Vaishno Devi Aarti Lyrics in Hindi: वैष्णो माता आरती हिंदी में
वैष्णो माता आरती का जाप माँ वैष्णो देवी को प्रसन्न करने के लिए कहा जाता है| वैष्णो देवी का मंदिर हिन्दू…
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शिव कैलाशो के वासी भजन हर शिवभक्त के दिल को सुकून देता है। यह प्यारा गीत हमें भगवान शिव की शक्ति और शांति की याद दिलाता है। इस भजन को सुनकर मन बहुत खुश और शांत हो जाता है।
Jubin Nautiyal और Hansraj Raghuvanshi की सुरीली आवाज़ ने इस गीत को बहुत प्रसिद्ध बना दिया है। उनकी आवाज़ की मिठास की वजह से यह भजन अब हर घर में गूँजता है।
छोटे बच्चे और बड़े सभी इस गाने को बड़े चाव से सुनते हैं। इस खास ब्लॉग में आपको भजन के बिल्कुल सही लिरिक्स और शब्द मिलेंगे।
हम आपको इस भजन का गहरा और सरल अर्थ भी विस्तार से समझाएंगे। साथ ही, आपको गायक और इस भजन के महत्व की पूरी जानकारी मिलेगी।
99Pandit का यह ब्लॉग आपके लिए भजन सीखने का आसान तरीका है। हमने शब्दों को बहुत साफ और सरल तरीके से यहाँ लिखा है। आप इसे पढ़कर बहुत जल्दी और अच्छे से गाना सीख सकते हैं।
हमारी टीम ने आपकी सुविधा के लिए हर पंक्ति को ध्यान से लिखा है। यह ब्लॉग आपको भक्ति की एक नई और सुंदर दुनिया में ले जाएगा। चलिए, साथ मिलकर महादेव के इस सुंदर भजन का आनंद लेते हैं।
जटा टवी गलज्जला
प्रवाह पावितस्थले
गलेव लम्ब्यलम्बितां
भुजंगतुंग मालिकाम्
डमड डम डमड डमं
न्निनाद वड्डमर्वयं
चकार चण्ड ताण्डवं
तनो तुनः शिवाः शिवम्
शिवाः शिवम्, शिवाः शिवम्
शिवाः शिवम्, शिवाः शिवम्
शिव कैलशों के वासी
धौली धरों के राजा
शंकर संकट हर ना
शंकर संकट हरना
शिव कैलशों के वासी
धौली धरों के राजा
शंकर संकट हर ना
शंकर संकट हर ना
तेरे कैलशों का अंत ना पाया
तेरे कैलशों का अंत ना पाया
अंत बे-अंत तेरी माया ओह भोले बाबा
अंत बे-अंत तेरी माया
शिव कैलशों के वासी
धौली धरों के राजा
शंकर संकट हर ना
शंकर संकट हरना
बेल की पत्तियाँ भांग धतूरा
बेल की पत्तियाँ भांग धतूरा
शिव जी के मन को लुभाएँ ओह भोले बाबा
शिव जी के मॅन को लुभाएँ
शिव कैलशों के वासी
धौली धरों के राजा
शंकर संकट हर ना
शंकर संकट हारना
एक था डेरा तेरा चांबे रे च गाना
एक था डेरा तेरा चांबे रे च गाना
दूजा लाई दित्ता भर मोरा ओह भोले बाबा
दूजा लाई दित्ता भर मोरा
शिव कैलशों के वासी
धौली धारों के राजा
शंकर संकट हर ना
शंकर संकट हर ना
शिव कैलशों के वासी,
धौली धारों के राजा
शंकर संकट हर ना
शंकर संकट हरना
इस भजन का अर्थ बहुत ही गहरा और प्यारा है। यह भजन हमें महादेव के असली रूप के बहुत करीब ले जाता है। आइए, इस सुंदर गीत की हर पंक्ति के पीछे छुपे रहस्य को समझते हैं।
भगवान शिव का निवास कैलाश पर्वत पर है क्योंकि यह स्थान बहुत ही शांत है। यह ऊँचा पर्वत हमें सिखाता है कि हमें भी अपने मन को हमेशा अचल और स्थिर रखना चाहिए। यहाँ रहने वाले शिव जी हमें शांति और ध्यान का रास्ता दिखाते हैं।
धौलाधार हिमालय की उन चोटियों को कहते हैं जो हमेशा सफेद बर्फ से ढकी रहती हैं। शिव जी को इन सफेद पहाड़ों का राजा इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे पवित्रता और शीतलता के प्रतीक हैं। वे अपने भक्तों के जीवन की गर्मी और तनाव को दूर कर देते हैं।
इस पंक्ति का अर्थ है कि शिव जी की शक्ति और लीला की कोई सीमा नहीं है। उनकी माया को समझना किसी भी इंसान के लिए मुमकिन नहीं है क्योंकि वे अनंत हैं। वे ही इस पूरी दुनिया को बनाने वाले और चलाने वाले ईश्वर हैं।
शिव जी को ये साधारण चीज़ें इसलिए प्रिय हैं क्योंकि वे सादगी पसंद करते हैं। बेल पत्र के तीन पत्ते त्रिदेवों और हमारे तीन गुणों का प्रतीक माने जाते हैं। महादेव हमें सिखाते हैं कि वे दिखावे से नहीं, बल्कि सच्चे मन से खुश होते हैं।
यह पंक्ति भक्त की एक बहुत ही मासूम और सच्ची प्रार्थना है। जब हम दिल से उन्हें पुकारते हैं, तो वे हमारे जीवन के सारे दुख और संकट हर लेते हैं। यह विश्वास ही भक्त को भोले बाबा के सबसे करीब ले जाता है।
शिव कैलाशो के वासी भजन सिर्फ एक साधारण गीत नहीं है। यह एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव है जो आपको महादेव के बहुत करीब ले जाता है।
इस भजन की हर एक धुन आपके मन के तनाव को पूरी तरह मिटा देती है। इस भजन को रोज़ सुनने से आपके जीवन में अद्भुत शांति और सकारात्मकता आती है।
यह आपके घर के वातावरण को पवित्र और खुशहाल बना देता है। सुबह-सुबह इसे सुनने से पूरा दिन बहुत ही ऊर्जावान और अच्छा बीतता है।
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