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Tulsi Chalisa Lyrics: तुलसी चालीसा लिरिक्स हिंदी में

99Pandit Ji
Last Updated:February 23, 2024

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हिन्दू धर्म में तुलसी चालीसा (Tulsi Chalisa) की पूजा तथा तुलसी चालीसा (Tulsi Chalisa) का पाठ करना बहुत ही शुभ माना जाता है| ऐसा माना जाता है कि यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन तुलसी माता की पूजा तथा साथ ही तुलसी चालीसा (Tulsi Chalisa) का जाप करता है, उस पर सदैव ही भगवान श्रीहरि विष्णु व माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है| इसलिए यदि आप प्रतिदिन तुलसी चालीसा (Tulsi Chalisa) का पाठ करते है तो आपको अद्भुद लाभ प्राप्त होगा|

तुलसी चालीसा

तुलसी चालीसा (Tulsi Chalisa) का जाप करने से भगवान विष्णु के साथ ही जातक माता लक्ष्मी जी की भी कृपा प्राप्त होती है| जिससे घर में धन-समृद्धि सदा बनी रहती है| तुलसी चालीसा (Tulsi Chalisa) के नियमित जाप से नवग्रहों को भी शांति प्राप्त होती है| आइये जानते है तुलसी चालीसा (Tulsi Chalisa) पाठ के बारे में|

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तुलसी चालीसा लिरिक्स हिंदी में | Tulsi Chalisa Lyrics in Hindi

|| तुलसी चालीसा ||

॥ दोहा ॥

जय जय तुलसी भगवती सत्यवती सुखदानी ।
नमो नमो हरि प्रेयसी श्री वृन्दा गुन खानी ॥

श्री हरि शीश बिरजिनी, देहु अमर वर अम्ब ।
जनहित हे वृन्दावनी अब न करहु विलम्ब ॥

॥ चौपाई ॥

धन्य धन्य श्री तलसी माता ।
महिमा अगम सदा श्रुति गाता ॥

हरि के प्राणहु से तुम प्यारी ।
हरीहीँ हेतु कीन्हो तप भारी ॥

जब प्रसन्न है दर्शन दीन्ह्यो ।
तब कर जोरी विनय उस कीन्ह्यो ॥

हे भगवन्त कन्त मम होहू ।
दीन जानी जनि छाडाहू छोहु ॥

सुनी लक्ष्मी तुलसी की बानी ।
दीन्हो श्राप कध पर आनी ॥

उस अयोग्य वर मांगन हारी ।
होहू विटप तुम जड़ तनु धारी ॥

सुनी तुलसी हीँ श्रप्यो तेहिं ठामा ।
करहु वास तुहू नीचन धामा ॥

दियो वचन हरि तब तत्काला ।
सुनहु सुमुखी जनि होहू बिहाला ॥

समय पाई व्हौ रौ पाती तोरा ।
पुजिहौ आस वचन सत मोरा ॥

तब गोकुल मह गोप सुदामा ।
तासु भई तुलसी तू बामा ॥

कृष्ण रास लीला के माही ।
राधे शक्यो प्रेम लखी नाही ॥

दियो श्राप तुलसिह तत्काला ।
नर लोकही तुम जन्महु बाला ॥

यो गोप वह दानव राजा ।
शङ्ख चुड नामक शिर ताजा ॥

तुलसी भई तासु की नारी ।
परम सती गुण रूप अगारी ॥

अस द्वै कल्प बीत जब गयऊ ।
कल्प तृतीय जन्म तब भयऊ ॥

वृन्दा नाम भयो तुलसी को ।
असुर जलन्धर नाम पति को ॥

करि अति द्वन्द अतुल बलधामा ।
लीन्हा शंकर से संग्राम ॥

जब निज सैन्य सहित शिव हारे ।
मरही न तब हर हरिही पुकारे ॥

पतिव्रता वृन्दा थी नारी ।
कोऊ न सके पतिहि संहारी ॥

तब जलन्धर ही भेष बनाई ।
वृन्दा ढिग हरि पहुच्यो जाई ॥

शिव हित लही करि कपट प्रसंगा ।
कियो सतीत्व धर्म तोही भंगा ॥

भयो जलन्धर कर संहारा ।
सुनी उर शोक उपारा ॥

तिही क्षण दियो कपट हरि टारी ।
लखी वृन्दा दुःख गिरा उचारी ॥

जलन्धर जस हत्यो अभीता ।
सोई रावन तस हरिही सीता ॥

अस प्रस्तर सम ह्रदय तुम्हारा ।
धर्म खण्डी मम पतिहि संहारा ॥

यही कारण लही श्राप हमारा ।
होवे तनु पाषाण तुम्हारा ॥

सुनी हरि तुरतहि वचन उचारे ।
दियो श्राप बिना विचारे ॥

लख्यो न निज करतूती पति को ।
छलन चह्यो जब पारवती को ॥

जड़मति तुहु अस हो जड़रूपा ।
जग मह तुलसी विटप अनूपा ॥

धग्व रूप हम शालिग्रामा ।
नदी गण्डकी बीच ललामा ॥

जो तुलसी दल हमही चढ़ इहैं ।
सब सुख भोगी परम पद पईहै ॥

बिनु तुलसी हरि जलत शरीरा ।
अतिशय उठत शीश उर पीरा ॥

जो तुलसी दल हरि शिर धारत ।
सो सहस्त्र घट अमृत डारत ॥

तुलसी हरि मन रञ्जनी हारी ।
रोग दोष दुःख भंजनी हारी ॥

प्रेम सहित हरि भजन निरन्तर ।
तुलसी राधा में नाही अन्तर ॥

व्यन्जन हो छप्पनहु प्रकारा ।
बिनु तुलसी दल न हरीहि प्यारा ॥

सकल तीर्थ तुलसी तरु छाही ।
लहत मुक्ति जन संशय नाही ॥

कवि सुन्दर इक हरि गुण गावत ।
तुलसिहि निकट सहसगुण पावत ॥

बसत निकट दुर्बासा धामा ।
जो प्रयास ते पूर्व ललामा ॥

पाठ करहि जो नित नर नारी ।
होही सुख भाषहि त्रिपुरारी ॥

॥ दोहा ॥

तुलसी चालीसा पढ़ही तुलसी तरु ग्रह धारी ।
दीपदान करि पुत्र फल पावही बन्ध्यहु नारी ॥

सकल दुःख दरिद्र हरि हार ह्वै परम प्रसन्न ।
आशिय धन जन लड़हि ग्रह बसही पूर्णा अत्र ॥

लाही अभिमत फल जगत मह लाही पूर्ण सब काम ।
जेई दल अर्पही तुलसी तंह सहस बसही हरीराम ॥

तुलसी महिमा नाम लख तुलसी सूत सुखराम ।
मानस चालीस रच्यो जग महं तुलसीदास ॥

तुलसी चालीसा

Tulsi Chalisa Lyrics in English | धन्य धन्य श्री तलसी माता

|| Tulsi Chalisa ||

॥ Doha ॥

Jai Jai Tulsi Bhagwati Satyavati Sukhdaani।
Namo Namo Hari Preyasi Shri Vrinda Gun Khaani॥

Shri Hari Shish Birajini, Dehu Amar Var Amb।
Janhit He Vrindavani Ab Na Karahu Vilamb॥

॥ Chaupai ॥

Dhany Dhany Shri Tulsi Mata।
Mahima Agam Sada Shruti Gaata॥

Hari Ke Pranhu Se Tum Pyaari।
Harihin Hetu Keenho Tap Bhari॥

Jab Prasann Hai Darshan Deenhyo।
Tab Kar Jori Vinay Us Kinhyo॥

He Bhagavant Kant Mam Hohoo।
Deen Jaani Jani Chhaadahoo Chhohoo॥

Suni Lakshmi Tulsi Ki Baani।
Deenho Shraap Kadha Par Aani॥

Us Ayogya Var Maangan Haari।
Hohoo Vitap Tum Jad Tanu Dhaari॥

Suni Tulsi He Shrapyo Tehim Thaama।
Karahu Vaas Tuhoo Neechan Dhaama॥

Diyo Vachan Hari Tab Tatkaala।
Sunhu Sumukhi Jani Hohoo Bihaala॥

Samay Paai Vhau Rau Paati Tora।
Pujihau Aas Vachan Sat Mora॥

Tab Gokul Mah Gop Sudama।
Taasu Bhaee Tulsi Tu Baama॥

Krishna Raas Leela Ke Maahi।
Radhe Shakyu Prem Lakhi Naahi॥

Diyo Shraap Tulsahi Tatkaala।
Nar Lokahi Tum Janmahu Baala॥

Yo Gop Vah Daanav Raaja।
Shankh Chud Naamak Shir Taaja॥

Tulsi Bhaee Taasu Ki Naari।
Param Sati Gun Roop Agaari॥

As Dvai Kalp Beet Jab Gayou।
Kalp Triteey Janm Tab Bhayou॥

Vrinda Naam Bhayo Tulsi Ko।
Asur Jaladhar Naam Pati Ko॥

Kari Ati Dvand Atul Baladhaama।
Leenha Shankar Se Sangraama॥

Jab Nij Sainya Sahit Shiv Haare।
Marahi Na Tab Har Harih Pukaare॥

Pativrata Vrinda Thi Naari।
Koou Na Sake Patihi Sanhaari॥

Tab Jaladhar He Bheesh Banaai।
Vrinda Dheeg Hari Pahuchyo Jaai॥

Shiv Hit Lahee Kari Kapat Prasanga।
Kiyo Satitva Dharm Tohee Bhanga॥

Bhayo Jaladhar Kar Sanhaara।
Suni Ur Shok Upaara॥

Tihi Kshan Diyo Kapat Hari Taari।
Lakhi Vrinda Dukh Gira Uchaari॥

Jaladhar Jas Hatyo Abhita।
Soee Raavan Tas Harih Sita॥

As Prastar Sam Hriday Tumhaara।
Dharm Khandi Mam Patihi Sanhaara॥

Yahi Kaaran Lahee Shraap Hamaara।
Hove Tanu Paashaan Tumhaara॥

Suni Hari Turatahi Vachan Uchaare।
Diyo Shraap Bina Vichaare॥

Lakhyo Na Nij Karatooti Pati Ko।
Chhalan Chahyo Jab Paarvati Ko॥

Jadmati Tuhu As Ho Jadaroopa।
Jag Mah Tulsi Vitap Anoopa॥

Dhagv Roop Ham Shaaligraama।
Nadi Gandaki Beach Lalaama॥

Jo Tulsi Dal Hamahi Chadh Ihai।
Sab Sukh Bhogi Param Pad Paihai॥

Binu Tulsi Hari Jalat Shareera।
Atishay Uthat Sheesh Ur Peera।

Jo Tulsi Dal Hari Shir Dhaarat।
So Sahasr Ghat Amrit Daarat॥

Tulsi Hari Mann Ranjani Haari।
Rog Dosh Dukh Bhanjani Haari॥

Prem Sahit Hari Bhajan Nirantar।
Tulsi Radha Mein Naahi Antar॥

Vyanjan Ho Chhappanhu Prakaara।
Binu Tulsi Dal Na Harihi Pyaara॥

Sakal Teerth Tulsi Taru Chhaahi।
Lahat Mukti Jan Sanshay Naahi॥

Kavi Sundar Ik Hari Gun Gaavat।
Tulsahi Nikat Sahasgun Paavat॥

Basat Nikat Durbasa Dhaama।
Jo Prayaas Te Poorv Lalaama॥

Paath Karahi Jo Nit Nar Naari।
Hohi Sukh Bhashahi Tripuraari॥

॥ Doha ॥

Tulsi Chalisa Padhihi Tulsi Taru Grah Dhaari।
Deepdaan Kari Putra Phal Paavahi Bandhyahu Naari॥

Sakal Dukh Daridra Hari Haar Hvai Param Prasann।
Aashiy Dhan Jan Ladahi Grah Basahi Poorna Atra॥

Laahi Abhimat Phal Jagat Mah Laahi Poorna Sab Kaam।
Jee Dal Arpahi Tulsi Tanh Sahas Basahi Hariraam॥

Tulsi Mahima Naam Lakh Tulsi Soot Sukhram।
Maanas Chalisa Rachyo Jag Mahan Tulsidas॥

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