Puja SamagriJanmashtami Puja Samagri List: Essential Items for Krishna Puja
Don’t let a missing item spoil your holy Krishna Puja. You need to gather all your Janmashtami Puja…
calendar_today Jul 10, 2026
अखण्ड रामायण पूजन एक आदर्श उपासना है, जिसमें भगवान श्री राम की महिमा और अद्वितीयता का प्रतीक्षा किया जाता है।
यह पूजा एक लंबे समय तक चलती है और रामायण की सम्पूर्ण कथा को एक साथ पढ़ने और सुनने का आनंद प्रदान करती है।
इस ब्लॉग में, हम 99पंडित आपको अखण्ड रामायण पाठ पूजन सामग्री के बारे में जानकारी देंगे। यह सामग्री आपकी पूजा को पूर्णता और सकारात्मक ऊर्जा के साथ सम्पन्न करेगी।
हिन्दू धर्म ग्रंथो में रामचरितमानस (अखण्ड रामायण ) पाठ पूजा का अद्वित्य स्थान है| सनातन धर्म भगवान राम के जीवन से जुड़ा हुआ धर्म माना जाता है|
अखंड रामायण रामचरितमानस में वर्णित श्लोक के आधार पर गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित अवधी भाषा में रचित व्यख्यान है| जिसमे भगवान श्री राम की चारित्रिक विशेषताओं का व्याख्यान तुलसीदास जी द्वारा किया गया है|
भगतों को बता दे की अखण्ड रामायण पाठ २४ घंटे लगातार बिना रुके करवाए जाने वाला पाठ है| कहा जाता है की अखण्ड रामयण पाठ में किसी प्रकार का व्यवथान हो जाये तो इसका मनोवांछित फल प्राप्त नहीं हो पाता है|
अत : ध्यान रहे की अखण्ड रामायण पाठ पूजन सामग्री , पंडित जी जो अखण्ड रामायण पाठ के बारे में सम्पूर्ण जानकारी रखता हो, का होना बहुत ही जरुरी होता है|
99पंडित पूजा – उपासना से जुड़े इस धार्मिक – अनुष्ठान का महत्व समझता है, और आपको इसके लिए तैयार करता है|
पंडित जी की बुकिंग आप 99पंडित पर ऑनलाइन माध्यम से कर सकते है इसके लिए आपको “ बुक ए पंडित ” विकल्प को चुने और अपनी जानकारी का विवरण जैसे नाम, पूजा का चयन, निवास स्थान , व जीमेल, व अपना सम्पर्क सूत्र नंबर सम्बंधित जानकारी देकर आप अपना पंडित बुक कर सकते है|
अंत में अपनी पूजा का पुस्टीकरण भी कर लें| इसके बाद हमारी पंडित टीम आपसे जल्द ही संपर्क कर लेगी|
99पंडित द्वारा पंडित बुक करने का आपको लाभ यह है की इस प्लेटफार्म पर आपको अपनी क्षेत्रीय भाषा के अनुरूप पंडित जी मिल जाते है|
जो आपको अखण्ड रामायण पाठ का वास्तविक अनुभव प्रदान करते है| आगे हम आपको अखण्ड रामायण पाठ पूजन सामग्री के बारे में सम्पूर्ण सामग्री का व्यख्यान कर रहे है जो पूजन के दौरान आपके काम आएगी|
| सामग्री | मात्रा |
| रोली | 1 पैकेट |
| हल्दी | 50 ग्राम |
| कलावा (मौली) | 5 पैकेट |
| सिंदूर | 1 पैकेट |
| लौंग एवं इलायची | 1 + 1 पैकेट |
| सुपारी | 50 ग्राम |
| गरी गोला | 2 नग |
| पानी वाला नारियल | 2 नग |
| शहद | 1 शीशी |
| इत्र | 1 शीशी |
| गंगा जल | 1 शीशी |
| गुलाब जल | 1 शीशी |
| धूपबत्ती, सुखी एवं गीली | 5 पैकेट |
| रूईबत्ती | 1 पैकेट |
| देशी घी | सवा किलो |
| कलश ताम्बे का | 1 नग |
| कलश मिटटी का | 2 नग |
| सकोरा | 5 नग |
| दियाळी | 25 नग |
| लाल कपडा | 1 मीटर |
| पीला कपडा | 1 मीटर |
| पिली अथवा लाल चादर | 1 नग |
| हनुमान जी का झंडा | 1 नग |
| पिली सरसो | 1 पैकेट |
| अखंड दीपक | 1 नग |
| कपूर | 100 ग्राम |
| हवन सामग्री | 1 किलो |
| आम की लकड़ी | 3 पैकेट |
| नवग्रह चावल | 2 पैकेट |
| नवग्रह लकड़ी | 1 पैकेट |
| चावल | 1 किलो |
| सप्तमृतिका | 1 पैकेट |
| सप्तधान्य | 1 पैकेट |
| सर्वोषधि | 1 पैकेट |
| पंचरतन | 1 पैकेट |
| जनेऊ | ग्यारह नग |
| माचिस | एक नग |
| तुलसी का पेड़ गमला सहित एक | – |
| साडी सीता जी के लिए एक | |
| श्रृंगार सामग्री | |
| राम दरबार मढ़ी हुई फोटो बड़ी | – |
| शिव परिवार मढ़ी हुई फोटो बड़ी | – |
| हनुमान जी मढ़ी हुई फोटो बड़ी | – |
| रामायण पुस्तक नई – एक प्रति | |
| दोना | 1 पैकेट |
| पंचमेवा | 200 ग्राम |
| लकड़ी का पीढ़ा | एक नग |
| मिश्री | 200 ग्राम |
| सौंफ | 50 ग्राम |
| पञ्चमृतं निर्माण कर ले आवश्यकतानुसार | – |
| रामायण पढ़ने वाली पुस्तक चार | – |
| हवन कुंड की व्यवस्था | – |
| फल व मिठाई आवश्यकतानुसार | – |
| फूल माला तीन बड़ी पांच छोटी | 5 छोटी |
| खुले फूल | एक किलो |
| पान के पत्ते | ग्यारह नग |
| थाली | 2 पीस |
| आटा | 100 ग्राम |
| लोटे | 2 पीस |
| कटोरी | 4 पीस |
| चम्मच | 2 पीस |
| परात | 2 पीस |
| कैंची/चाकू | – |
अखण्ड रामायण पूजन सामग्री का महत्व यह है कि इससे भक्त को रामायण के श्रीराम और उनके लीलाओं के प्रति गहरी भक्ति का अनुभव होता है।
यह पूजा उच्च आध्यात्मिकता, शांति और प्रेम की अनुभूति कराती है और भक्त को अखण्ड रामायण के माध्यम से आदर्श जीवन और रामभक्ति के मार्ग की प्रेरणा प्रदान करती है।
अखंड रामायण पाठ का लाभ यह होता है की इससे भगवान राम, भगवान शिव , व हनुमान जी की कृपा उनके भगतों को प्राप्त होती है|
अगर आप अखण्ड रामायण पाठ में हवन करने में सक्षम नहीं है तो आप इसका पाठ करवा सकते है| अखंड रामायण सामग्री विशेष रूप से वातावरण में शुद्धता का प्रसार करती है| अत :अखण्ड रामायण पाठ का आयोजन आपकी किस्मत का भाग्य उदय कर सकता है|
99पंडित के माध्यम से आप अखण्ड रामायण पाठ सामग्री , की व्यवस्था पंडित जी से विचार विमर्श करके भी कर सकते हो|
99पंडित पर आप मेल, व व्हाट्सप्प के द्वारा अपना पंडित आसानी से बुक कर सकते हो, इसके लिए आप हमें 8005663275 पर अपनी जानकारी का ब्यौरा देकर घर बैठे अपना पंडित करें |
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महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में कुल 7 अध्याय है | इसमें लगभग २४,००० श्लोक हैं |
वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में प्रथम अध्याय “कल्प का अनुकीर्तन” है |
अखंड पाठ रामचरितमानस का स्सवर , बिना रुके २४ घंटे तक चलने वाला पाठ होता है |
वाल्मीकि कृत रामायण में लगभग १४४३ (1443 ) बार राम शब्द का उच्चारण हुआ है |
अगर हम रामायण और महाभारत और महाभारत की हुई घटनाओ का वर्तमान में प्रमाण देखे तो यह कहना गलत नहीं होगा की ये घटनाएँ काल्पनिक है, क्यों की रामायण और महाभारत घटनाओ के प्रमाण में आज भी देखने को मिलते है, अत : कहा जा सकता है की ईश्वर का जन्म हुआ था और वे आज भी सर्वत्र विद्यमान है | ईश्वर का पूजन करने से हमें मोक्ष की प्राप्ति संभव है |