम और भक्ति भर देता है। यह संगीत तनाव को दूर कर हृदय को पूरी तरह शुद्ध करता है।

मीराबाई जैसी सच्ची भक्ति के लिए सही पूजा विधि बहुत ज़रूरी है। शास्त्र के अनुसार की गई पूजा ही पूर्ण फल देती है। भगवान कृष्ण की कृपा पाने के लिए शुद्ध भाव अनिवार्य है।

Table Of Content

Frequently Asked Questions

साँसों की माला पे भजन किसने लिखा?

यह कालजयी भजन मूल रूप से प्रसिद्ध कवयित्री और कृष्ण भक्त मीराबाई ने लिखा था।

साँसों की माला पे को सबसे पहले किसने गाया?

इस भजन को पारंपरिक रूप से कई संतों ने गाया, लेकिन इसे आधुनिक पहचान नुसरत फतेह अली खान ने दी।

क्या यह भजन मीराबाई ने लिखा है?

हाँ, इस भजन की मूल रचना मीराबाई की है, जिसमें बाद में सूफी गायकों ने कुछ शब्द जोड़े।

साँसों की माला पे का अर्थ क्या है?

इसका अर्थ है अपनी हर आती-जाती साँस को श्री कृष्ण के नाम की माला बनाकर उनकी भक्ति करना।


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