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Vishwakarma Chalisa : भगवान विश्वकर्मा चालीसा पाठ

99Pandit Ji
Last Updated:December 6, 2023

विश्वकर्मा चालीसा [Vishwakarma Chalisa] का पाठ भगवान विश्वकर्मा की आराधना करने के लिए किया जाता है| भगवान विश्वकर्मा जी को इस सृष्टि का सृजनकर्ता माना जाता है| विश्वकर्मा जी की आरती करने के पश्चात विश्वकर्मा चालीसा [Vishwakarma Chalisa] का पाठ पूर्ण श्रद्धा के साथ करने से नवीन निर्माण की शक्ति प्राप्त होती है| भगवान विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर विश्वकर्मा चालीसा [Vishwakarma Chalisa] के पाठ का जाप करना बहुत ही शुभ माना जाता है| इस विश्वकर्मा चालीसा [Vishwakarma Chalisa] का प्रारंभ “जय श्री विश्वकर्म भगवाना” से होता है| विश्वकर्मा चालीसा [Vishwakarma Chalisa] में भगवान विश्वकर्मा के गुणों तथा उनकी महिमा का वर्णन किया गया है|

विश्वकर्मा चालीसा

भगवान विश्वकर्मा जी को औजार, मशीन तथा उपकरण का देवता माना जाता है| इस चालीसा का पाठ करने से विश्वकर्मा भगवान बहुत प्रसन्न होते है| भगवान विश्वकर्मा के प्रसन्न होने से तथा उनकी कृपा से व्यवसाय तथा नौकरी में तरक्की मिलती है| भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा करने से व्यक्ति को चारों और से ही उन्नति की प्राप्ति होती है| बता दे कि हिन्दू धर्म मे जांगिड़ ब्राह्मण समाज के लोग भगवान विश्वकर्मा जी को बहुत मानते है| प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर या कन्या संक्रांति के दिन विश्वकर्मा जयंती मनाई जाती है|

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विश्वकर्मा चालीसा पाठ | Vishwakarma Chalisa Lyrics In Hindi

|| विश्वकर्मा चालीसा ||

|| दोहा ||

श्री विश्वकर्म प्रभु वन्दऊं,
चरणकमल धरिध्यान ।
श्री, शुभ, बल अरु शिल्पगुण,
दीजै दया निधान ॥

|| चौपाई ||

जय श्री विश्वकर्म भगवाना ।
जय विश्वेश्वर कृपा निधाना ॥

शिल्पाचार्य परम उपकारी ।
भुवना-पुत्र नाम छविकारी ॥

अष्टमबसु प्रभास-सुत नागर ।
शिल्पज्ञान जग कियउ उजागर ॥

अद्‍भुत सकल सृष्टि के कर्ता ।
सत्य ज्ञान श्रुति जग हित धर्ता ॥

अतुल तेज तुम्हतो जग माहीं ।
कोई विश्व मंह जानत नाही ॥

विश्व सृष्टि-कर्ता विश्वेशा ।
अद्‍भुत वरण विराज सुवेशा ॥

एकानन पंचानन राजे ।
द्विभुज चतुर्भुज दशभुज साजे ॥

चक्र सुदर्शन धारण कीन्हे ।
वारि कमण्डल वर कर लीन्हे ॥

शिल्पशास्त्र अरु शंख अनूपा ।
सोहत सूत्र माप अनुरूपा ॥

धनुष बाण अरु त्रिशूल सोहे ।
नौवें हाथ कमल मन मोहे ॥

दसवां हस्त बरद जग हेतु ।
अति भव सिंधु मांहि वर सेतु ॥

सूरज तेज हरण तुम कियऊ ।
अस्त्र शस्त्र जिससे निरमयऊ ॥

चक्र शक्ति अरू त्रिशूल एका ।
दण्ड पालकी शस्त्र अनेका ॥

विष्णुहिं चक्र शूल शंकरहीं ।
अजहिं शक्ति दण्ड यमराजहीं ॥

इंद्रहिं वज्र व वरूणहिं पाशा ।
तुम सबकी पूरण की आशा ॥

भांति-भांति के अस्त्र रचाए ।
सतपथ को प्रभु सदा बचाए ॥

अमृत घट के तुम निर्माता ।
साधु संत भक्तन सुर त्राता ॥

लौह काष्ट ताम्र पाषाणा ।
स्वर्ण शिल्प के परम सजाना ॥

विद्युत अग्नि पवन भू वारी ।
इनसे अद्भुत काज सवारी ॥

खान-पान हित भाजन नाना ।
भवन विभिषत विविध विधाना ॥

विविध व्सत हित यत्रं अपारा ।
विरचेहु तुम समस्त संसारा ॥

द्रव्य सुगंधित सुमन अनेका ।
विविध महा औषधि सविवेका ॥

शंभु विरंचि विष्णु सुरपाला ।
वरुण कुबेर अग्नि यमकाला ॥

तुम्हरे ढिग सब मिलकर गयऊ ।
करि प्रमाण पुनि अस्तुति ठयऊ ॥

भे आतुर प्रभु लखि सुर-शोका ।
कियउ काज सब भये अशोका ॥

अद्भुत रचे यान मनहारी ।
जल-थल-गगन मांहि-समचारी ॥

शिव अरु विश्वकर्म प्रभु मांही ।
विज्ञान कह अंतर नाही ॥

बरनै कौन स्वरूप तुम्हारा ।
सकल सृष्टि है तव विस्तारा ॥

रचेत विश्व हित त्रिविध शरीरा ।
तुम बिन हरै कौन भव हारी ॥

मंगल-मूल भगत भय हारी ।
शोक रहित त्रैलोक विहारी ॥

चारो युग परताप तुम्हारा ।
अहै प्रसिद्ध विश्व उजियारा ॥

ऋद्धि सिद्धि के तुम वर दाता ।
वर विज्ञान वेद के ज्ञाता ॥

मनु मय त्वष्टा शिल्पी तक्षा ।
सबकी नित करतें हैं रक्षा ॥

पंच पुत्र नित जग हित धर्मा ।
हवै निष्काम करै निज कर्मा ॥

प्रभु तुम सम कृपाल नहिं कोई ।
विपदा हरै जगत मंह जोई ॥

जै जै जै भौवन विश्वकर्मा ।
करहु कृपा गुरुदेव सुधर्मा ॥

इक सौ आठ जाप कर जोई ।
छीजै विपत्ति महासुख होई ॥

पढाहि जो विश्वकर्म-चालीसा ।
होय सिद्ध साक्षी गौरीशा ॥

विश्व विश्वकर्मा प्रभु मेरे ।
हो प्रसन्न हम बालक तेरे ॥

मैं हूं सदा उमापति चेरा ।
सदा करो प्रभु मन मंह डेरा ॥

॥ दोहा ॥

करहु कृपा शंकर सरिस,
विश्वकर्मा शिवरूप ।
श्री शुभदा रचना सहित,
ह्रदय बसहु सूर भूप ॥

विश्वकर्मा चालीसा

Vishwakarma Chalisa Lyrics In English | जय श्री विश्वकर्म भगवाना, जय विश्वेश्वर कृपा निधाना

|| Vishwakarma Chalisa ||

|| Doha ||

Shri Vishwakarma Prabhu Vandau,
Charan-kamal dharidhyan.
Shri, shubh, bal aru shilpgun,
Dijai daya nidhan.

|| Chaupai ||

Jai Shri Vishwakarma Bhagwana.
Jai Vishweshwar kripa nidhana.

Shilpacharya param upkari.
Bhuvan-putra naam chhavikari.

Ashtam basu Prabhasut nagar.
Shilp gyan jag kiyou ujagar.

Adbhut sakal srishti ke karta.
Satya gyan shruti jag hit dharta.

Atul tej tumhato jag maheen.
Koi vishwa manh Jaanat Nahi.

Vishwa srishti-karta Vishwesha.
Adbhut varan viraj suvesha.

Eka-nan panchanan raaje.
Dvibhuj chaturbhuj das bhuj saaje.

Chakra sudarshan dharan kiya.
Vari kamandal var kar liya.

Shilpshastra aru shankh Anupa.
Sohat sutra maap anurupa.

Dhanush ban aru Trishul sohe.
Nauben hath kamal man mohe.

Dasaven hast barad jag hetu.
Ati bhav sindhu maanhi var setu.

Sooraj tej haran tum kiyo.
Astra shastra jisase nirmyo.

Chakra shakti aru trishul eka.
Dand palkee shastra aneka.

Vishnuhim chakra shool Shankarhi.
Ajahim shakti dand Yamarajhi.

Indrahim vajra aru varunahim pasha.
Tum sabkee poorn ki aasha.

Bhanti-Bhanti ke astra Rachaye.
Satpath ko prabhu sada Bachaye.

Amrit ghat ke tum nirmata.
Sadhu sant bhaktan sur traata.

Lauh kaasht taamra paashaanahim.
Swarn shilp ke param sajana.

Vidyut agni pavan bhu vaaree.
Inase adbhut kaaj savaare.

Khaan-paan hit bhaajan naana.
Bhavan Vibhishat Vividh Vidhana.

Vividh vashat hit yatram apaara.
Virachehu tum samast sansara.

Dravya sugandhit suman aneka.
Vividh maha Aushadhi Saviweka.

Shambhu viranchi Vishnu surpala.
Varun Kubera agni Yama kaala.

Tumhare dhig sab milakar gayoo.
Kari pramaan puni astuti thayoo.

Bhe aatur prabhu lakhi sur-shoka.
Kiyou kaaj sab bhaye ashoka.

Adbhut rache yaan manhaaree.
Jal-thal-gagan maanhi-samacharee.

Shiv Aru Vishwakarma Prabhu Maanhi.
Vigyaan kah antar nahee.

Barnai kaun swaroop tumhaara.
Sakal srishti hai tav vistara.

Rachet Vishwa hit Trividh Shareera.
Tum bin harai kaun bhav haaree.

Mangal-mool bhakt bhay haaree.
Shok rahit trailok vihaaree.

Charon yug partap tumhara.
Ahae Prasiddh Vishwa Ujiyara.

Riddhi siddhi ke tum var daata.
Var vigyaan ved ke gyaata.

Manu may Tvastaa shilpee Takshaa.
Sabakee nit Karaten hain Raksha.

Panch putra nit jag hit dharm.
Havai nishkaam karai nij karma.

Prabhu tum sam Kripaal Nahee koyee.
Vipada harai jagat manh joee.

Jai jai jai Bhuvan Vishwakarma.
Karahu krupa Gurudev sudharma.

Ik sau aath jaap kar joee.
Cheejai vipatti mahasukh hoi.

Padhaahi jo Vishwakarma Chalisa.
Hoye Siddh Sakshi Gaurisha.

Vishwa Vishwakarma prabhu mere.
Ho prasann hum balak tere.

Main hoon sada Umapati chera.
Sadaa karo prabhu man man dhera.

|| Doha ||

Karahu krupa Shankar saris,
Vishwakarma Shivroop.
Shri Shubhda rachna Sahit,
Hriday Basahu sur bhup.

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